00:00भारत और बांगलादेश के भीश तीस्ता नदी एक बार फिर केंड में है। वही तीस्ता जो हिमाले से निकलती है,
00:06सिक्किम और पश्चिम बंगाल से बहते हुए बांगलादेश पहुंसती है। लेकिन अब ये नदी सिर्फ पानी का श्रोत नहीं बलकि
00:14कूटनीती, सुरक्�
00:27शविशेशग्यों को इस प्रोजेक्ट में सिर्फ पानी नहीं दिख रहा, उन्हें दिख रहा है चीन का बढ़ता कदम, सिलिगुरी कॉरिडोर
00:35जिसे चिकन निक भी कहते हैं उस पर मंडराता खत्रा, और भारत के पुर्वोत्तर को देश ते जोडने वाली जीवन
00:41रेखा �
00:41पर संभावित खत्रा, सवाल ये है कि क्या तीष्टा नदी के बहाने चीन भारत के चिकन निक तक पहुंचने की
00:49तयारी कर रहा है, क्या बांगलादेश अंजाने में चीन के लिए ऐसा दर्वाजा खोल रहा है, जो भविश में भारत
00:54के लिए रणितिक सरदर्द बन सकता है
00:56ख़बर पूरी देखिएगा क्योंकि ये सर्फ नदी की कहानी नहीं, ये दक्षन एश्या की बदलती जियो पॉलिटिक्स, चीन की रणितिक
01:05और भारत की सुरक्षा से जुड़ी बड़ी कहानी है, मैं हूँ पूजा में रूत्रा और आप देख रहे हैं आज
01:11तक पिजितर्
01:17ही है, बंगलादेश के परधान मंतरी तारिक रह्मान ने चीन से तीस्ता रिवर कॉंप्रेहंसिव मैनेजमेंट और रेस्टोरेशन प्रोजेक्ट में सहयोग
01:26मांगा है, करिव एक अरब डॉलर की इस परियोजना में ड्रेजिंग, बार्ड नियंत्रन, सिचाई नेटवर्क
01:31टटबंद, निर्मान और इस्थानी विकास जैसे काम शामिल है, उपरी तौर पर देखें, तो ये एक समान विकास पर योजना
01:38लगती है, लेकिन भारत की चिंता कहीं और है, भारत की नजर नदी पर नहीं बलकि उस इलाके पर है,
01:44जहां प्रोजेक्ट पस्तावित है, क्यो
02:02पुर्वोत्तर राजियों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ती है, रेलवे लाइने, राष्ट्री राजमार्ग, सयान नरसत, पेट्रोलिन सप्लाई और कम्मिनिकेशन
02:11नेटवर्ग, सब कुछ इसी रास्ते से भारत का गुजरता है, अगर किसी संकट या युद्ध की स्
02:27समवेधन शील रणेतिक लाइफलाइन मानती है, अब सवाल उड़ता है कि भारत को तीस्ता प्रोजेक्ट से दिक्कत क्यों है, तो
02:34दिक्कत इसलिए है कि असल में ये भारत की चिंता बांगलादेश नहीं, बलकि चीन है,
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