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  • 2 days ago
ওড়িশা সরকারের পক্ষ থেকে পশ্চিমবঙ্গ সরকারকে অনুরোধ করেছিল দিঘার জগন্নাথ ধাম থেকে 'ধাম' শব্দ বাদ দেওয়ার জন্য। তা সম্মতি জানিয়ে এদিন নবান্নে সাংবাদিক সম্মেলন করে দিঘার জগন্নাথ মন্দির থেকে 'ধাম' শব্দ বাদ দেওয়ার সিদ্ধান্ত নিলেন পশ্চিমবঙ্গের মুখ্যমন্ত্রী শুভেন্দু অধিকারী। 

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00:00आमरा मन्योम उडिशार मुक्षमंत्री एजे प्रस्ताप के ग्रोहन करे, क्यामपास थेके धाम सब्दो टाके आमरा प्रत्तार कोच्छी, शरिये दीछी, पुरो
00:08कॉंप्लेक्स्टान नामी हवे, श्री श्री जगन्नात सांस्कितिक केंद्र, आज जेखाने ठाकुरेर पु�
00:26मैं उनको रिक्वेस्ट कर रहा हूँ, आज का आगवमन का हेतु और मन्योम मुख्यमंत्री उडिशा का जो मैसेज है, इसके
00:35बारी में दो-चार सब्दो रखे।
00:54का मौका मिला, आप सभी को जय जगन्नात, यहाँ पर चीफ सेकरेटरी महोदय भी मौजूद है, उनको भी जय जगन्नात,
01:04और सभी मीडिया बंदों को जगन्नात पूरी से और ओडिशा से जय जगन्नात, दरसल मैं आज एक दूद के रूप
01:12में आया हूँ, I have come as a messenger, दूद
01:18और हमारे ओडिशा के माननिय मुख्यमंत्री मोहन चरण मांजी जी का चिठ्थी लेकर आया, आपने देखा कि अभी मैंने वह
01:25चिठ्थी बंगाल के माननिय मुख्यमंत्री जी को दिया है, आप सभी को विदित है, सभी को पता है,
01:33कि 2025 एप्रिल के महिने में तत्कालीन बंगाल सरकार ने एक मंदिर का उद्गाटन किया था दिगहा में
01:46जिसका नाम जगनात धाम रखा गया था
01:52जितना ज़्यादा मंदिर हो भगवान जगनात का महाप्रभुजी का जितना अधिक प्रचार प्रसार हो
02:00यह हम सबके लिए बहुत सुखद विशय है बहुत अच्छा विशय है होना चाहिए
02:06हम इसका स्वागत करते हैं कि मंदिर बनना मंदिर की विधी प्रक्रिया चलना
02:11और विधी प्रक्रिया के साथ पूजन होना यह बहुत अच्छी बात है
02:15मगर अनंतकाल से सनातन का जो सम्मान करते हैं और सनातन की जो परंपरा है उसमें केवल चार धाम ही
02:25है और चार धामों में से एक विशेश धाम है जगनात धाम जहां महाप्रभु जगनात जहां स्वेंग नारायन का निवास
02:37है और वह ओडी सामे है
02:40आदी शंक्राचारी ने चारो धामों का स्थापना किया था
02:44इसलिए उस समय 2025 में जब जगनात धाम दिगा करके इस प्रकार
02:52एक प्रकल्प का एक मंदीर का उद्गाटन किया गया
02:57तो न केवल साड़े चार करोड ओडिया बंधू जो हमारे हैं अपितू
03:03बंगाल में भी जो हमारे मित्र हैं जो हमारे भाई बेहन हैं जो जगनात जी को बहुत मानते हैं
03:10उनको भी बहुत कश्ट हुआ था सभी सनातनियों को कश्ट हुआ था
03:14और मुझे इस पश्ट याद है उस समय मानिय सुभेंदूदा ने भी इस विशह पर अपने आक्रोश को प्रकट किया
03:22था कि इस प्रकार सनातन के साथ खेलवाड नहीं करना चाहिए था
03:26मगर आज परिवर्तन हुआ है जो सरकार आई है वो सनातन का सम्मान करती है रीती नीती और परंपराओं का
03:36मान रखती है और इस कारण से पुनह मोहंचरण मांधी जी ने एक चिठी लिखा है और वो चिठी लेके
03:44मैं आया हूँ
03:45मैं बहुत बहुत धन्यवाद दूँगा माननिय मुख्यमंत्री श्री सुभेंदु दाजी को कि उन्होंने चिठी स्विकार किया है और हमें आस्वस्त
03:57किया है कि इस विशे पे कदम उठा जाएगा बहुत बहुत धन्यवाद
04:01जय जबनात मैं पहले दो चार सद्व हिंदी में बोल रहा हूँ जैसे आमारी उडिशा का बहुत मित्रों पत्रकार्वी इस
04:14आमारी प्रेस कॉन्फरेंस को सिधा प्रसारन कर रहा है
04:20तो यह जो रिक्वेस्ट आया है मन्नवर महन चरण माध्यी जी मेरी मित्रों और उडिशा का लोकफ्रियों मुख्वमुंत्री
04:30उनकी ओर से अमारी पुरी का संसत मेरी मित्र स्वंबित पात्रों जी का हाथ से
04:39मैं और मुख्वसचिप चिठी को सिकार कर रहा हूँ
04:44और मैंने जब इसकौन में गिया था मायपूर
