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  • 6 hours ago
क्या जनता की सोच और नेताओं की राजनीति के बीच की दूरी बढ़ती जा रही? साहिल के साथ देखें PSE

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00:04दल बदल पर हमने पॉलिटिकल स्टॉक एचेंज किया हुआ है लोगों से सवाल पूछे हुआ है
00:09क्योंकि लोगतंत्र में कभी-कभी कुछ आकड़े सिर्फ संख्या नहीं होते
00:13वो समाज की चुप्पी को आवास देते हैं
00:16आज जो आकड़े हमारे पास आये हैं वो सिर्फ एक सर्वे नहीं है
00:19बलकि देश के राजनेतिक मानस की धड़कन भी हम कह सकते हैं
00:23और यह आकड़े चौकाने वाले हैं और गंभीर भी
00:26टीमसी में तूट और शिवसेना यूबीटी में बगावत के बीच
00:30जब सीना ठोक कर यह कहा जा रहा है कि आपरेशन टाइगर हम कर चुके
00:34तुर्मूल कॉंग्रेस में चुनाव होने के एक महिने के भीतर
00:3867 विधायक और 20-67 तूट कर बाहर निकलते हैं
00:42और कहते हैं कि अब हमारा उस पार्टी से कोई लेना देना नहीं है
00:45तो ऐसे में सवाल यह है कि देश क्या सोच रहा है
00:50जनता दलबदल को किस तरीके से देख रही है
00:52क्या विधायक और सांसद वही सोचते हैं जो मतदाता सोचता है
00:56जब कोई नेता चुनाव लड़ता है तो क्या जनता सिर्फ उसका चेहरा चुनती है
01:01या फिर पार्टी, विचारधारा, वादे और वो मुद्दे भी
01:05जिसके आधार पर उस उम्मीदवार ने वोट पांगे थे
01:08और उसी आधार पर मतदाता उन्हें उसके नाम पर मोहर लगाई थी
01:12क्या उसके बारे में भी सोचा जाता है
01:14अगर चुनाव जीतने के बाद वही जन प्रितिनी दल को बदल देता है
01:18तो क्या सिर्फ दल बदलता है या उसको मिला जनादेश भी बदल जाता है
01:23अमेरिका के सोलवे राश्टरपती अबराम लिंकर ने कहा था
01:26कि लोग तंतर की परिभाशा उन्होंने कही थी
01:41तो क्या लक्त लोग तंतर की आत्मा वही रहती है
01:44कहीं वो तूट तो नहीं जाती
01:46सम्विधान सभा में बहस के दौरान बाबा साब अम्बिट करने भी कहा था
01:50कि सम्विधान कितना भी अच्छा हो
01:52कितना भी बहतर हो
01:53लेकिन अगर उसे चलाने वाले लोग अच्छे नहीं है
01:56वो उसी बहतरी से उसे नहीं इस्तेमाल कर सकते
01:59तो वो कभी सफल नहीं हो सकता
02:00लोग तंतर सिर्फ सीटों का गनित नहीं है
02:03विश्वास की भी रचना है
02:04सत्ता बदलना राजनीती हो सकती है
02:07लेकिन जनादेश बदलना एक नैतिक सवाल खड़ा कर देता है
02:11और आचायद इसी वज़े से देश का मिजाज निताओं से कुछ अलग दिखाई दे रहा है
02:16तो आज के बहस के केंदर में क्या सवाल है वो में सबसे पहले आपके सामने रखना चाहूंगा
02:20पहला सवाल इस केंदर में ये होगा कि क्या दल बदल जनादेश का अपरण है
02:25कई बार दल बदल कानून बनाने के बाद ये सवाल ही सब के सामने खड़ा किया गया है
02:30कि जनादेश का अपरण नहीं होना चाहिए
02:31क्या विधायक की सीट व्यक्ति की सीट है या उस मतदाता की जिसने उस विधायक को या सांसत को चुन
02:38कर भेजा हुआ है
02:39क्या राजनेतिक नहितिकता सत्ता की राजनीती में हार रही है
02:43क्या दल बदल कानून अब और सक्त होना चाहिए
02:46और सबसे बड़ा सवाल क्या जनता की सोच और नेताओं की राजनीती के बीच की दूरी अब बढ़ती नजर आ
02:54रही है।
02:54आज के आकड़े इसी नैतिक्ता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
