00:00। देश की शिक्षा नगरी कोटा इस वक्त देश की सबसे बड़ी राजनितिक हलचल का केंद्र बन चुकी है।
00:06लोगसबा में विपक्ष केनेता राहूल गांदी कोटा में है।
00:09उनका ये दोरा देश के सबसे बड़े कोचिंग हब के लाखो चातरों और युवाओं के मुद्दो, विशेशकर, नीट यूजी पेपर
00:16लीक, भरती पर इक्षाम में धानली और विरोज़गारी पर किंद्रित है।
00:20लेकिन बहा के डॉक्टर्स राहूल गांदी के इस दोरे पर सवाल उठा रहे हैं।
01:19तो अगर वो सही में नीट की त्यारी कर रहे हैं, तो ये ब्रश आफ हो जाएगा।
01:20कोई भी किसी भी तरीके के अगर डिस्ट्रैक्शन जस्ट फिफोर एक्जाम होगी, वो एक बच्चों के लिए और सबके लिए
01:25बात चैलेंजिंग रहेगा।
01:27तो जस्ट फिफोर एक्जाम दो तीन दिन रहे गए हैं, तो बच्चों को जितना डिस्ट्रैक्शन को किया जाए, किसी भी
01:32तरीके से, वो एक सबके लिए एक कॉमन बात रहनी चाहिए।
01:36देखिए, जो बच्चों का है, एक्जाम से पहले, कोई भी इस तरह कि एक्किवती बच्चों का डिस्ट्रैक्शन होता ही है।
01:45कई बार कुछ बच्चे जाएंगे, उन पर तो definitely होगा, कुछ बच्चे नहीं भी जाएंगे, बच्चों को समझदारी तो यह
01:53है कि जो अभी एक्जामें दे रहे हैं, उनको तो जाना ही नहीं चाहिए।
01:57डिस्ट्रैक्शन होता है।
01:58इसे प्रोग्राम्स जो किये जाते हैं तो एक्जाम के दिन पर ले नहीं करने चाहिए।
02:06जो दूसरे बच्चों से मिलने में तो ठीक है आगे के लिए जो भी संभाद को करेंगे या गाइड करेंगे
02:12वो अच्छी बात है और जो भी कोई है।
02:15लेकिन एक्जाम के तीन-चार दिन पर ले उन बच्चों को तो इसमें नहीं आना चाहिए। और यदि कोई बच्चे
02:20आते हैं तो उनका डिस्ट्रेक्शन तो होगा।
02:23कई तनाव में भी आएंगे। उनका कॉंसेंट्रेशन भी बंग होगा।
02:44दरसल हाल ही में नीट यूजी का पेपर लिख हुआ था जिस पर काफी बवाल हुआ।
02:50अब नीट की यही परिक्षा 21 जून को फिर से आयुजित की जा रही है।
02:54पेपर लिख ना हो इसके लिए सरकार पूरा एतियाद बरत रही है।
02:58लेकिन मनोचिकचक राहुल गांधी के कोटा दोरे पर सवाल उठा रही है।
03:02क्यूंकि परिक्षा से कुछ दिन पहले ही कोटा जाना स्टुडेंट्स की मेंटल स्थिती खराब कर सकता है।
03:08क्यूंकि यहां उनसे वो सब बाते कही जाएंगी जो परिक्षा से पहले उनका ध्यान भटका सकती है।
03:13क्यूंकि वो सब तक पहले है।
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