▶ Introduction
After an unexpected twist of fate brings two strangers together, their lives become deeply connected in ways they never imagined. Despite misunderstandings, challenges, and emotional struggles, they gradually develop a special bond that changes their lives forever. As destiny continues to test their relationship, they discover the true meaning of love, trust, and companionship. Will fate keep them together, or will circumstances tear them apart?
➣ Drama: When We Met by Fate (Hindi Dubbed)
➣ Total Episodes: 05
➣ Genres: Romance, Drama, Comedy
➣ Country: China
#WhenWeMetByFate #HindiDubbed #CDrama #Romance #Drama #ChineseDrama #LoveStory #TrendingDrama #AsianDrama #DramaSeries
After an unexpected twist of fate brings two strangers together, their lives become deeply connected in ways they never imagined. Despite misunderstandings, challenges, and emotional struggles, they gradually develop a special bond that changes their lives forever. As destiny continues to test their relationship, they discover the true meaning of love, trust, and companionship. Will fate keep them together, or will circumstances tear them apart?
➣ Drama: When We Met by Fate (Hindi Dubbed)
➣ Total Episodes: 05
➣ Genres: Romance, Drama, Comedy
➣ Country: China
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00:18पोस्पाटम की रीपोर्ट किया है ?
00:20सब कुछ कन्फिर्म कर लिया है ना जी हाँ बिल्कुल सब कन्फिर्म कर लिया है रेपोर्ट के मताबिक ये पता
00:25चला है कि उनका इलाज समय पे नहीं हुआ मीडिया से बचने के लिए ब्रेंड हैमरिज का बता आ गया
00:30है
00:47अगर मुझे पता चला के इलाज में किसी ने कोई गरबड़ी की है और तादा जी का कतल किया है
00:54तो मैं उसे सिंदा नहीं छोड़ूँगा
01:01साल से महीना, महीने से दिन, दिन से घंटे और घंटे से मिनिट और ये हो गया
01:25क्या देख रही हो बताओ मुझे
01:44मुझे सौ रुपे चाहिए कृपिया आप मुझे देंगे
01:50ये पागल कहां से आ गई है, जो मालिक सहाब के अंतिम संसकार में पैसे मांगने आई है
01:54बाई लियू, बहार निकालो इसे
02:01देखो लड़की, ये बुजरुक के अंतिम संसकार का वक्त है
02:04क्रिपया यहां से चली सो
02:06आपकी समस्या, मैं हल कर सकती हूँ
02:08कितनी हसी की बात है, तुम तो अपना नाम तक नहीं बताती
02:11क्या तुमें लगता है कि हम शैंक परिवार वाले सारे बेवकूफ है
02:14बाई लियो, निकालो यहां से
02:17बाई लियो, उसे दो
02:19यंग मास्टर
02:20मुझे तुबारा कहने की जरुवत ना पड़े
02:22जी ठीक है
02:43पैसे जमा हो गए
02:44अब मैं आपको बता सकती हूँ
02:46ताबूत में जो शक्स बढ़ा है
02:47तो जिन्दा हो सकता है
02:50क्या?
02:51क्या?
02:52ये कैसी बाते कर रहे हो?
02:54बुजरू को कर रात अचानक
02:56ब्रेन हैमरिश का अटैक हुआ था
02:57जिसकी वज़ा से वो मर गए
02:58पोस्मार्टन रिपोर्ट में सब कुछ साफ लिखा हुआ है
03:02ठीक का, कैसे नहीं मरे ये
03:04शेन बुजरू के निधान वाले दिन
03:06हम सबने अपनी आखों से देखा था
03:08अगर वो नहीं मरे हैं
03:09तो आज तक क्यों नहीं जागे?
