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ट्विशा की मौत का सच बताएगा डमी ट्रायल ? देखें वारदात
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00:05नवस्कार मैं हूँ शम्स तहरखान और आप देख रहे हैं वारदाथ।
00:08ठीक बीस दिन बाद एक बार फिर टूशा की मौत हुई।
00:12इस बार ये एक डमी मौत थी।
00:16वही घर, वही छत, वैसा ही फंदा और वही दो लोग जोनों ने टूशा को फासी के फंदे पर लटकते
00:23हुए देखने का दावा किया था।
00:26यानि टूशा की सास और टूशा का पती।
00:30टूशा की कत काठी का और थेक उसी के वजन का एक पुतला तयार किया गया।
00:35उसके गले में फंदा डाला गया
00:37फिर टूइशा की सास से कहा गया
00:39कि वो फंदा खोले
00:41पती से कहा गया
00:42कि वो लाश को नीचे उतारे
00:44और ये सब कुछ कैमरे में
00:46लाइफ रिकॉर्ड हो रहा था
00:50पांच दिनों की
00:51CBI हिरासत में भेजी गई
00:53ये टूइशा की सास और पूर्व
00:55जच साहिबा है गरिवाला सिंग
01:02इस वक्त ये CBI की हिरासत में है
01:04और उसी हिरासत में
01:05ये इस वक्त अपने घर जा रहे है
01:08उसी घर में
01:09जसकी छत पर 12 मई को टूइशा की मौत हुई थी
01:12पिंक रंग के कुर्ते और ट्राउजर में
01:14CBI अफसरों से घरी
01:16गरिवाला सिंग के चाल और तेवर में
01:18अब भी कोई फर्क नहीं आया
01:27ये समर्थ सिंग है
01:28तूइशा का पती और जच साहिबा रही
01:30गरिवाला सिंग का बेटा
01:36ये भी पांच दिनों की CBI हिरासत में
01:39इस वक्त उसी CBI हिरासत में
01:41CBI वाले इसे अपने साथ
01:43उसी घर में ले जा रहे है
01:44जस घर में 12 मई को टूइशा की मौत हुई थी
01:51ये एक पुतला है
01:53इसे आप दमी भी कह सकते हैं
01:55ये दमी कुल तीन टुकडों में
01:56और हर टुकड़ा कार से निकाले जाने के बाद
01:59एक एक शक्स इसे उठा कर अपने साथ ले जा रहा है
02:04उसी घर में जस घर में तूइशा की 12 मई को मौत हुई थी
02:09पुतले के तीन टुकडों में पहला सिर और धड़ है
02:12उसके पीछे जो शक्स है
02:13उसके हाथ में दोनों हाथ है
02:15और उसके पीछे जो शक्स है
02:17उसके पास इस पुतले के दोनों पैर
02:23ये वजन तोलने वाला मशीन है
02:25इसे वेइंग मशीन भी कहते है
02:27जब पुतले के तीन और टुकड़े आपस में मिला लिये जाएंगे
02:30तब उस पुतले का वजन लिया जाएगा
02:33इसी वेइंग मशीन से
02:36पुतले का वजन ठीक उतना ही होना चाहिए
02:39जितना पुईशा का वजन था
02:40ये वजन घटाने या बढ़ाने के लिए
02:43इस्तिमाल होने वाला वेट प्लेट्स है
02:46इसमें हर तरह के weight plates हैं
02:482 kg, 5 kg, 10 kg, 20 kg
02:51अगर पुतले का वजन कम ज्यादा होगा
02:53तो इसी weight plates से उसके weight को पूरा 80 kg किया जाएगा
02:59तो मा बेटे यानि गिरवाला सिंग और समर सिंग घर के अंदर पहुँच चुके हैं
03:04डमी यानि पुतला, वेइंग मशीन, weight plates
03:07ये सब भी घर के अंदर पहुचाए जा चुके हैं
