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खबरें असरदार: दिल्ली अग्निकांड में पूरा परिवार खत्म, एक साथ जली चिताएं... मातम

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00:05कर दो कर दो
00:42नमस्कार मैं हूँ अंच्री इस्टवाल और इस वक्त हम मौजूद हैं गुरुग्राम के मोक्ष धाम में यह है सेक्टर 32
00:49में और यहां हम इसलिए आये हैं क्यूंकि अगरवाल परिवार एक पूरा परिवार जिसकी सदस्यों आठ सदस्यों की मौत हो
00:57गई उस अगनी कांड मे
00:59दिल्ली के जिसे किसकी लापरवाही कहें अब तक यह समझ में आता एक होटेल में आग लगी और उस होटेल
01:06में रहने के लिए आए अगरवाल परिवार के सभी सदस्यों उसमें उनकी मौत हो गई और आज इस वक्त करीब
01:14आदा घंटा पहले परिवार के उन लोगों के पार
01:26शरीरों को आगे ले जाए गया है और वहां उन्हें अगनी दी जाएगी लेकिन सवाल एक ही बना हुआ है
01:33कि एक परिवार उसका ये दुख असहनिया इस पीड़ा की घड़ी में वो सवाल पूछने की शमता नहीं रखता ना
01:41ही उनकी इस वक्त इच्छा है वो बस इस दु�
01:56और लोग इस आग का शिकार बने है सुनिये ये कहानी
02:18दिल्ली के मालविय नगर अगनी कान में गुरुगराम का पूरा परिवार जल गया
02:23दिश की राजधानी में सिस्टम के मर्मानी ने इस पूरे परिवार को खत्म कर दिया
02:28ना रिष्टेदार बचे ना पत्नी ना बेटी और ना मां सम मारे गए
02:34दिल्ली के होटेल अगनी कान में गुरुगराम के चार्टर रे कॉंटेंट विवेक अगरवाल का पूरा परिवार खत्म हो गया
02:40परिवार में अब कोई नहीं बचा है सिवाए बुजरुग पिता के
02:44सतर साल की प्रेमलता गरवाल, पैतालिस साल के विवेक, बैालिस साल की तरजनिय गरवाल, बीस साल की जिविशा, सत्रा साल
02:52की वारिया, अड़-सट साल के अशोग पंसारी, सत्तर साल के जावरिलाल और अड़-सट साल की कमला, सब की
02:58मौत हो गई
03:14विवेक अगरवाल परिवार का कसूर क्या था? उन बेटियों की क्या गलती थी?
03:18कि बीमार दादा से अस्पताल में मिल सके विवेक अगरवाल का पूरा परिवार मालिय नगर के होटेल फ्लोरिश में ठहरा
03:25हुआ था
03:25यह सर यहां इसलिए कठ्या हुए थे क्योंकि विवेक के पिता बिमार है, साकेट के मैक्स अस्पताल में भरती ही,
03:31गुरुगराम से रोज आना जाना कठिन था तो पास कहीं होटेल में कमरा लो लिया
03:39परिवार में उनकी वाइफ है जो कि किसी एंजियो से जुड़ी है। और जो बच्चे हैं, जोकि वो पढ़ रहे
03:45थे, अब ऐसे में पहले वाइफ बिजनेस करती थी, फिर किसी एंजियो से जुड़ी और बच्चों की पढ़ाई में मदद
03:50कर रहे थी।
03:51परिवार में मा भी हैं जो काफी बुजुर्ब हैं और पिता हैं जो कि मैक्स हॉस्पिटल में एड्मिट है ये
03:56भी जानकारी सामने आ रही है कि विवेक अगरवाल जी एक कल या इससे एक दिन पहले ही मैक्स हॉस्पिटल
