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  • 5 hours ago
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने अपनी ही फिल्म के गाने पर बनाई पुलिस फोर्स!

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00:00क्या आपने कभी सोचा है कि किसी फिल्म का गाना एक दिन सरकारी नीती बन जाएगा?
00:05जो शब्द कभी सिनमा घरों में तालियां बजवाता था, जो लाखों लड़कियों के लिए होसले का गीद बन गया था,
00:12वही शब्द अब पुलिस की वर्दी पहनकार सडकों पर नज़र आने वाला है, और ये सब हो रहा है तमिलारों
00:19में,
00:19विजे थल्पती बिल्कुल फिल्मी स्टाइल में हर उस नियम को अपने कारेकाल में उतार रहे हैं,
00:26जिससे सोसाइटी में बढ़लावा सकता है, जैसा उन्होंने फिल्मों में बहुत पहले किया था,
00:31साथ साल पहले जब सीम विजे साहब हीरो थे, तब विजे एक फिल्म के हीरो बने और फिल्म बिगल रिलीज
00:39हुई थी,
00:39फिल्म में विजे एक फुटबॉल कोच बने थे, जो लड़कियों को समाज की बंदिशों से लड़ना सिखाते हैं,
00:46फिल्म का एक गाना था सिंगापिन ने, दो शब्दों से मिल का बना ये शब्द का अर्थ है, शेरनी, बहादूर,
00:54सासी और मजबूत मेला, हाला कि ये एक फिल्म का गाना था,
00:57लेकिन ये गाना मैला सशक्तिकरन का एक एंथम बन गया, जिस स्कूलों, कॉलेजों और सोशल मीडिया पर ये गाना लड़कियों
01:05के आत्म विश्वास का प्रतीक बना, लेकिन अब कहानी में एक नया ट्यूस्ट आ गया है, क्योंकि फिल्मी परदे का
01:11वही सिंगापिन ने,
01:12अब तमिल्नाडू सरकार की एक आधिकारी की संस्था बन चुता है, मुखिमंत्री बनने के बाद विजय ने जिन शुरुआती बड़े
01:19फैसलों पर हस्ताक्षर किया, और में से एक था सिंगापिन ने, स्पेशल टास्क फोर्स का गठन, एक ऐसी विश्रेश यूनिट
01:27जिस
01:42जागरुकता अवियान भी शलाएगी, लेकिन लोगों की नजर में इस फोर्स के काम से पहले उसके नाम पटेंग गई है,
01:51क्योंकि यह कोई सरकारी शब्द नहीं, यह सीधे विजय की फिल्मी दुनिया से निकला हुआ नाम है, यही वज़ह है
01:57कि समर्था किसे एक बड़े स
01:58संदेश के तोर पर देख रहे हैं, उनका कहना है कि विजय ने फिल्मों में जिस मैला सशक्तिकरन की बात
02:05की, अब उसे सरकार के जरिये जमीन पर उतारने की कोशिश कर रहे हैं, यानि जो सपना कभी फिल्म की
02:12स्क्रिप्ट में लिखा गया था, उसे अब सरकारी फाइलों मे
02:15जगें मिल रही है, हाला कि हर कहानी का दूसरा पक्ष भी होता है, आलोचकों का कहना है कि मैलाओं
02:21की सुरक्षा के लिए पहले से कई पुलिस यूनिट मौजूद हैं, ऐसे में सवाल ये है कि क्या ये नई
02:27टास्क फोर्स वास्तवे कुछ अलग कर पाएगी, या फिर सिर्फ
02:31एक आकर्शक नाम वाली घोशना बन कर रहे जाएगी, कुछ विशेश अग्यों का मानना ये भी है कि किसी योजना
02:37के अस्ति परिक्षा उसके नाम से नहीं बलकि उसके नतीजों से होती है, अगर ये फोर्स महिलाओं की सुरक्षा में
02:44वार्तविक्ता बदलाव लाती है, त
02:49राजनीती के नजरिये से देखें, तो विजय ने एक बड़ा संदेश चरूर दे दिया है,
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