00:00देड महीदी के भीतर कुलकता के पार्क सर्कस इस्थित सेवन पॉइंट से डॉन बॉस को सर्कल तक जाने वाली 500
00:06मीटर लंबी सड़क
00:07जिसे सुहरावर्दी एवेन्यू के नाम से जाना जाता था का नाम बदल दिया गया है
00:12इस सड़क को सुहरावर्दी एवेन्यू से हटा कर गोपाल मुखरजी कर दिया गया है
00:18सड़क का नाम बदल जाने के बाद सियासी तुफान कुलकता में खड़ा हो गया है
00:23ऐसा तुफान खड़ा हुए है कि उन्हीं 146 के दंगे जिन्ना का डारेक्ट एक्शन डे पाकिस्तान की मांग और कॉलकता
00:30की खूनी गलियां फिर चर्चा में आ गई है
00:32एक तरफ वो सक्स है जिसे इतिहास का बड़ा वर्ग पंगाल का कसाई कहता है बुचर अरफ कॉलकता
00:40दूसरे तरफ एक ऐसा नाम है जिसे हिंदूों का रक्षक कलकता का रक्षक बताते हैं
00:47और तीसरी तरफ एक विद्वान है जिनका दावा है कि उनका उस खूनी दिहास से कोई लेना देना ही नहीं
00:54है
00:55तो आखिर कॉलकता के सुरावर्दी एविन्यू का नाम बदल कर गोपाल पाठा के नाम पर करने के फैसले ने ऐसा
01:03कौन सा जख्म कुरे दिया है
01:05जो उन्यासी साल बाद भी भर नहीं पाया
01:08पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सुलकता में कोई मुगल पठान का नाम नहीं रहेगा
01:16भगिनी निवेदिता के अलावा किसी दूसरे विदेशी के नाम से कोई गली का नाम रखने के बारे में भी अब
01:23सोचना पड़ेगा
01:24इसके अलावा मुख्यमंत्री शुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में सडकों का नाम बदलने के लिए एक समीती का गठन तक
01:30कर दिया
01:31विदान सभा की कारवाई के दौरान विपक्षी नेता रत्बत बिरनर जी ने सोड़ा वर्दी विन्यू का नाम बदले जाने के
01:37अलोचना की
01:38इसके जवाब में शुवेंदु अधिकारी ने उन्हें कम्युनिस्ट मानसिक्ता रखने का आरोप लगा दिया
01:44कुलकता में मुगलों और पठानों के नाम पर कोई नाम नहीं रखा जाएगा ये उन्होंने पूला
01:51मैं हूँ पूजा मरुत्रा और आप देख रहे हैं आज तक दिजिटल ये ख़वर आपको कैसी लगी हमें ज़रू बताईए
01:56और चैनल को सबस्क्राइब करना बिलकुल मत भूलिएगा
01:59कहानी शुरू होती है 1946 से भारत का विवाजन अभी हुआ नहीं था लेकिन उसकी आड़ सुनाई देने लगी थी
02:0629 जुलाई 1946 को मुस्लिम लीग ने पाकिस्तान की मांग को लेकर डारेक्ट एक्शन डेक आइलान किया तारीक तै हुई
02:1416 अगस्त
02:15उस समय बंगाल में मुस्लिम लीग की सरकारती और मुक्यमंत्री थे उहसैन, शहीद, सुभरावर्दी
02:2116 अगस्त को कलकता में विशाल रैली हुई और फिर शहर हिंसा की आग में छूंक दिया गया
02:28हत्याएं आगजनी, लूट पार्ट, सांप्रदैक संगर्श
02:31चार दिन तक कलकता जलता रहा, इतिहास में इसे ग्रेट कलकता के लिंग्स कहा जाता है
02:36हजारों लोग की मौत हुई लाखों लोग बेघर हुए
02:39हुसेन शुहरावर्दी उस समय बंगाल के प्रधानवंत्री थे
02:42उनके आलोजकों का आरोप है कि प्रशासन समय पर सक्रिये नहीं हुआ
02:46और हिंसा को रोकने के लिए प्रयाप्त कदम नहीं उटाए गए
02:50इसी वज़े से विरोधियों ने उन्हें बोचर अफ बंगाल यानि बंगाल का कसाई कहना शुरू कर दिया
Comments