00:00जन्ता की हर मांग अपने पूरी करती हैं, रुकेवे हर काम को रफ्तार दी हैं, आपकी बदोलोतिया विकास की पंच
00:08गंगा बहेगी,
00:14मां अमबाबाई मंदिर का नव निर्मान एक नई मिसाल बन जाएगी, धन्यवाद, जय हिंद, जय महाराशुद।
00:24परन्तु आज सहकार शेत्रा मदे क्रांती घड़वने चा काम तेनी केला है, आज सहकार बिना नाई उद्दार, आणी हाँ सहकार
00:34शेवट चा मांसा परेंत पोचला पाईजे, या सटी तेनी सहकार शेत्रा आमुला अगर बदल घड़वले, क्रांती घड़वली हाँ सर्वसा
00:45आपान्य मान्सालायचा फाइदा जाला पाइजे, हे तैनी पाइल मला अठा होता है, आमी जेवा, देवेंदर जी, आमी आनी आमचे मंत्री,
00:55जेवा, आमीद भाई कड़े गिलो तो, के साकरकार काने, शेटकरी, अडचनी दाले, जेवा, दाहजार कोटीच इंकम टैक्स माप
01:06करन्याचा क्रां़िकरी निरने, अमीद भाईनी घितला होता, अता दिकिला मि गिलो तो, जेवेच दिकिल, एथेनओल लाषेल, जे, जे, भाय प्रोड़क्त
01:17स्थील, जेणना सगयानना, जियाई देन्याचा निरने दिकिल तैनी घितला, पैक्सला मजबूत केला, अग दि
01:26शेवट च्या घटका परियंत हाँ फाइदा न्याय गिला पाईजे यह सड़ी तैनी मोट करांतिकारी पाऊलूचल लेला है
01:35आणि मनुन मी तेन्च बना पासुन अभिनंदन या टिकानी करतों, बना पासुन तेना धन्यवाद देत स्थाना, या टिकानी तेन्च अभिमान
01:45देखिला माला है, कि आध दीड हदार कोटीच ये अपला अंबाबाई, मंदिराच शुशोवि करनाच टपा शुरू होतु है,
01:55अणि मारश्र राज्य देखेल या टिकाणी दस अपले अधर्निय प्रदान मंत्री देखेल या टिकाणी देशातल्या मंदिरांच पुनर जिवन सुशोबिकरन करता
02:10है दस या राज्या मते देखेल अनेक मंदिरांच देवस्थांच तिर्थस्थांच या टिकाणी विकास �
02:18आपने विरासत है दसा ऐध्याचा राम मंदीर कुण अलो दफ राम मंदीर हो ए ल परन्तों राम मंदीर दिक जालो
02:29हादिक लितियास हैं अमनुण मीं आपने लेटा संक्तो कि या संपूर्न देशामदे जए आपने तिर्थ श्यत्रा आपने लेटा विकास होतो
02:43है
02:43आपनी संस्कुति आपनी परंपरा जोपास नी जाती है
02:47आपनी संस्कुति परंपरा पुड़ नहीनाचा काम होता है
02:51तस अच भोधी जी आनी अमीद भाईन चा मार्गदर्शना खाले
02:54यह राज्या देखी आपनी तिर्थशेत्र आपनी प्राचिन मंदिर
02:59आपले गड़कोट किले त्यांचा पुनरत्तान त्यांचा सुषोविकरन त्यांचा सवरक्षन त्यांचा जतन करन्याचा काम
03:10महायुति सरकार यह ठिकानी करतो है
03:13आणी मनुन मी अमीद भाईना उनाएक दा मनापासुन धन्यवाद देतो
03:19कि आपन कुलापूर मदे आलया नंतर एक वेगड़ा भावनीक नात यह ठिकानी कुलापूर वासियाना पाहला मिलतो है
03:27अणी मनुन मिया अपलेला अमीद भाई आपको बहुत-बहुत धन्यवाद देना चाहता हूँ
03:33महरा समय जब-जब आप आते हो और ऐसे जो काम है उसका भूमी पुजन होता है लोकारपन होता है
03:45इससे हमें उर्जा मिलती है प्रेरना मिलती है और हमें काम करने की ताकद मिलती है
03:54मिया अपलेला धन्यवाद देतो या ठिकाणी अमिद भाई जाते जाते दो पंक्तिया कहता हो जन्ता की हर मांग अपने पूरी
04:04कर दी है रुकेवे हर काम को रफ्तार दी है आपकी बदौलत या विकास की पंच गंगा बहेगी
04:18मां अमबाबाई मंदिर का नवनिर्मान एक नई मिसाल बन जाएगी धन्यवाद जय हिंद जय महराश्ट
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