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  • 16 minutes ago
92 की उम्र में भी बच्चों पर बोझ बनने के बजाय, इदरीस मियां हाथों में हथौड़ी थामकर स्वाभिमान से अपनी जिंदगी जी रहे हैं

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00:03इन हाथों की जुरियों पर मत चाहिए ये बुजुर्ग हाथ आज भी वो हुना रखते हैं जो इन से आधी
00:11उम्र के लोगों के पास भी नहीं है
00:13क्या आप सोच सकते हैं कि 92 साल का कोई बुजुर्ग आज भी किसी जवान लड़के की तरहे हार तोड
00:21मेहनत कर रहा हो
00:22जी हाँ बिहार के गया में एक ऐसे ही सूपरमैन है जिन्होंने पिछले 40 सालों से अस्पताल का मुह तक
00:30नहीं देखा है
00:54मिलिये गया के कोठी था नाक्षेत रस्थित इमनाबाद गाउं के मुहम्मद इद्रिस मिया से जब आप इनके कारे कुशलता देखेंगे
01:04तो दांतों तले उंगलियां दबा लेंगे
01:26चौंकाने वाली बात ये है कि इद्रिस के दोनों बेटे आर्थिक रूप से बहुत मजबूत है
01:31सरकार से इन्हें व्रधा पेंशन भी मिलती है लेकिन इनके खुददारी ऐसी है कि ये उम्र के इस पड़ाव में
01:38भी बेटों के आगे हाथ नहीं फैलाना चाहते
01:41खुद पतनी भी कहती है कि मना करने के बावजूद इद्रिस नहीं मानते
02:01है इसलाग मेलते हैं है मेरे ऐगा चलोटे प्रिक है लिए सफसार शाय यह लेते हैं एक दिन Carl G
02:13आट थाओ अज़ार महाऊते हैं जञाati आपकी करते हैं आपके करने करते हैंना और।
02:25where do you go?
02:27we go and we go and do it
02:30we go and do it
02:31we go and do it
02:33what do you say?
02:34we don't know and get a job
02:38Idris Miyaa's fitness
02:39listen to her own
02:41her own
02:41I don't eat more meat.
02:51I don't eat much meat.
02:54We have to try to make our efforts.
02:59We have to try others.
02:59How long will you be able to do this?
03:03In the world of 100 years?
03:07Yes, until God will come.
03:10foreign
03:14foreign
03:15foreign
03:16foreign
03:16foreign
03:19ुफिर, रहा है।
03:23४ुज़, एक ही।
03:26कहते हैं कि श्रम ही जीवन का आधार है
03:28और इसके बिना सब बेकार।
03:31इदरस्मिया इस उम्र में भी आज इसी कहावत को जी रहे हैं।
03:35उनकी नमाज में सिर्फ एक ही दुआ होती है
03:38कि जब भी मौत आए, काम करती हुए ही आए
03:49ETV भारत के लिए गया से सरताज एहमत की रिपोर्ट
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