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  • 16 hours ago
गर्मी की भयंकर तपन और एक ऐसा अनोखा गाँव जो पानी पर तैरने लगा! 🥵🌊 स्वागत है आपका एक और मज़ेदार और सीख से भरी हिंदी कहानी में।

इस वीडियो में देखिए कैसे गाँव वालों ने इस भीषण गर्मी से बचने के लिए एक अनोखा जुगाड़ निकाला, जिसके बाद शुरू हुआ कॉमेडी और हँसी का धमाका! क्या उनका यह 'फ्लोटिंग विलेज' (Floating Village) कामयाब हो पाया? जानने के लिए वीडियो को अंत तक पूरा देखें!

यह कहानी न सिर्फ आपको हँसाएगी, बल्कि अंत में एक बहुत ही खूबसूरत सीख (Moral) भी देकर जाएगी। अगर आपको वीडियो पसंद आए तो Like करें, Share करें और हमारे चैनल को Follow करना न भूलें!

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Transcript
00:12ुर्मिला एक मिट्टी के मट्के से पानी निकाल कर ग्लास मे लाती है
00:20ुर्मिला, क्या इस सूरज को हमारे गाउं से कोई खांदानी दुश्मनी है?
00:23क्या आसमान में बैठ कर हमारे गाउं के उपर कोई मैगनिफाइंग ग्लास लगा कर जला रहा है?
00:28इस पंखे से हवा तो आ नहीं रही, उल्टा गैस चूले जैसी लप्टे मूँ पर लग रही है
00:33और मिला ग्लास देते हुए
00:37पसीना पोचते हुए कहती है
00:38मैं क्या करू जी?
00:40इस मटके का पानी भी उबलकर फिल्टर कॉफी जैसा हो गया है
00:44आप पानी मांगते हैं पर मुझे लगता है
00:46जैसे मैं आपको चाय दे रही हूँ
00:48जैसे फूक फूक कर पीना पड़ेगा
00:50इस गर्मी में तो छटों के खपर भी चटक रहे है
00:53कल मैंने आंगन में पापर सूखने के लिए रखे थे
00:56वो जलकर काले कोईले बन गए
00:58पता है आपको
01:00तभी पडोस से बनवारी और माया पसीना पोचते हुए आती है
01:04बनवारी के हाथ में खाली प्लेट है
01:06और वो बहुत धखा धखा सा चल रहा है
01:09बनवारी निठाल होकर खाट के कोने पर गिरते हुए कहता है
01:27माया गुस्से से कहती है
01:29तुमारी बाल जलना तो छोड़ो
01:31घर में बिना गैस जलाई डिब्बे में रखा
01:33चावल खुद बखुद पककर बन रहा है
01:36और तुम क्या कोई काम करते हो
01:37सुभा उटकर इस धूप में दो चक्कर लगा लो
01:40तो तुम्हारा सारा आलस पसीने के रास्ते निकल जाएगा
01:43घर में बैट कर बस रोना आता है तुम्हें
01:46बनवारी हैरानी से आखे भाड़ कर देखता है
01:49धूप में जाओं? मैं क्या पागल हूँ?