02:58तो आज पेसी याने पॉलिटिकल स्टॉक एक्स्चेंज में सभी सवालों के जवाब तलाश ने के हम कोशिच करेंगे लेकिन उससे
03:04पहले मोजूदा घट्डा करम के बयानों पर जरा एक बार नजर डालते हैं।
03:09यह दल-बदल को मेता किस तरीके से देखें।
03:16हमारे जो संसर है हम 20 अभी नाशनलिस्ट सिटिजन पार्टी के साथ हम लोग मर्च करके एंडिया के साथ काम
03:30करेंगे।
03:41लोग सबहा के तीन संसर पार्टी के साथ के साथ हैं।
03:45बाकी जो शरज़ज यहां नहीं आये है यह यह नहीं किया है।
03:50पार्टी हीड का उलंग नहीं।
03:58कि अभी 25 शपी सर्व तूटने को तैयार बैठे हैं हम लोग तोड़ी नहीं रहे हैं
04:02हम तो सब्टाइस में जानते हूं अपने आप भी तूट के चले जाएंगे सामाज वाधी पार्टी का संचलन ति अखले
04:08से अधो की साइकिल नहीं कर सकती है
04:10तूटने जा रहे हैं सपा छोड़के जा रहे हैं अब अब यहां नहीं रहेंगे पेट भर गया है ज़िए ममता
04:17के यहां पेट भरी के सब चल दिये उधर वो इसे इधर से तूटके जाएंगे
04:28पार्टी जन्ता पार्टी इसी तरीके से काम करती है और कई दलों को तोटी है जो जड़ जाएगा वो अपना
04:35दल छोड़ की करा जाएगा अगर बीजेपी से मकाबला करना है तो बहादों लोगी टीम होने चाहिए
04:50इसमें एक बयान और एक जोड़ लेना चाहिए क्योंकि कल शिवसेना की रैली होई थी शिवसेना का स्थापना दिवस्ता दो
04:56रैली आ हो रही थी एक तरफ उद्दव ठाकरे बात कर रहे थे जो कह रहे थे कि लोग तंत्र
05:00का हनन हो रहा है दूसरी तरफ एकना चिंदे आकर
05:02यह कह रहे थे कि जो 6 सांसद टूटे हैं वो तो सिर्फ ट्रेलर है पिक्चर अभी बाकी है तो
05:08इस पिक्चर में और कितने विधायक पारशद और सांसद रहेंगे यह देखना अभी बाकी रहेगा तो पॉलिटिकल स्टॉक एक्शेंज की
05:14शुरुआत करेंगे 6 सवाल हमने �
05:16लोगों से पूछे दे वो सवाल भी हम आपके सामने रखेंगे और उस पर चर्चा भी करेंगे हमारे साथ तमाम
05:21मेहमान जोड़ रहे हैं शिवम्त्यागी भार के जंता पार्टी की तरफ से इस चर्चा में शामिल होंगे अभाई दूबे कॉंग्रेस
05:39के प्रवक्ता इस पर
05:40अपनी भूमी का रखेंगे ये किसी एक दल विशेश के लिए चर्चा नहीं है जो पॉलिटिकल सिचुएशन आज की स्थिती
05:46में देश में चर्चा में है उस रचना को लेकर भी चर्चा होगी तो दल बदल से उठकर भी हम
05:52चर्चा कर सकते हैं छे सवाल हमने पूछे थे उ
06:10सवाल यह पूछा गया था कि सांसद और विदायक पार्टी क्यों बदलते हैं उसमें महत्वा कांगशा की वज़े से 28
06:16.9 प्रतिशत लोग ये कहते हैं कि राजनितिक महत्वा कांगशा की वज़े से वो पार्टी बदलते हैं उसमें इंडिये समर
06:22तक भी कहते हैं कि 36.8 प्र
06:44प्रतिशत लोगों को ही लगता है कि उसके वज़े से बदला जाता है तबाव या प्रलोभन सबसे गंबीर बात
06:5535.3 प्रतिशत लोग ये कहते हैं कि चुने हुए सांसद या विदायक दल बदल प्रलोभन या दबाव के वज़े
07:04से करते हैं ये बहुत बड़ी बात है और उसमें इंडिये समर्थक भी 24.3 प्रतिशत है विपक्ष के लोग
07:1048.8 प्रतिशत है और अन्य 30.5 प्रतिशत है अन्य क
07:14कोई कारण 4.4 प्रतिशत दूसरा सवाल जो हमने लोगों को पूछा था क्या सांसद और विदायक का दल बदलना
07:21विश्वास खात माना जाना चाहिए
07:23सीधा सवाल था लोगों से लोग क्या समझते हैं?
