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  • 7 hours ago
15 वर्ष की उम्र में बेटा हो गया था लापता, छोटे-मोटे काम करने के बाद बन गया साधु, भिक्षा मांगने के दौरान मां ने पहचाना

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Transcript
00:00We are going to go to our house and they have reached their eyes.
00:05So, their house is there.
00:09Look at their mother and son's direction.
00:15You can see them.
00:33They are in a family.
00:34They are not here.
00:35They are in a family while they are still alive.
00:39They are good at home.
00:42They are in a family of children in their house.
00:46They are the parents of the family.
00:48They are not the ones that we have them.
00:50Our society feels as if we don't have to fire.
00:53No, we are going to fire.
00:54Our society feels as if we are living here.
01:03This man will be exposed to the body of the body.
01:05The body will fall in your body.
01:09The clothes will change the body and the body will fall in the body.
01:12The body will fall in the body.
01:16This man who you saw,
01:19ुए 85 साल की बुजुर्ग मा और 46 साल बाद मिले उनके गुमशुदा बेटे के मिलन के हैं।
01:28मा का प्यार और विश्वास कितना निस्वार्थ और पवित्र होता है ये पिथोरागर जिले में बेरीनाग ब्लॉक की ग्राम सभा
01:38दौलीगाड में देखने को मिला।
01:41तारदत उपाध्याई और नंदी देवी के बेटे बुद्धी बल्लब उपाध्याई 15 साल की उम्र में लापता हो गए थे।
01:51घर वालोंने काफी ढूंडा लेकिन उनका पता नहीं चल सका था।
01:56बुद्धी बल्लब तो घर से चले गए लेकिन मा अपने जिगर के टुकडे को हमेशा याद रखती थी और उसके
02:05लौटने की उम्मीद की लौँ हमेशा जलाए रखती थी।
02:34समय तेजी से भागता रहा।
02:37सन 2005 में बुद्धी बल्लब के पिता तारदत का निधन हो गया।
02:44मा को इसके बाद भी बेटे के लौटने की उम्मीद जगी रही।
02:48गुरुवार 4 जून 2026 को नंदी देवी के दरवाजे पर एक साधुने भिक्षा के लिए दस्तक दी।
02:58मा के अंतरमन ने आवाज को पहचान लिया।
03:02ध्यान से शकल को देखने के बाद नंदी देवी ने साधु को गले लगा लिया।
03:08दरसल जो साधु भिक्षा मांगने आया था उन नंदी देवी का 46 साल पहले लापता हुआ बेटा बुद्धी बल्लब ही
03:17था।
03:18मा के आंसु निकलाए।
03:20बुद्धी बल्लब साधु बनकर अब बुद्धनात हो चुके हैं।
03:25दरसल बुद्धनात साधु की एक परंपरा के तहट मां से भिक्षा लेने आये थे।
03:31सालों से उनकी राह देख रही मां ने बेटे को पहचान लिया।
03:56जैसे ही इलाके के लोगों को बुद्धी बल्लब के आने का पता चला वहां उनका ताता लग गया।
04:03लोग उनके घर छोड़ कर जाने और साधु बनने की कहानी सुनने को लालाई थे।
04:09साधु बने बुद्धनात की दाड़ी उनके कमर से नीचे तक पहुँच रही है तो उनके बाल जो जटाओं में बदल
04:17चुके हैं उनके पैरों से भी लंबे हो चुके हैं।
04:21BUDHANAAT AB KUSH DIN MAH KAY PASI RAHENGE OR PHIR WAAPAS RAJASTHAN KAY BIKA NAYET LOđ GAYENGE
04:30ETV BHARAT KAY LAYE PITHORAGAR SE PRADEEP MAHARA KAY RIPORT
04:34BUDHANAAT AB KAY RIPORT
05:34BUDHANAAT AB KAY RIPORT
05:34BUDHANAAT AB KAY RIPORT
05:41BUDHANAAT AB KAY RIPORT
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