00:00कभी खाट पर तो कभी ट्रेक्टर पर मरीज, कभी स्कूटी पर गर्वती महीला, जारखण में स्वास्त विवस्था की बदहाली को
00:09लेकर लगतार सवाल उठ रहे हैं, विपक्ष सरकार पर हमलावर है, सवाल यह उठता है कि जब स्वास्त विभाग के
00:19पास सब कुछ है, तो �
00:21फिर आखिर इस बीमारी का इलाज क्यों नहीं हो रहा, मरीजों को आखिर रेफर क्यों करना पड़ता है, कई ऐसे
00:29सवाल हैं, जो आम लोगों को भी परेशान कर रहे हैं, हलाकि नेता इस पर अपनी अपनी बात कह रहे
00:36हैं,
00:51अगर कोई delivery patient भी आ गया है, जो सदर हो सकता है, नौर्मल धेंस हो सकता है, लेकिन उसको
00:58नौर्मल धेंस होने वाला चीज को भी यहां पर विचले के मादम से private hospital में भेदे आता है, और
01:07यह कहें ने कहें, यहां का जो स्वास्त मंत्री हैं, इरपान अंसारी जी, उन्हीं की सा
01:13अरे पर यह पर खेल चल रहा है, और उसके मातम से यहां के जो भी आम जनता उसके लुटने
01:21का काम कर रहा है, साथ ही साथ यहां को जो अस्थानी असांसद है भी धायक है, वही मुख धर्सक
01:28रूप में देख रहे हैं और जनता को लुटवाने का काम कर रहे हैं, अदर कहा है
01:55The
01:59doctor
02:06।
02:31उसी मरीज का इलाज यही सहर के प्राइवेट हॉस्पीटल में हो जाता है।
03:16उसी मरीज को प्राइवेट हॉस्पीटल के एजेंट बरगला कर उन्हें प्राइवेट हॉस्पीटल में ले जाते हैं।
03:24उन्हें सस्ते इलाज का जासा दिया जाता है। कहा जाता है कि कम खर्च में यहाँ पर उनका इलाज हो
03:30जाएगा।
03:31लेकिन सवाल यह है कि आखिर सदर अस्पताल से मरीजों को रेफर करने की नौबत क्यों आती है और ऐसे
03:37लोगों के खिलाब स्वास्ति विभाग क्या कारवाई कर रहा है।
03:40स्वास्ति विभाग कई सवालों के घेरे में हैं।
04:10करता है कि डॉक्टर क्यों रेफर कर रहा है।
04:13पेशेंट की स्थिति क्या है उसे मैं तो नहीं समझ पाऊंगा।
04:17डॉक्टर ही समझ पाएंगे कि क्यों उनको रेफर किया गया।
04:20हो सकता है कि पोस्ट मैचरिटी जादे दिन अगर पार हो गया हो तो यहां पर उसका इलाज संभाव नहीं
04:26है।
04:27इसी कारण से लोग डेडी डॉक्टर करती है।
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