01:51इस उबलती धूप में बाहर गया तो मैं इंसान से सीधा पकोड़ा बन जाओंगा
01:55कल से मैं अपने घर की टिन की छट को देख रहा हूँ
01:58वो मुझे नॉन स्टिक तवा लग रही है
02:00उस पर अंडा फोड़ दो तो बिना तेल के ओमलेट बन जाएगा
02:03अब बाहर जाकर मैं क्या ही कर लूँगा
02:07ऐसे तो काम नहीं चलेगा
02:08कोई भी देशी नुस्खा काम नहीं आ रहा
02:10हमें सीधा उपर वाले से ही अपनी परिशानी बतानी पड़ेगी
02:13ये जमीन तो जैसे आग की भटी बन गई है
02:16चपलें भी जमीन पर पिघल कर चिपक रही है
02:18चलो, हम सब मिलकर भगवान से एक बहुत स्पेशल मननत मांगते है
02:23सूरज ढल रहा है, लेकिनों मस कम नहीं हुई
02:26चारों लोग आखे बंद किये, हाँ जोड़ कर प्रार्थना कर रहे है
02:30हे भगवान, हे कृपा निधान, ये धर्ती इतनी गर्म हो गई है
02:35कि हमारे पैर भुट्टे की तरह सिक रहे है
02:37इस तप्ती जमीन पर हम एक पल भी खड़े नहीं रह पा रहे
02:40कृपया हमें इस गर्मी से बचाईए
02:42हो सके तो हमारे गाउं के नीचे से जमीन हटा दो
02:45और पूरे गाउं को एक थंडी, बड़ी सी जील के उपर तैरता हुआ बना दो प्रभू
02:50घर नाव की तरह तैरने चाहिए
02:51चारों तरफ थंडा पानी और थंडी हवा हो
02:54तभी हमें इस गर्मी से मुक्ती मिलेगी
03:13विशुनात खाट पर सो रहा है
03:15अचानक बाहर से पानी के छलकने की आवाज आती है
03:18हवा बहुत थंडी और सुखत चल रही है
03:21विशुनात आखें मलते हुए उठता है
03:28नीन में ही खाट से पैर नीचे जमीन पर रखता है
03:31पैर जमीन की भजाए पानी में बढ़ता है
03:34और चप की आवाज आती है
03:35विशुनात चौक कर पैर वापस उपर खीचते हुए कहता है
03:39बाप रे, ये क्या है?
03:41क्या घर में पानी का पाई भट गया?
03:43या मुनिस्पेल्टी वालों ने बिना बताए पानी छोड़ दिया
03:45घबरा कर बाहर देखता है
03:47उर्मिला पहले से ही चोखट पर खड़ी
03:49हैरानी से बाहर देख रही है
03:53बाहर ना कोई सड़क है
03:55ना धूल मिट्टी
03:56पूरा गाउं एक बहुत बड़ी और साफ
03:58पानी की जील पर तैर रहा है
04:00सारे घर बड़ी नाओ की तरह
04:03पानी पर है
04:04सीडियों के नीचे तक ठंडा पानी हिलोरे ले रहा है
04:11उर्मिला खुशी से चहकते हुए कहती है
04:13सुनिये जी कोई पाइप नहीं फटा
04:15हमारी तो किस्मती बदल गई
04:17देखा भगवान ने हमारी प्रार्थना सुन ली
04:20हमारा पूरा गाउ पानी पर नाओ की तरह तैरा है
04:24बाहर की हवा तो देखिए कितनी ठंडी है
04:26बिलकुल एसी जैसा लग रहा है
04:28जैसे पूरे गाउ में एसी लग गया हो
04:31विश्वनात गर्ष से मूचों पर ताओ देते हुए कहता
04:34देखा उर्मिला मेरी प्रार्थना की पावर
04:36भगवान के साथ मेरा एकडम डारेक्ट कनेक्शन है
04:39मैं कुछ मांगू और वो मना कर दें ऐसा हो सकता है भला
04:42इस थंड़क के लिए शहर के लोग लाखो रुपए खर्च करके कश्मीर जाते हैं
04:46हमने अपने गाउं को ही कश्मीर बना दिया
04:50बनवारी जोर से चिलाते हुए कहता है
04:52चाचा जी आप तो महान हैं
04:55आप इंसान नहीं देवता हैं
04:57इस थंड़ी हवा में मुझे क्या गजब की नींद आ रही है
05:00और सबसे बड़ी बात
05:01अब मचली खरीदने के लिए
05:03ना बजार जाना पड़ेगा ना साइकल चलानी पड़ेगी
05:05अराम से घर के आंगन से ही काटा डाल रहा हूँ
