00:06देखिए उभाठा गट के जो यंपीज है उनके अंदर अंदरुनी कुछ तोड गडबर चल रही है ये बात सब मानते
00:15हैं उन्होंने चौदा तारीकों किसी की बैटेक बुलाई थी उसमें कोई खाज़दार अपसेंट थे वो विसी पेते ऐसे कहा जाता
00:22है अब वो कहा है वो
00:24ला पता है वो उनको भी पता नहीं तो उनकी अंदरुनी बाते वो लोगों के ओपर ठोपना चाहते हैं कि
00:32अप्रशनल टैगर हो रहा है अप्रशनल ऐसा हो रहा है अरे आपके खासदारों को आपने संबलना यह जरूरी था वो
00:39आप संबल नहीं पाए। उसके बारेन कोई �
00:42चर्चा नहीं कि यह पहली बार नहीं हो रहा यह हमेशा उनकी नीती रही चुकी है कार्य करता हो को
00:49या तो यह लोग नेता हो को लोग प्रतिनीदों को तुम अच्छे से ट्रीटमेंट तो दो क्या मांगते हो आप
00:56से लेकिन इसी वज़े से शायद वो खासदार उनके साथ रह
01:12संजिती आपने उस समझ में आएगी और विश्वन ने देखा होगा प्रेस में उन्होंने गाली दी अरे वह एक जिल्ले
01:24का नित्रू तो करते हैं बहुत साल के पुराने लोग है इतने साल से काम कर रहे हैं उन्होंने भी
01:30तो उनका जीवन विथित किया इसमें पार्टी में
01:32कि एक दिन में उठके वह यंपी बन गए इस तरीके से उनको गाली देना उनका अपमान करना मुझे लगता
01:41है यह बात ठीक नहीं थी और इसके यह बहुत बहुत दिनों से चल रहा होगा इसका नतीजह यह निकला
01:48कि वह आज खाज़दार उनके साथ में रहना नहीं चाहते
01:51कि एकना सिंदे साब का इस मैटर से मतलब नहीं है हां कलकू अगर कोई खासदार अगर आप बोलते कि
02:01हम आपके साथ काम करना चाहते तो उसको मना नहीं करेंगे लेकिन अभी यह टाइगर अपरेशन हमने कुछ छेड़ा नहीं
02:07है ना हमने कुछ बनाया है
02:16हर कोई कारे करता हर एक कोड़ पार्टी के चुनाओ चिन्दर पर ही चुन के आता है लेकिन इसका मतलब
02:23यह नहीं होता है कि वह आपका गुलाम है
02:26उसका भी एक अपना उपिनियन होता है, अपना एक काम करने का तरीका होता है, उसको साथ में लेके चलना
02:32यह पार्टी के नेताओं का काम होता है, अब पार्टी के नेता ही नहीं मिल रहे हैं, उनको गाली बक
02:37रहे हैं, तो मुझे लगता है यह बात लुक्षे के लिए ठीक न
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