03:11ठीक का, अपनी बकवास तुम बन करो
03:13इसे यहां से फौरण बहार निकाल दो
03:15ताके बुजरूग की आत्मा को शांती मिले
03:17ठीक का
03:19यकीन नहीं है तो
03:20खुद ताबूत खोल कर देख लो
03:22लेकिन क्यों, बताओ
03:24क्या तुम अभी भी इसे यहां से नहीं निकालोगे
03:26तुम्हारे दादा जी अभी गए है
03:28इनकी राख भी अभी ठंडी नहीं हुई
03:29इस पागल वरत को इनकी बेतती करने दे रहे हो
03:32ये शब बोलने की तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई
03:35ये बिलकुल अपमान है
03:36आगर तुम चाहती क्या हो
03:38ज्यादा मत बोलो, बाई लियो बहार निकालो इसे
03:40ये बीबी
03:42मेरी तादा जान अभी अभी चले गए
03:44और मुर्दा लोगों का मजाख नहीं उड़ाया चाता
03:53मजाख नहीं उड़ा रही
03:54ये जिन्दा हो सकते है
03:56कैसे साबित करोगी
03:59मैं साबित कर सकती हूँ
04:01इन्हें ब्रेन हैमरिज नहीं हुआ
04:02बलके इन्हें हार्ट अटेक हुआ है
04:04वो भी किसी बात को लेकर
04:08तुम ये कैसे जानती हो
04:10इसके इलावा
04:11बुजर्ग के मरने की ख़बर
04:12ये जब मरे तूस वक्त 9 बज रहे थे
04:15क्या बताओ
04:17मैंने ठीक नहीं कहा
04:19के इनकी 9 बजे तब ये बिगड़ी
04:24सच बताओ तुम कौन हो
04:25तुम्हें ये सब बाते कैसे पता
04:27मेरा हाथ छोड़ो
04:31माफ करना
04:34क्या तुम वाकिए में
04:36दादा जान को बचा सकती हो
04:38बिलकुल
04:39क्या तुम पागल हो गयो
04:41तुम्हारे दादा जी सबसे ज़्यादे तुम से प्यार करते थे
04:43उनके मरने की तुरंद बात
04:45तुमने ऐसा गाम करने का कैसे सोचा बताओ
04:48शैंक परिवार ने तुम्हें इतने साल पालज का
04:50ये बता दे रहे हो तुम
04:52अजीब बात है
04:53आप मुझे रोग क्यों रही है
04:54हो सकता है आपको किसी बात का डर हो
05:00देखो
05:01तुम इस पागल औरत की बातों में मताओ
05:03तुम्हारे दादा जी
05:04अचानक चले गए
05:06मैं चाहती हूँ कि वो अराम करें
05:08और अपनी आखरी जगा पहुच जाए
05:10तो आप ये चाहती है
05:13जब किसी को ये पता चलता है
05:15कि उनका प्यारा
05:16मरा नहीं जिन्दा है
05:18या उससे फिर से जीवित किया जा सकता है
05:20तो वो खुश हो जाता है
05:21लेकिन यहाँ तो बात ही कुछ और है
05:25मैयत को जलाने की जल्दी है
05:27सबूत मिट जाए इसलिए
05:28जूट मत बोलो
05:29कल रात बुदरुक कैलाज करने के बाद भी
05:32पूरे शेंक परिवार ने देखा
05:34तुम पैसो के चक्तर में मुझे जूटे आरोप लगा रही हो
05:38देखो तुम इसकी बातों में मत आना
05:40समझ गए
05:43मैडम जूट आप बोल रही है
05:44अगर आप सेच बोल रही है तो ये बताए
05:47आखरी बार इन से कौन मिला था
05:50आप थी न
05:51बाई लियू
05:55यंग मास्टर
05:57CCTV फोटेज के मताबिक
05:59बोजर्ग से आखरी बार मिलने वाली यही और थी
06:03जिन सिंग मेरी बास सुनो
06:04आखरी वक्त में तुम्हारी माही ये तादर जी से
06:07अगर आपने कुछ भी नहीं किया और आप बेगोना है
06:08तो आप खबरा क्यों रही है और इसे रोग क्यों रही है
06:12अच्छा
06:13आज तुम इसकी बात मान लो
06:14ये ताबूत खोलना चाती है न
06:17खोलने दो इसे
06:18लेकिन मैं अपने सुसर जी के साबने शर्मिनता हूँ
06:21तो मुझे भी
06:22भर जाने तूँ हूँ
06:24वस रोगो
06:27बुज़ुक साब आप अभी गए है
06:30और इस नादान अलाद ने सब के साबने बेज़ती कर दी
06:35इनोंने मेरी बात नहीं सुनी
