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  • 10 hours ago
Milkiyat 2026 : Mohsin Abbas Haider - Saniya Shamshad - Haroon Shahid | मिल्कियत | starts 9th May 2026

Soha, a young woman raised by her grandfather after losing her parents, lives a simple yet strong life. She is happily married to Rafay, a loving and caring husband. However, her world falls apart when Rafay dies in a tragic accident.
Zaviyar is a wealthy and arrogant man who has everything in life except true love. He was once deeply in love but after being betrayed, he no longer believes in relationships and keeps his distance from emotions.

Fate brings Soha and Zaviyar together, but they are unaware of their true connection at first. Zaviyar is burdened by guilt from a mistake in his past, and in an attempt to ease it, he begins helping Soha and her family. Over time, this brings him closer to her, and he gradually falls in love.

Will Zaviyar get his love? Why is Soha not convinced by Zaviyar’s love? Can Zaviyar escape the guilt that follows him every step?

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Transcript
00:15तो आप निचलेंगे साथ?
00:19मैं?
00:22तो वकील को कौन बताएगा सारा मसला हो?
00:25आपको तो बताए सारे मेरे मसले का
00:29अब किस तरहा जिंदेगी गुजार रही हूँ अब एक मर्ट साथ जाएगा तो हमत रहेगी न आप
00:37जानते हैं माश्रे को खबरहाट होती है
00:43आपको अचले आच का स्केजूल तो काफी बिजी है
00:49कल एक मज़े जा सकते हैं ठीक है अचले इनके पास काफी केसिस होते है न टाइम नहीं होता उनके
00:56पास तो मैं उससे अपॉंट्मेंट ले लूँगा
00:59तो मैं कल आपके पास एक बज़े दफतर आ जाओंगी मैं
01:03ने ने आपको यहां ओफिस आने की ज़ुरत में है मैं खुद पिक कर लेंगा
01:10कैसे पिक करेंगे आप कैसे बताश चलेगा मुझे क्या आप आ रहें
01:14आपके पास तो नंबर ही नहीं है मेरा तो तो नंबर तो देदे लुटा ड़ा ड़ा ड़ा
01:34जयरी जयरी यह नंबर वाट्सअप पे भी है ना जी जी मैं एक से जाएद नंबर यूज नहीं करता ह।
01:41चा कमाल है आज के दोर में काम्याब शादित शुदा अमीर आदमी एक अलग से तो वाट्सअप नंबर रखते ही
01:57हैं
02:01शायद लेकिन मैं जारा से कभी कुछ नहीं चुपाता ह।
02:20तो आद मी लेखते हैं
02:41वो, मैंने अपने नंबर से मेसेज़ किया।
02:45जे जे, ठीक है, ठीक है।
03:22जे, गरम।
03:30टिका, dział साइ।
03:34टो मै पना सामस्ती नहीं।
03:48अगर समझती होती
03:50तो रात भर तुम बाहर नहीं सुखते
03:58ठंड की वज़ा से बोखार हुआ ना तुम्हे
04:08शम्शीर ने मुझे सब कुछ बता दिया
04:14अब कहो कि वो जूट बोल रहा है
04:26पहली बात तो ये कि तुम्हें नौकरों को शट अप कॉल देनी चाहिए थी
