00:00जब नीट नहीं होता था तब कैसे एडमिशन हो रहे थे जी नहीं नीट जब नहीं था तो प्राइवेट कॉलेजों
00:06का कोई इंटरेंसेस नहीं होता था
00:07सब एक एक लिस्ट लगाते थे और सीटे बिखती थी 25 लाग, 30 लाग, 35 लाग में
00:20कि अब वो कोई जो पहले सीधे सीटे नीलाम होती थी यानि एक प्रकार के करप्शन का यह सुरूप था
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