04:49तब इसकौन का दिगा में जो एक हमारी वहाँ जो बनाया था पिछले सरकार
05:02उसको जो पुजा पाट और मेंटेन सब इसकौन का हाथ में है
05:08उस दिन में वहाँ डिसकेशन भी किया था
05:12वहाँ राधरमन जी भी थे जो धाम लिखके किया गया है
05:19यह सनातन संस्किती और हमारी भारती संस्किती से ठीक नहीं हुआ है
05:25आपको मैं क्लियर कर रहा हूँ मैं थोड़ा डिटेल्स में पेपर देख लिया
05:32इसमें जो पस्षिमंगाल का पिछले सरकार उसको उनुमोदों दिया था
05:39उसमें था श्रीश्री जगन्नात धाम काल्चारल सेंटर
05:46सरकार का रुपिया में बनाया
05:48वो टेक्निकली काल्चारल सेंटर का नाम में बनाया
05:52और धाम का सब्दों इंसाट कर दिया था
05:55मैं आज मुक्षमंत्री जी को जी चिठी वो सिकार कर रहा हूँ
06:01तुरंत वहां से धाम सब्दों को हम लोग निकल देगा
06:04और हुआ काल्चरल सेंटर का कॉंप्लिक्स रहेगा
06:09उनकी अंदर जो भगवान है उनका पुजा पाट
06:14हमारी मुंदिर का जो रिती निती
06:16हमारी जी स्वनातन का सांस्कृती है
06:21उसको मानते हुए स्री जगनात टेंपल उनका पुजा पाट और भगवान का जो हमारी जो नियोम है
06:32वो मानके होगा और पूरा कॉंप्लेक्स जो है वो सरकारी जो रिजूलेशन में
06:41है क्लियर है जो काल्चरल सेंटर वहां से धाम सब्दों को हम लोग निकल रहा है
06:48और पूरा सात्तिकता से पूरा एरिया में पुजा पाट और नियोम की अनुसार
06:59जगनात देप का पुजा और प्रशाद और जितना भी नाम हमारी भजन किर्टन
07:06शाप हमारी मंदित जाएसे होता है उस तरीके से होगा
07:13उडिशा का मुख्व मुंत्री का जो आज आया है यह मैं रिक्वेश्ट ने बोल रहा हूं
07:19यह अच्छा सुजाव है यह मेरा दिल में भी था
07:23एक सनातन संस्कीती से इसको जो अपमान करने का काम पिछले सरकार किया इस सरकार इसमें नहीं करेगा
07:32इसलिए मैं इस चीठी को भी शिकार कर रहा हूं और वहां से धाम सब्दों को निकलने का काम भी
07:38हम लोग करेगा
07:41मैं मन्नबर सांग्षत संबित जी को मुखमंत्री आगर उडिशा बाशी को उडिशा बाशी नहीं भगवान जगर्नाद्य कोटा प्रिथी भी में
07:51उनका कोटी-कोटी भक्त है
07:53सब के लिए संदेश दे रहा हूं
07:56अमदेर आपनारा जानें जे मन्ने उडिशार मुखमंत्री महन्चरन माझीजी तार प्रतिनिदी सेवे पूरीर मन्नबर सांग्षत संबित पात्र जीक्या आजके आमदेर
08:08सोचीबालोय पाठिये छेलें
08:10उनिक चिठीते बोले छेन जोखाने जगन्नाद्देवेल पुजा पाठ मंदीर सब चलुक हाजार हाजार मंदीर होग सबाई चान आमियो चाई
08:21इंदो ओई धाम सब दोटा आमदेर भारतियो संस्कीती सनातन संस्कीती संगे सामन जश्व पुर्णो नए
08:30एटा निये बितरको अनेक आगई छीलो आमरा मन्यों उडिशार मुक्षमंत्री एजे प्रस्ताप तके ग्रहन करे ओई क्यामपास थेके धाम सब्दो
08:41तके आमरा
08:41अमरा प्रत्ताहर कोच्छी शरिये दीछी पूरो कॉंप्लेक्स्टन नामी हवे श्रीश्री जगन्नात संस्कीतिक केंद्र जेतु ओटाताई क्याबिनेट अप्रुभेल रोएचे
08:55हीटको टेंडर रोएचे सरकारी अर्थ रोएचे अर जेखाने ठाकुरेर पुजो पाठ हए शेई स्थापत्तो शेटा मंदिर नामी परिचित हवे श्री
09:07जगन्नात देव मंदिरी शेवे एमंग संपुर्ण पुजा पाठ आमादेर स्वनातन संस्कीति भारतियो संस्कीति
09:16प्रभु जगन्नात देवेर पुजा पाठे जे परमपरा रोएचे आमादे सास्त्रे सेई मेने आमरा कोरवो धाम सब्दोटी आमरा ओई केमपास थेके
09:27प्रत्तार कोल्लाम मान्यों मुखो सचिप प्रविजोनियो निर्देशिका आई संक्रांतो जानाबेन एमंग जे पर
09:46करें दिये देवो एटा इछलो आमादेर आजके चोट्तो किन्थो खुप गुरुत्तो पुन्नो आमादेर मीडिया इवेंट कार्जोक्रम आमी समीत पात्रजी के
09:56आर हांटका बोना उनार फ्लाइट आछे उनी आजके ही फिरे गिए मुखो मुंत्री के आमादेर ताध्य �
10:04प्रस्ताव आमरा सम्माने संगे ग्रहन कुरेची जाना पेन आमी सबाई के आर एक बार नमस्कार एबंग जय जगन नाथ भुले
10:10आशेशकर
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