00:00कहते हैं हर काम्याब इंसान के पीछे एक कहानी होती है कहानी एक शंघर्ष की कहानी एक काम्याबी की कुछ
00:12ऐसी ही कहानी है लोहरदगा जिला के सेनहा प्रखंड के सिठियो गाउं के रहने वाले महज 26 साल के रुपेश
00:21कुमार शाहू की
00:22जब उन्होंने अपना वैपार शुरू किया था या कहें कि शुकर पालन का कारिय शुरू किया था तब उनकी उम्र
00:31महज 17 साल थी
00:33लोग मजाक उड़ाते थे कहते थे पढ़ने लिखने की उम्र में यह वैपार करने जा रहा है इसका तो विफल
00:42होना तय है
00:43पैसा आखिर कहां से लाएगा कैसे काम करेगा आज उन तमाम सवालों का जबाब रुपेश ने अपनी सफलता से दे
00:52दिया है
00:53रुपेश की नाम की पहचान लोहरदगा ही नहीं बलकि आसाम नागालेंट तक है
01:16स्रीठियों के रुपेश कुमार साहो वो भी सुकरपालन के छेतर में बहुत ही आगे बढ़ चुके है
01:22उनसे भी प्रेर्णा लेने की आव सकता है आप जाके उसे देख सकते हैं सीख सकते हैं
01:30मैं भी वहाँ जा चुका हूँ हम भी जाके वहाँ देखे हैं और देखने के बात मुझे भी वहाँ से
01:36प्रेर्णा मिला है
01:37We are not going to lose our life. We are trying to get back to our life. We are trying
01:45to get back to our lives. We are trying to get a good price.
01:51Thank you very much.
02:21Thank you very much.
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