07:26हाँ कहने वाले 20.9% ना कहने वाले 12.6% लोग हैं
07:32पताने ही कहने वाले 13.5% लोग हैं
07:36यानि जादातर लोगों को लगता है कि बदलता विश्वास है
07:52यानि जारातर लोगों को यहीं लगता है कि यह विश्वासगात है
07:54तीसरा सवाल जो हमने पूछा था कि चुनाव से पहले का दल बदल वोटरों के फैसले में कितना महत्वपूर्ण होता
08:01है
08:01यानि कोई अगर चुनाव वा उमिदवार दल बदल करता है तो अगली बार जब वो चुनाव का सामना करता है
08:09तो वहां का मतदाता क्या इस बारिक में ख्याल रखता है मन में कि इसने दल बदल किया हुआ है
08:1561.3% लोग कहते हैं कि हाँ बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन उसके बावजूद इन में से कई ज़्यादा लोग
08:21जीत कर आये हुए भी हमने नजर आये हुए है
08:23कुछ हद तक महत्वपूर्ण है 11.9% लोग कोई खास महत्वप नहीं है 11.6% बिलकुल महत्वपूर्ण नहीं
08:31है 9.8% कह नहीं सकते 5.5% लोग इसके बारे में कहते हैं
09:04चर्चा शुरू होगी इस पूरे मामले को लेकर बाकी सवाल भी हम चर्चा के दौरान लोगों के सामने रखेंगे
09:06आपके डेटा और आपके सर्वे का मैं सम्मान करता हूँ लेकिन मैं ऐसा मानता हूँ कि पहली बात तो ये
09:11कि अगर कोई भी नेता या कोई भी विक्ति राजनीती में आता है
09:23और उसको डर और दबाव और प्रेशर लगता है तो माफ कीजिए ये जगा उसके लिए है नहीं
09:31कि एक बार लग गई तो अगर कोई बड़ी बात हो गई तो बात अला गए वरना 30 साल तक
09:35या 20 साल तक या 20 साल तक या 40 साल तक आपका कोई टेस्ट नहीं है
09:38हर 5 साल में लिटमस टेस्ट देकर जनता के बीच में आदमी को जाना पड़ता है
09:43आपको चार काम कराने पड़ते हैं
09:45हर किसी के पास जाना पड़ता है
09:46अपनी constituency में गूमना पड़ता है
09:48और अगर आपको लगता है कि आपकी
09:49acceptability नहीं है और अगर आपको लगता है
09:51कि आप जो निरनेल ले रहे हैं
09:53वो महत्वकांशा की वज़ा से है
09:56तो आप हर रहेंगे आप नहीं जीतेंगे
09:57इस देश की जनता उनको देखती अच्छे तरीके से समझती है
10:00और रही बात मैं मानता हूँ कि इससे फर्क पड़ता है
10:04बिल्कुल लेकिन एक चीज़ बहुत है
10:06इसका सिर्फ यही कारण है ऐसा बिल्कुल भी नहीं
10:08अब एक जो आपके कैप्टन है
10:11अगर वो बहुत ही शितिल है
10:13वो बहुत ही डेड है
10:14वो राजनीतिक तौर पर बिल्कुल अक्टिव नहीं है
10:16वो अपनी पार्टी के लिए काम नहीं कर रहे है
10:18कारेकरता उसे मिल नहीं रहे है
10:19पार्टीों को जो है
10:20फैमिली प्राइविट लिमिटेड बना दिया तो मास कीजे आपकी पार्टी के नेता सांसद कारे करता आपके एंप्लॉई नहीं उनको क्या
10:31आप और आपके बेटे और आपका जो परिवार है वही सब राज करेगा या आप और आपके भतीजे ही राज
10:35करेंगे बाकी के जुत
10:50लगता है लोगों को कि विश्वास गाते हैं कि उसी ताइप के नेताओं से टिकेट लेकर ये लोग जब चुनाव
10:57लड़कर जाते हैं और उन मुद्दों पर जब चुनाव लड़ते हैं तो उसके बाद अगर बीच रास्ते में ही अगर
11:03वो पार्टी बदल लेते हैं तो ब
11:20राजनीती में इस्तिफा देने का चरंग खतम हो गया इसलिए लोगों को लगता है ये बिश्वास गहते हैं