03:09CBI की T, खासकर forensic team भी अब घर के अंदर जा चुकी है
03:27घर के अंदर दाखिल होने के बाद पुतला समेथ, सारा सादो सामान
03:32CBI की team, forensic team, अब सभी पूर्वजद साहिबा
03:36गरिवाला सिंग के घर के इसी छट पर इखटा हो चुके है
03:41CBI की team के बीच, बस आपको ये दो चेहरे अलग नज़र आएंगे
03:45और ये दो चेहरे हैं, टुईशा के पती समर्ज सिंग और टुईशा की सास गरिवाला सिंग थे
03:52अब सवाल ये है कि CBI की team के बीच छट पर इस वक्त समर्ज सिंग और गरिवाला सिंग क्या
03:58कर रहे हैं
03:58तो बस यू समझ लीजे कि जिस recreation ये dummy trial के लिए CBI की team यहां पहुंची है
04:04वो समर्ज सिंग और गरिवाला सिंग के बिना मुम्किन ही नहीं
04:08क्योंकि समर्ज सिंग और गरिवाला सिंग ही, वो पहले दो शक्स थे
04:12जिसने अपनी बीवी और बहु को बारा मै की रात इसी छत पर ठीक इसी जगा फंदे से लटका देखा
04:19था
04:20वो समर्ज सिंग और गरिवाला सिंग ही थे, जो ये बता सकते थे कि फंदा कैसे कसा था
04:26गाठ गर्दन के किस तरफ थी, पैर जमीन से कितना उपर या नीचे था, फंदे और गाठ के बीच चेहरे
04:32का रुख क्या था
04:35समर्ज सिंग अगर पहला चश्मदीद था, तो दूसरी चश्मदीद थी समर्ज की मा, यानि टूशा की साथ गरिवाला सिंग
04:41क्योंकि वो ग्रेबाला सिंग ही थी, जिसने 12 मही की रात टूशा की गले का फंदा खोला था, पर पहले
04:47समर्ज सिंग की बारी थी, क्योंकि छट पर सबसे पहले वही गया था, अब छट पर ट्रायल शुरू होता है
04:53सबसे पहले सीबियाई और फॉरंसिक टीम, टायर जैसी उसे रिंग पर, इलैस्टिक का ठीक वैसा ही एक बेल्ट बार दी
05:01है
05:03बेल्ट कसा जा चुका था, क्राइम सीन पर समत मौझूद है, सीबियाई के टीम बाकाइदा बेल्ट का फंदा बनाने के
05:10बाद, उस फंदे की गांट या रसी की हाइट, सब कुछ उसी के हिसाब से रिकिरियेट कर रही थी
05:16जब समर सिंग ने ठंदे के बारे में अपनी फाइनल राय देगी, उसी के बाद ट्राइल का पहला फेस पूरा
05:22हो गया, अब बारी सबसे एहम ट्राइल की थी
05:27थोड़ी देर पहले जिस पुतले या ड्मी को आपने तीन टुकडों में देखा था, अब वो तयार हो चुका था
05:33सभी टुकडों को जोड़ कर बाकाइदा उसे ट्विशा के वजन और हाइट के बराबर बना कर उस पुतले को काले
05:40रंग की वेस्ट पहनाई गया
05:42अब इस ड्मी को छट पर लगे उसी रिंग से लटकते इलैस्टिक के बेल्ट के फंदे से गले को कसना
05:48था
05:48शायद टुशा के गले में जो फंदा कसा था उसकी गाठ बाई तरफ थी
05:52क्योंकि CBI की टीम ने समर्थ से पूच कर ड्मी के गले में गाठ बाई तरफ ही कसी थी
06:03अब फंदा बिल्कुल तयार हो चुका है जिस जगा और जैसे टुशा की लाश पहली बार फंदे से छूलते हुए
06:10माँ बेटे ने देखी थी
06:11उसी हिसाब से ड्मी को लटकाया गिया पूर्व जट साहिबा ग्रिबाला सिंग और उसके बेटे समर्थ सिंग से बातचीत के
06:19बाद अब आखरी ट्रायल पूरा करना था