04:03गए थे अपने पिता से मिलने के लिए और आना जाना
04:06ना करना पड़े गुर्गाओं से दिली परिशानी ना झेलने पड़े इसलिए उस होटल में रहे जिस होटल में ये अगनी
04:13कांड हुआ था और ये भी जानकारी सामने आ
04:32बड़ी बेटी जीविशा बेंगलूरू में पढ़ाई करती थी, दादा भीमार थे इसलिए वापस आ गई थी, इसके अलावा विवेक के
04:39मामा अशोग पंसारी, मौसा जवरीलाल और मौसी कमला भी विवेक के पिता को देखने के लिए आये थे, ये सब
04:45लोग होटल फ्लोरि�
05:00में लगे हैं कि चार लोगों के शव उन्हें दिखाए गए हैं मैक्स हॉस्पिटल में, लेकिन बाकी के दो से
05:06तीन लोग कहां है, परीजन कहां है, उसका उन्हें पता नहीं लग पा रहा, जानकारी कोई देने को तैयार नहीं
05:13है, इस मकान में भी जब हम पहुँचे, तो य
05:27दिखेक अगरवाल कल ही अपनी पत्नी दो बच्चियों के साथ उस होटल में पहुचे थे, जहां पे मैक्स हॉस्पिटल में
05:35उनके पिता एड्मिट थे, बच्चों की छुटिया थी, तो बच्चों को भी साथ लेके गए थे, ये भी बताया जा
05:40रहा है कि इनकी मौसी भी, �
05:42यानि कुछ और परिजन भी उस होटल में मौजूद थे, बुद्धवार की सुबह जब होटल में आग लगी, तो इस
05:49परिवार को भागने का भी अफसर नहीं मिला, होटल कब आग की लपटों में घिर गया, इन्हें पता भी नहीं
05:54चला, जब फ्लोरिश होटल धदक रहा थ
05:58तो कोई आग की लपटों से बचने के लिए जद्दो जहद कर रहा था, होटल के कमरों के गेट में
06:03इलेक्टिक शौक लगा था, इसलिए कई कमरों के तो दरवाजे खुले ही नहीं, विबेक ने आख़ी कॉल अपने करिश्टेदार को
06:10किया, और सिर्फ इतना कहा कि बेटिय
06:15के सामने सब कुछ जल रहा था, पत्नी, मा, बेटिया, मौसी, मौसा, मामा, सब भी साख के चपेट में थे,
06:22कमरे में धुआ भर गया था, सासें साथ छोड़ रही थी, विबेक की मौत इस अगनिकांड में हो गई
06:40विवेक अगरवाल की पत्मी तरजनी अगरवाल मौडल थी, बिसेज इंडिया का खिताब भी जीच चुकी थी, लेकिन शादी के बाद
06:46घर परिवार के जिम्मेदारियों ने, उन्होंने मौडलिंग छोड़ दी, तरजनी अगरवाल एक एंजियो से जुड़ी थी, खुद
06:59देखे ऐसा है कि हम पिछले जो है पात साल से पड़ोसी हैं और यह बहुत ही सजन परिवार था
07:08और बहुत आस्ता खेलता इसकी बीवी और दो वच्चे यहां पे रह रहे थे बड़े लिमेट आयंसे और बहुत ही
07:17हमारा जो ना सबका स्वहर्द पोरण यहां पे मौड़ते
07:21सबी पड़ोसी यह थे बीवी बच्चे और उनके पिता जी और मा वो सब नहीं रहते थे अब वो बताते
07:29हैं कि सभी सब ऐसे राजसे में शिकार हुएं मुझे अभी तक यह नहीं है बाकि अब इहां सब लोग
07:35बाक कह रहे हैं अभी हम पता करेंगे और क्या है कहां तक सभी
07:39या कोई बच्चा भी बच्चा हुआ है क्या है तो बस मैं कुछ कहने के स्थिति में नहीं हूँ कि