05:08फूड डिलिवरी घर बैठे
05:10माया हसते हुए कहती है
05:12वहारे इस आलसी इंसान की तो लोटरी लग गई
05:16कम से कम उस तपती जमीन पर चपल गिसने का जहनजट तो खतम हुआ
05:20जो भी कहो मौसम बहुत शान्त और मज़िदार हो गया है
05:25मौसम अब भी ठंड़ा है
05:55अरे छोड़ो और मिला
05:56छोटी छोटी बातों पर परिशान मत हुआ करो
05:59उस गर्मी में शरीर भुनने से तो ये सीलन हजार गुना बहतर है
06:02जब भगवान कोई बड़ा वर्दान देता है
06:04तो थोड़ा बहुत तो एड़जस्ट करना ही पड़ता है न
06:36बनवारी पडोस से आवाज लगाते हुए कहता है
06:38सूरज फिर से अपने चरम पर है
06:40आसमान में एक भी बादल नहीं
06:42भयंकर कड़कती धूप सीधे पानी पर पड़ रही है
06:45पानी अब धीरे धीरे गरम होना शरू हो गया है
06:50पिशुनात घर के अंदर खाट पर बैठा थो ओलिये से पसीना पोच रहा है
06:54और घबराहट में हाथ का पंखा ढूंते हुए कहता है
06:58उर्मिला ये क्या हो रहा है ये हवा को अचानक क्या हो गया
07:01इतनी उमस कहां से आ गई
07:03कल तक जो थंडी हवा आ रही थी वो सब गायब हो गई
07:06और अब पानी की भाप क्यों अंदर आ रही है
07:08उर्मिला डरते हुए चोखट के पास से नीचे पानी में जहांक कर कहती है
07:13अहा जी नीचे पानी को देखिए
07:15उसमें से हलकी हलकी भाप निकल रही है
07:18इतने दिनों से आसमान में सूरज तो रोज ही आग उगल रहा है न
07:22उसी तेज धूप की वज़े से इस जील का सारा पानी धीरे धीरे गरम हो गया है
07:27ऐसा लग रहा है जैसे किसी ने पहुत बड़ा गीजर चालू कर दिया हो
07:32तब ही बनवारी घबराया हुआ और लड़ खडाता हुआ चोखट तक आता है
07:36उसके दोनों पैर लाल हो चुके रोनी सूरत बना कर कहता है
07:40ये क्या है चाचा जी मेरी तो जान निकल रही है
07:43सुबह मैंने सोचा मज़े से पानी में पैर डाल कर छपछप करूँगा
07:47जैसे ही पैर डाले मेरे पैर ही उबल गए चाचा जी पानी खौल रहा है
07:52Maaya goesse me chillate huye kehti
07:54Mane to pehle hi kaah tha
07:56Prakriti ke saath experiment mat karo
07:59Jho jahaan rehnene like hai
08:01Usse vaha rehna chahiye
08:02Abhi thodhi dayer pehle
08:04Eek machli upar teerti huye ae thi
08:06Pata hai
08:07Oo pani ke anndar hi ubal kar pak chuki thi
08:09Sidha plate me rakh kar khane like
08:11Kuch ghanate or aysa hi raha
08:13Toh hum bhi is ghar mein pani ke bich
08:15Ubal ubal kar alu ban jayenge
08:19Vishunaat apna sir pakar kar
08:20Hatash ho kar kehta hai
08:21Yee kaisi nai bhimari gale pade gai
08:24Bhagwan ne hemari baat sunkar
08:25Gaon ko pani par to rakh diya
08:27Lekin oopar usse suraj ko bant karna bhuul gai
08:29Us bhaiyanak dhup se yeh pura pani khal raha hai
08:32Oopar suraj ki aag
08:33Or niche khalta pani
08:35Hem to beech me mo moz ki tari ubal raha hai
08:38Halat bhehat kharab
08:39Or dharavni ho chuki hai
08:40Saans lehra bhi muskil ho raha hai
08:42Kholtae huye pani ki bhaap
08:44Sidhe gharo me ghus raha hai
08:46Ghar jaysse pressure cooker ban chukai