04:37वो कैसे हमारे घर के मामलाग को डिसकास कर सकता है
04:40बात एक नौकर की नहीं है
04:43सारी दुनिया तुम्हारे रिष्टे को डिसकास कर रही है
04:47तुम्हारा सुसाइटी में नाम है इज़त है मरतबा है
05:03ये लड़की तुम्हारी मुहबत का नाजाइस फाइदा उठा रही है
05:06पूछो इससे तुम्हारी कोई कदर है
05:17मुझे तो है ना
05:25जारा मुझे इसकी गदर भी है और इससे महबत भी है
05:37और मैं किसी को अजाज़त नहीं देता कि मेरे सामने या मेरी पीट पीछे कोई इसके खिलाफ कोई बात करे
05:41चाहे पिर वो मेरा कोई सगाई क्यों ना हो
05:58आ मेरे बाई
06:01मैं तो समझती थी कि तुम इससे महबत करते हैं लेकिन तुम तो मुरीद निकले
06:11चलो
06:13इतनी बात समझा गई है तुम्हें तो ये भी जान लो कि मुरीद का मुर्शिद से रिष्ट रूखा होता है
06:31और जब मुरीद मुर्शिद को छोड़ देता तो उसके दोनों जहान बरबाद हो जाते हैं
06:38मुझे रखता है मेरा सोहा के साथ वैसा ही थालुक है
07:04तुम अपना दिल भी निकाल के इसके कदमों पर रखतो होगे न तो ये रूंद के चली जाएगी
07:24इसे कोई हमदर्दी नहीं है तुमसे
07:31नहीं हम दर्दी नहीं हरोसा हरोसा जीतना है इसका
07:41आद उसे पहले मैंसे नहीं छोगे तुमा मेरबसे मुझे कोपा जूंदरे
07:52को कि दुमें है तुमे जीतस्त करते है इसक्दशनीप अहyasद साणीप
08:22रिष्टा है तुछ से एस
08:26सासों से जीवन जैस
08:31तुछ पिन जीने का फिर मैं कैसे
08:36सुच्छूने तेरे बिना
08:43मैं कुछ दाचा फूरे
08:50सदावे दुआ मेरम से तुझे को बाद
08:55अरे तुम यहाँ आराम से बैट के टीवी एंजोई कर रही हो जाओ मामा आके ले केचन में काम कर
09:01रही है
09:01उनके हल्प कराओ
09:03अच्छी तरह तो जानती हूं मैं दो है
09:04तुम इस बहाने मुझे भेज रहा है ताके तुम सुकून से मजे से अपना फेवरिट शो देखो
09:10बहुत अच्छी तरह जानती हो तुम मुझे
09:13फाहत रिमोट दो मुझे
09:15क्यूं किस-कस को कंट्रोल करोगी तुम
09:17बाबा तुमारे कंट्रोल में
09:18मामा तुमारे कंट्रोल में और मैं
09:20तुमारी हर बात मानता हूँ अब
09:22इस कंट्रोलर को भी कंट्रोल करोगी तुम
09:26अच्छा अड़ यहां शो देख कर
09:28कौन सा मैदान फत्य करोगे
09:30इससे अच्छा तुम्हें बाबा की हेलप करनी चाहे
09:32प्रूंगे बिश्णस में उनका हाथ बटाना चाहिए
09:34कल को हमने फैमिली प्लैन करने
09:36क्या बताओगे बच्चों के तुम क्या करते थे
09:38मताओं क्या मताओं गबच्छों को
09:40मैं अपने बच्छों को यह बताओंगा
09:41जब तुम्हारी मामा नराज होती तो उसे मनाता था
09:44जब हसती थी तो रोलाता था मेना मतलब में जब रोलती थी तो हसाता था
09:48ये कोई असान काम होता है
09:51तुम ने क्या मुझे नकारा और निकटू समझ रखा है
09:54देखो, फैबली प्लानिंग करने से पहले मुझे अपना फ्यूचर सिक्यूर करना पड़ेगा, देखना, एक दिन इतना बीजी हो जाओंगा, यूनिवेस्टी
