00:09इस इमारत को जरा गोर से देखिए आज यहां ग्रामेन चौपा लगती है पंचायत बैठती है और लोग सिर उठा
00:17कर अपने हक की बात करते हैं
00:19लेकिन आज से ठीक दस साल पहरे तक इस इमारत की हकीकत कुछ और थी साल 2015 तक ये भवन
00:27प्रतिबंधित नकसली संगठन भागपा माववादी की राजधानी और खौफनाक जन अदालत का मुख्य मांध हुआ करता था
00:35जनकसलियों का समानां तर्शासन चलता था और उनका एक क्रूर फर्मान लोगों पर कहर बन कर तूटता था
01:071989 से लेकर 2015 तक इस पूरे इलाके में लाल आतंक का ऐसा
01:13खौफ था कि पुलिस भी यहां कदम रखने से डर दी थी ग्रामनों को जबरन या मजबूरी में नकसलियों की
01:20जन अदालत में हाजर होना पड़ता था
01:22लेकिन वक्त बदला सुरक्षा बलों का कड़ा मुकाबला शुरू हुआ और विकास ने इस खौफ के गढ़ में दस्तक दी
01:29आज उसी मांद में विकास की बयार बह रही है
02:05नकसलियों के इस गढ़ में बदलाव की कहानी इतनी आसान नहीं थी
02:09कभी लोग खौफ के मारे इस जन अदालत के जबरन अध्यक्ष बना दिये जाते थे
02:14लेकिन आज उसी जगह पर आदिवासी समुदायों को स्वास्थ्य जांच, सरकारी योजनाओं और मुख्यधारा का लाभ मिल रहा है
02:21जरजर रास्तों और नदियों पर पुल बनने से जहां सुरक्षा बलों की पहुँच आसान हुई तो वहीं लाल आतंक की
02:29कमर तूट गई
02:55साल 2005 में इसी सोब धनगाई मार्ग पर नकसलियों ने
02:59वेंकया नाइडू के हलिकॉप्टर को आग के हवाले कर संसनी फैला दी थी
03:04लेकिन तीन दशकों के इस लंबे खौफना का ध्याय का अब पूरी तरह से अंत हो चुका है
03:1031 मार्च 2026 को बिहार को आधिकारिक रूप से नकसल मुक्त घोशित किया गया है
03:16हलाकि पुलिस अब भी सीमावाती जंगलों में बचे हुए इनामे नकसलियों के खलाफ मुस्तैद है
03:46आज धनगाई और पड़ारिया गाउं का बाजार दिन होया रात पूरी तरह से गुलजार रहता है
03:52लोगभय मुक्त वातावरण में जी रहे हैं
03:55दशकोंबाद धनगाई के इस चौपाल से उठी अमन की आवाज ये तस्दीक कर रही है कि बंदूग की नाल पर
04:01अब लोगतंद्र और विकास की जीत हो चुकी है
04:04गया से ETV भारत के लिए रतनेश कुमार की रिपोर्ट
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