07:46इतना बड़ा हाथसा मेरे प्रोस में मेरे पहली तफ़े हुआ है
07:52अगरवाल परिवार गुरुग्राम के सेक्टर 46 में रहता था अब ये घर सुनसान पड़ा है
07:59घर में रहने वाले सभी लोग इस हाथसे की बज़ा से दुनिया को अलविदा कह गए
08:05बुजरुग पिताबचे हैं जिनकी तब्यद ठीक नहीं है वो मैक्स अस्पताल में भरती
08:09लेकिन सवाल है कि इस हाथसे के लिए जिम्मदार कौन है
08:12क्या दिल्ली नगरनिगम, दिल्ली विकास प्राधिकरण, दिल्ली फायर सर्विसेज, दिल्ली पुलिस की भी जिम्मदारी तैह होगी
08:18या हर बार की तरह इस बार भी जाज कमीटी के नाम पर सफ फाइलों में दफन हो जाएगा
08:27गुरुगराम सिधीरजवशिट के साथ अनशल सिंग और अर्विन दोजा, दिल्ली आज तक
08:39और रुक करते हैं इस वक्त आरेक बड़ी खबर का
08:42अब पता चल रहा है कि जो आरूपी है इस अगनिकांट का
08:45उस आरूपी को जब कोट में पेश किया गया तो पुलिस को उसकी चार दिन की रिमांड मिल गई है
08:50तो इसी के जरिये जानने की कोशिश की जाएगी कि आखिर क्या क्या हुआ था, क्या खानिया थी, क्या कानून
08:56तार्थ पे रखे गए थे
08:57तो लवकेश बजाज, जो मालिक है इस होटेल का वो आरूपी है और उसको आज कोट के सामने पेश किया
09:05गया
09:05और कोट ने उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है
09:16तो इस वक्त हम मौजूद है उस शम्शान भूमी में जिसका नाम मुक्षधाम है
09:21जहां इस वक्त आप मेरे पीछे अगरवाल परिवार और उनके दोस्तों और परिवार वालों को देख सकते हैं
09:27इस वक्त यहां पर उनकी चिताओं को आग दे दी गई है और परिवार इस वक्त जिस दुख में है
09:35उसका आप अंदाज़ा भी लगाना मुश्किल है
09:38क्योंकि अब एक ही घर में रहने वाले जब पांच लोग एक ही शमशान भूमी में एक ही दिन एक
09:45ही पल जब उनके चिता को अगनी दी जा रही है तो उस परिवार का क्या गाहाल होगा
09:49लेकिन इसमें एहम यह हो जाता है कि इस मामले का जो आरोपी है जिसकी रुमांड अब चार दिन की
09:55पुलिस को मिली है आखिर वो कहा था जब आसपास के सारे लोग आपके उस जलती हुई इमारत में से
10:03लोगों को निकालने की कोशिश कर रहे थे उनको मदद करने की कोशिश
10:06कर रहे थे लवकेश बजाज वहाँ पर मौजूद था वो मौजूद ही नहीं था बलकि जब उसने ये सब देखा
10:13तो वहां से भाग गया और भाग कर अपने घर नहीं गया वो सडकों पर घूमते रहा और अब वो
10:19हवाला दे रहा है कि उसे डर लग गया था इसलिए उसने �
10:51कैसा किया
10:53चारगी बरी चीख सुनकर किसी का भी कलिजा काप जाएगा
11:00कोई अपनी जान बचाने के लिए चीख रहा है
11:13पसे लोग बार बार मदद बांग रहे हैं
11:19एक तरफ होतल सुलग रहा है
11:27दूसरी और कमरों में फसे लोग खिर्कियों में जाक रहे हैं
11:31कि कोल को उन तक मदद पहुचा दे
11:35ये तीन जुन की खौफनाक तस्वीरे हैं