06:23ये ट्रायल ये था कि अब तुशा फंदे से जूल चुकी है थोड़ी देर बाद उसका पती समर्थ और सास
06:30गिरबाला सी छत पर आती है और पहली बार दोनों तुशा को फंदे से जूलते हुए देखती है जैसा कि
06:37दोनों ने CBI को अपने बयान में कहा था
06:39जब पहली बार मा बेटे की नजर फंदे से जूलती टुशा पर पड़ी तब दोनों ने क्या किया अब यही
06:45ट्रायल शुरू होना है तो चलिए देखते हैं मा बेटे का उस राद पहला रियेक्शन क्या था
06:53सबसे पहले टुशा के करीब बारा मैं की रात समर्द गया था उसने फंदे से जूलती टुशा को पीछे से
07:00पकड़ा पर शायद वो टुशा को नीचे नहीं उतार पा रहा था
07:03क्योंकि गले में फंदा का सा था तबी सास गिरिबाला सिंग छट पर आई वो गिरिबाला सिंग ही थी जिसने
07:10टुशा के गले से फंदा खोला दोनौ मा बेटें इस वक्ट बिल्कुल वही सी रिक्रेट कर रही
07:19फंदा खोलने के बाद अब समर्थ किसी तरह टूइशा के इस पुतले को जमीन पर रखता है
07:24वदन शायद ज्यादा है इसलिए उसे टूइशा को उठाने में परिशानी हो रही थी
07:28इसके बाद टूइशा को किसी तरह छट की सीड़ी के करीब तक लाया गया
07:32सीवियाई की टीम भी रिकेरियेशन के दौरान उस स्रीड़ी तक पहुँची
07:36लेकिर अफसोस हमारा कैमरा वहां तक नहीं पहुँच पाया
07:42वैसे योसी 12 मई की रात की सीसी टीवी की तस्वीर है
07:45जब स्रीड़ी के उपर समर्थ और फिर बाद में उसका एक कज़र और परडोसी
07:49शायद टूइशा को सीपियार देने की कोशिच कर रहे थे
07:53यानि उसकी सांस वापस लाने की कोशिच कर रहे थे
07:56कम से कम तस्वीर में तो यहीं दिखाया गया
07:59और इस तरह क्राइम सीन का रिक्रियेशन और ड्रमी ट्राइल अपने अंजाम को पहुंचता है
08:07सीबी आई और फॉरेंसिक की टीम आज हूबो हूँ
08:10तूशा के वजन के बराबर का ड्रमी पुतला लेकर गिरीबाला सिंग के घर पर पहुँचे है
08:16दरसल सीबी आई आज इस ड्रमी पुतले के जरीए ये पता लगाने की कोशिश करेगी
08:20कि गिरीबाला सिंग और समर्थ सिंग तूशा को फंदे से उतारने से लेकर अस्पताल पहुचाने तक के जो बयान देए
08:27हैं
08:28क्या उसकी टाइम लाइन आज के सीन रीक्रियेशन से मैच होती है या नहीं
08:32इसके साथी फोरेंसिक की टीम ये भी देखेगी कि तूशा के गले पर जो निशान थे
08:37क्या वैसे ही निशान इस ड्रमे पुतले पर भी बनते है या नहीं
08:41माना जा रहा है कि आज का ये सीन रीक्रियेशन सीबी आई की जाँच में एक एहम कड़ी साबित होगा
08:48पर सवाल ये है कि आखर इस रीक्रियेशन ये डमी ट्राइल से सीबी आई किस नतीजे पर पहुचना चाहती है
08:54क्या किसी क्राइम सीन के रिक्रियेशन या डमी ट्राइल से केस की सचाई सामने आ सकती है
09:00अगर हां तो कैसे और सबसे बड़ा सवाल ये कि ये डमी ट्राइल क्या होता है
09:05इस से सीविया ये कैसे पता लगा सकती है
09:08कि टुईशा ने खुदकुशी की या उसका कतल हुआ है तो चलिए अब आपको क्राइम सीन का रिक्रियेशन और डमी