11:26नहीं नहीं मैं मानता हूं कि अगर इस्तिफा नहीं देते तो कि तीन साल बाद चार साल बाद या फिर
11:31पाँच साल बाद
11:42शेवन्तियागी आपके आडियो में कुछ बुद्धार को टेक्निकल डिफिकल्टी है वो जारा ठीक की जाएगी उसके बाद दोबार आपसे संपर
11:49किया जाएगा लेकिन अभई दुबे जिस तरीके से चीजें यहां पर नज़र आ रही है शेवन्तियागी माफ करिए आप
11:58के तरफ लोगों को बिल्कुल पसंद नहीं आ रहा और ऐसा नहीं है कि सिर्फ बीजेपी या बाकी धड़े कर
12:02रहे हैं हमने देखा कि तोड़फोड की राजनीती तो आपके समय पे भी और लोगों को यह कभी पसंद नहीं
12:07आता था यही बात आज भी यहां पर दिखाई दे
12:13बहुत ही अच्छा आपके सरवे के परिणाम है भारत का सम्विधान बाबा साब अमबेट कर भी हूँ बहु यही भावना
12:21रखते थे कि दल बदल एक विश्वास घाटे अगर 73% लोग कह रहे हैं और प्रलोभन और दबाव की
12:30वज़े से और महत्व कांग्शा मतलब वो भी
12:32उसी का एक हिस्सा है आर्थिक या व्यक्तिगत महत्व कांग्शा वो 63% लोग के रहे हैं तो बाबा साब
12:38अमबेट करके सम्विधान का प्रावधान क्या है वो कहते हैं मेंबर शेल नौट भी डिस्कॉलिफाइड वेर हिस ओरिजनल पॉलिटिकल पार्टी
12:45मर्जेज विद �
12:46अनादर पॉलिटिकल पार्टी मतलब पहले पूरे राजनेतिक दल अगर मर्ज नहीं करता तो चाहे उसके टू थर्ड मेंबर चाहे तो
12:57भी किसी राजनेतिक दल में नहीं जा सकते शिवसेना के केस में सुप्रीम कोर्ट का निर्णे पढ़िये उन्होंने कहा कि
13:04ये गलत बा
13:16का निर्णे लेले कोन होगा नहीं राजनेतिक दल को ये ताय करना है और उन्होंने ये भी कहा यहां तक
13:23कह दिया कि गवर्नर ने जो फ्लोर्टेस्ट का निर्णे लिया था वो भी अवे धानिक था लेकिन चूकी ठाकरे साब
13:30इस्तिफा दे चुके थे इसलिए मुस निर्ण
13:45विश्वाजगात है एक बात अलग होती है कि लोगों के मन में क्या है लोगों को देखता है कि विश्वाजगात
13:49है लेकिन देखिए महराष्ट में आप जिन पर विश्वाजगात का अरोप लगा रहे है उसमें से 95% लोग तो
13:55जीत कर आ गए दोबारा तो ये विश्वाज�
14:11उन्होंने कहा था अडवानी जी ने कि एनाना जी देशनु को रटल विहारी वाजपई की भार्ती दंता पार्टी नहीं रहे
14:17गई
14:17कुछ लोग नीजी हित साधने आएं तो अडानी जी का पैसा और श्री राम मंदीर के चंदे चोरी के पैसे
14:24से विधायकों सांसदों की खरीद फरोग की जा रही है
14:27क्या बात करने आप जो सिटीजन नेशनल पार्टी एक कोई पार्टी है जिसका एक सांसद नहीं है और क्या कह
14:33रहे हैं लोग सभाध्यक्ष को कि सहाब एक काम कीजिए हमने मर्ज कर दिया इस पार्टी में हमाई अलग बेटने
14:38की विवस्था दे दीजिए अरे जिसका एक भ
14:55फिदे खरी पर और हो क्यों कर रहे हैं आकरी बात करना चाहता हूँ यह इसलिए कर रहे हैं देश
14:59के पर्दानवेख्री क्योंकि वह चाहते हैं कि जो डिलिमिटेशन का वील्ब है वो अपनी सकता की भूग मिटाने के लिए
15:06आखरी बात करता हूं अटल
15:08चिहारी वाजपाई जी ने का जवाब देंगे लेकिन उससे पहले एड़ोकेट चुसी बिन शाह कल तो आपके नेता कह रहे
15:16थे कि जो छे सांसदों का हुआ है वो तो बस ट्रेलर है पिक्चर अभी बाकी है लेकिन ये पिक्चर