10:02खतम होने दो, हाथ नहीं आओंगा मैं दो बाले, ओहो, अच्छा, बाबा भी बिजनस करते हैं, लेकिन उन्हों
10:08मैंने कभी ममा को शिकायक का मौका ने जया, और तुम कौन सा तीर मारना वाले हो, उनसे तमें ठाइम
10:14छीन के भी ले लो जी, वो बाबा है ना, मैं ही, अरे फाहद, तुम कब आए? मैं अभी आया
10:21जब आप केशन ने ती, तेखो ना, नादिया ने आज फिर चुटी कर ली,
10:25बात करनी पड़ेगी, उससे मुझे, लेकिन मैंने फैसला किया है, कि आज डिनर हम बाहर ही करेंगी, यस, और शाम
10:34की चाय के लिए, मैंने समोसे और चीजरोल बना दिये, जिसने भी खाने, आजो मेरे साथ, जामी, आप चाले मैं
10:40आपके साथ चीजरोल खाता हूँ, तुम �
10:41मैंने बैठ के पॉपको contest करें चाले मामा चालो में हम आलो मैं भी आरी हूं क्यांकि है, सौरी
10:45करें
10:50Et
10:51कुन
11:10
11:17कि यहां के ली क्या कर रहे हैं उन्चाहिन आप रहे हैं
11:26गेरूंगी तो बच्छोंगी या मर जाओंगी
11:32कभी कभी मौत भी थोका दे जाती है
11:39मान लो कि तुम यहां से
11:41गिर गए तुम्हारी टांग या हाथ तूट जाएगा
11:48अब मुझे तो तुम अपने पास आने नहीं दो
11:53तो कैसे ख्याल रखोंगा तुम्हारे
11:59अच्छा सॉरी बस ऐसी तुम्हारा मूट चेंज करने की कोशिश कर रहा था
12:09मैं जानता हूं
12:13तुम जारा की बात पर नारास हो
12:19मगर वो बेहन है मेरी
12:22फिकर है उसे
12:25दिल की बुरी नहीं है
12:28मैंने यह नहीं कहा कि वो दिल की बुरी है
12:32किन उनके बात खलत भी नहीं है
12:37आपको उनकी बात सिर्फ तलाफ नहीं करना चाहिए
12:45तुम्हारे कहने का मतलब यह है
12:46कि हमें उसकी बात मान लेने चाहिए
12:48यानि हमें अलग हो जाना चाहिए
12:57सो आप
12:59मैं अपनी बाकी की जिन्दगी
13:00इस सबसोस के साथ नहीं गुजारना चाहता
13:02कि मैं तुम्हारे फैसले को बदल नहीं पाया
13:08इतने दिन से मेरे साथ हूँ
13:11इतना भरोसा तो कर सकती हूँ
13:13कि मुझे कुछ दिन नहुरते तू
13:17स्यादा नहीं
13:18सिर्फ
13:20तीस दिन
13:24सिर्फ तीस दिन ही तुम्हाग रहा हूँ
13:31अगर इसे एक महीने के बाद भी तुम्हारा फैसला यही रहा तो वो ही होगा जो तुम चाहोगी
13:36साथ रहना है या
13:42अलग होना है
13:46डिस्टेशन तुम्हारा होगा
13:50तो हम एक काम करते हैं हम एक महीना जो है हम दोस्त बनके रहें
14:00सिर्फ दोस्त बनके बिना नफरत के बिना जगड़े के बिना
14:08माज़ी की तलखियादों को भुलाके जिन्दगी को एक नया मौका देते हैं
14:15नई यादे बनाते हैं
14:18तुश्मन बनकर अलग हो जाने से बहतर है के हम तोस्त बनके एक दूसरे को विदा करें
14:28वो जोन ने कहा था कि
14:32नया एक रिष्टा पैदा क्यूं करें हो
14:40विचड़ना है
14:45विचड़ना है
14:48विचड़ना है तो तो जगड़ा क्यूं करें हो
14:56खमोशी से अदा हो रस्में दूरी
15:03कोई अंगामा बर्पा क्यूं करें हो
15:09यह काफी है के हम दुश्मन नहीं है