09:14ट्राइल डमी ट्राइल का सच और डमी ट्राइल के नतीगे तीनों के बारे में बताता है
09:23तो इसमें होता क्या है कि एक जमी यानि जो भी डिसीज देर उसके हाइट की उसके वेड का और
09:36जो भी जहां पर भी ये देखी गई होगी फर्स टाइंगी बढ़ी में और अग्दिन तो किस इस्तिती में थी
09:48उस तरीके से
09:54जो भी यूज होगा और किस तरीके से जो एंकर पॉइंट था कि जहां पर की पक्य गठान जिसको कहते
10:07हैं बंदी होगी और नेट में जिस तरीके का भी लूप हो ये अचुली टीज पार्ट अफ इंविस्टिगेशन
10:17यह मध्यप्रदेश फॉरंसिक साइंस लेबुरेटरी के पूर्व डियालिक्टर डॉक्टर हर्ष शर्मा है एन्गिंग यानि फासी से हुई मौत के सैकनों
10:27केस इन्होंने देखे हैं डॉक्टर हर्ष शर्मा के मताबिक किसी भी
10:30या डमी ट्राइल के लिए सबसे जरूरी होता है वो चश्मदीन जिसने सबसे पहले क्राइम सीन को देखा
10:37फॉरंसिक जुबान में इसे लाश सीन भी कहते है यानि ऐसा गवाह जिसने लाश को फंदे से लटकते हुए देखा
10:46जिसने ये देखा हुए कि जब लाश फंदे से जूर रही थी तब उसकी पोजिशन क्या थी
10:51उसके पेर कहा थी गले पर फंदे की गाट किस तरफ थी सिर्क किस तरफ चुका हुआ था
11:14असल में एक डमी ट्राइल के जरीए ये पता करने की कोशिश की जाती है
11:19कि जिसने सबसे पहले उस लाश को देखा
11:21क्या वो उस लास सीन के बारे में सच बोल रहा है
11:24डमी ट्राइल खासतोर पर उसी केस में किया जाता है
11:27जब पुलिस के आने से पहले ही फंदे से लाश को उतार ली जाती है
11:32क्योंकि अगर लाश फंदे से जूल रही हो और पुलिस और फॉरंसिक टीम मौके पर हो
11:37तो फिर उन्हें ये पता करने की जरूरत ही नहीं पड़ती
11:40कि लाश की पोजिशन क्या है या फंदे की गांट किदर है
11:43डमी ट्राइल में सबसे पहले मरने वाला या मरने वाली का वजन पता किया जाता है
11:48फिर उसकी हाइट ना पी जाती है
11:50इसके बाद उसी हाइट की एक डमी तयार की जाती है
11:53डमी के साथ वेट प्लेट्स की मदद से बाकाइदा उस डमी का वजन उतना ही रखा जाता है
11:59जितना मरने वाला या मरने वाली की होती है
12:02मसलएं टूशा का वजन 80 किलो था
12:05इसलिए टूशा के हाइट और कत काठी की जो डमी तयार की गई उसका वजन भी करीब 80 किलो रखा
12:11गया
12:11फंदे से लड़कती लाश को सबसे पहले देखने वाले चश्मदीद से पुलिस ऐसे केस में जो बेसिक सवाल पोचती है
12:19वो ये कि फंदे की गाठ किधर थी सिर किस तरफ जुका हुआ था पैर और जमीन के बीच कितना
12:25फासला था
12:26असल में ये वो सवाल है जो एक खुदकुशिय और कतल के फर्क को बड़ी आसानी से साफ कर देते
12:32है
12:32जैसे जब भी हैंगिंग के केस में कोई मौत होती है तो फंदे पर जूलते ही शरीर का पूरा वजन
12:38किसी एक तरफ चुक जाता है
12:40और जिस तरफ पूरा वजन जाता है उसी तरफ का सिर का हिस्सा जुका होता है
12:45दूसरा हैंगिंग के केस में हमेशा गांट कभी सेंटर यानी बीच में नहीं रहती बलकि वो दाएं या बाएं खिसक