15:21अलग कुछ यहां पर दिखाई दे रही है ज�
15:37वही मुद्दा बुला कर जब आपके साथ आ रहे हैं तो उनको ये बात पसंद नहीं आ रही है बले
15:41अगले चुनाओं में वो जीट जाए लेकिन आज की स्थिती में पिक्चर तो लोग यहां पर यह रखने की कोशिश
15:45कर रहे हैं कैसे देखती आप इसको नमस्ते शाहिल भ
16:07करियर पॉलिटिशन और उन्हें अपनी अपनी कारेकरता को जोड़के रखना पड़ता है मैं आपको बताओं आजकल के कारेकरता वेरी इस
16:16एन एस्पिरेशन क्लास ओं चाहते हैं कि हमारी कारेकरता में कुछ बदला हो प्रगति हो विकास हो और इसलिए उसमें
16:24उनका सहभ�
16:25जब होगा जब MLA और MP काम कर पाएंगे दूसरी बात आपने कहा यू राइटली आंसर कि जो आपका जो
16:31सर्वेय है जिसमें आपने बताया कि लोग नाराज है लेकिन 2022 में उठाओं किया और आप देखिए इलेक्शन में अभी
16:39MLA हम डंके की चोड़ पर जीत के आएगे वि�
16:56धनुषबान है और विश्वास सारे प्रतिनिदी को सारी जनता को एकनात्राओजी शिंदे के साथ है वो काम करते हैं और
17:04मैं मानती हूं कि ये छे जो लोग हमारे साथ जुडेंगे मुझे पूरा विश्वास है कि वो जुडेंगे तो वो
17:10क्यों आए है
17:11क्योंकि शिवसेने के साथ आए और हमने मेनत किया है ऐसा नहीं है कि वेन जब आप जब बड़े MPO
17:17की बात करते हैं दिगज नेता है उनमें आगे पीछे मन मुटा होते रहते हैं लेकिन हमारे एकनातराउजी शिंदे ने
17:24और डॉक्टर शिकान शिंदे ने मेनत की उनको पर व
17:28इश्वास रखा, उनके साथ कम्यूनिकेट किया, उनको समझाया कि देश की प्रगति के लिए विक्सित महराश्च्रा के डिये क्यूंकि विक्सित
17:36भारत चाहिए तो रास्ता विक्सित महराश्च्रा से ही जाता है तो मैं समझती हूं कि इसमें कोई गलत नहीं है,
17:43it's a home coming, I'm
17:44मेरे भाई अभाई दूबे जी बता रहा है थे, अभाई बार बार बार, जब भी लोगों को दूसरे पार्टी से
17:52लिया जाता है, तब यही कहा जाता है कि हम तो विकास की रहा पर निकल पड़े हैं, अगर आप
17:57विपक्ष में रहेंगे तो विकास नहीं हो पाएगा, सर्व
18:15अभी भारतियंता पार्टी के प्रवक्ता ने कहा कि प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बन जाती है, इसलिए लोगों को दिक्कत होती, छोग
18:31की चले जाते हैं, अब अभी मैं सुसी बेन शाह को सुन रहा था, उन्होंने क्या कहा, एकनाच शिंदे और
18:38शिकांच शिंदे, य
18:41और अधित्त ठाकरे के प्राइवेट लिमिटेड कंपनी थी, आज एकनाच शिंदे और शिकांच शिंदे की प्राइवेट लिमिटेड कंपनी हो गई
18:49है, तो बदलाव क्या हुआ?
19:04इसका मतलब यह है कि एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से, तुसरी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में यह सांसाद आगे, ठर छड़िए
19:10इसको, मैं इस डिबेट में नहीं पढ़ता, दूसरी बात, अब इस सुशी बेन साह ने क्या कहा, कि यह करियर
19:15पॉलिटीशन है
19:16हम तो समझते थे कि यह जो लोग MPML का चुनाव लड़ते हैं, दरसल यह लोग जन्ता की सेवा करने
19:21के लिए आते हैं, करियर बनाने के लिए नहीं आते हैं, करियर बनाने के लिए तो सहीर यह आप हैं,
19:25आप पत्रकार हैं, मैं भी पत्रकार रहा हूँ, तो हम लोग करियर बन
