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ट्विशा डेथ केस को लेकर क्यों सवालों के घेरे में आई MP पुलिस? देखें वारदात

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00:00रवासकार में हूँ शम्स ताहर खान और आप देख रहे हैं वारदात
00:03क्या टूइशा की मौत के मामले की जांच में भोपाल पुलिस ने जान बूच कर लापरवाही बढ़ दी
00:09क्या क्राइम सीन को सील करने और मौके से सबूत उठाने में साधिशन देरी की गई
00:16दरसल भोपाल पुलिस के प्रोपर्टी सीजर मेमों से ये पता चलता है
00:20कैसे कई सबूत जो पुलिस की निगाहों के सामने थे उसे उठाने में 11 दिन लगा दिये
00:26इस बीच टूइशा की मौत के मामले की जांच सीबियाई अब भी कर रही है
00:31हाला कि सीबियाई को शक है कि टूइशा की मौत के तार कहीं न कहीं उसकी प्रेगनेंसी से जाकर जुड़
00:38है
00:42इस सेसी टीवी कैमरे की घड़ी और तारीख दोनों गलत है
00:46लेकिन तस्वीर बिलकुल सही है
00:48यह तस्वीर असल में 12 मैं की राथ 10 बचे के आस पास की है
00:52यह टूइशा है इस घर की बहुँ
00:54टूइशा के हाथ में काले रंग का एक हेटफोन है
00:57वही हेटफोन हाथ में लिए टूइशा इस वक्त चीड़ी के रास्ते छट पर जा रही है
01:05जिंदा रहते यह टूइशा की आखरी तस्वीर थी
01:08इसके करीब खंटे भर बाद टूइशा की लाश इसी छट पर शायद इसी जगह किलैस्टिक की रसी से लटकी मिली
01:17शायद इसी लिए कह रहा हूँ
01:19क्योंकि इस रसी से लटके होने की बाद सर्फ दो लोगों ने कही थी
01:23एक टूइशा के पती समर्ज सिंग और दूसरी जज रही टूइशा की सास गरिबाला सिंग
01:29इसके अलावा इस मामले का कोई और चश्मदीद नहीं है
01:33और ये दोनों चश्मदीद इसी टूइशा की मौद के आरोपी है
01:37चट पर जाते हुए टूइशा की ये तस्वीर पूरे देश ने देखी
01:41तूइशा की सास गरिबाला सिंग ने सीसी टीवी की ये तस्वीर खुद ही मीडिया को दिए
01:46अब जाहिर है तब केस की जाच कर रही भोपाल पुलिस ने भी शर्तिया ये तस्वीर देखी होगी
01:52और इस तस्वीर में टुईशा के हाथ में ये हेड़ फोन भी देखा होगा
01:56अब हेड़ फोन में कोई राज हो या इस केस पर कोई रोशनी ढाल सके कहा नहीं जा सकता
02:02लेकिन चुकि आखरी वक्त में ये हैटफोन टुईशा के पास था
02:06लेहाज़ा ये केस प्रॉपटी होने के साथ साथ एक एहम सबूत भी है
02:11जाहिर ऐसी केस प्रॉपटी ये सबूत जो मौक़ वारदाग यानी क्राइम सीन पर हो
02:16उसे अनारी पुलिस वाले भी अपने खब्से में ले लेते हैं
02:20लेकिन अब जो आपको बताने जा रहा हूँ
02:23उसे सुनने और देखने के बाद आप भी कहेंगे
02:26कि अच्छा हुआ ये केस सीवी आई को सौप जिया गया
02:30भोपाल पुलिस से ना हो पाता
02:35ये भोपाल के कटारा हिल्स पुलिस से स्टेशन में दर्ज
02:39उसी टुईशा केस की प्रोपर्टी सीजर मेमो
02:41यानि संपत्ती जब्ती पत्र है
02:44आमोवन किसी भी केस में पुलिस
02:46क्राइम सीड, पिल्डिक, आरोपी
02:48ये चश्मदीदें से जो भी सामान
02:50बरामत करती है, बाकाइदा
02:52लिखित में उसकी एंट्री होती है
02:53आगे चल कर यही चीज़ें कोट में
02:56पेश भी की जाती है
02:58टुईशा केस में भोपाल पुलिस
