00:00बीजेपी अब उन्छे त्रिये नेताओं पर निर्भर नहीं रहना चाती जिनके सहारे उसने सालों तक जाती है समिकरन सादे हैं
00:07बिहार की राजनीती में एक नया दौर शुरू हो चुका है
00:10मुख्य मंतरी समराच चौधरी बिहार में बीजेपी को सच मुच आत्म निर्भर बनाने में जुटे हुए है
00:17पिछले हफ़ते बिहार विधान परिशत चुनाओं में दस उम्मीदवार निर्विरोच चुने गए
00:23लेकिन सबसे ज़्यादा चर्चा जीतने वालों की नहीं बलकी एक ऐसे नाम की हुई जो लिस्ट में था ही नहीं
00:30ये नाम था दीपक परकाश का जो पुर्व केंद्रे मंतरी और आर एल एम प्रमुक उपेंद्र कुश्वाह के बेटे हैं
00:37मंतरी होने के बापजूद उन्हें विधान परिशत का टिकट नहीं मिला पहली नजर में ये एक सामान राजनीतिक फैसला लग
00:44सकता है लेकिन इसके पीछे बिहार की राजनीती में हो रहा बड़ा बदलाव चिपा है
00:49बिहार में लंबे समय तक बीजेपी को कुछ खास जाती है समूहों तक पहुच बनाने के लिए छेत्रिये नेताओं की
00:56जरूरत पड़ती थी
00:57कुछ वाहा समाज के लिए उपेंद्र कुछ वाहा पासवान वोटों के लिए रामबिलास और चिराग पासवान और दूसरे समाजिक समूहों
01:05के लिए अलग-अलग चेहरे एहम माने जाते थे
01:07लेकिन अब बीजेपी का दावा है कि उसे इन समुदायों तक पहुचने के लिए किसी बिचौलिय की जरूरत नहीं
01:14इस बदलाव का सबसे बड़ा चेहरा हैं बिहार के मुक्यमंतरी समराठ चौधरी सिर्फ मुक्यमंतरी नहीं है
01:22वे कुषवाह समाज से आने वाले कैसे नेता हैं जिनने बीजेपी अब अपने सबसे बड़े OVC चेहरे के तौर पर
01:30पेश कर रही है
01:31यही वज़े है कि जिस कुषवाह वोट बैंक के कारण उपेंद्र कुषवाह वर्षों तक सत्ता के गलियारों में प्रभाब बनाए
01:38रहे
01:38अब उसे समाजिक आधार पर बीजेपी सीधे डावा टोक रही है
01:42बिहार में कुषवाह और कुर्मी समुदाए मिलकर करिब साथ फिजदी से ज़्यादा आबादी का परतिने दूत करते हैं
01:49राजनीती में इसे लवकुष समीकरन कहा जाता है
01:52यही समाजी कट्चोर कभी नितीश कुमार की सबसे बड़ी टाकत हुआ करता था
01:57लेकिन अब बीजेपी चाती है कि यह वर्ट बैंक सीधे उसके साथ जुड़े
02:01और उसके लिए समराज चौधरी सबसे एहम कड़ी बन करो रहे हैं
02:05यही करान है कि दीपक प्रकाश को टिकटना मिलना सिर्फ एक व्यक्ति की अंदेखी नहीं माना जा रहा
02:10बलकि यह संकेत है कि बीजेपी अब सहयोगियों पर कम और अपने निर्थित पर ज्यादा भरूसा कर रही है
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