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  • 20 hours ago
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00:03गणिश को हमने हमेशा मंगल बुद्धी और विग्न हर्ता के रूप में देखा है।
00:31गणिश का एक ऐसा रूप प्रकट हुआ जिसका उलेक बहुत कम ग्रंतों में मिलता है।
01:00गणिश का उपर उठेगा उसके मार्ग में मैं स्वयम खड़ा हो जाओंगा।
01:03ये संदेश था।
01:04तंत्र परंपरा में इस रूप को विग्नेश्वर का न्याय रूप कहा गया है।
01:08जहां विग्न यानि दंड, मार्ग यानि एहंकार और गणेश यानि नियम।
01:14इस रूप में गणेश पूजा स्विकार नहीं करते क्योंकि ये रूप पूजा के लिए नहीं संयम के लिए है।
01:20जब देवताओं ने भैसे पारवती की शरण ली तो उन्होंने कहा ये मेरा पुत्र है।
01:52जब ये कठोर होता है तो समझो श्रिष्टी भटक चुकी है।
01:54जब दड़ जाएं तो समझ ये गणेश जाक चुके है।
01:56इसे के साथ इस वीडियो में तहीं अगर आपको जानकारी पसंद आई हो तो वीडियो को लाइक, शेर और चैनल
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