03:00ने किस इंतहा तक लापरवाही बरती
03:02उसका जीता जाकता सबूत
03:04ये प्रोपरटी सीजर में मो है
03:07इस में मो की तारीख पर गोर कीजिएगा
03:10इस पर तारीख लिखी है
03:1223 मई 2026
03:14वक्त के कॉलम में आगे
03:1620.41 यानि रात के आड़ बचकर
03:1941 मिन लिखे है
03:21इसी प्रोपरटी सीजर में में
03:23दो चीजें जब्त या बरामत किये जाने का जिकर है
03:26इसमें जिस दूसरी चीज़ को जब्त या बरामत करने का जिकर है
03:30जानते हैं वो क्या है
03:31वही हिट फोन
03:32जो 12 मैं की रात छत पर जाते वक्त
03:35टूशा के हाथ में आखरी बात दिखा था
03:38अब ज़रा सोची
03:39तूशा की मौट 12 मैं की रात को हुई
03:42भोपाल पुलिस ने दावा किया थ
03:44कि तूशा की मौट की खबर मिलते ही
03:46पुलिस टीम उसी रắt तूशा के घर पहुच गए
03:49क्राइम सीन का मौाइना किया
03:51सारी तफतीश अच्छे से की
03:53पर उसी भोपाल पुलिस का ये
03:55प्रोपटी सीजर मेमो ये बता रहा है कि टूशा की मौत को लेकर पुलिस ने किस लापरवाही और बेपरवाह अंदाज
04:02में जाच की थी।
04:0412 माई को हुई टूशा की मौत के पूरे 11 दिन बाद पुलिस को याद आया और तब कहीं जाकर
04:1023 माई को इस हेटफोन को सब्ट किया गया हाला कि भोपाल पुलिस की मासूमियत पर भी तरस आता है
04:17सीजर मेमो में वो ये भी लिख डालते हैं कि सोनी कमपनी का ब्लैक कलर हेटफो
04:22मिर्तिका यानि टूशा अपने साथ लेकर ऊपर छत पर गई थी इसके बाद जो वीडियो रिलीज करे गए आरूपियों द्वारा
04:31उस वीडियो में साफ साफ दिख रहा है कि टूशा शर्मा एक हेड़फोन लेकर उपर जा रही है उस हेड़फोन
04:37की जबती घटना स्थल से
04:49वो हेड़फोन पढ़ा रहता है उसके बाद प्रॉपर इड़फोन को सीज करा जाता है 23 तारिक को तो अगर इतना
04:56इंपॉर्टेंट डेविडेंस जो लिगेचर था उसमें किसी आरूपी से इड़फोन क्यों नहीं कराया इसका जवाब MP पॉलिस को देना है
05:03इतना ही नहीं
05:05इसी मेमो में इस बात का भी जिक्र है कि टूइशा की मौट के 11 दिन बाद टूइशा की साथ
05:10गिरिवाला सिंग से एक फोन भी जब्द किया गया गोल्डन पिंग कलर के इस मॉबाइल से हाला कि सिम गायब
05:16था
05:18पर ये तो सिर्फ बानगी है भोपाल पुलिस के इसी प्रोपर्टी सीजर मेमो में एक चीज तो ऐसी लिखी है
05:24जिस पर कोट में मुकदमे के पहले ही दिन कोई भी वकील इनकी धज्जियां उडाती है
05:29अमोवन पुलिस क्राइम सीन से जब भी कोई चीज उठाती है जबत करती है तो प्रोपर्टी सीजर मेमो में बाकाइदा
05:36उस पुलिस वाले का नाम जिसने इसे जबत करवाए उसका नाम और इससे जोड़े चश्मदीदों के नाम लिखे जाती है
05:44अब भोपाल पुलिस का कमाल देखए भोपाल पुलिस को टूईशा की मौथ की खबर पहली बार 13 मई dependence कि
05:51राद 12 बचकर पांच मिनट पर मिलती है
05:53यानि टूइशा की मौत के पूरे दो घंटे बाद
05:56खबर मिलते ही पुलिस के टीब
05:58भोपाल के एमस अस्पतार जहां टूइशा की लाश रखी थी
06:02और फिर टूइशा के घर जा दी
06:04खुद भोपाल पुलिस ने दावा किया था
06:06कि खबर मिलते ही पुलिस के साथ साथ एफसल की टीम भी ने सिर्फ मौके पर पहुँची बलकि छट पर
06:12भी गई जहां टुईशा की मौत हुई थी