12:52कर चली जाती है
12:53जिस तरह फंदे का गांट होगा हैंगिंग के केस में हमेशा उसके उल्टे साइड सिर्ध छुका होगा
13:00इसके लावा ऐसे केस में एक और बहुत अहम चीज होती है
13:04और वो है दोनों आखों में से किसी एक आख का थोड़ा सा या फिर पूरा खुला होना
13:10फंदा कसकर खुदकुशी करने वाले यानि हैंगिंग के केस में एक और बड़ी अहम चीज होती है
13:16और वो है मरने वाला या मरने वाली का स्टूर, यूरीन या फिर फीमेल एजुकलेशन पास होना
13:22अगर किसी को मार कर यानि किसी का कतल कर उसे फंदे से लटका दिया जाए तो ये सारी चीज़
13:28नहीं होगी
13:30टूइशा की मौत के इसी डमी ट्रायल में गरिबाला सिंग ने जब फंदा खोला तब आपको पुतले के गले पर
13:36लाल रंग का एक निशान दिखा होगा
13:38अब जाहिर है पुतले में खून तो होता नहीं तो हुआ ये कि डमी ट्रायल के दौरान जिस बेल्ट का
13:44इस्तिमाल फंदे के तोर पर किया गया उस पर लाल रंग लगाया गया
13:48ताकि ये पता किया जा सके कि कसे हुए फंदे या फंदे के गांट की वज़ा से ट्रुशा के गले
13:54पर बेल्ट के जो निशान आये थे
13:56क्या वो ठीक उसी जगा पर थे जो इस पुतले के गले पर आये
13:59फंदे से गले पर आने वाले इस निशान को लिगेचर मार्क कहते हैं
14:04जिस भी रसी कपड़े या बेल्ट से फंदा कसा जाता है
14:07उसके निशान गले पर तो आते ही है
14:09साथ ही मरने वाले के गले के निशान जैसे बाल या चमरी
14:13उस रसी कपड़े या बेल्ट पर भी आ जाते हैं
14:17इसलिए हैंगिंग के केस में ज्यादा तर फॉरंसिक एक्सपर्ट जो वक्त पर मौके पर पहुँच जाते हैं
14:22वो फंदा खोलने की बजाए उस फंदे को ही काट कर अपने साथ ले जाते हैं
14:26इससे गले के लिगे चर्मार्क और उस फंदे पर आये उस गले के निशान या सबूत को मैच कर ये
14:33साबित कर दिया जाता है
14:34कि जिस फंदे या बेल्ट से मौत हुई है वो यही है
14:38आंतोर पर फंदे पर मौजूद मरने वाले के बाल या चमड़ी के सबूत उठाने के लिए उस फंदे को उस
14:44हिस्से पर टेप चिपकाया जाता है
14:46फिर उसी टेप को उखाल कर उस टेप पर आ चुके सबूत की फॉरेंसिक टी जाच करती है
14:52लेकिन टुशा केस में मामला थोड़ा आजीब था
14:55पहली बात तो ये कि 12 माई की पूरी राद पुलिसिस छट तक आई ही ने
15:0013 माई की सुबह आई भी तो इस बेल को उतार कर उसने फॉरेंसिक टी या पोस्टमोटम करने वाले डॉक्टरों
15:06को दिया ही ने
15:07यानि पोस्टमोटम के वक्त इसी बेल्ट की गेरहाजरी की वज़ा से डॉक्टर ये पता ही नहीं लगा पाए
15:13कि टुशा की मौत इसी बेल्ट के फंदे की वज़ा से हुई या गले में कोई और फंदा था
15:20अब यहाँ सवाल ये है कि फंदे पर जूलती लाश को जिस शक्स ने सबसे पहले देखा
15:25अगर वही गलत बयान दे गलत गवाही दे लाश के बारे में गलत कहानी सुनाए
15:30तो फिर डमी ट्राइल का मतलब क्या रह जाएगा? क्या डमी ट्राइल सच्मुझ जाच एजनसी को किसी नतीजे पर पहुचा
15:37सकता है?
