Skip to playerSkip to main content
  • 2 weeks ago
हैदराबाद स्थित इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) में स्वर्गीय रामोजी राव की स्मृति में आयोजित विशेष कार्यक्रम में उनके जीवन, नेतृत्व और सफलता के सिद्धांतों को याद किया गया. कार्यक्रम के दौरान रामोजी ग्रुप के सीएमडी चेरुकुरी किरण ने बताया कि रामोजी राव व्यवहारिक शिक्षा और अनुभव आधारित सीखने को सबसे महत्वपूर्ण मानते थे. उनका प्रसिद्ध संदेश था—“कहीं भी पढ़ाई करो, लेकिन सीखो रामोजी यूनिवर्सिटी से।” कार्यक्रम में ISB के संस्थापक रजत गुप्ता और उद्योग जगत की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं. रामोजी फाउंडेशन के सहयोग से बने आधुनिक ऑडिटोरियम में आयोजित इस कार्यक्रम में महिला सिम्फनी बैंड ‘सुरंजली संगीत विभावरी’ ने भी प्रस्तुति दी. वक्ताओं ने कहा कि रामोजी राव की कार्यशैली और नेतृत्व आज भी नई पीढ़ी को प्रेरित कर रहे हैं.

Category

🗞
News
Transcript
00:00
00:00
00:00
00:01
00:01
00:04
00:13
00:24
00:28
00:29
00:31
00:31
00:32
00:33
00:35
00:37
00:39S.K.A.R.A.S.
01:09foreign
01:16foreign
01:18ISB के संस्तापक रजद गुपता ने रामोजी गुरूप के चैर्मेन श्री चेरुकूरी किरन का सम्मान किया
01:23इस मौके पर रजद गुपता ने रामोजी राव को स्वें प्रकाश्मान दीपक बताते हुए कहा कि
01:28वो अपने आप में एक प्रेडना स्रोत थे
01:31सबसे दिल्चस्प बाते तब सामने आई जब रामोजी गुरूप के CMD श्री चेरुकूरी किरन ने अपने पिता श्री रामोजी राव
01:38की जीवन से जुड़े अनुभव साचा किये
01:40उन्होंने बताये कि रामोजी राव पारंपरिक स्रिक्षा से ज़्यादा व्यवारिक सिखाने पर विश्वास करते थे
01:45श्री चेरुकूरी किरन ने कहा कि रामोजी राव अक्सर कहा करते थे कि तुम चाहे कहीं भी पढ़ाई करो
01:51लेकिन सीखो रामोजी इनिवस्टी से
01:53उनका मानना था कि जीवन का सबसे बड़ा विश्व विद्याल है
01:56अनुभाव और निरंतर सीखने की प्रक्रिया है
01:58उन्होंने बताये कि रामोजी राव डेल कार्नेगी और पीटर ड्रेकर जैसे माहन लेखकू की किताबे पढ़ते थे
02:04लेकिन वे सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहते थे
02:06वे अपने जीवन के अंतिम दिन तक प्रबंदन के सिधानतों को व्याभार में उतारते रहे
02:11डॉक्टर रेडीज लैब के को चेर्मेन जीवी प्रसाद ने भी रामोजी राव के संघर्ष और सफलता की कहानी साजा की
02:18उन्होंने बताया कि रामोजी राव ने B.S.C. केमिस्ट्री की पढ़ाई की थी और शुवाती दिनों में एक फार्मस्टिकल
02:23कमपनी में नौकरी पाने की कोशिस भी की थी
02:26जीवी प्रसाद ने कहा कि रामोजी राव के वल डिगरी या कितावी ज्यान के अधार पर लोगों का चैन नहीं
02:31करते थे
02:32वे ऐसे लोगों को महत्व देते थे जो लंबे समय तक संगठन के साथ जुड़कर सीखने और आगे बढ़ने के
02:39लिए प्रतिबद्ध हूँ
02:40कारिकरम के अंत में सुरंजली बैंड की प्रस्तूती ने दर्शकों का दिल जीत लिया
02:58शास्त्रिय संगीत और अधुनिक धुनों के इस संगम ने कारिकरम को यादगार बना दिया
03:03जिस तरह इस संगीत की गुंज दिलों में ठहर गई
03:05वैसे ही भारतिय इतिहास में एक ऐसी गुंज रामोजी राव जी के नाम की भी है
03:09जिनकी विरासत आज भी अमर है
03:12एक साधारन पस्ट भूमी से निकल कर मीडिया, फिल्म, वित्ध और कई उद्योगों में अपनी पहचान बनाने वाले
03:19रामोजी राव आज भले ही हमारे बीच नहीं है
03:22लेकिन उनके विचार, कार्यशैली और नित्रवत के सीख की सुमधु रिदम आज भी लाखों लोगों को प्रिरीत कर रही है
03:31Bureau Report, ETV भारत
Comments

Recommended