06:14अब जरा भोपाल पुलिस के इस दावे की सच्चाई देखे
06:18यह बोपाल पुलिस के उसी कटारा हिल्स थाने में दर्च प्रोपटी सीजर मेमो है
06:23इस मेमो में लिखा है कि 13 मई की सुबा 9 बच कर 40 मिनट पर मकान के छट पर
06:28शेट के नीचे से
06:30फासी लगाने में इस्तमाल इलैस्टिक की लगधग एक इंच चोड़ी काली रंग की पट्टी जिसकी लंबाई 99 सेंटीमीटर दो इंच
06:38लगधग जिसकी दूसरी पट्टी करीब 51 इंच की गोल पहिये में बदी जब्द की लेकिन इस सीजर मेमो में कहीं
06:46यह नहीं लिखा ह
06:47कि किसकी निशान देही पर या किसकी गवाही पर इसे जब्द किया गया इस प्रोपटी सीजर मेमो के कॉलम नंबर
06:546 यानि साक्षी घणवाले कॉलम में किसी का भी नाम नहीं है बलकि यह जो R1689 या इसके आगे जो
07:02भी नाम लिखें यह सब भोपाल पुलिस के नाम है अगर
07:06गरिबाला सिंग और समर सिंग के कहने पर इलैस्टिक की रस्सी जब्द नहीं की गई और पुलिस वाले ने अपनी
07:12मर्जी से इसे जब्द किया तो सवाल ये है कि उन्हें कैसे पता कि मरते वक्त टूशा के गले में
07:17इलैस्टिक की यही रस्सी थी
07:20क्योंकि समर सिंग और गरिबाला सिंग ने तो पुलिस को खबर करने से पहले ही लाश नीचे उतागी थी गले
07:26का फंदा भी खोल दिया था
07:27इस सीजर मेमों से ये साफ हो गया कि टूशा की मौत के लगभग बारा घंटे बार पुलिस ने पहली
07:33बार वहां से कुछ जब्द किया था
07:35इन सब चतीमती बारा घंटों में क्राइम सीन को सील तक नहीं किया गया
07:40यानि कोई भी क्राइम सीन को असानी से अपने हिसाब से बदल सकता था
07:44सबूत गायब कर सकता था, निशान मिटा सकता था
07:49तेरा तारिक की सुबह लगभग घंटना के 14 घंटे बार कटारा हिल्स से एक SI आते हैं
07:55वो 9 बच के 14 मिनिट पे सुबह एक SI जर एक्जिक्यूट करते हैं
07:59जिसमें एक लिगेचर जब्ट करते हैं, एक मुबाईल फोन जब्ट करते हैं, एक हेड़ फोन जब्ट करते हैं
08:04उसको तथा कज़त रूप से घटना सल से जब्ट होना बताते हैं
08:07लेकिन जो लिगेचर है, जिसको जो दो सस्पेक्ट थे, आज आरोपी हैं, यही आइडेंटिफाई कर सकते थे
08:14उनके आइडेंटिफिकेशन के संबन में उस डॉक्यूमेंट में सीजर में किसी भी तरह की लिखा पड़ी नहीं करी जाती
08:19उनको जो आरोपी हैं उसको आइडेंटिफाई नहीं करते तो सब इंस्पेक्टर को कैसे पता की लिगेचर क्या था, कौन सा
08:26माटीरियल था, कैसे ऐलेज़र्ली सोसाइड हो गया
08:28इस सम्बन में कोई भी लिखा पड़ी उस सीजर में नहीं की जाती
08:31ये गिरिबाला सिंग का घर है और ये उसी घर के छट की तस्वीर है, जिस छट पर बारवें की
08:38रात टूइशा की मौत हुई थी
08:39इस छट और यहां रखे सामान को देख कर ये साफ पता चलता है, कि इस जगह को एक जिम
08:45के तौर पर भी इस्तमाल किया जाता था
08:48तस्वीर में आपको जमीन पर टूइशा की चपल भी पड़ी दिखाई देगी, लेकिन इस तस्वीर की सबसे खास बात ये
08:55है, कि इसमें इलैस्टिक का वो फंदा भी नजर आ रहा है, जिसके बारे में ये कहा जा रहा है,
09:00कि उसी फंदे से टूइशा ने खुदकुशी की �
09:02छट से नीचे रबर जैसे दिखने वाले रिंग के दो टायर आपको लटके हुई नजर आ रहे होंगे, इन दोनों