15:38नतीजा उसे यह नॉर्मली जो नतीजे की बात है, नतीजे की बात यह होती है कि
15:44कि लिए रेकुंस्ट्राइब तो उसकी सच्चाई हमको जो भी है समझ में आती है और किस तरिके की चोटें आती
15:55हैं उससे यह ज़िए पार्ट अफ इंविस्टिगेशन तो सिमिलर कंडिशन बनाई जाती हैं
16:03जैसा मैंने की कहा की बॉडी वेट सेम हो प्लस भी हाइट अप दिसीज दार शुदी सेम अप दे डमी
16:13वैसे जादा तर एक्सपर्ट्स का मानना यही है कि रीक्रियेशन यह डमी ट्राइल बस इस हद तक तो काम आता
16:20है कि यह पता लगाया जा सके कि चश्मदी सच बोल रहा
16:24यह जूट लेकिन रीक्रियेशन यह डमी ट्राइल से कोई भी जांच एजनसी यह पता नहीं कर सकते कि मामला फुदकुशी
16:31का है यह गतल का वैसे टूइशा की मौत पर यह रीक्रियेशन यह डमी ट्राइल कितना असर डालेगा यह तो
16:39अभी पता नहीं लेकिन अब CBI भी हो
16:53कितनी मेहनत से इस केस पर काम कर रही है वरना आप भी बताईए आज से पहले क्या आपने कभी
16:59किसी भांसी का ऐसा लाइव रीक्रियेशन यह डमी ट्राइल देखा है
17:04CBI की टीम को भी पता था कि इस चट के ठीक सामने वाली चट पर पूरी मीडिया एखटी है
17:10हर कैमरे का रुख उन्हीं की तरफ है फिर भी उन्होंने किसी परदे से क्राइम सीन को ढखने की कोशिश
17:16तक नहीं कि इतना ही नहीं
17:18CBI की गाड़ें आराम से ग्रिबाला सिंग के घर के इस गेट तक भी आ सकती थी लेकिन फिर कैमरे
17:24में आएक्शन कहां कैद होता लियादा जिस गाड़ी में पुतले यानि डमी रखे थे उसे घर से दूर खड़ी कर
17:31वहां से पैदल इन पुतलों को उतार कर लाया गया ताकि
17:35कि हर कैमरा अच्छे से इने कैद कर सकी अब सोचें यह सब देखकर भोपाल पुलिस के सीने पर कैसे
17:42सांप लोट रहा होगा रवीश पाल से भोपाल आज तर एक पैरा एथलीट जो भारत की तरफ से ओलमपिक में
17:53हिस्सा लेने वाला था दिल्ली में गोली मार कर उसकी हत्या
17:57कर दी गई यह त्या उसके अपने ही एक साथी पैरा एथलीट ने किया इन दोनों की ही आखों की
18:03रोशनी कमजोर थी गोली पीठ में मारी गई थी जानते हैं एक साथी एथलीट ने अपने ही साथी एथलीट का
18:11कतल क्यों किया
18:24गाजियबाद के हिंडन इलाके में यही वो साई उपवन है जहां 30 माई की दोपहर को चिराग त्यागी की लाश
18:30मिली थी
18:3024 साल का चिराग कोई मामूरी लड़का नहीं बलकि मुरादनगर का रहने वाला एक नामी पैरा एथलीट था जिसने हाल
18:37ही में इंडियन ओपन पैरा एथलीटिक्स में गोल्ड मिडल अपने नाम किया और एशियन पैरा गेम्स में भारत की और
18:43से खेलने वाला था
18:45ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर चिराग की जान किस ने लिए और क्यों चिराग के सिर
18:51पर बोली के निशान देए