11:38जब आग किलब पे बेकाबू हो रही थी
11:40ये मंजर बेहद भयावै था
11:45लेकिन तमान खौफ और खत्रे के बीच कुछ लोग ऐसे थे
11:49जो अपनी जान की बाजी लगा कर मदद कर रहे थे
11:51फसे लोगों को वहां से बाहर निकाल रहे थे
11:54उनकी जिन्दगी बचा रहे थे
11:57कुछ देर के लिए उस भीड़ में वो गुनेगार भी खड़ा रहा
12:00जिसने इस होटल को शम्शान बना दिया
12:13नाम है लफ्किश मजाद
12:15योसी होटल फ्योरिश्टे का मालिक है
12:18जहां तीन जून को हुए भीशरागनी कारण में
12:2121 लोगों की जंदगी खत्म हो गई
12:26हादसे के बाद लफ्केश पजाज की रफ्तार हुआ
12:29जब दिल्ली पुलिस तो उससे सवाल जवाब किये
12:31तो इसने बड़ी बेशर्मी से कबूला
12:33कि हाँ वो हादसे के वक्त मौके पर मौजूद था
12:39हादसे वाले दिन चंद घंटे बाद दिल्ली के साथ के तिलाके से
12:43लफ्केश पजाज की गरफ्तारी हुआ
12:45पुलिस को बताया कि वो हादसे के वक्त मौके से गुजरा था
12:50लेकिन वहाद से तुरंट निकल गया और रुका नहीं
12:52पुलिस को दिये बयान में उसने कहा कि वो धर के चलते मौके से भाग गया
12:56लफ्केश की मानी तो भाग कर वो घर नहीं गया
12:59बल्कि सडकों पर खूंता रहा
13:00और पुलिस की पूश्ताच में सबसे एहम खुलासा ये
13:04कि कभी फायर की एनॉसी नहीं लिखी
13:10तीन जून की सुभा चबालवी रगर के लोग होटल के अंदर आग और ढूएं के बीच भसे
13:15लोगों की जिन्दगी बचाने की जद्द जहत कर रहे थे
13:17तब ये शातिर अपनी गर्दन बचाने के लिए भाग रहा था
13:21जब इसे अपने होटल के महमानों को बाहर निकालने के उपाय करने थे
13:25तब इसे अपनी पड़ी होटल मेटने खौफनाक और तिल दिमाग को जखचोर देने वाले भी चड़क लिकान के बाद
13:32पहली प्रात्रमिक्ता लोगों के रेस्क्यू की थी
13:35दूसरा एहन था हादसे के इस मुजर्ण को तबोचना
13:38जब लवकेश मजाद गिरफ़तार हुआ तो इसने पूर्स्टाज में ये भी खुलासा किया
13:43तो इसने तीन साल पहले आलू वालिया नाम की एक पार्टी से ये बिल्डिंग खरी दे थी
13:47और ये होटल कम गेस्ट हाउस चला रहा था
14:19मिली जानकारी के मताबिक लवकेश बजाज ने पुलिस को बताया कि होटल से पहले यहां खादी की शौप थी इमारत
14:26रफी घरजर थी उससे ये भी दावा किया है कि बेड़न ट्रिक फास्ट तूरिस्ट हेल्थ से जड़ी कई परमीशन ली
14:32थी
14:32गिरफतार बजाज ने ये भी बताया कि वो होटल अकीला चला रहा था इसमें कोई पार्टन नहीं है और उटिक
14:38ने बताया कि उसने होटल का पूरा काम जैय मिश्चा नाम की एक शक्स को सौप रका था जो उसका
14:43अकाउंटेंट है
14:44होटल से जोड़े सारे लाइसेंस जैय मिश्चा की नाम पर ही बताय जा रहे हैं ऐसे मैं सवाल है कि
14:49वो जैय मिश्चा कहा है दिल्ली पुलिस अब उसका रोल भी वेरिफाई कर रही है