08:48Jin mei se bas garam bhaap nikal raha hai
08:51Charao loog apni apni khatou par
08:53Sikur kar baithe
08:54Galti se bhi pair niche gaya
08:56Toh jalne ka dar hai
09:02Urmila rote huye
09:03Or pasira pochute huye
09:04Kaehati hai
09:05Mere to bas ki nai aap
09:07Meree saans ghut raha hai
09:09Jab hum zameen par thay
09:10Kum se kum kisi bade pede ke niche
09:13Toh jasakte thay
09:14Ab toh ghar ke bahaar nikalne ka abhi
09:17Koi rasta nahi
09:18Pani mei utrhe toh zindai
09:20Bhun jayenge
09:21Is bhaap se phera shari rhi phat jayega
09:24Maaya banwari ki pheer
09:26Par mukka maharate huye
09:27Kehati hai
09:27Sub iski wajah se huwa hai
09:29Us din
09:29Isnei alas dikhaya
09:31Ki mai dhup mei
09:32Dho qadam naihi chalun ga
09:33Or aap sab nai bhi
09:35Iski baat mahan kar
09:36Bhaagwaan se kaisa
09:37Bhaqwaas vardhan
09:47Hap dheekhye
09:50Hap dheekhye
09:52Hamei aur is pressure cooker
09:53Mei pakti huyi
10:07Vishwanath jar se kaaptay huye
10:09Hata jod kar
10:10Aakhe kaskar
10:11Bhand kar ki
10:11Zor zor se
10:12Prarath na
10:13Karta hai
10:13Hei bhaagwaan
10:14Hamei maaf kar dho
10:15Prabhu
10:15Hamei bhuul gai thay
10:16Ki kis mausam
10:17Mei kaisa rehena
10:18Chahiye
10:18Garmii bardasht
10:19Nahi hoi
10:20Tho humne
10:20Shot cut
10:21Dhuun liyay
10:21Ab sajha
10:22Gaaya hai
10:22Ki prakriti
10:23Ka apna
10:23Ikhisaab
10:24Hota hai
10:24Or garmii
10:25Ko garmii
10:25Ki tarah
10:26Hii rehena
10:26Chahiye
10:26Hamei
10:27Yer free steam
10:28Baat
10:28Nahi
10:28Chahiye
10:29Yer
10:29Kholta
10:29Huwa
10:30Pani
10:30Nahi
10:30Chahiye
10:30Kripa
10:31Karke
10:31Hamei
10:32Vapas
10:32Hamei
10:32Purani
10:33Sukhi
10:33Or
10:33Tapti
10:34Zamine
10:34Par
10:34Patak
10:34Do
10:34Hamei
10:35Garmi
10:35Ko
10:36Bhi
10:36Khusi
10:36Khusi
10:36Khusi
10:36Sahe
10:37Lengue
10:37Pasina
10:38Aja
10:38To
10:38Aja
10:38Bas
10:39Zindah
10:39Bacche
10:40Rahe
10:40Prabhu
10:40Baaghi
10:41Tino
10:41Bhi
10:41Aankh
10:42Kho
10:42Me
10:42Aansu
10:42Liyay
10:42Hath
10:43Chor
10:43Kar
10:43Kek
10:43Eh
10:44Bhagawan
10:45Ji
10:45Hamei
10:45Mertu
10:46Baal
10:46Hamei
10:47Zamine
10:47Par
10:47Vapas
10:48Bhej
10:48Do
10:49Akan
10:50Thand
10:50Saam
10:51An
10:51Hava
10:51Se
10:51Vishunad
10:52Khi
10:52Niend
10:52Khusi
11:02Khusi
11:03Khusi
11:03Khusi
11:05Khusi
11:07Bhaap
11:07Nakhine
11:09Aan
11:09Aan
11:10Aan
11:10Aan
11:10Aan
11:11Aan
11:11Aan
11:12Aan
11:12Aan
11:13Aan
11:13Aan
11:13Aan
11:13Aan
11:17Aan
11:17Aan
11:18Aan
11:18Aan
11:18Aan
11:18Aan
11:18Aan
11:21Aan
11:23Aan
11:24Aan
11:36Aan
12:35बड़ी बात है।
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13:04Thank you for joining us.
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