00:01सरकार ने उजुला योजना के तहट मिलने वाली LPG सबसेडी में बड़ा बदलाव कर दिया है।
00:05अग तक उजुला योजना के लाबारतियों को साल में 9 गैस सिलेंडर सबसेडी पर मिलते थे अब यह संख्या घटकर
00:114 हो गई है।
00:12जिन परिवारों को इस योजना के तहट मुफ्त में गैस कनेक्शन दिये गए, पहली बार रिफिल मुफ्त दी गई, इसके
00:18अलाबा साल में 12 सिलेंडर रिफिलिंग पर सबसेडी दी गई, बाद में इसे घटाकर 9 सिलेंडर कर दिया गया।
00:25अब केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते वे, इसकी संख्या को घटाकर चार कर दिया है।
00:55जा रहेते हैं और फ्र उन्हें वेफसाइक इस्त्वाल में लगाया जा रहा था, या बजार में बेज़ दिया जा रहा
01:00था, इसे सरकारी हजाने पर अतरिक्त बूच पढ़ रहा था।
01:03इसी को रोकने के लिए सरकार ने फैसला किया है कि अब एक परिवार को साल में सिर्फ चार सिलेंडरों
01:09तक ही सबसेडी मिलेगी, इसके बाद अगर उन्हें और गया सिलेंडर चाहिए तो उन्हें पूरी कीमत चुकानी पड़ेगी, सरकार का
01:16तर्की ये भी है कि ज्यादा तर �
01:18लाभारती उस्तन साल में करिब चार सिलेंडर ही इस्तिमाल करते हैं, इसलिए आम परिवारों पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ने
01:25जा रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत थोड़ी अलग हो सकती है, ग्रामेर इन इलाकों और बड़े परिवारों में कई घर
01:32ऐसे हैं, जहां सा
01:33साथ या आठ सिलेंडर तक खर्च हो जाते हैं, ऐसे में परिवारों को अब पांचवे सिलेंडर से ही पूरी कीमत
01:38देनी पड़ेगी, जानि रसोई का खर्च तो बढ़ेगा ही, जेव पर भी खर्च बढ़ेगा, एक मई 2016 को परधान मंत्रे
01:46नरेन रमोदी ने इस योजना की
01:48शुरुआत की थी, योजना का उदेश था गरीब और जरूरत मंद परिवारों को LPG के रूप में स्वक्ष इंधन उपलब्त
01:55कराना, इस योजना के तहत सरकार की ओर से गैस शूला, सिलेंडर और अनिसामगरी भी दी जाती थी, इस योजना
02:02की सफलता इतनी ज्यादा रहे क
02:04की PMUY2 को भी लांच किया गया, इस योजना के तहत 10 करोर 58 लाक लोगों से ज्यादा कनेक्शन जा
02:12दी हुए, लेकिन अब इसमें लगातार कटवती हो रही है, सरकार ने ये भी साफ किया है, कि सिलेंडर खरीदने
02:19की संख्या पर कोई रोक नहीं लगाई गई है, लोग जितन
02:22करने चाहें उतने सिलेंडर खरीज सकते हैं, लेकिन सबसेड़ी सिर्फ चार सिलेंडरों तक सिमित कर दी गई है, यानि सरकार
02:30इसे विवस्था को पारदर्शी बनाने और फरजी वारा रोकने का कदम बता रही है, लेकिन दूसरी तब ऐसे परिवार भी
02:37हैं, जिनने अब र
02:52गाई बढ़ते गरे लुकर्च रोज मर्रा की जरूरतों से जूज रहे हैं,
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