00:11प्रांस के एवेम में जी सेवन समिट शुरू हो चुकी है और इस समिट में प्रतान मंद्वी नरेंद्र मोदी भी
00:16हिस्तर ले रहे हैं इसे समिट के बीच में आज पियम मोदी की और अमेरिक राश्टर पते डॉनल्ड ट्रम्प की
00:20मुलाकात होने जा रही है
00:21बहुत इंपॉर्टन्ट ही मुलाकात है शिकर समिलन के दौरान कल भी आउटरीच सेशन में पियम मोदी और अमेरिक राश्टर पते
00:27ट्रम्प साथ बैठे दिखे दोनों ने ताओं की ये मुलाकात 16 महीनों के बाद हुई है लेकिन पियम मोदी ने
00:32इस मन्च से ट्रम्प को आ�
00:50वाचित हो सकती है फिर औरज टेक्नोलजी कही सारे सेक्टर से जिन पर वाचित हो सकती है दुई पक्षी है
00:56बड़क बहुत इंपोर्टन्ट है क्योंकि एक तो अतनी टैरिफ भारत पर लगाए गये पिर कही तरह कि之से तेल खरिदना है
01:04कि नहीं खरिदना है इस तरह की
01:05बातें कई सारी हुई हैं फिर इस बिच में भारतिय लोगों की जो मौत हुई है अमेरिकी हमले में खास्वा
01:14जो जहाजों को टागेट होम मुस में किया गया उसके बाद से भारत में नारजगे दिखी थी
01:21जिसेवन संवीट के दोरां प्यम मोदे ने हमेमेनिटी फर्स का संदेश दिया प्यम मोदे ने कहा कि दुनिया संसाधनों की
01:27कमी से नहीं बलकि भरोष formula की कमी से जूज रहे है प्यम ने साफ किया कि भविश्य की साझ्यदारियां
01:32इसे विश्παस की नहीं उपर खड़ी होंगी
01:34पर्शिम एशिया संगर्ष को लेकर पीम ने कहा कि मित्र देशों को भी से नुकसान हुआ है
01:38अमेरिकी सेना के हमले में भारतिय नाविकों की मौत का मामला भी पीम ने जी सेवन में उठाया
01:43तो जो भारतिय नाविकों की मौत का मामला उठाया गया है
01:46उन्हें ने खा कि नाविकों के सुरक्षा सुनिश्यत करना सभी देशों के साचा जिम्मधारी है
02:00हमारे साथ हमारे समधत अश्रफ बानी इस खबर पर जादा जानकारी के साथ जुड़ गया है
02:03अश्रफ यह बहुत बहुत इंपोर्टेंट मुलाकात है कि इस दर्मियान बहुत बहुत कुछ ऐसा हुआ है
02:11भारत-पाकिसान जंग उसमें क्रेडिट लिया टॉम्प ने इतने सारे पोस्ट किए
02:15उस दर्मियान कुछ ऐसी ऐसी बातें भी की गए जो भारत के लोगों को बहुत चुबी अब सरकार को चुबी
02:21या नहीं पता नहीं क्योंकि अभी आफिशली नाराज़की तो जाहिर नहीं की गई है
02:25मतलब जैसे पियम मुदी की कोई स्टेटमेंट नहीं आए विदेश मंत्री की नहीं आए फिर टैरिफ किसे तेल लेना है
02:30नहीं लेना है बहुत सब्सक्राइब नाविकों की मौत क्या स्टॉंगली भारत इन मुद्धों को ट्रम्प के सामने रखेगा
02:38बिल्कुल रखेगा भी और रखना भी चाहिए किनकी जिस अंदाज से संके दिये हैं बारत के प्रदार मंदिर नटंदर मुदी
02:44ने और जिसमें उन्होंने एक महत्पून बयान जो दिया है कि डिफिसिट आफ ट्रस्ट वो इशारा सीड़े तोड़ पर अमरीका
02:53की तरफ है
02:54बारत और अमरीका का सयोग और दोस्ती कोई नई बात नहीं है दश्कू से एक ट्रस्ट वर्दी पार्टनर जो है
03:01वो बारत रहा है अमरीका का जब भी अमरीका मुश्किल में था तब कहीं न कहीं जो है बारत का
03:07ही साथ अमरीका को मिला हूँ
03:08लेकिन आपने सही कहा, जिस अंदाज से डोनाल ट्रम्प ने दूसरी बार जब वो प्रेसिडेंट बने अमरीका के, तो उन्होंने
03:16जो रविया अपनाया बारत के साथ, वो कहीं न कहीं जाहिर सी बात है, सरकार को भी चुबा और खास्तों
03:24सी देश के लोगों को.
