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  • 11 minutes ago
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में शुमार वैदिक विज्ञान केंद्र की 5 मंजिला इमारत का लोकार्पण 2019 में हुआ था.

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00:00भारत में वेद सदियों पुराने हैं और वेद की इस परंपरा को विज्ञान से जोड़कर एक ससक्त सनातन का मजबूत
00:09आधार प्रस्तुत करने के लिए काशी में एक ऐसे केंदर की स्थापना होई थी जो धर्म और विज्ञान दोनों को
00:18मिलाकर कुछ ऐसे सोध करने की तयार
00:20में था जो भारत को बिश्वग्रू बनाने की दिशा में आगे बढ़ता लेकिन प्रधान मंतरी नरेंदर मोदी का ये सपना
00:28पूरा नहीं हो सका प्रधान मंतरी नरेंदर मोदी ने अपने संसलिय चेतर वारा नसी में सर्व विज्ञा की राध्धानी कहे
00:34जाने वाले काशी
00:50विज्यान को जोड़कर एक मजबूत आधार के साथ मंत्रों, हवन, वैदिक परंपराओं और अन्य चीजों के उस वैज्यानिक आधार को
00:59प्रस्ट करना था जो ये बताता कि शोध के जरिये सनातन संस्कृती की मजबूती क्या है और भारत विश्योगुरू कैसे
01:07बन सकता है �
01:08प्रदानमंत्री नरेंदर मोधी का ये सपना बेहद महत्वकूत था और इसी सपने को पूरा करने के लिए इस वैदिक विज्यान
01:14केंदर की स्थापना कर हर वर्ष जो पांच करोन उर्पय का फंड है वो भी रिलीज हुआ लेकिन ये सपना
01:20पूरा नहीं हुआ
01:21हालात ये हैं कि आज लगभख साथ वर्ष से जादा का वक्त लीत चुका है और इस वैदिक विज्यान केंदर
01:28में अब तक 27 पदों पर कोई तैनाती ही नहीं हुई है तैनाती ना होने की बड़ी वज़ा ये भी
01:34है कि हर बार विज्यापन निकला हर बार इंटरव्यू हुए
01:37लेकिन कहीं न कहीं किसी न किसी कमी की वज़ा से ये पूरा नहीं हो सका और तीन अलग अलग
01:44यहां पर कॉडिनेटर्स की नियुक्ति के बाद भी अब तक यहां पर जो इस्थाई टीचिंग स्टाफ है वो नहीं रखाया
01:52ना ही रिचर्चर आये ना ही प्रोफेसर्स ना ही �
01:55असोसियेट प्रोफेसर नहीं असिस्टेंट प्रोफेसर जिसकी वज़े से ये पूरा का पूरा केंदर बन कर तो तयार है लेकिन इसकी
02:01पूरती नहीं हो पा रही है
02:25कि ये सारी चीजें सिर्फ और सिर्फ एक थंडे बस्ते में पड़ी हुई है और ये केंदर जो पांच मंजला
02:30बनकर तयार हुआ वो अब तक पियम मोदी के सपने को पूरा नहीं कर पा रहा
02:34कुल मिलाकर ये कहा जाए कि धर्म को विग्यान से जोड़कर वैग्यानिक आधार पर धर्म का जो एक नया रूप
02:42सामने लाने की तयारी थी वो पूरा नहीं हो पाया है
02:45सबसे महतुपूर बात ये है कि वारा नसी का ये केंदर बैंगलोर के बाद दूसरा सबसे बड़ा केंदर है
02:51जहां पर धर्म और विग्यान का सैयुक्त प्रयास एक सनातन की एक नई दिशा को सामने लाकर भारत को बिशुगरू
02:58बनने की दिशा में आगे बढ़ाता
03:00लेकिन अब तक ये प्रोजेक्ट धंडे बस्ते में हैं बिल्डिंग बनकर तयार है कमरे तयार है सारी चीजें हैं बट
03:07यहां पर टीचिंग इस्टाफ ना होने के कारण सारी चीजें रुकी हुई है
03:20विज्ञान जगत को भी हमारे वैज्ञानिक सुट्रों के वास्टविक सुरूप से आउगत कराते हुए हमारा जो भारती च्ञान परमपरा पर
03:29आधारिक जो विज्ञान है उस तरह की विकास के अधारणा को जन्म देना है
03:39foreign
03:45foreign
03:46the certificate of the
03:47and of course, there are no
03:56research fellow or assistant professor
04:02or associate professor.
04:04There was no reason for this, but for this, there were no one who did the work.
04:19foreign
04:19foreign
04:19foreign
04:19foreign
04:20foreign
04:20फिर इस परियोजना को हम लोग आगे बढ़ाएंगे जो भी हमारे सोदकारे है वो गतिमान होते हुए दिखाए देगे। अभी
04:26इस तरह का कोई एक ठोस आप कहेंगे कोई प्रकषेश अपनी देन हो इस तरह सोद पत्र बहुत प्रकासित हुए
04:32बहुत सारे ग्रंथ भी अपन
04:51
04:53
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04:57वारानसी का ये केंदर बैंगलोर के बाद दूसरा सबसे बड़ा केंदर है जहां पर धर्म और विज्ञान का सयुक्त प्रयास
05:04एक सनातन की एक नई दिशा को सामने लाकर भारत को भिशुगरू बनने की दिशा में आगे बढ़ाता लेकिन अब
05:11तक ये प्रोजेक्ट धंडे �
05:13बिल्डिंग बनक तयार है कमरे तयार हैं यहां पर टीचिंग स्टाफ ना होने के कारण सारी चीजें रुकी हुई है
05:22और पूरा का पूरा प्रोजेक्ट सिर्फ एक बिल्डिंग के रूप में ही दिखाई दे रहा है वारानसीत कैमरा परसंद मनोज
05:29के साथ गोपाल मिस की ट
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