14:53इस खूनी होटल के मालिक लोकेश बजाज को दिल्ली पुलिस ने तीन अपरेल की देर साम साउध दिली के साकेत
15:01इलाके से गिरफतार कर लिया
15:03लोकेश बजाज ने पूस्टाच में खुलासा किया है कि उसने होटल की फायर एनोसी कभी लिही नहीं थी
15:10इतना ही नहीं पूस्टाच में लोकेश बजाज ने खुलासा किया कि इस होटल की देख रेक उसका अकाउंटेंट जैमिस्रा ही
15:18करता है लाइसेंस भी जैमिस्रा के नाम पर ही है इतना ही नहीं
15:22आग लगने के बाद लौकेश बजाज इस होटल के आसपास आया कुछ देर रुका उसके बाद मौके से फरार हो
15:31गया और सणकों पर वो लगातार घूम रहा था
15:35होटल सोरस ट्रे जहां हाथसा हुआ उसके दिर्बान में लवकेश बजाज देन यमों की तनिक भी परवा नहीं की और
15:41प्रशासन के अंदेखी की मज़ा से इसका होसला बुलंद रहा
15:45अब वही अंदेखी 21 जिन्दगियों पर भारी पड़ी है
15:52अंशल सिंग के साथ अर्विंदोजा दिल्ली आज तक
15:58तो जैसा आपने सुना लवकेश बजाज का होस्ता बुलंद था
16:02इतना बुलंद था कि वो कानून को ठेंगा दिखा रहा था
16:05कोई कानून का पालन ही नहीं कर रहा था
16:08तीन तीन उसकी प्रापटी थी तीन तीन ऐसे होटेल थे
16:11जो इस इलाके में चल रहे थे और किसी का भी एनोसी नहीं था उसके पास
16:16और जम कर वो अपने इन होटेल्स की ऑनलाइन प्लाटफॉर्म पर आडवर्टाइसिंग भी करता था
16:21बुकिंग्स मंगवाता था और खुद एक आलिशान कोटी में साकेट में रहता था
16:26लेकिन अब आखिर कार हूँ पुलिस की गिरफ्त में है
16:4221 मोटें इस गुलेगार ने अपना अलग ही बिजनेस मॉडल बनाया हुआ था
16:48होटल में किसी की जान जाए तो जाए हाथसा हो तो हो जाए
16:51ये मान चुका था कि इसे फर्क नहीं पड़ेगा
16:54तब ही तो लवकेश बड़ाज दिल्ली के मालविय नगर और अन्य इलाकों में तीन-तीन होटलों का मालिक है
17:01एक होटल है फ्लोरिश स्टे जिसमें तीन जून को भीशन आग लगी और इसके जिन्दगिया खत्म हो गई
17:07दूसरा होटल है फ्लोरिश इन और तीसरा होटल है लेमन ग्रीन
17:13होटल फ्लोरिश स्टे में आज लगी और इकिस लोगों की जान गई तो अधिकारियों ने फाइल पलटनी शुरू कर दी
17:19फिर क्या था लवकेश बड़ाज के तीनों होटलों को लेकर चौकाने वाले खुला से हुए
17:24होटल फ्लोरिश स्टे में छे कमरे बनाने की इजासत थी लेकिन लवकेश बड़ाज ने वहाँ 25 कमरे बना डाले थे
17:31साथी होटल के बेस्मेंट और टॉप फ्लोर पर दो किचिन बने हुए थे
17:34दोनों किचिन के अंदर लपीजी के सिलेंडर रखे हुए थे
17:37हाला कि जानकारी मिली है कि लपीजी सिलेंडर में कोई ब्लास्ट नहीं हुआ
17:41पुलिस आशंका जतारिया के शौर्ट सर्किट की वज़ा से होटल में आग लगी
17:45पुलिस ने बिल्डेंग की फॉरें से जाज भी की है
17:48नियम कानून को ठेंगा दिखाने वाले बज़ाज अपने दूसरे होटलों में भी कुछ ऐसा ही किया