15:15वफादार ही कदावा क्यूं करें हो
15:19हमारी ही तमन्ना क्यूं करो तूं
15:30तुम्हारी ही तमन्ना क्यूं करें हो
15:40विचड़ना है तो
15:44जगड़ा क्यूं करें हो
15:45चाहे कोई मदल में तेरे
15:49मुझको सारे दुनिया दे दे
15:53चुनलो मैं तुझको बाकी सब टकरा दो रहे
16:01तेरे मिना मैं कुछ न अच्छा दो रहे
16:11सदाओ में तुआओ में रुप से मुझको पादूरे
16:25हलो
16:27मैंने आपको डिस्टर्ब तो नहीं किया सुन साथ
16:31अरे नहीं नहीं कैसी बाते कर रहे हैं
16:33बेकुल भी आप डिस्टर्ब नहीं किया
16:36कहिए कैसे फोन किया
16:37आपका शुक्रिया दा करना था मुझे
16:39सुन साब
16:41तरह तरह थे तना होसला दिया मुझे
16:47अच्छा देगो जर गई
16:50किसीने छूटे मूँ दो बोल हमदर्दी के ना बोले मुझे
16:55तरह नहीं तो पराह होने का इसास नहीं होने दिया
16:59मुझे लिगा
17:00मेरा कोई अपना है
17:02जिसको मुझे फिकर है
17:04आप बलकुल भी अपने आपको
17:06अकेला मत समझेए
17:07मैं आपकी हर परेशानी में आपके साथ हूँ
17:13आपकी बातों से ना
17:17एक उमीद सी जागी है
17:18कि मेरा पर कुछ अच्छा हो सकता है
17:27इस तरह की जिंदगी मैंने गुजारी है
17:31आपको अंदाजा नहीं है
17:32आप आगे भी इंशालला अच्छा महसूस करेंगी
17:35मजरा हिम्मत से काम भीज़े
17:42मैं कल आपको पिक कर लूँगा
17:44मैंने अपॉइंट में ले लिए
17:47जी जी ठीक है मैं
17:48मैं आपको इंजार करूँगी आप
17:50आप निकलने से पहले मुझे फोन करते जेगा ता कि आपको इंतिजार ना करना पड़े
17:55लाफिस
18:02लाफिस
18:13हम्म
18:14है जरकाव
18:19मैंने तुमसे कहा था जारा
18:21मिया बीवी के मामले में पढ़ने का कोई फायदा नहीं है
18:25हुआ क्या
18:27जबसे तुम आई हो
18:28मूड आफ करके बैठी वी हो
18:31जाविया ने कभी भी मुझसे इस तरह से बात नहीं किए
18:41उसे जब भी मश्मरी की जरुट पढ़ती थी मेरे पास आता था
18:45इतना पतल गया हो
18:49उसने सोहा की खातर उसे इस तरह से बात किया
18:53हर बात में उसे अपनी ही बीवी की बात समझा दे
19:01जारा तुम खुद तो सोचो
19:04तुम उसे बात क्या करने कही थी
19:12अगर किरन आकर मुझे तुम्हारे खिलाफ करे तो कितना बुरा लगे गए
19:21मुझे भी और तुमें भी प्लीज अस्वान अब मुझे सोहा से ना मिलाए
19:31कितना ही अच्छा होता अगर सोहा भी उसका ऐसी ख्याल रखती जैसे मैं आपका रहे
19:35अब सोहा जावियार का ख्याल रखे ना रखे लड़े या मनाए या मिया बीवी का जाती मामला है जारा
19:51जब जावियार खामोश हो गया है तो तुम्हारे बोलने से उसे क्या फरक पड़ जाएगा
19:58काश
20:01काश जावियार की शादी के रहन सोही हो चाते है
20:09वो भी खुश रहते हैं हम भी खुश रहते हैं
20:16बॉल
20:27झूश
20:28झूश
20:29जूश
20:32निर्बैजाद शाद चाफ
20:33उसकी एकलोती पेटी है
20:37महेलो जैसे घर मेरेती है वो
20:39और अस्माजती है
20:42जूते गंदे हो गए हैं, साब कर दो
20:43वाट?
20:46क्यो उठा लो?