18:53सबसे पहले पार्ग में घूमने आए लोगों की नज़र लाश पर गई और उन्होंने पुलिस को इतला देए
19:15कि इसका मदलब एक्सपायर हो चुकाता हो तो मैंने पूछा पुलिस वालों से तो उस टैंट पुलिस वालों ने कि
19:23इसमें बड़ा नहीं अट बात में जब पता लगा कि उसका कि उसकी ने डेस्वाजर होगी है
19:37तो आप पहुत हैं तो मैंने एक्सिडंट हो गया है मैंने चिराग के फोन पर फोन करा तो पुलिस वो
19:49पुलिस वाले ने फोन उठाया उन्होंने कहा कि ऐसे से बात है चिराग यहां डेड़ कर्णिशन में मिला है और
19:56आप आजाओं हम आये तो चोकी
20:10शुरूर में इस मड़र गेज को लेकर पुलिस के पास भी कोई ग्लू नहीं था
20:14क्योंकि न तो चिराग के घरवाले अपनी किसी के साथ दुष्मनी की कोई बाद कह रहे थे
20:19और नहीं उन्हें चिराग से किसी की कोई दुष्मनी का पता
20:48इस पीच पुलिस लगातार चिराक के बारे में जानकारी जुटा रहे थी
20:52वो गाजियबाद के ही मुरादनगर इलाके के बसंतपूर सिंथली गाउं के रहने वाले थी
20:56और हाली में पैरा एथलेटिक्स कैम्प में हिस्सा लेने बेंगलूरू गये थी
21:00जिराक एक दृष्टी वाधित नौजवान थी
21:03यानि उन्हें आम लोगों के मुकाबले काफी कम आनशिक रूप से दिखाई देता थी
21:08और वो इसी कैटेगरी की एथलेटिक्स मुकाबलों में भी हिस्सा लेने
21:12वेंगलूरू से लोट कर वो दिल्ली के नहरू स्टेडियम में ठहरे
21:15और शनिवार को अपने गाउं लोटने वाले थी
21:22लेकिन इससे पहले कि चिराग गाउं पहुँचते बीच रास्ते में ही किसी ने उनका कत्म को
21:30कमिशनरेट गाजियाबाद के अंतरगत थाना कोटवाली छेतर में आज तीन मजे के पश्चात को ये सूचना प्राथ हुई
21:36कि एक यूवक का शौ साहीं कुझ नामक छेतर में पढ़ा हुआ है
21:39पुलिस द्वारा तकाल मौके पे पहुचकर शौव को कबजे में लिया गया
21:43शौव की पहचान चिराग त्यागी के रूप में हुई है
21:46जिसकी उम्र 24 वर्स है और जो पैरलंपिक खिलाडी के रूप में प्रसिद्ध है
21:51शौव को प्रतम जुष्या देखने से ये प्रदीत हुआ कि किसी प्रतिके द्वारा इनकी गोली मार करके हत्या गी गई
21:56है
21:57हलंकि जब पुलिस ने इस केस की तफ्तीश आगे बढ़ाई तो उसे मौकाय वारदात यानि साई उपवन के पास
22:03कुछ CCTV तस्वीरों में एक संदिक शक्स दिखाई पड़ा ये शक्स चिराग के साथ ही मौजूद था
22:09लेकिन कतल के बाद जिस तरह से ये आदमी गायब हो चुका था पुलिस का शक उस पर गहरा गया
22:15अब पुलिस ने चिराग को जानने वाले लोगों की मदद से इस आदमी की पहचान पता करने की कोशिश की
22:21और उसे काम्याभी मिल गए
22:23ये कोई और नहीं बलकी चिराग का दोस्त यश्खटिक था वो यश्खटिक जो चिराग की तरह ही एक नौजवान पैरा
22:31एथलेट था