06:37मैं नहीं रोग पाई
06:43क्या आप ताबूत खुलवाएंगे
06:48नहीं
06:48मुझे मन्जूर नहीं
06:53मानती हूँ
06:55मेरी बात पर यकीन करना काफी मुश्कल है
06:58लेकिन मैं सेच कह रही हूँ
07:00मेरे एक सवाल का
07:01आप लोग जवाब दे
07:02ताबूत में से बद्बू क्यों नहीं आ रही
07:04ये कैसा कारण है
07:05लाश ठंडे ताबूत में रखी गई है
07:07मन्डप पर भी एर कंडिशनल चल वाँ है
07:09तो बू कैसे आएगी
07:10अजीब बात है
07:11बद्बू तो आनी ही चाहिए
07:16मढने के बाद
07:17दो घंटे के अंदर ही
07:18बद्बू आना शुरू हो जाती है
07:19शरीर सक्त हो जाता है
07:21चमड़ी का रंग उड़ जाता है
07:22फीका पड़ जाता है
07:23लेकिन यहां ऐसा कुछ क्यों नहीं हुआ
07:26उसने ऐसा कहा तो लगता है वाकि नहीं हुआ
07:28क्या वो वाकि सही कह रही है
07:30बुजरू वाकि नहीं मने
07:31अगर इस तरह ही सोचते रहे
07:33तो 24 घंटे गुजरने के बाद
07:34कोई देवता भी नहीं बचा पाएगा इने
07:36वाई लू
07:38नहीं इस ताबूत को मत खोलना
07:40देखो अगर यह ताबूत खोला तो मैं यहीं मर जाओंगी
07:44छोड़ा मुझे
07:46शेंग बच्ता होगे तुम
07:48महुत बच्ता होगे
07:52सब लोगों को यहां से भेजो
07:54मैं इन्हें बचाओंगी ठीक है
07:56चलो सब लोग बाहर चलते हैं हाँ चलो
08:04शुरू करो
08:24यह तो दुनिया का परपल गोल ब्लड है
08:27लेकिन नहीं
08:28इस ब्लड वाले शक्स की
08:30कुडली में राजा योगा होता है
08:31फिर यह तने कमजोर कैसे
08:34कैसे हुआ
08:35क्या आप मेरे दादा जी को बचाना शुरू करोगी
08:40तुम्हार थोड़ा सा खून चाहिए
09:08कोई असर क्यों नहीं हो रहा
09:13दादा जान
09:15दादा फीक हो गए
09:20दादा जान
09:20दादा जान
09:24यह सबाकर हो क्या रहा है
09:26तुमने वादा किया दद तुम उन्हें बचा लोगी
09:28तो फिर वो जाक क्यों नहीं रहे
09:30इंतिजार करो तुम्हारे दादा जी उठ जाएंगे
09:39दादा जान
09:45बाई ल्यू
09:47इससे पकड़ लो
09:56कौन है जो मिल जान बचाने वाले को हाथ लगाने की हिम्मत करता है
10:11दादा जान
10:13बाई लियो दादा को चेक अप के लिए ले जाओ
10:16जी ठीक है
10:18कौन है ये
10:21ये अरत तो बिलकुत सैच के रही थी
10:23किसी ने दादा जान को वागी में चान बोच कर मारा था
10:26मैं तुम्हारा बेहर शुकर गुजार हूँ
10:29बहुत शुक्रिया तुम्हारा
10:30इसकी ज़रूरत नहीं
10:31मेरा फर्स था
10:32और मुझे इसके पैसे भी मिल गए
10:35तुमने अपना नाम नहीं बताया
10:37मेरा नाम
10:38जिशी है
10:47येंग मास्टर
10:48मैंने डॉक्टर से मालिक का पुरा चेक अप करवा लिया है
10:50सब नॉर्मल है
10:53अच्छा है
10:54इसके इलावा पता करो
10:55कि ये औरत आखिर थी कौन
10:57उसने कहा
10:59उसका नाम जिशी है
11:02जिशी
11:07आपको पता है
11:07माहर विद्य जिशी वही होते हैं जिनको
11:10हर बीमारी के बारे में तुरण पता चल जाता है
11:13समझ नहीं आ रहा
11:14माहर विद्य जिशी के लटकी
11:15विश्वास नहीं हो रहा मुझे
11:22मास्टर
11:23ये कैसे हुआ
11:27ये क्या, क्या वाके वो मेरी चोट को पल भर में भर सकती है
11:31ये की नहीं हो रहा, वो माहिर विद्या है
11:51पेटी, मेरी हर विद्या को तुम सीख चुकी हो, आप तुम चाह सकती हो
11:57आगे की जिन्दगी में कोई ऐसा मिल जाए जिससे तुम्हारी तक्दीर चुड़ी हुई हो, तो तुम सदा सुखी रहोगी
12:05गुरू जी, ये तक्दीर क्या होती है?