20:46बोडी काड़ मेरा, बैक्स उठा लिए तो आने वाले दुश्मन को कैसे हनल कर से कुगा माँ
20:50उसे अपनी बात मनवाने की आधत
20:53बैड यहीनन तो हमसे आज सारे दिन की रिपोर्ट लेंगे
20:55यहां के छोड़ के सब बता देना
20:58आमसे रिलेटेड में कोई सीकर्ट ने रख सकता हूं से
21:00यह मेरी जौब के अगेंस्ट है
21:02तुम्हारी वज़ा से घर से निकलना मुझे कितना फ्यूरियस लगता है
21:05हर वकिसी मुसीबत की तरह मेरे सर पर रहते हो
21:09मुझे लगता है उसको हीरो बनने का शौक है
21:11कॉम्पलेक्स का शिकारा भी जारा
21:16तुम्हार दर गई थी
21:17सोचती रहती हो अगर तुम वक्त पढ़ना आते तो क्या होता मेरे साथ
21:20हाथ की चोड कैसी है
21:21काफी बेहतर है
21:26अगर उस दिन में वक्त पर नहीं पहुंचता
21:31तो सारी दुनिया को आग लगा देता में
21:36जो पढ़ाया नहीं जाता
22:03प्लेसंट सर्प्राइज लुए रहा था तुम्हें
22:08उक्सपेक्टो मैं भी नहीं कर रही थी कि सदनी तुम शादी करता
22:15हर लड़की की तरह मुझे भी लग रहा था कि तुम मेरा थोड़ा सा तो इंतजार करो दे
22:19मेरे जाने के बाद मुझे मिस करोगे
22:22मेरी याद में तडपोगे, तुम्हें मेरी मुहबबत का एसास होगा, ठेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ, बहुत ही हार्ट लेस
22:31नहीं है, मतलब मुझे रिकावर भी नहीं होने दिया और इतनी जल्दी शादी भी कर ली, ख्रे, बिल्कुल नहीं बदली
22:40दो, बिल्कुल पहले
22:42कि तरह बोलती जा रही हो, बोलती जा रही हो, लेकिन तुम बहुत ज्यादा बदल एह हैं, बहुत ज्यादाख लग
22:53रहे हैं, और तुम्हारी आखें भी चमख रहे हैं, आखो, किसी और की महबत हैंने, लगिच् नहीं लाई तुम? आफ़ू,
23:10जाविवयार मैं एरपोट से
23:12मैं सीधा यहां नहीं आई हूँ, मैं पहले घर गई थी, लागिज ड्रॉप किया, फिर चेंज करके यहां तुम्हारी शादी
23:21की मुबारक बात दिने है।
23:23Congratulations!
24:01हाँ, तो मैं तो तुम्हारी शादी में नहीं आ सके लेकिन तुमने और सोहा ने मेरी शादी में सरूर आने
24:08है।
24:08जरूर, तुम सोहा से मिलोगी?
24:11हाँ, कहां है वो?
24:13तुम बेटो में लेकर आता हूं से, बटो
24:54यह चेंज क्यों कर लिया?
25:00अच्छा तो लग रहा था?
25:03काट रहा था, इसलिए चेंज कर लिया।
25:09हाँ, मुझे लगा शायद।
25:15क्या लगा?
25:19मुझे लगा शायद मुझे पसंद है इसलिए तुम में चेंज कर लिया।
25:29ऐसे ही था।
25:42क्या हुआ है तुम्हारे मूर को अचानक?
25:47कुछ नहीं हो।
25:51तो फिर वहां रुकी क्यों नहीं उसे मिलने?
25:56दो करीबी दोस्त मिल रहा deber, इसलिए में लूने तंकरना मुनासिब नहीं समझा।
26:05वो, शादी की मुभारगबात दे रहे थी बस।
26:09शादी की मुभारगबात दे रही थी और आप कितने अच्छे से शादी की मुभारगबात वसूल कर रहे थे।
26:18दोस्त है मेरी?
26:20अच्छा, दोस्त है, तो शादी के मुबारक बाद इतनी गरम जोशी से गले लगा कर देगी
26:28मैंने नोट नहीं किया
26:30नोट नहीं किया?
26:32एक लड़की इतना फ्रैंक हो कि आपको गले लगा रही है
26:35जब कि आपकी शादी हो चुकिया, आपकी बीवी घर पर है और आपने नोट नहीं किया
26:43तुम्हें किरन का फ्रैंक होना बुरा लगा?
26:47मेरी बात मत कर रहा हूं, लेकिन आपको तो अच्छा लगा ना?
26:51देखा मैंने
26:53और अच्छा क्यों नहीं लगेगा? मुहबब जो करती है आपसे, मना इतनी दूर से शादी की मुबारगवाद देने क्यों आएगी?