22:32लेकिन आखिर यश्ख की चिराग से क्या दुश्मनी थिया क्या वाकई वही चिराग का कातिल था
22:37पुलिस अब यश्ख की तलाश शुरू कर चुकी थी और जल ही वो शिकंजे में आ गया
22:42पुलिस द्वारा CCTV फुटेज के अधार पर एक व्यत्य को हिरासक ने लिया गया जिसका नाम यश्खटिक है
22:49यश्खटिक ने अपनी पुश्टाच में ये बताया है कि ये भी पैरालंपिक खिलाडी है और चिराग यागी के साथ ये
22:56भी पूर में प्रेक्टिस किया करता था
22:57ये दोनों ही ब्लाइन केटेगरी के अंतरगत एटलेटिक्स में पार्टिसिपेट किया करते थे
23:03अब सवाल ये था कि अगर यश्ख वाकई चिराग का दोस्त था तो फिर दोनों दोस्तों के बीच ऐसी क्या
23:08बात हो गई
23:09कि उसने चिराग की जान ले तो पूछताच में पुलिस को इस सवाल का जवाब भी मिल गया
23:15असल में दोस्तोंने के बावजूद दोनों के बीच कई बातों को लेकर अनबन थी
23:19खासगर चिराग ने यश्ख के डॉकुमेंट्स वेरिफिकेशन को लेकर ऑथरिटीज को कुछ शिकायतें की थी
23:25जिसके बाद जाच में यश्ख के कागजातों में वाकई कुछ कमी पाई गये और उसे पैरा एथिलेटिक इवेंट से डिस्क्वालिफाई
23:33कर दिया गया
23:34और इसे लेकर यश्ख चिराग से खुंदक रखता था
23:40कि यश्खटिक का कहना था कि डॉक्यमेंट वेरिफिकेशन के संदर में चिराग्यागी ने इसके विरोधु कुछ शिकायत और कंप्लीन दर्ज
23:47कराई थी जिसके आधार पे इसको क्वालिफिकेशन कैंसल कर दिया गया था
23:50इस बात से यश्खटिक काफी नाराज चलना था और इसमें बदला लेने के उद्देश से उसने पिस्टल से इसके उपर
23:58फायर करके इसकी हत्या कर दी है
24:00पिस्टल की बरामद्दी के लिए पुलिस की में भेज दी गई है इस संदर में आगे की विधिकारवाई की जा
24:05रही है कि इस घटना में और भी लोगों की जो संलिप्टता है उसके बारे में भी जांश परताल की
24:09जा रही है
24:11चिराग और यश दोनों T12 कैटेगरी के अथलीट थे ऐसे अथलीट जिनकी आँखों की रोशनी काफी कम होती है
24:18आम तोर पर इनसान 60 मीटर तक आसानी से देख सकता है
24:22लेकिन इस कैटेगरी के लोगों को किसी चीज को ठीक से देखने के लिए 2 मीटर या फिर उससे भी
24:28ज्यादा करीब जाना पड़ता है
24:30कुछ लोगों का साइड विजन भी काफी खराब होता है
24:33जिसके चलते उन्हें चुनौतियों का सामना करना पड़ता है
24:36जाहिर है चिराग ऐसे लोगों में शामिल थे
24:39लेकिन इतनी मुश्किलों के बावजूफ उन्होंने पैरा एथिलिटिक्स में अपने हुनर का लोहा मनवाया
24:45मगर एक दोस्त के साथ हुई मामूली अन्बन आखिरकार उनकी मौत की बज़े बंदे
24:50मैंक गौर्ड गाजियबा आज तर
24:55तो वारदात में फिलाल इतना ही मगर देश और दुनिया की बाकि खबरों के लिए आप देखते रही आज तक
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