03:25सबसे पहले अगर हम ऑपरेशन सिंदूर की बात करें, जो उन्होंने बार बार उस बात पर क्रेडिट लिया कि वो
03:31जंग मैंने रुखवाया, शायद अब डोनाल ट्रम्प को उसका अहसास हुआ होगा, कि उन्होंने जो जंग एरान के साथ शुरू
03:39किया था, उसको वो नहीं �
03:41यदि उसमें खाड़ी के देशों के साथ चीन, पाकिस्तान और बाकी जो देश हैं, भारत भी उसमें शामिल था, कि
03:48वो जंग रुखवाते और मदिस्ता जो उन्होंने की, तो दूसरी तरफ जिस अंदाज से एक उस जंग में उलजे इसराइल
03:58ने उनको उंजाया अमरीका क
04:00तो उन्हें बहुत कुछ सबक सेखने को मिलेगा, लेकिन अब दिलचस्त देखना होगा कि दुपक्षिय बातचीत अभी तक अमरीका और
04:08बारत की नहीं हुई है, डॉनार्ड ट्रंप, और लिमर्मोदी की नहीं हुई है, उस बातचीत में क्या-क्या मुद्दे उठाए
04:14जा
04:28करना किया, उसमें तीन बारतियों की जान गई, वो भी एक चिंदाजनग बात थी, लेकिन कहीं न कहीं, जी सेवन
04:34में इस मुद्दे को लेकर कोई शेडो न पड़े, तभी शायद बारत सबकार की तरफ से कोई स्टेटमेंट जो है,
04:41या विरो तरज नहीं किया गया था, ले
04:55लेकिन तीसकी महतपूल बात ये है कि जो डोनाल्ड ट्रफ है, अब इरान में जंग में उलजने के बाद, और
05:02कहीं न कहीं हार का मुद देखने के बाद, वो बहुत कुछ समझ गए होंगे, वो बारत की महतपूल था,
05:09पूरे एशिया में, और खास्तों से खाड़ी के देश
05:12के साथ देख रहे होंगे, और वी ये भी समझ रहे होंगे, कि चीन भी कितना उनका वुक्ता दोस्त है,
05:18पाकस्तान का कितना हमदर्द है, और भारत का इतिहास क्या रहा है, अमरिका के साथ भारत कितना दूसे वाला देश
05:26है, डोनाल्ड क्लब को ये ऐसास हुआ होगा, लेक
05:40इसको बतने बढ़ बुलापन लेकिन कहीं न कहीं अब डोनार्ड ट्रॉप को इस पूरे मामले को लेकर जो पिछले जब
05:46से वो राश्रिपती बने हैं बारत की मैत्रपूना भी समझाई होगी और बारत के जात जो अमरिका के संब्ध है
05:53उनको लेकर भी अब बुल्कुल दिमा
06:08आए तो प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी हाग की जगा हैंडशेक के साथ अभिवादन हुआ है नहीं लगे बलकि हैंडशेक हुआ
06:17हाथ मिलाए गए आज ट्रॉप के साथ प्ये मोदी के दूपक्षिय मुलाकात होनी है इस बैठाग में ट्रेड डील से
06:23लेकर भारतिया ना
06:37है पश्यम एशिया का जो संकट है अब लगबग उसे खत्माना जा रहा है क्योंकि उनिस को हस्ताक्षर हो भी
06:44जाएंगे वर्चुली हस्ताक्षर हो भी कहें माना जा रहा है दोनों देश युद्र खत्म करने पर सहमत हो चुके हैं
06:49तो अब जो वैश्पिक तेल आप पूरत
06:52की संकट है इस पर चिंतन मंतन तो वहीं आज है प्रदान मत्री मोदी और राश्पदी ट्रॉम्प एक बार फिर
06:59से मिलने वाले हैं और इस दोरां दोनों में पश्यमी जो है वेस्ट एशिया की जो हालात है स्टेट और
07:05फोर्म मोज है युएस एनरजी इंपोर्ट है इस पर
