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  • 2 days ago
भीषण गर्मी में बेजुबान जंगली जानवरों और पक्षियों के लिए बिहार के गया के पिता-पुत्र मसीहा से कम नहीं हैं. पढ़ें सरताज अहमद की रिपोर्ट.

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Transcript
00:05भीशन गर्मी में इनसान तो इनसान बे जुबान पशु पक्षी भी बूंद बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं
00:13ऐसे में गया जिले के खंडेल गाउं के 60 वर्षिय शोयव खान और उनके बेटी फैयाज खान इन बे जुबानों
00:21के लिए मसीहा से कम नहीं है
00:23पिता पुत्र पिछले चार सालों से हर सुबह उठकर पक्षियों और जंगली जानवरों की सेवा में जुट जाते हैं
00:33इन्होंने अपने घर की दीवारों पर मिट्टी और लकडी के खरीब सो छोटे छोटे बर्ड हाउस बनवाए हैं
00:42आज इनके घर में तरह-तरह के पक्षियों की चह-चहाट सुनने को मिलती है
01:08इतना ही नहीं ये दोनों जंगली जानवरों के लिए जगह-जगह पानी के ड्रम रखते हैं
01:16और सुखी नदियों में गड़े खुदवा कर पानी का इंतजाम करवाते हैं
01:22ताकि उनकी प्यास भी बुझ सके
01:25फैयाज अन्य लोगों से भी इनकी रक्षा करने की अपील करते हैं
01:34अब तरह से हम लोगा सौक और बढ़ते हैं इसके इसका मतब देख रहें करने लगें लोग बच्चे भी काफिदेख
01:41रहें करें सकता हैं
01:46मैं तो समाज को दे रहे हैं कि जिस तरह से हम लोग यह सब कर रहे हैं
01:49तो आप लोग भी देख रह ठीजेए इसको अच्छा से पर्छा हमारे यह nesse मिलेगा यह से
01:57कव्या हो गया मैना हो गया
01:59It has been a little bit of water and a little bit of water.
02:04We look at the new ones.
02:09Shoaib Khan and his son, Fiyaz Khan,
02:13are working for some kinds of food and water.
02:18They have built a house for their whole house.
02:20They have built a house for their homes.
02:25They have built a house for their homes.
02:29हैं और खास्त और से वह गर्मी के दिनों में जो है गाओं गाओं जाकर पानी की विवस्था करते हैं
02:36ओर साल चित्र जो सुखा ऐसी लागा हलाता है और जहां पर पानी की विवस्था
02:45करते में आय। हो भारत के लिए ग्याजि से शता हैं
02:48parti
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