19:50कि जब चुनाव होता है तो हम इस बात का ध्यान रखते हैं कि किसने पार्टी बदली है यानि उनके
19:57ध्यान नहीं रखता है लेकिन ज्यादा तर डिफेक्टर जो है वो अपनी पार्टी अपनी चुनाव हार जाते ये भी एक
20:04सच्छा है
20:07कोई ध्यान नहीं रखता कोई ध्यान नहीं रखता है विश्वात अच्छा है वो लोगों के जुड़के रहो और आप मुझे
20:16बताओ
20:16पॉलिटिक्स इसे 24 बाइसेवन प्रोफेशन आपके राहूर गांदी देख लीजिए अभी कोटा में गए कभी कुछ दूसरी सबाले ली जुड़े
20:27रहना पर परता है तोबी सो घंटा आपके दर्वाजे आपके कारेकरता के लिए उनके मसले के लिए खुले रहने चाहि�
20:59पर आपके लिए जो रहने चाहिए वहापस घरवापसी हो रहे है हमारे साथ शिवसयाना के साथ जूड़ रहे हैं
21:14तो आपके घर से चुनाव क्यों नहीं लड़ा था उन्होंने वह पहले आपके पास आते और आपके घर से चुनाव
21:21लड़ ले थे नहीं आप सुन लीजे शिवसयाना तब जब यूबीजी के साथ लड़ा था नहीं नहीं भोलड़ दूवे जी
21:28रुख जाए जब वो लड�
21:42हैं जिल्ला परिशत में क्या हुआ जब पूरा एक बयान सुसी बेंच साह का बड़ा इंटरस्टिंग है कोई फरक नहीं
21:48पड़ता यह बड़ा दिल्चस बयान है लोग भले आज की स्थिती में यह बात तो सुसी बेंच नहीं होना चाहिए
22:04लेकिन चुनाव में कहां इसका �
22:08होता है साहिल जी फरक तो पढ़ना चाहिए और जिस तरह से आइडियोलोजी और वैचारी की को दरकिनार करके यह
22:16उठा पड़क जो चल रही है राजनीती में यह कहीं से भी एथिकल नहीं है कोई भी पार्टी का हो
22:21कॉंग्रेस भी कर रही है करनाटिका में भी करती है तेलं
22:36आए कम से कम पांच साल और अगर आप नहीं टिक सकते तो आपने पूरी अपने सुना ना क्यूंकि आप
22:42पांच में हैं इस पूरे लाइन में दो लोगों ने कहा जो सत्ता में आज की स्थिति में करियर पॉलिटिशन्स
22:47है करियर पॉलिटिशन्स आइडियोजी के बारे में �
22:51नहीं सोचते हैं करियर पॉलिटिशन्स कौनसे राजनितिक पार्टी में हैं उसके बारे में नहीं सोचते हैं यही तो दलील दी
22:58गई है ना आज की पूरे डिबेट में आपने सुना उसको ने नहीं यह देखिए यह जो वोकेशनलाइजेशन हुआ है
23:04राजनिती का लोग मह
23:05अधर कांगशी है उनको लगता है कि कब तक मेरी उमर निकलती जा रहें यह कब तक विपक्ष में बैठे
23:09रहेंगे बैंचिस में कोई यहां पर कोई एक विचारधारा के लिए लड़ने वाला है ही नहीं और विपक्ष में यह
23:14और ज्यादा बड़े व्यापक तरीके से दि�
23:30रहें जब विपक्ष में बैठे तो एक एक चीज़ पर टिक के बैठे न और इसलिए मैं बोलता हूँ एक
23:35आइडियोलोजिकल बैकबोन होने की जरूरत है संग को यह लोग चाहे जितना गाली दे लें लेकिन कुल मिला कि यह
23:41बात है जिसको यह दरकिरार नहीं कर सकते कि एक
23:43एक आइडियोलोजिकल स्पाईन है पूरे मुव्मेंट की एक एडियोलोजिकल स्पाईन है कंश्वे RS मुवमेंट की इस देश में और यहां
23:49पर कॉंग्रेस मात खाती है और कॉंग्रेस के जितने भी गढट जोड़ है जो समाजवाद की राजनीती लेके चलते हैं
23:55लेकिन �
23:58सब्सक्राइब हो sitting में बहुत ही बड़ी दिल्चस्प पड़ी की हड़ी बड़ा इंट्रेंटिंग टर्मिन जया ले यहलेकिन
24:15क्या आज की स्थिती में किसी भी पौलिटिकल व्यक्ति के पास यह