27:01हो सकता है आपसे, अभी भी उसे उमीदे है, वबस्ता है
27:05ऐसा कुछ नहीं है
27:07अच्छी लड़की है हो
27:08च्छी लड़की है
27:10कुछ साथे यज़ लड़की है
27:15आचा चलो ना, हम
27:17उसको मिलने चले
27:18हो इंतखार करिए, प्ली जलते है
27:23और देखे हैं कि क्या वो मुझे भी उतनी अच्छी तरीके से मिलती है
27:26जितनी अच्छी तरीके से आपसे मेरी थी
27:28है ना चलते है
27:30और देखते हैं, पिल्कुल जाएंगे, क्यों नहीं जाएंगे, चलिए, आईए, चलते हैं, देखते हैं
27:42चलिए, जी आया
27:54लॉयर ठीक कह रहा है, घलत नहीं कह रहा है
28:00आपको अपने इस रिष्टे को थोड़ा और टाइम देना चाहिए
28:10ये रिष्टा भरोसे का रिष्टा है
28:15शादे जैसे रिष्टे में बन कर दो लोग अपनी पूरी जिन्दगी एक दूसरे के नाम कर देते हैं
28:26सितनी आसानी से दोड़ देना अकल बंदी नहीं
28:34आपको क्या लगता है किसी औरत के लिए खुरा लेना कितना असान है
28:47हर बीवी आपके बीवी की तरह खुश्नसीब नहीं होती ना सुचा
28:53कि उसको इतना इस्थ करने वाला शोहर मिले और मकाम दे उसको
29:03क्या पता आपको
29:06आपको क्या पता कि मेरा शोहर में इसाथ क्या करता था
29:10बात गालियों तक नहीं थी
29:13मान पीट की में नहीं थी
29:15उससे कई ज़्यादा थी
29:23कई कई दिन कई कई राते मुझे अकेला छोड़ के समया जाता था
29:25मैं उसके तलाश में जगँ जगँ दर दर उसको ढूरती पिड़ती थी कि
29:28कहां गया मुझे द्यारे गेर में केला छोड़कर अरे वालत जातू इजट वाली
29:37अकेली और जब घर में रहती है तो इसकी क्या हालत होती है आप भू क्या पता क्या आप तो
29:42एक अच्छे शोहर है ना
29:51तो मालू मैं मुझसे क्या करवाना चाहता है अरे गलत काम करवान चाहता था मुझसे इसलिए तो भाग कर आगई
29:58मैं
30:04आप ने ये इतने सारे पॉइंट्स लोहर से क्यों चुपा है वो कहानी तो मैंने अभी गड़ी है
30:13उस वकील ने तो सवालों से मेरी बोलती ही बन कर दी थी
30:19क्या सोच रही है आप
30:21क्या सोचूंगी असवन साफ
30:24क्या सोचूंगी मैं
30:31शरीफ घर की लड़की ना नहीं चाहती कि दुनिया उसका तमाशा देखे
30:35नहीं चाहते ही कि दुग्या को वो बताए कि वो किस तकलीफ से रह रही है।
30:39वो चाहते ही कि बच जाये, बच जाये, निप जाये।
30:50मैं चाहती ही तो उसके उसके उसके अपर गर्लुत शुर्दु का केस करवा सकती थी ना मैं।
30:54नहीं किया मैंने, क्यों? महीं जाते थी, तो इसमें मुझ में क्या फार्ग ना जाता?