17:53आज तक की टीम लवकेश बज़ाज के होटल फ्लोरिश इन भी पहुची
17:57तो पाया कि वहाँ भी नियमों की दज्जियां उड़ाए गए
17:59जहां तीन कमरों की इजाज़त थी वहाँ बज़ाज ने पाच छे कमरे बनाए
18:03सुरक्षमानों को को कोई ख्याल नहीं रखा बेस्मेंट में भी चार कमरे बनाती
18:08तोर पर कितने रूम से हैं यह आप चेकीजिए
18:10रूम नमबर 101 इसके बाद रूम नमबर 102 यानि दो कमरे
18:16रूम नमबर 03 यानि तीन कमरों तक की इजाज़त है लेकिन आप आप देखेंगे
18:22एक कमरा आपको यहाँ पर नज़र आएगा एक कमरा आपको यहाँ पर नज़र आएगा
18:29आखिरकार इन तरीके के जो होटेल्स चल रहे हैं जो इन लीगल तरीके से जिनके पास permission सिर्फ तीन कमरों
18:37की हैं
18:38ओवराल पूरी building को छे कमरे की हैं उन होटेल्स के इंदर किस तरीके से बड़े स्थर पे जो है
18:45यहां पर restaurant जो है वो चल रहे हैं
18:48और लगातार यहां पर कमरे जो हैं वो आपको यहां पर नजर आएंगे हर फ्लोर पर इसी तरीके का आलम
18:53जो है वो आपको यहां पर नजर आएगा यहां पर भी देखेंगा एक कमरा यहां पर नबगर आजागा यहां पर
18:58गैस नजर आएंगे और आपर भी आपको इसी तरीके
19:14लिए आपके सामने आपको यहां से बलकि एमेरजंसी की एंट्रीस सब कुछ यहीं से दिख जाएगा।
19:50मालवी नगर में होटल में लगी आग और 21 लोगों की मौत के कसुरवारों में से एक लवकेश बजाज के
19:58घर पर आज तक की टीम पहुची हुई है।
20:03जिसमें बजाज फेमिली रहती है और इसी एक फ्लोर पर लवकेश बजाज रहता है।
20:09जोड़ों पती लवकेश बजाज के कई होटल है।
20:12अरवी नगर में जिस होटल में आग लगी उसके आसपास दो होटल हैं।
20:16दोनों ही गैर कानूनी तरीके से बीना एनोसी के चलाए जाए जाए।
20:20जोड़ों पती है लवकेश बजाज की होटल है।
20:30अब लवकेश गिरफतार हो चुका है और उसकी काली करतुतों की फाइल भी खुल चुकी है।
20:35तमाम एजेंसियों ने शिकंजा कसना शुरू करती है।
20:37सुशान महरा और अंशुल सिंग के साथ अर्विन दोजा दिल्ली आज तक।
21:07पहम ये हो जाता है कि लवकेश बजाज जिसके ये होटेल थे जिसमें लोग रह रहे थे वो क्यों भाग
21:17खड़ा हुआ।
21:18बल्कि अगर ध्यान दे तो बीट के अफसर तक सो रहे थे। महक में जिनकी जिम्मदारी थी वो भी सो
21:23रहे थे।
21:23चाग जो रहे थे वो सिर्फ आसपास के रहने वाले लोग, मालविय नगर के लोग जिन्होंने जो बन पड़ा किया
21:30लोगों को उस जलती हुई इमारत से बाहर निकाला।
21:33मिलिये कुछ ऐसे ही अगनीवीरों से जिन्होंने वहाँ पूरी मदद की, जितनी क्षमता थी उतनी मदद की।
22:03जो बन पड़ा सब लेकर दोर पड़ा कि कैसे भी जितने भी लोगों को बचा सकें बचा लोगों।
22:39अगनीवीरों से जितने भी नजदिक फायर से बाहर आगई है।
22:48देखते रहें आज तक
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