07:2120 मिनिट पर ये द्विपक्षिय बाक्षी शुरू होगे
07:51रूस से तेल खरीद जैसे अहम मुद्दों पर बात होगी साथ ही होर्मुझ में अमेरिकी सेना के हमले में तीन
07:57भारतियों की मौत का मुद्दा भी उठेगा
07:59वैसे तो पिये मोदी और डोनाल्ड ट्रम्प की मुलाकातें अक्सर चर्चा में रही हैं
08:04लेकिन फरवरी 2025 के बाद से दोनों देशों के रिष्टे दिन बा दिन तल्क होते चले गए
08:09जी साथ सम्मिट में पिये मोदी ने अंतर राष्ट्रिय संबंधों में बढ़ते भरोसे की कमी पर एक अहम संदेश दिया
08:19उन्होंने कहा कि आज दुनिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती संसाधनों की कमी नहीं
08:24बलकि देशों के बीच भरोसे की कमी है
08:27हालांकि हमेशा ही डोनाल्ड ट्रम्प ये कहते आए हैं कि पिये मोदी उनके बहुत अच्छे दोस्त है
08:31और भारत के साथ डील को लेकर वो काफी उतसाहित है
08:46आज दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि डोनाल्ड ट्रम्प के साथ होने वाली दुए पक्षिय मुलाकात में
08:52पिये मोदी कितनी मजबूती से अपनी बात रखते हैं
08:54आज तक ब्यूरो
08:58जी सेवन समिट के दौरान जब प्रधन मत्यों मोदी और डानल्ड ट्रम्प मिले
09:03तो रिष्टों में पिछले सोला महिनों के उतार चढ़ाव का जो इंपाक्ट है वो देहने को मिला
09:07पिछले साल ऑपरेशन सिंदूर से पहले दोनों की मुलाकात होई थे
09:10और अब फ्रांस में ये मीटिंग
09:21जी सेवन समिट में सब की नज़रें पिए मोदी और डानल्ड ट्रम्प पर टिकी थी
09:26लेकिन जो हुआ वो वैसा नहीं था जैसी उम्मीद लोगों ने की थी
09:29इस मुलाकात से मोदी का सिगनेचर हग गायब था
09:32दोनों नेताओं के बीच साधारन आपचारिक हैंडशेक हुआ
09:35दोस्ती का कोई दिखावा नहीं हुआ
09:37पर्सनल कैमिस्ट्री का प्रदर्शन भी नहीं हुआ
09:39हर हरकत नपी तुली और हर बात सधी हुई
09:43जब प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी राष्ट्रपती डॉनल्ड ट्रम और फ्रांसीसी राष्ट्रपती इमैनुएल मैकरों के साथ
09:50जी सेवन नेताओं की आधिकारिक तस्वीर के लिए पहली पंक्ती में खड़े हुए तो तस्वीर खुद सब कुछ बयां कर
09:55रही थी
10:01दुनिया के लिए संदेश साफ था कि साथ महाशक्तियों के बीच भारत कितनी अहम भूमी का निभा रहा है
10:15समिट से पहले पिएम मोदी ने नेताओं का अभिवादन किया
10:18राष्ट्रा ध्यक्षों और सरकार के प्रमुखों के साथ बातचीत की
10:21लेकिन गौर करने वाली बात ये थी कि डॉनल्ड ट्रम्प की ओर कोई जल्दबाजी नहीं दिखाई गई
10:26कूट नीती की यही सबसे बड़ी बात है कि कभी कभी नेता जो नहीं करते वो भी उतना ही अहम
10:32होता है जो वो सामने करते हैं
10:35इस जी सेवन समिट में गले ना मिलने की घटना ने शायद हैंडशेक से कहीं बड़ा संदेश दिया है
10:41ब्यूरो रिपोर्ट आज तक
Comments