12:08तक्दीर का मतलब ये है, कि एक साथ जीना होता है, और एक साथ मरना, एक की हार, सब की
12:14हार
12:16मैं तुम्हें एक खास किसम की घंटी देता हूँ
12:20अगर तुम्हारे रसीब में उसका मिलना लिखा होगा, तो ये घंटी खुद बजू ठेगी
12:30ये आज पहली बार बजी
12:32इसका मतलब, क्या वो मिल गया जिसकी मुझे तलाश थी? क्या उसकी तक्दीर मुझसे जुड़ी है?
12:59कौन है वो? ऐसी पी क्या है जो सारा पलेवारिस का वेटकर है?
13:02देहाती लड़कियों में तो संसकार ही नहीं होते हैं
13:05तुम जैसा तो कोई भी नहीं, पड़ी लिखी हो तुम, उपसूरत भी हो, कोई भी पसंद कर लेगा
13:11क्या? वो काफी अरसे से खोई हुई थी, मुश्किल से वापस आईए, तुम दोनों ज्यादा मत बोलो
13:21अरे मेरी बेहन, तुम आखिरकार वापस आ गई, सब वेट करे थे तुम्हारा, किसी ने कुछ खाया पिया भी नहीं,
13:27कहीं दुबारा तो नहीं जाहोगी तुम
13:29बात सुनो, तुम से मेरा कोई रिष्टा नहीं
13:33बेटा, ऐसा तो मत बोलो, ये तुम्हारी बेहन है, इस तरह बात मत करो
13:37इससे बड़ी हूँ मैं, तो ये मेरी बेहन कैसे बन सकती है?
13:41अच्छा बेटा, तुम दीदी हो उसकी
13:44इतने साल बात, तुम्हें देखकर बहुत अच्छा लगा मुझे
13:48बहुत याद किया हमने तुम्हें, अब तुम आ गई हो ना, अब हम सब मिलकर तुम्हारा खयाल रखेंगे, सही कहा
13:53ना
13:54मेरी बेहन, मुझे तुम्हारी बहुत फिक्र होती है, तहाना मत बोलो, नहीं तो आवास गाइब कर तुम्हीं
14:07अरे बेहन, तुम्हारी बेहन में कितनी अजीब अचीब से चीज़े रखी है
14:11देखो जरा, अब भला आखिर तुम्हें इसका क्या काम है, कितना अशुब है ये
14:16मैं फेग देती हूँ इसे, लाओ दो
14:22ये कैसे पहना, देखो इसे बिल्कुल नहीं छुदा
14:28देखो, तुम्हें कुछ चाहिए तुम्हें दे सकती हूँ, लेकिन ये नहीं दे सकती
14:32इसे एक माहिर विद्या जिशी ने बनाया है और ये रक्षा कबच है
14:36अरे बेटा, ये तुम क्या कर रही हो, ये बहुत नहींका बनवाया है हमने
14:40तुम ऐसा कैसे कर सकती हो, तुम्हारी बेहन है ये, थोड़ा फयाल करो
14:45अगर ये तुम्हारा है, तो बताओ ये माहिर विद्या जिशी का बनाया हुआ है
14:49हाँ, उन्होंने ही बनाया है, वो खास शक्स के लिए ही बनाते हैं ये
14:52और इसकी कीमत पूरे एक लाग रुपए है
14:54ये बिल्कुल सच बोल रही है, लेकिन तुम ये क्यों पूछ रही हो, कोई बात है क्या बेटा
14:58अगर ये तुम्हे इतना ही पसंद आ गया है तो तुम भी पहन सकती हो इसे, वैसे भी आपस में
15:04बहने हो
15:05रुख जाओ, अगर तुम्हें ये कवच पसंद है, तो मैं किसे दिन तुम्हें माहिर विद्या जिशी के पास ले जाओ
15:12और तुम्हारे लिए बनमाऊँगा
15:13आपको लगता है कि मुझे ये पसंद है
15:16नहीं तो और क्या