09:10ही रिंग के साथ इलैस्टिक की दो रसियां भी अब भी लटकी हुई है, बाई तरफ की रसी बिलकुल सीधी
09:16है, और लगभग जमीन से टकरा रही है, लेकि
09:22उसका एक सिरा छोटा और एक सिरा बढ़ा है, इसे देखकर साफ पता चलता है कि दाहिनी तरफ वाले रिंग
09:28से ही लटकती इलैस्टिक की रसी का भंदा बना होगा, तस्वीर में छत पर यह यू कहें कि इस क्राइम
09:35सीन पर दो लोग भी नजर आ रहे हैं, तस्वीर से ये भ
09:51पर कमाल देखी, रात को पुलिस छट पर इस कराइम सीन पर पहुँची, जाहिर पूच्टार्ट में पुलिस को ये बताया
09:59गया होगा, कि किस फंदे से टुशा को घरवालों ने उतारा था, लेकिन पूरी रात बीद गई, सुबा होगी, बारा
10:06घंटे निकल गए, फिर भी
10:07पुलिस को ये खयाल ही नहीं आया, कि जिस फंदे से टुशा की मौत हुई है, उस पर लिगेचर मार्त
10:13के अलावा, उंगलियों के निशान और दूसरे कई सबूत हो सकते हैं, उसे अपने कब्जे में लेना चाहिए, पर पुलिस
10:20ऐसा करती नहीं है, टुशा की मौत के बाद
10:2313 माई को कहीं जाकर पुलिस फंदे नुमा इस सबूत को अपने साथ ले जाती है, क्या ये अनजाने में
10:29हुई भोपाल पुलिस की खल्ती थी, या जज़ रही गृबाला सिंग का खौख
10:37कमाल की भोपाल पुलिस का कमाल यहीं नहीं रुकता, बारा घंटे बाद वो फंदा, जिस फंदे से बकॉल गिरिबाला सिंग
10:44और समर सिंग, टुशा ने फासी लगाए, घर से जब्द करने के बाद, जब्द करने वाला पुलिस अफसर, उसे फोरेंसिक
10:51टीम, पोस्मोटम क
10:54को सुपुर्द करने की बजाए, अपनी गाली में रखकर भूल जाता है, बाद में याद आए, तो मालखाने में रखवाते
11:01हैं, भोपाल पुलिस की इनी कोताहियों, लापरवाहियों, या शायद जज रही सास ग्रिबाला सिंग के खौफ के चलते हैं, बाद
11:09भी एकेस सी ब
11:23मेदार पुलिस वालों से पूछताज कर सकती है, उदर टुईशा की मौत को लेकर सी बी आई की चांच जारी
11:30है, डमी ट्राइल और रिक्रियेशन का रिजर्फ सी बी आई के सामने है, सूत्रों के मताबिक दिल्ली के एम्स के
11:36डॉक्टरों ने टुईशा का जो दूसरा पोस
11:48मौटम रिपोर्ट में भी कतल की बात साफ नहीं, सी बी आई फिलहाल विसरा और कुछ दूसरी रिपोर्ट का इंतिजार
11:54कर रही है, सूत्रों के मताबिक सी बी आई टुईशा की मौत की सही वज़ा तलाशने के लिए, खास तोर
12:01पर टुईशा के गर्ववती होने से लेकर,
12:03उसकी मौत के दिन तक की तमाम घटनाओं को जोडने की कोशिश कर रही है, सूत्रों के मताबिक सी बी
12:10आई को लगता है कि टुईशा की मौत के तार कहीं न कहीं उसकी प्रेगननसी से जाकर जोडते हैं, गरिबाला
12:16सिंग और समर सिंग से भी सी बी आई ने हिरासत के दोरान �
12:20तोर पर इसी से जुड़े सवाल पूछे थे, सी बी आई के पास इसे लेकर टुईशा और उसकी माँ के
12:25बीच हुए चैक्स भी मौजूद है, सी बी आई ये जानना चाहती है, कि क्या सचमच टुईशा खुद बच्चा नहीं
12:31चाहती थी, या फिर समर्त और गरिबाला ने �
12:33ताने मार कर उसका गर्बपात करवाया, क्योंकि टुईशा ने अपनी माँ से बाद चीत में ये कहा था, कि समर्त
12:40उसे बार बार ताने मारता है, कि उसके पेट में पल रहा बच्चा किसी और का है, शायद यहीं तोर