24:19रीड की हड़ी बची है क्या परसनल महत्वा कांगशा के अलावा किसी के पास भी रीड की हड़ी बची है
24:25क्या
24:25यही कारणे की इस तरीके से हमें दल बदल लगातार दिखाई देता है
24:28चरचे आगे बढ़ाऊंगा मैं लेकिन जरा दो और सवाल आपके सामने रखता हूँ पैनल के सामने उसके बाद ही आगे
24:33बढ़ाएंगे
24:33शिवम त्यागी भी बहुत देर से इस्तिमाल कर रहे हैं पिछली बार उनको बोलने का बोका नहीं मिल पाया था
24:37दो अगले सवाल भी जरा आपके सामने रख दो में
24:39चोथा सवाल जो पूछा गया था जनता से
24:42चोथा सवाल ये था कि सांसद और विधायक का पार्टी बदलना कितना स्वीकारिया है
24:48क्योंकि लोगों को भी पूछना चाहिए वो ही जित्वा कर देते हैं या हरवाते हैं
24:52तो कितना स्वीकारिया है पार्टी बदलना
24:54पुरी तरह स्वीकारिया है 14.8 प्रतिशत लोग कहते हैं
24:59विशेश परिस्तिती में स्वीकारिया हो सकता है
25:01ये NDindiIE के समर तक जाधा संख्या में कह रहे हैं कि विशेश परिस्तिती में
25:0534.6 प्रतिशत इंकमिंग उनके पास है तो जाहर सी बात है कि
25:09विशेश परिस्तिती में स्वीकारिया है वो कह रहे हैं
25:12लेकिन 29.1 प्रतिशत लोगों को लगता है कि अस्विकारिय होना चाहिए और इसी के वज़े से दल बेदल कानून
25:29बनाए गया था
25:30क्या नहीं सकते 6.8 प्रतिशत पाचवा सवाल क्या दल बदलने पर सांसत और विधायक की सीट खाली हो जानी
25:38चाहिए
25:38क्या आज की स्थिती में अब ये नौबत आगी है इस देश में कि पॉलिटिकल मॉरियलिटी खतम होने के बाद
25:44अब यही चीज़ होने की जरूरत है कि सीट खाली कर दीजेगा
25:47अगर आप दल बदलना चाहते हैं चुनाव के बाद में तो सीट खाली करिए दोबारा चुनाव लड़िएगा
26:17कि हड़ी आइडियालोजिकल स्पाइन ये कही न कई खोता जा रहा है जिस तरीके से करणाटक्त में आपके यहां पर
26:23कॉंग्रेस के विदायक आए उन्होंने सारे 15 विदायकों ने इस्तिफा दिया मध्यप्रदेश में बारतिय जंता पार्टी में कॉंग्रेस के विदायक
26:29का है सभी लोगों ने इस्तिफा दिया दोबारा महां पर चुनाव लड़ा लेकिन आज पिछले एक महिने से इस देश
26:35में जो देखा जा रहा है लोग कहते हैं कि इस्तिफा दीजिए चुनाव लड़ी है और फिर आपको जो तैख
26:41करना है कर लीजिए
26:45साहिल जी पाच्छे सवाल इखटे हो गए सबसे पहले तो ये प्रवक्ता कॉंग्रेस के कहा कि भारतिये जनता पाटी या
26:51फिर एंडिये की तरफ अगर लोग जा रहे हैं तो इनके पास आडानी है इनके पास अंबानी है इनके पास
26:55चुनाव आयोग है ये है वो है फलाना �
27:09सराज्यों की सरकारगिरी सोरा जगा राश्ट्रपती साशन लगे और अठारा सो विधायक सांसद इंद्रा जी की तरफ को गए अठारा
27:17सो एक हजाराट सो एक महीने की कहानी नहीं है भाई आप ये सलेक्टिव लिपिक नहीं कर सकते और मेरा
27:23आप से निवेधन है कि एक साइ
27:37ये विषए हुए एक उनका बेटा अश्वत्हामा और एक हुआ अरजुन लेकिन जब बात विश्व की सर्वस्रेष्ट दुनिया के सर्वस्रेष्ट
27:45धनूर्दर बनने या बनाने की बात आई तो अरजुन ही बना वो बेटे को नहीं बना सकते क्यों नहीं एकसेप्ट
27:51कर �
27:56उबागा जातको आपने में कोई कमी है कि इस बात को नहीं है?
