00:12ुर्मिला एक मिट्टी के मट्के से पानी निकाल कर ग्लास मे लाती है
00:20ुर्मिला, क्या इस सूरज को हमारे गाउं से कोई खांदानी दुश्मनी है?
00:23क्या आसमान में बैठ कर हमारे गाउं के उपर कोई मैगनिफाइंग ग्लास लगा कर जला रहा है?
00:28इस पंखे से हवा तो आ नहीं रही, उल्टा गैस चूले जैसी लप्टे मूँ पर लग रही है
00:33और मिला ग्लास देते हुए
00:37पसीना पोचते हुए कहती है
00:38मैं क्या करू जी?
00:40इस मटके का पानी भी उबलकर फिल्टर कॉफी जैसा हो गया है
00:44आप पानी मांगते हैं पर मुझे लगता है
00:46जैसे मैं आपको चाय दे रही हूँ
00:48जैसे फूक फूक कर पीना पड़ेगा
00:50इस गर्मी में तो छटों के खपर भी चटक रहे है
00:53कल मैंने आंगन में पापर सूखने के लिए रखे थे
00:56वो जलकर काले कोईले बन गए
00:58पता है आपको
01:00तभी पडोस से बनवारी और माया पसीना पोचते हुए आती है
01:04बनवारी के हाथ में खाली प्लेट है
01:06और वो बहुत धखा धखा सा चल रहा है
01:09बनवारी निठाल होकर खाट के कोने पर गिरते हुए कहता है
01:27माया गुस्से से कहती है
01:29तुमारी बाल जलना तो छोड़ो
01:31घर में बिना गैस जलाई डिब्बे में रखा
01:33चावल खुद बखुद पककर बन रहा है
01:36और तुम क्या कोई काम करते हो
01:37सुभा उटकर इस धूप में दो चक्कर लगा लो
01:40तो तुम्हारा सारा आलस पसीने के रास्ते निकल जाएगा
01:43घर में बैट कर बस रोना आता है तुम्हें
01:46बनवारी हैरानी से आखे भाड़ कर देखता है
01:49धूप में जाओं? मैं क्या पागल हूँ?
01:51इस उबलती धूप में बाहर गया तो मैं इंसान से सीधा पकोड़ा बन जाओंगा
01:55कल से मैं अपने घर की टिन की छट को देख रहा हूँ
01:58वो मुझे नॉन स्टिक तवा लग रही है
02:00उस पर अंडा फोड़ दो तो बिना तेल के ओमलेट बन जाएगा
02:03अब बाहर जाकर मैं क्या ही कर लूँगा
02:07ऐसे तो काम नहीं चलेगा
02:08कोई भी देशी नुस्खा काम नहीं आ रहा
02:10हमें सीधा उपर वाले से ही अपनी परिशानी बतानी पड़ेगी
02:13ये जमीन तो जैसे आग की भटी बन गई है
02:16चपलें भी जमीन पर पिघल कर चिपक रही है
02:18चलो, हम सब मिलकर भगवान से एक बहुत स्पेशल मननत मांगते है
02:23सूरज ढल रहा है, लेकिनों मस कम नहीं हुई
02:26चारों लोग आखे बंद किये, हाँ जोड़ कर प्रार्थना कर रहे है
02:30हे भगवान, हे कृपा निधान, ये धर्ती इतनी गर्म हो गई है
02:35कि हमारे पैर भुट्टे की तरह सिक रहे है
02:37इस तप्ती जमीन पर हम एक पल भी खड़े नहीं रह पा रहे
02:40कृपया हमें इस गर्मी से बचाईए
02:42हो सके तो हमारे गाउं के नीचे से जमीन हटा दो
02:45और पूरे गाउं को एक थंडी, बड़ी सी जील के उपर तैरता हुआ बना दो प्रभू
02:50घर नाव की तरह तैरने चाहिए
02:51चारों तरफ थंडा पानी और थंडी हवा हो
02:54तभी हमें इस गर्मी से मुक्ती मिलेगी
03:13विशुनात खाट पर सो रहा है
03:15अचानक बाहर से पानी के छलकने की आवाज आती है
03:18हवा बहुत थंडी और सुखत चल रही है
03:21विशुनात आखें मलते हुए उठता है
03:28नीन में ही खाट से पैर नीचे जमीन पर रखता है
03:31पैर जमीन की भजाए पानी में बढ़ता है
03:34और चप की आवाज आती है
03:35विशुनात चौक कर पैर वापस उपर खीचते हुए कहता है
03:39बाप रे, ये क्या है?
03:41क्या घर में पानी का पाई भट गया?