15:17तुम्हें पसंद नहीं, तो फिर छीन क्यों रही थी
15:20ये एक बेकार सी चीज है बिलकुल नकली
15:22ये कभी भी माहिर विद्या जिशी का बनाया हुआ नहीं हो सकता
15:28देखो बेहन, पहले तुम दिहाद में रहते थी
15:30तुमने ऐसी चीज नहीं देखी होगी
15:32इसलिए मैं तुम्हें कुछ नहीं कहती
15:33और इंसान अंजान हो सकता है, इतना बेवकूफ नहीं हो सकता
15:37तुम कहती हो ये नकली है क्या सबूद है तुम्हारे पास
15:39बेटा, तुम ये बात कैसे कह सकती हो जबके तुम्हें कुछ भी मालूम नहीं
15:43ये असलिए कवच है
15:44हाँ, मैं समझ गई
15:46तुम चाहती हो कि ये रक्षा कवच में तुम्हारे हावाले करतो
15:49इसलिए तुम बहारे बना रही हो
15:51देखो बेटा, अगर तुम्हें ये चाहिए
15:54तो जूट तो मत बोलो
15:55जूट बोलना बहुत बुरी बात है
15:59तुम्हारी मा का ही कुसूर है
16:00उन्हीं से सीखा होगा ये सब
16:02अब आ गई हो ना मैं सब सिखातूंगी
16:04यकीन नहीं तो, मैं सबूट दे सकती हूँ
16:06तुम कैसे सबूट दोगी?
16:08क्या तुम किसी माहे विद्या जिशी को
16:10यहाँ पर बुला सकती हो?
16:11अगर तुम बागई मिलना चाहती हो
16:13तुम बलवा सकती हूँ
16:15कैसी बाते कर रहे हो बेटा?
16:17बहुत हुआ
16:18देखो बेटा, मैं तुम्हारी मदद करूँगा
16:20जब तुम्हें ये कवच इतना पसंद है
16:22बेटा, तुम ये कवच उतार दो
16:24ये कवच कुछ दिनों के लिए इसे देदो
16:26जब मन भढ़ जाये तो वापस ले लेना
16:29क्या?
16:30नहीं, ये आप क्या कह रहे हैं?
16:32ऐसा कैसे हो सकता है?
16:34ये कवच इसके लिए माहिर विद्या जिशी ने नहीं बनाया है
16:37मैंने फैसला कर लिया है
16:38ये, उतार कर इसे देदो
16:40पापा!
16:41क्या हो गया है आपको?
16:43कैसी बाते कर रहे हैं?
16:44ऐसा कैसे हो सकता है?
16:47उतारो इसे, मजबूर मत करो
16:50मेरी बात तो कोई नहीं सुनता यहां
16:52मैं कह रही हूँ
16:54ये कवच मेरी बेटी के लिए बनाया गया है
16:56लेकिन इस देहाती लड़की को ज़रा भी खयाल नहीं
16:59तुम मेरी बेटी का कवच इसे कैसे दे सकते हो?
17:02लड़े मत
17:09कहीं तुम पागल तो नहीं हो गई?
17:13लगता है कि तुम अब पूरी ही पागल हो गई
17:14मैंने तुम्हारा क्या बिगा रहा था?
17:16मैंने तुम्हें बताए बिठा कि ये चीज़े मेरे लिए कितनी अहम है
17:19तुम आखर क्यों ये सब
17:20सुतेली हो तुम दिखा दीना अपनी असलियत
17:22अभी अभी घर आई हो और चीज़े चिनने लगी
17:25तुमने इसका रक्षा कवच क्यों तोड़ा?
17:27गलती की मैंने तुम्हें अपनी बेटी कहा इस लाइट नहीं हो तुम
17:30तुम आखर चाहती क्या हो?
17:33क्या मैंने तुम से ये रक्षा कवच देने कलिए नहीं कहा था?
17:40देखा नकली है
17:41अभी अपनी बात पर अड़ी हो
17:44तुम्हें तुम्हें?
