00:00क्या हो अगर आप इतिहास की किताब खोलें और उसमें इतिहास वही हो लेकिन तस्वीर बदल दी गई हो
00:06क्या हो अगर 4500 साल पुरानी एक विश्व परसिद्ध मूर्ती जिसे पूरी दुनिया उसके असली रूप में जानती है
00:12अचानक स्कूल की किताब में बदल कर दिखाई जाए और सबसे बड़ा समाल
00:17क्या बच्चों को इतिहास पढ़ाया जा रहा है या इतिहास को बच्चों के साब से बदला जा रहा है
00:23नमस्कार मैं हूँ पूजा मरुत्रा और आज बात एक ऐसे विवाद की जिसने शिक्षा जगत इतिहास कारूं और कला विशेशग्यों
00:30के बीच नई वहस शेर दी है
00:33विवाद देश की सबसे बड़ी स्वैक्षा निक्संस था एंसी आर्टी से जुड़ा है और इस साल एंसी आर्टी की कितावें
00:39लगातार विवादों में बनी वहीं हैं
00:52मामला है सिंदुघाटी सभिता की सबसे परसिद्ध पैचानवानी जाने वाली डांसिंग गर्ल मूर्टी का
00:59कड़ी 4500 साल पुरानी एकांस प्रतिमा मुहन जोद्रूग से मिली थी आज भी नई दिल्ली के राश्प्रे संग्राले में सुरक्षित
01:08रखी हुई है
01:08सिर्फ 4 इंच उची इस मूर्टी को भारतिय पुरा तत्तो की सबसे परतिस्टित खोजों में गिना जाता है
01:15इस आकिति को अनेक चूरियों और अनेक हार के अलावा निर्वस तरूप में दिखाया गया है
01:22लेकिन NCRT की नई कक्षा 9 की कला सिक्षा की किताब मधुरीमा में इस मूर्टी के मूल सरूप के साथ
01:30छिर छार की गई है
01:31किताब में प्रकाशित तस्वीर में मूर्टी के उपने शरीर को इस तरह से शेट किया गया है
01:37कि देखने पर ऐसा लगता है जैसे उसने पपड़े पहन रखे हो
01:41यानि जो मूर्टी हजारों सालों से अपने मूल रूप में जानी जाती रही
01:46उसे किताब में एक बदले रूप में पेश किया गया है
01:49और यही से विवाज शुरू हो गया
01:51क्योंकि यह पहली बार है कि जब किसी एतिहासिक प्रतिमा के स्वरूप को ही बदल दिया गया है
01:55दिल्चस्प यह है कि पिछले लगभग 25 वर्षों से
01:59NCRT की अलग-अलग किताबों में यही मूर्ति अपने अलग-अलग रूप में छपती रही है
02:04चाहें किंड में किसी भी पार्टी की सरकार रही
02:07इतिहासकारों का सवाल है कि आखिर अब ऐसा क्या बदल गया कि तस्वीर को बदलने की ज़रूरत पड़ गए
02:13प्रसिद्य इतिहासकार मिशेल डैनिनो ने इस बदलाव पर कड़िया पती जटाई
02:18उनका कहना है कि यह सिर्फ तस्वीर का बदलाव नहीं है बलकि इतिहास के साथ छेड़ चाड़ है
02:23डैनिनो के मुताविक किसी एतिहासक कलाकिरती के रूप और मूल स्वरूप को बदलना चात्रों के साथ अन्या है
02:31उन्होंने सवाल उठाया कि अगर बच्चों को यह मूर्ती नहीं दिखानी है तो क्या उन्हें राष्ट्रे संग्राले से भी जाने
02:38से रोका जा सकेगा
02:39जहां ऐसी कई मूर्तियां मौजूद हैं इतना ही नहीं उन्होंने एक तरहे की सिंसर्शिप तक बता दिया इसे
02:45उनका कहना है कि इतिहास को उसकी वास्तविक्ता के साथ पढ़ाया जाना चाहिए ना कि उसे आधनिक नैतिक्ता के इसाब
02:52से बदल कर
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