03:43या मुनिस्पेल्टी वालों ने बिना बताए पानी छोड़ दिया
03:45घबरा कर बाहर देखता है
03:47उर्मिला पहले से ही चोखट पर खड़ी
03:49हैरानी से बाहर देख रही है
03:53बाहर ना कोई सड़क है
03:55ना धूल मिट्टी
03:56पूरा गाउं एक बहुत बड़ी और साफ
03:58पानी की जील पर तैर रहा है
04:00सारे घर बड़ी नाओ की तरह
04:03पानी पर है
04:04सीडियों के नीचे तक ठंडा पानी हिलोरे ले रहा है
04:11उर्मिला खुशी से चहकते हुए कहती है
04:13सुनिये जी कोई पाइप नहीं फटा
04:15हमारी तो किस्मती बदल गई
04:17देखा भगवान ने हमारी प्रार्थना सुन ली
04:20हमारा पूरा गाउ पानी पर नाओ की तरह तैरा है
04:24बाहर की हवा तो देखिए कितनी ठंडी है
04:26बिलकुल एसी जैसा लग रहा है
04:28जैसे पूरे गाउ में एसी लग गया हो
04:31विश्वनात गर्ष से मूचों पर ताओ देते हुए कहता
04:34देखा उर्मिला मेरी प्रार्थना की पावर
04:36भगवान के साथ मेरा एकडम डारेक्ट कनेक्शन है
04:39मैं कुछ मांगू और वो मना कर दें ऐसा हो सकता है भला
04:42इस थंड़क के लिए शहर के लोग लाखो रुपए खर्च करके कश्मीर जाते हैं
04:46हमने अपने गाउं को ही कश्मीर बना दिया
04:50बनवारी जोर से चिलाते हुए कहता है
04:52चाचा जी आप तो महान हैं
04:55आप इंसान नहीं देवता हैं
04:57इस थंड़ी हवा में मुझे क्या गजब की नींद आ रही है
05:00और सबसे बड़ी बात
05:01अब मचली खरीदने के लिए
05:03ना बजार जाना पड़ेगा ना साइकल चलानी पड़ेगी
05:05अराम से घर के आंगन से ही काटा डाल रहा हूँ
05:08फूड डिलिवरी घर बैठे
05:10माया हसते हुए कहती है
05:12वहारे इस आलसी इंसान की तो लोटरी लग गई
05:16कम से कम उस तपती जमीन पर चपल गिसने का जहनजट तो खतम हुआ
05:20जो भी कहो मौसम बहुत शान्त और मज़िदार हो गया है
05:25मौसम अब भी ठंड़ा है
05:55अरे छोड़ो और मिला
05:56छोटी छोटी बातों पर परिशान मत हुआ करो
05:59उस गर्मी में शरीर भुनने से तो ये सीलन हजार गुना बहतर है
06:02जब भगवान कोई बड़ा वर्दान देता है
06:04तो थोड़ा बहुत तो एड़जस्ट करना ही पड़ता है न
06:36बनवारी पडोस से आवाज लगाते हुए कहता है
06:38सूरज फिर से अपने चरम पर है
06:40आसमान में एक भी बादल नहीं
06:42भयंकर कड़कती धूप सीधे पानी पर पड़ रही है
06:45पानी अब धीरे धीरे गरम होना शरू हो गया है
06:50पिशुनात घर के अंदर खाट पर बैठा थो ओलिये से पसीना पोच रहा है
06:54और घबराहट में हाथ का पंखा ढूंते हुए कहता है
06:58उर्मिला ये क्या हो रहा है ये हवा को अचानक क्या हो गया
07:01इतनी उमस कहां से आ गई
07:03कल तक जो थंडी हवा आ रही थी वो सब गायब हो गई
07:06और अब पानी की भाप क्यों अंदर आ रही है
07:08उर्मिला डरते हुए चोखट के पास से नीचे पानी में जहांक कर कहती है
07:13अहा जी नीचे पानी को देखिए
07:15उसमें से हलकी हलकी भाप निकल रही है
07:18इतने दिनों से आसमान में सूरज तो रोज ही आग उगल रहा है न
07:22उसी तेज धूप की वज़े से इस जील का सारा पानी धीरे धीरे गरम हो गया है
07:27ऐसा लग रहा है जैसे किसी ने पहुत बड़ा गीजर चालू कर दिया हो
07:32तब ही बनवारी घबराया हुआ और लड़ खडाता हुआ चोखट तक आता है
07:36उसके दोनों पैर लाल हो चुके रोनी सूरत बना कर कहता है
07:40ये क्या है चाचा जी मेरी तो जान निकल रही है
07:43सुबह मैंने सोचा मज़े से पानी में पैर डाल कर छपछप करूँगा
07:47जैसे ही पैर डाले मेरे पैर ही उबल गए चाचा जी पानी खौल रहा है
07:52Maaya goesse me chillate huye kehti
07:54Mane to pehle hi kaah tha
07:56Prakriti ke saath experiment mat karo
07:59Jho jahaan rehnene like hai
08:01Usse vaha rehna chahiye
08:02Abhi thodhi dayer pehle
08:04Eek machli upar teerti huye ae thi
08:06Pata hai
08:07Oo pani ke anndar hi ubal kar pak chuki thi
08:09Sidha plate me rakh kar khane like
08:11Kuch ghanate or aysa hi raha
08:13Toh hum bhi is ghar mein pani ke bich
08:15Ubal ubal kar alu ban jayenge