17:49यंग मास्टर पता चला है कि जिस लड़की ने बुजर्ग की जान बचाई थी उसका नाम नुवान है और उसका
17:54तालुक जियो फैमिली से है
17:57भाई लियो तो फे तयार करो और फॉरन उसकी परिवार की पास जा और जा कि उनका शुक्रिया दा करो
18:01ठीक है
18:03जानती भी हो उनका बनाया हुआ कवच लाखो का होता है इस बारे में तुमने नहीं सोचा कि वो इतना
18:08महंगा क्यों होता है
18:09वो इसलिए क्योंकि वो उनकी हाथों से बना होता है
18:13सही, उनका बनाया हुआ रक्षा कवच इसलिए महंगा होता है
18:17क्योंकि उसमें बनाते वक्त वो अपनी खास चीजें शामिल करते हैं
18:21और उसमें मोती भी होता है
18:23लेकिन तुम्हारे इस कवच में कोई भी ऐसा मोती नहीं है
18:26क्या, ये कवच नकली है, इसमें बोती होता है
18:30हाँ, इसमें तो कुछ भी नहीं है
18:32सच बताओ, तुमने असली रक्षा कवच कहा पहिग दिया
18:46मैंने कहीं नहीं फेका और मुझे कुछ नहीं बता
18:49तुम्हें नहीं पता, तो ठीक है मैं पता लगाती हूँ
18:52देखते हैं कहा है, इंतिजार
19:02साल से महीना, महीने से दिन
19:06किसी आत्मी को दिया था तुमने
19:09देखें, पापा कुछ नहीं पता चलने चाहिए कि रक्षा कवच
19:12किसको दिया है मैंने
19:16आ, नानान, मैं सब मता दूँगी
19:19पर तुमने मुझे चोट क्यों पहुच आई
19:20दिखाओ, ये क्या किया तुमने
19:22जब ये कवच के बारे में बता रही थी
19:25तो तुमने इसे मारा क्यूँ
19:27बात सुने, जल्बी आ यहाँ
19:29मेरी बेटी के हाथ पर पट्टी बांदे
19:31देखो बेटा, तुम्हें शायर समझ नहीं आ रही
19:34जित मत करो
19:36मैंने ही तुमसे ये रक्षा कवच देने का वादा किया था
19:38फिर तुमने क्यों बेहन का रक्षा कवच तोड़ दिया
19:41और उसे नुकसान पहुचाया
19:42अब जाकर दिहान से सोचो, अपनी गलती को
19:45मगर क्यों, मैंने जानकर नहीं किया ये
19:47बहुत ही बत्तमीज हो तुम
19:49ये ले, सजा के लिए कुछ ले आओ
19:56अब देखती जाओ
19:58तुम्हें कैसे सजा देती हूँ मैं
20:05शेंग परिवार की तरफ से
20:06ये तमाम तहाइफ नुवान के लिए लाए गये है
20:08जिसमें है आला पर्पल गोल्ड
20:10और एक सोने से भरा संदूग भी है
20:13मुझे अमीद है के ये तमाम तहाइफ
20:14जियो नुवान को जरूर पसंद आएंगे
20:22त्याउन शेंग के पहले परिवार, शेंग परिवार
20:27देखो शेंग, शायद आपसे भूल हो गई
20:30हमारा परिवार आपके परिवार से कभी नहीं मिला
20:32तो फिर आप हमारे साथ ऐसा क्यों कर रहे हैं
20:35इसकी खास वज़ा है
20:36आपकी बेटी ने मेरे प्यारे दादा जान की जान बचाई है
20:41क्या?
20:43शेंग बेटा, लगता है आपको कोई गलत फहमी हुई है
20:46ये तो आज़ी वापस आई है
20:48तो इसने आपके दादा जी की जान कैसे बचा ली?
20:51आपको गलत फहमी हुई है बेटा
20:53आप बिल्कुल शेंग बाबो
20:54दर असल वो शुरू से ही दिहात में रहती थी तो
20:56इसलिए उसने ऐसे अरकते की है
21:01आप यहां क्यों आए है
21:02देखो बेटा
21:03ये परिवार सबसे बड़ा परिवार है
21:05इन से दुश्मनी नहीं ले सकते
21:07ये चीज़े आप वापस ले जाए
21:08मैं नहीं ले सकती
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