00:17आज़े के दावर है तोस्त ये मंज़र के उन्हें
00:32आज़े के दावर है तोस्त ये मंज़र के उन्हें जबर सेंदे हर इक हात में पढ़े क्यों आज़े के आज़े
00:58के आज़े
01:00आज़े के दावर है तोस्त ये मंज़र के उन्हें
01:13आज़े के दावर है तोस्त ये मंज़र के उन्हें
01:37जब हकीकत ने के हर जरी तु रहताए तोस्त ये मंज़र के दावर हात में पढ़े के दावर इन्हें
02:07कही मज़्य कही मन्दर क्यों है
02:17जखम हर सेंपे हर इक हाल करें
02:25प्थर क्यों है आज के ताव में
02:34यह कुल दोस्त यह मन्जर क्यों है
02:45कर दो कर दो
03:12अपना अंजामत मालून है
03:18सब को फिर अपना अंजामत मालून है
03:35सब को फिर अपनी नजरों हर इंसा
03:47सिकंदे क्यों है
03:50सत मुहर संद
03:54अर कहा वाद मैं
03:58पत्थे क्यों है
04:02आप जो फिर आपना अंजामत मालून है
04:08आपना अंजामत मालून है
04:41सिंदे की जीन
04:47कावरी नहीं अब फाके
04:59जिंदेगी जीन के कावरी ने
05:07अब फाके वे नहर आख में अश्कों
05:17समन्दे क्यों है
05:24समर से पे अर कहाद में
05:32पत्थे क्यों है
05:36आज के दार
05:43आपके offense
05:47लुँका बाता है
05:49मेर diff़ खंदे के मेर के चार सुन
05:52समर अब चार कल्का ऩॉर
05:55इना कि दुषए सत्क्राइक
06:01झाल
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