08:19Vishunaat apna sir pakar kar
08:20Hatash ho kar kehta hai
08:21Yee kaisi nai bhimari gale pade gai
08:24Bhagwan ne hemari baat sunkar
08:25Gaon ko pani par to rakh diya
08:27Lekin oopar usse suraj ko bant karna bhuul gai
08:29Us bhaiyanak dhup se yeh pura pani khal raha hai
08:32Oopar suraj ki aag
08:33Or niche khalta pani
08:35Hem to beech me mo moz ki tari ubal raha hai
08:38Halat bhehat kharab
08:39Or dharavni ho chuki hai
08:40Saans lehra bhi muskil ho raha hai
08:42Kholtae huye pani ki bhaap
08:44Sidhe gharo me ghus raha hai
08:46Ghar jaysse pressure cooker ban chukai
08:48Jin mei se bas garam bhaap nikal raha hai
08:51Charao loog apni apni khatou par
08:53Sikur kar baithe
08:54Galti se bhi pair niche gaya
08:56Toh jalne ka dar hai
09:02Urmila rote huye
09:03Or pasira pochute huye
09:04Kaehati hai
09:05Mere to bas ki nai aap
09:07Meree saans ghut raha hai
09:09Jab hum zameen par thay
09:10Kum se kum kisi bade pede ke niche
09:13Toh jasakte thay
09:14Ab toh ghar ke bahaar nikalne ka abhi
09:17Koi rasta nahi
09:18Pani mei utrhe toh zindai
09:20Bhun jayenge
09:21Is bhaap se phera shari rhi phat jayega
09:24Maaya banwari ki pheer
09:26Par mukka maharate huye
09:27Kehati hai
09:27Sub iski wajah se huwa hai
09:29Us din
09:29Isnei alas dikhaya
09:31Ki mai dhup mei
09:32Dho qadam naihi chalun ga
09:33Or aap sab nai bhi
09:35Iski baat mahan kar
09:36Bhaagwaan se kaisa
09:37Bhaqwaas vardhan
09:47Hap dheekhye
09:50Hap dheekhye
09:52Hamei aur is pressure cooker
09:53Mei pakti huyi
10:07Vishwanath jar se kaaptay huye
10:09Hata jod kar
10:10Aakhe kaskar
10:11Bhand kar ki
10:11Zor zor se
10:12Prarath na
10:13Karta hai
10:13Hei bhaagwaan
10:14Hamei maaf kar dho
10:15Prabhu
10:15Hamei bhuul gai thay
10:16Ki kis mausam
10:17Mei kaisa rehena
10:18Chahiye
10:18Garmii bardasht
10:19Nahi hoi
10:20Tho humne
10:20Shot cut
10:21Dhuun liyay
10:21Ab sajha
10:22Gaaya hai
10:22Ki prakriti
10:23Ka apna
10:23Ikhisaab
10:24Hota hai
10:24Or garmii
10:25Ko garmii
10:25Ki tarah
10:26Hii rehena
10:26Chahiye
10:26Hamei
10:27Yer free steam
10:28Baat
10:28Nahi
10:28Chahiye
10:29Yer
10:29Kholta
10:29Huwa
10:30Pani
10:30Nahi
10:30Chahiye
10:30Kripa
10:31Karke
10:31Hamei
10:32Vapas
10:32Hamei
10:32Purani
10:33Sukhi
10:33Or
10:33Tapti
10:34Zamine
10:34Par
10:34Patak
10:34Do
10:34Hamei
10:35Garmi
10:35Ko
10:36Bhi
10:36Khusi
10:36Khusi
10:36Khusi
10:36Sahe
10:37Lengue
10:37Pasina
10:38Aja
10:38To
10:38Aja
10:38Bas
10:39Zindah
10:39Bacche
10:40Rahe
10:40Prabhu
10:40Baaghi
10:41Tino
10:41Bhi
10:41Aankh
10:42Kho
10:42Me
10:42Aansu
10:42Liyay
10:42Hath
10:43Chor
10:43Kar
10:43Kek
10:43Eh
10:44Bhagawan
10:45Ji
10:45Hamei
10:45Mertu
10:46Baal
10:46Hamei
10:47Zamine
10:47Par
10:47Vapas
10:48Bhej
10:48Do
10:49Akan
10:50Thand
10:50Saam
10:51An
10:51Hava
10:51Se
10:51Vishunad
10:52Khi
10:52Niend
10:52Khusi
11:02Khusi
11:03Khusi
11:03Khusi
11:05Khusi
11:07Bhaap
11:07Nakhine
11:09Aan
11:09Aan
11:10Aan
11:10Aan
11:10Aan
11:11Aan
11:11Aan
11:12Aan
11:12Aan
11:13Aan
11:13Aan
11:13Aan
11:13Aan
11:17Aan
11:17Aan
11:18Aan
11:18Aan
11:18Aan
11:18Aan
11:18Aan
11:21Aan
11:23Aan
11:24Aan
11:36Aan
12:35बड़ी बात है।
12:46।
12:47।
12:48।
12:49।
12:50।
12:51।
12:57।
12:58।
12:58।
13:03।
13:04Thank you for joining us.
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