12:47गरिबाला सिंग्ग और समर्ध सिंग्ग जहां एक तर�
12:54उसी तरफ CBI की जाच का एदारा अब उन किरदारों तक बढ़ गया है जिनका कहीं न कहीं तुशा के
13:01अंतिम दिनों से कोई वास्ता था और इनी में दो प्रमुक किरदार हैं भोपाल के दो वो डॉक्टर जिन में
13:08से एक ने तुशा को गर्भपात की सला दी थी तो वहीं दू
13:24इनों डॉक्टरों के जरिये ये पता लगाने की कोशिश की है कि तुशा की सेहत से जुड़े हुए जितने भी
13:30बयान गिरी बाला सिंग और समर्द सिंग के तरफ से दिये गए हैं क्या वो सच हैं या फिर डॉक्टरों
13:37के बयान और गिरी बाला सिंग और समर्द सिंग के बय
14:01सीबी आई को कोई पूछताच करनी है या नहीं।
14:27जज रहने के दौरान बहुत से मुद्रिमों को जेल भेजाए उन में से बहुत से मुद्रिम इस वक्त भी इसी
14:33भोपाल सेंटरल जेल में बंद है जहां उन्हें और उनके बेटे को रखा गया है।
14:54इस आदेश के बाद अब गरिवाला सिंग और उनके बेटे को जेल के अंदर खास सुरक्षा मुहिया कराई गए।
15:00दोनों को उन बेरक ये सिल में रखा गया है जहां आम कैदी नहीं जा सकते है।
15:07गिरी बाला सिंग ने कोट में अपने केस की पेरवी करते हुए जजज के सामने या आशंका जताई थी कि
15:14भोपाल जेल में उन्हें खत्रा हो सकता है।
15:17गिरी बाला सिंग के मताबिक बतौर जजज उन्होंने कोट में कई अपराधियों को सजा सुनाई जो फिलहाल इसी भोपाल जेल
15:26में बंद है।
15:27और इसी लिए कोट ने उसकी इसमांग को स्विकार कर लिया था और जेल अथोरोटीज को निरदेश दिये थे कि
15:35गिरी बाला सिंग को बाकी केदियों से अलग रखा जाए।
15:39और यही वज़े है कि गिरिवाला सिंग फिलाल जेल की मेडिकल विंग में अपनी नएक हिरासत की अवधी को काट
15:47रही है
15:48कोट ने उनकी सुरक्षा के साथ साथ उनके पुराने ओहदे को देखते हुए ये सभी निर्देश जारी किये थे
16:01तमाम कोशिश्रों के बावजूद दस दिन से लापता MBA स्टूडेंट बवीता का कोई सुराग नहीं मिला है
16:08बवीता अपने दो दोस्तों के साथ ट्रेकिंग के लिए उत्राखन गई थी
16:12लेकिन 29 मई को रहस्मे तरीके से गायब हो गई
16:15हलाकि बवीता की तलाश के लिए पुलिस का सर्च ऑपरेशन जा रही है
16:20यहां तक कि उसे ढूंडने के लिए हेलिकॉप्टर की भी मदद दी जा रही है
16:27उत्राखन की वादियों में गायब हुई बवीता पांडे की तलाश की ये लिटिस्ट तस्वीर है
16:32एक्सपर्ट्स अब हेलिकॉप्टर में बैट कर दूरबीन के सहारी बवीता को ढूंडने की कोशिश कर रहे हैं
16:38ताकि इस पहाड़ी इलाके में अगर बवीता के साथ कोई अन्हूनी हुई हो तो उसका पता चल सके
16:43पुलिस से लेकर NDRF, SDRF, ITVP और SOG के बाद
16:48अब शासन प्रशासन ने बवीता की तलाश के लिए नहरू इंस्टिट्यूट आफ माउंटेन एरिंग की टीम से भी मदद मांगी
16:54है
16:54पुलिस को उमीद है कि इस इंस्टिट्यूट से जुड़े पहाड़ी इलाकों और ट्रैकिंग के एक्सपर्ट्स के तजूर्बे का फाइदा उन्हें
17:01बवीता को ढूड़ने में मिल सकता है
17:03रविवार को पुलिस ने इन्हें एक्सपर्ट्स के साथ हेलिकॉप्टर की मदद से नए सिरे से बवीता को ढूड़ने की कोशिश
17:10थी
17:10हलंकि इसमें भी पुलिस को नाकामी हाथ लगी बवीता का कोई सुराग नहीं