31:02वाक़ी आप में बहुत जर्फ है और ये बात मैं बिल्कुल भी नहीं जानता था कि आप इतने तकलीव दे
31:10फेज से गुजर रही हैं
31:13चले, किसी को तो ऐसास है इस दुनिया में, कि मैं किस तकलीव से गुजर रही हैं
31:26लेकिन ये दर्दना कम हो जाता है
31:32उसके साथ नहीं जिसने आपको वह दर्द दिया हो, बलकि उसके साथ जिसके साथ वह दर्द बाट सके
31:42लेकिन एक बात में, मेरे आज से कोई तालग रिकना चाहती है, ये मेरा आखरी फैसला है
31:59लगता है आपकी देगम को आप पर बिलकुट भूसा नहीं है, बड़ा रोब है
32:05बार बार आपको फोन करकर चेक कर रही होती हैं कि कहा हैं आप
32:08मैं नहीं ऐसी कोई बात नहीं है, वो जरूर कोई काम होगा
32:16अलो जारा, क्या काम है यार
32:27अच्छा मुझे क्या पता था आप काम में इतने बिजी हैं कि मेरी कॉल सेरेटेट हो जाए
32:38इतना बताना था कि किरन आई है
32:45काम से पी होके जल्दी घर आ चाहेगा
32:56क्या हुआ
32:57क्या हुआ
33:01परिशान नहों
33:03वेवियों का पुराना फॉर्मूला है, बार बार अपने शोर को फोन करकर दंग करना
33:11तवज्जव आसल करने की पुरानी स्कीम है
33:15आप पेन अजूस
33:21जीज
33:37हमारे दर्मयान अकसर इतने डिफरेंसेज रहे हैं, सोहा
33:42कि तुम मुझे कभी अच्छी नहीं लगी
33:45लेकिन
33:47आज मैं खुद
33:48तुम्हारे आगे दोस्ती का हाथ पढ़ाना चाहती
33:54मैंने भी सुना है
33:56हर हाथ मिलाने मारा दोस्त नहीं उपर
34:00अच्छा
34:02क्या तुम्हे ऐसा लगता है कि मैं दोस्ती करके
34:06तुमसे इंतिकाम लोगी
34:12ले भी सकती
34:15तुम्हारी सबसे कीम्ती चीज़ मेरे पास है
34:26और किरन अगर तुम ये कहो कि तुम्हार को भूल चुकी हो
34:30तो मैं कभी नहीं मानूं
34:37जूट हो गाई
34:41क्योंकि इंसान अपनी महबत नहीं मिल सकते
34:44और वो भी पहली महबत
34:53मैं समझ सकते हूं
34:54जावयार जैसे गुट लुकिंग हैंडसम आत्मी को पाकर
34:58कोई भी वारत वहमी हो सकते है
35:00सुके
35:09तुम्हें इतना सबर कैसे आ गया तुम तो जावयार के लिए बागल थी
35:23एक बात बताओ
35:25तुम्हें बुरा नहीं लगा
35:28जब जावयार ने तुम्हें छोगकर मेरा इंतखाब किया
35:32बहुत बुरा लगा
35:34बहुत जादा दुख हुआ
35:35तकलीव भी
35:46और फिर किसमत से शिकायत भी की
35:51लेकिन जब कोई जवाब नहीं मिला न तो फिर मैंने सोच लिया कि
35:54काश मेरे पास कोई जादू की छड़ी होती
35:57या तो अला दिन का चिराख
36:00जिससे मैं जावयार को कैद कर लेती
36:02और उसके ना चाहने पर भी मैं उसको छोड़ती
36:11जब तक तुम्हारी महबत उसके दिल से निकलने चाहती है
36:19पर फिर भी कोई फाइदा नहीं होता
36:31जावयार के दिल और दिमाग से निकल सकती
36:43इतना कजानी जावयार निकलने जावयार
36:55पहुत जादा पक्का कबजा किया है तुम्हें उसके दिल पर
37:04पताओ तो सही कैसे कर लेती हूँ
37:08मैंने कोशिश नहीं की और अगर चाहो तो ये बात जावयार से पूछ सकती है
37:18क्या बात क्या बात
37:23दो खुब्सूरत लड़कियों के बीच मेरा जिकर ना हो ये तो नामुम्किन है
37:30मैं सोहा से यही कह रही थी कि तुम पर नज़र रखें
37:33हाँ
37:35हाँ
37:36लेकिन सोहा मुझे बता रहे थी कि तुम उसके महबत के पिंजरे में इस कदर कह दो
37:40कि दर्वाजा खुला भी रहेगा न तो तुम उड़नी पापो
37:53इतने कम वक्त में तुम मुझे इतना जान जाओ कि मुझे अंदाजा नहीं था
37:56कर दो
38:01अर्शनी खिर्दोर पालना है
38:45ते तेरे बिरा, मैं कुछ ना चामूरे
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