00:00अगर वक्त रहते दिली परेटर विभाग, MCD और दिली पुलिस ने अपनी जिम्मेदारी निभाई होती तो 21 लोग बे मौत
00:06नहीं मारे गए होते
00:07लिकिन इससे ज्यादा शर्मनाग हाथसे के बाद दिली पुलिस का रवया है
00:12दिली पुलिस ने हाथसे के सचाई दुनिया को दिखा रहे
00:15आज तक समधा था अरविंद ओजा की आवाज बंद करने की पूरी कोशिश की
00:22यह पुलिस है अब देखिए चुकि हम यह कवरेज दिखा रहे है पूरा कॉड़नोफ इलाका है
00:27तो अब पुलिस यहाँ पर जो एडिशनल डिसीपी है वो यहाँ पर करीए कि यहाँ से हट जाए
00:33यानि कवरेज की भी पाबंदी है हाँ पर करीब से कोई नहीं दिखा सकता
00:37क्योंकि होटल से हम बहुत दूर है यहाँ पर किसी तरह का खत्रा नहीं है
00:41बावजूद इसके पुलिस की यह कोशिस है कि पूरे इलाके को कॉर्डन ओफ किया जाए
00:46और लोगों को कवरेज से रोका जाए हम सीधी तस्वीर दिखा रहे है
00:50जी बताइए क्यों किस लिए नीचे आ जाए
00:53यह देखें यह पुलिस यहाँ पर पूरी तरह से वहाँ पर घेर दिया गया है
00:58आसपास नहीं होटल के गिरने का खत्रा हो सकता है यह माना जा सकता है
01:03लेकिन होटल से काफी दूर पर कॉर्डन ओफ कर दिया गया है रोका गया है
01:07कवरे से यहाँ पर और यह सीधी तस्वीर चुकी हम आपको दिखा रहे हैं और यह दिखाना जरूरी भी है
01:12कि किस तरह की लापरवाही बरती जाती है मिली भगत से सिर्फ एड डिपार्टमेंट की यह मिली भगत तो नहीं
01:18हो सकती
01:18की एमसीडिया फायर की पूरी तरह से मिली भगत से दिली के तकरिबन हर इलाके में इस तरह का गोरक
01:24धंदा चल रहा है अब यह तरीके से होटल रेश्टरेंट चल लहें कोई यहाँ पर किसी तरह की जो इंस्पेक्शन
01:31नहीं होता है कोई ड्राइब नहीं चलाय जाता है कभी ह
01:41यही है दिली पुलीस का चाल और चरित्र पुलीस आज तक को कवरिज से रोकना चाहती थी लेकिन अर्विंद उच्छा
01:49ना तो रुके और नहीं जुके 21 मॉतों के एक-एक गुरहकार की फोलते रहे
02:03चाहज़त दिये तो देखिए इस तरीके से यह टकि यह तस्वीर आप देखे़ यह होता है जब कोई हादसा हो
02:08जाता है तो कवरेज के लिए इस तरह से दिली पुलीस नहीं तो यह ओटल गिर रहा है ना कुछ
02:12हो रहा है लेकिन अब एक साथ पुलिस के अधिकारी है यह रो
02:33और यह आम है ना सिर्फ दिल्ली पुलिस की मिली भगत से बलकि तमाम लोगों की मिली भगत से ये
02:39दिली के अलग-अलग हिलाकों में रेश्टोरेंट होटल चलाए जाते हैं और ये पूरा मेगा ड्राइब चलाना चाहिए दिल्ली सरकार
02:46को, MCD को
02:47आज तक समवदाता के सवालों का जवाब दिल्ली पुलिस के पास नहीं था क्योंकि ये आवाज बंद करने की सीथी
02:54कोशिश थी, पुलिस यही चाहती थी कि अपनी नाकामी पर किसी तरह पर्दा डाल सके
03:24अगर दिल्ली पुलिस ने इतनी मुस्तैदी वक्त रहते दिखाई होती,
03:28तो ना तो ये अवैद बिल्डिंग यहां खड़ी हुई होती, नहीं अवैद तरीके से यहां रेस्टरेंट चल रहा होता और
03:35नहीं 21 लोग बे मौत मारे जाते
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