17:16अलबता बवीता की कुछ नई तस्वीरें जरूर सामने आई जिन्हें उसके भाई ने शेयर किया है
17:21इनमें बवीता ट्रेकिंग के दौरान पहाड़ी इलाकों में बोज देती नजर आ रही है
17:25इनमें एक तस्वीर तो कई महिने पुरानी बताई जाती है
17:29लेकिन समझा जाता है कि एक लेटिस्ट है जिसे बवीता ने अपने गायब होने से महज एक या दो दिन
17:35पहले ही क्लिक करवाय था और शेयर किया था
17:41उत्रखंड की वादियों में बसा ये है ट्रेक दयारा बुक्या
17:44और ये है इस ट्रेक का इंसेप्शन पॉइंट यानि शुरुवाती बिंदू गाउन रेथा
17:52तकरिबन 21 किलोमीटर लंबे इस ट्रेक को नापने के लिए दुनिया भर के 20 यों परियाटक हर साल उत्रखंड के
17:58उत्तरकाशी जिले में पहुँचते हैं
18:00और इसे पूरा करने में तकरिबन 4-5 दिनों का वक्त लगता है
18:05रामनगर की रहने वाली 24 साल की MBA स्टूडेंट बबीता पांडे ने भी अपने दो दोस्तों के साथ इसी एडवेंचर
18:13की तलाश में उत्तरकाशी के इस दयारा बुग्याल ट्रेक तक पहुँची थी
18:19तारीक थी 29 मई लेकिन अभी उनकी ट्रेकिंग शुरू ही हुई थी कि बीच रास्ते से बबीता ऐसे गायब हो
18:26गई कि उसकी गुमशुद्गी अब एक पहेली बन चुकी है
18:32बबीता के गायब होने के बाद अगर पीछे कुछ बचा है तो वो है बबीता का एक बैग जिसे लेकर
18:38वो ट्रेकिंग के लिए गई थी
18:39और यह आखरी CCTV फुटेज जो 28 मई को दिन में उत्तरकाशी के एक होटल के बाहर रिकॉर्ड हुई
18:46इस CCTV फुटेज में बबीता अपने दो दोस्तों के साथ दिखाई दे रही है
19:01फिलाल उसे गुम हुए नौ दिनों से ज्यादा का वक्त गुजर चुका है लेकिन बबीता का दूर दूर तक कोई
19:07सुराग नहीं है
19:09सवाल है आखिर उसके साथ क्या हुआ? वो कहां चली गई? आखरी बार उसे कब और किस ने देखा?
19:17क्या वो अपनी मर्जी से कहीं गई? या फिर उसकी गुमशुदगी के पीछे कोई और वज़ा है?
19:24असल में उधम सिंग नगर से निकल कर बबीता अपने इन्हीं दोस्तों के साथ गाउ रेथल पहुँची थी
19:30और यहां से तीनों ने ट्रैकिंग की शुरुआत करते हुए गोई तक अपना सफर पूरा किया
19:35गोई के बाद ही असली ट्रैकिंग शुरू होती है
19:38जानकारी के मुताबिक बबीता और उसके दोस्तों ने गोई के पास ही एक टेंट लगाय था
19:43और रात को वहीं रुके थी
19:45ये पूरा इलाका जंगलों से घिरा है
19:47लेकिन सुबह होने पर जब बबीता के दोस्तों की आँखें खुली
19:51तो उन्होंने देखा कि बबीता गायब है
19:54वो टेंट में नहीं थी
19:55हलंकि बबीता का बैग टेंट में ही रखा था
19:58बबीता को गायब देखकर पहले तो उसके दोस्त खबरा गये
20:01और फिर उन्होंने पुलिस को इसकी खबर गी
20:05बबिता को आखरी बार देखने वाले उसके दोस्तों ने पुलिस की पूछताच में ये स्विकार किया है
20:10कि उस रात वो दोनों टेंट लगाने के बाद शराब पीने लगे थे
20:14जिसके बाद बबिता कुछ देर के लिए टेंट से बाहर निकल गई थी
20:18चुकि वो शराब के नशे में थे इसलिए उनकी आँख लग गई और उन्हें बबिता का ख्याल ही नहीं रहा
20:24लेकिन जब अगले दिन उनकी आँख खुली तो बबिता गायब मिली
20:28बबिता सिर्फ एक चपपल पहने हुए अपने मोबाइल फोन के साथ टेंट से बाहर निकली थी और गुम हो गई
