00:00जब लोगों के पास सब्द नहीं रह जाते, अच्छे सब्द नहीं रह जाते, तो गालियां बखने सुन करते हैं। जब
00:07वेक्टिक पास कोई भीजन नहीं रहता, कोई दूर दरस्ता नहीं रहती है, तो वो कर्पना के आधार पर बात करने
00:13लगता है। ये तो वो लोग हैं ज
00:29तब ये भारत के प्रधान मंत्री जी को पर प्ट्रोल और डीजल के छे रुपए रेट बढ़ने पर सवालिया निसान
00:35उठाते हैं। उन्हें देखना चाहिए, क्या जब दुनिया के तमाम देशों में आगोसित कर्पू लगा हुआ है, और डीजल और
00:42प्रधिस के दामों म
00:58लगातार जनाधार को कोने आले लोग और डेश की लोकतंत्र में जनता ने जो लगातार जवाब चाहिए हरियाना हो चाहिए
01:06पंजाब हो चाहिए महाराश्टों और फिर पसिम बंगाल ने एकदव इस प्रश्र संदेश दे दिया कि आज देश और देश
01:13का नागरित वो की�
01:27जनता ने जुद्कार दिया है जनता ने उन्हें भाष्कत कर दिया है वह अपने निराश्टों को दूर करने के लिए
01:32चाहर बिमार लोग एक साथ बेखते हैं तो अपनी बिमारी को साधा करते हैं इसका कोई ताचपर नहीं
Comments