28:10लेकर अर्जुन का
28:14अलग्र का अर्जुन को नहीं बनाय गया थाना
28:23लेकिन आप बेटे हैं इसलिए सर्वस्रेश्ट हो जाएंगे उतना जरूरी नहीं है आप गलत डॉमिनोलिजी दे रहे हैं अगर बेटे
28:37हैं तो आप बेटे होने की वजह से आप सर्वस्रेश्ट बने वो नहीं रह सकते
28:43थाइंक यू और एक और चीज़ कहना चाता हूँ जहां तक बात सरकारों की और तमाम सारी चीज़ों की है
28:47इस देश में पार्टिया किसने नहीं तोड़ी इंदरा गांधी पार्टी तोड़कर नहीं आए थी क्या कॉंग्रेस वह बनाई थी पिये
28:52संग्मा पार्टी तोड़क
29:03पार्टी तोड़कर नहीं आए थी क्या इस देश में इस राजवीती में हमेशा से रही है लेकिन जब लोग आपकी
29:10तरफ जा रहे थे बहुत फल्फूर रहा है तो कहते हैं घर-घर की होनी चाहिए यह कहानी जब तक
29:21इस देश पे राजनिर्ली लुक्तंत्र जिंदा है त�
29:24इस देश का राजनितिक चरित्र बदलने की कोई जरुवत नहीं है यही कहने की कोशिश तो नहीं हो रही है
29:29यहाँ पर अभई दुबे जी आप जवाब देजे उसके बाद यही सवाल लेकर मैं अश्तों जी के पास भी जाओंगा
29:33अभई दुबे जी लेकिन सबसे पहले आ�
29:56सबसे पहले प्रजातन्तु पर आधात किया जनता पार्टी ने 12 कॉंग्रेशासित राज्यों की सरकार एक के बाद गिराई आजात भारत
30:05के इतिहास में सबसे पहला आक्रमन किया जनता पार्टी ने जिसमें उस समय की ततका लिनाज की भारती जनता पार्टी
30:11तो 1980 में इंद
30:20तो यही तो इस देश में चलता आ रहा है कि जनता पार्टी करेगी तो कॉंग्रेस पार्टी करेगी यही चलता
30:29रहेगा क्या यही तो सवाल है अब जुबे जी
30:34कभी आजाद भारत के इतिहास में ऐसा देखा कि देश का प्रधान मंत्री वेस्ट बेंगॉल जाए और कहे सुवेंदु अधिकारी
30:41टेलिविजन पर ब्रश्टाचार के पैसे लेते हुए पकड़ाया और उसको चीफ मिनिस्टर मना दे
30:45कभी आपने देखा कि भारती दंटा पार्टी का प्रधान मंत्री जाए असम और कहे हेमन तो विश्वा सर्मा ब्रश्टाचारी है
30:52एक बुकलेट उसके खिलाब भारती दंटा पार्टी निकाले और उसको चीफ मिनिस्टर मना दे आपने देखा कि यामीर जादाओ येश्वन
30:59जादो प्रधीव सर्नाइट ये और अजीत पवार हसंस मुश्रिव प्रफुल पटेल जैसे लोगों को ब्रश्टाचारी और आतंकवादी का साथ बताए
31:07और उनको सकता सोबते कभी आपने देखा तो ये जो है चापा मारो और विधायक सांसा धड़पो ये निती अपना
31:14
31:15जनता को आखरी सवाल ये भी पूछा गया था प्रेंड परोग करने और बार बार जब ये कहा जाता है
31:22कि पहले बी ऐसा होता था वही बदलने के लिए
31:44वाद के आपसे पूरी तरीके से सहमत हूं और इसमें कोई दोराई नहीं है था कि भारति यहनता पार्टी का
31:50बहुत संवानी सब्सक्राइब तो नहीं होता था यह इसलिए था कि विचारधारा की पार्टी थी यह जो राजनिटिक पार्टी
32:11जो तमाम तूट रही है इनके अंदर विचारधारा की कमी है या विचारधारा नहीं है लेकिन अब उल्टा भारती जनता
32:16पार्टी के अंदर हो गया
32:17चालिस प्रतिशत लोग या एंपी अमेले बन रहे हैं वो दरसल दूसरी पार्टियों से आए हुए करियर पॉलिटिशन है जिनका
32:24विचारधारा से कोई लेना देना ने
32:26खुदाना खास्ता अगर कर ऐसी स्थिती पर हो जाए कि भारती जनता पार्टी तूटने की तो सबसे पहले भारती जनता
32:31पार्टी की यह लोग तूटेंगे जो दूसरी पॉलिटिकल पार्टी से वहां आए जहां तक दल बिरोदी लेकिन क्या दल बदल
32:37कानून और सक्त होन
32:42पाहिल सिंगल नाइन का कानून होना चाहिए जो कोई भी विक्ति सांसद मेले अपनी पार्टी छोड़ेगा इमीडिटली उसकी सब्सक्राइब हो
32:51जाए जल्दी से
33:08आइडिलोजिकल फिडेलिटी पैरामाउंट है राजनीती में ये राजनीती में जो ये जिस तरह का ये रील का जगत में आ
33:28गया है
33:29कि अगर आपके राज्चे में आपका नेता अगर दल बदल करता है तो क्या वो एवियम में दिखाई देगा यह
33:37भी सबसे बड़ी बात रहेगी लेकिन इस बीच मेरे मेरा समय इस पक्तम हो गया इसके लिए आप सभी का
33:41बहुत बहुत शुक्रिया
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