20:36फिलाल पुलिस ने इस सिलसिले में एफ आई आर दर्ज कर ली है
20:39और बबिता के साथ आखरी बार मौझूद दोनों लड़कों से पूछताच कर रही है
20:44मगर नतीजा सिफर है
20:47अब सवाल यह है कि आखिर बबिता की गुमशुदगी के पीछे क्या-क्या संभावित वजहें हो सकती है
20:53तो तफ्तीश में पुलिस उन सारी वजहों को एक्स्प्लोर कर रही है
20:57अवल तो यही है कि बबिता किसी को बाताय बगैर खुद ही अपनी मर्जी से कहीं चली गई हो
21:02दूसरा यह कि बबिता के साथ स्ट्रेकिंग पर गए दोस्त छूट बोल रहे हैं
21:07और उन्होंने ही बबिता को कहीं गायब कर दिया हो
21:09तीसरा यह कि वो टेंट के बाहर निकली हो और कोई जंगली जानवर उसे उठा ले गया हो
21:15और चौथा यह कि वो या तो जंगलों में रास्ता भटक गई हो या फिर उसके साथ कोई और अन्होनी
21:21हुई
21:21इन आशंकाओं के मद्दे नज़र तीड़ सौसे जादा लोगों का लवाजमा बबिता को ढूंटने में लगा है
21:27पुलिस के साथ साथ SDRF, NDRF, SOG, ITBP, One Vibhag, Dog Squad, Drone Searching Team और यहां तक की गोताखोर
21:37भी बबिता की तलाश कर रहे हैं
21:40पांच दिनों की तलाशी के बाद भी जब बबिता का कुछ पता नहीं चला तो छटे दिन जिला प्रशासन ने
21:46गोई के पास मौजूद एक जील की गहराई को नापने का फैसला किया
21:50और इसके लिए खास तोर पर गोताखोरों की टीम बुलाई गई
21:53वैसे भी अगर खुदा नखासते बबिता किसी जंगली जानवर का शिकार बनी होती है
21:58तो फिर उसके कुछ न कुछ निशान अब तक की तलाशी में जरूर नजर आदे
22:03ऐसे में अब ये शक होने लगा है कि कहीं बबिता गलती से पानी में तो नहीं गिर गई
22:09इसी के बाद लगभग 9 फीट गहरे इस जील को भी खंगाला गया
22:13लेकिन बबिता का कोई सुराग नहीं मिला
22:16अब जब बबिता की तलाश शुरू हुई तो पहले ही कदम पर
22:20शासन प्रशासन और खासकर उत्तरकाशी के परेटन विभाग की घोर लापरवाही
22:25और परेटन के नाम पर चल रही धंदेबाजी का खुलासा हो गया
22:28असल में ट्रैकिंग के लिए जाने वाले हर परेटक के बारे में
22:32एक्स्प्लोर उत्तरकाशी नाम की एक वेबसाइट में पहले से ही जानकारी दर्ज करवानी होती है
22:38ताकि परेटन विभाग के पास हर सैलानी की खबर मौझूद रही
22:41लेकिन जब बबिता की गुमशुदगी के बाद परेटन विभाग ने अपने तोर पर उसका बेवरा खंगालना शुरू किया
22:48तो देखा की बबिता और उसके नाम से तो उनके डॉकुमेंट्स में कोई एंट्री ही नहीं है
22:53और जो एंट्री हुई भी है वो फर्जी है
22:58फिलहाल डॉकुमेंटेशन के नाम पर फर्जी वारा करने वाले ट्रैवल एजनसी का लाइसेंस परटन विभाग ने सस्पेंट कर दिया है
23:04लेकिन यभी सच है कि इस फर्जी वारे के बाद एक लड़की नौ दिनों से ज्यादा वक्त से गायब है
23:10और उसका कोई पता ठिकाना किसी के पास नहीं है
23:15नैमिताल से लिरा सिंग बिष्ट के साथ उंकार बहुगुणा उत्तरकाशी आज तक
23:22तो वारदात में फिलाल इतना ही मगर देश और दुनिया की बाके खबरों के लिए आप देखते रही आज तक
23:28आज तक तेश का सरवश्रेश्ट न्यूस चैनल
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