00:02ये 36 गड़ के अलग-अलग इलाकों की तस्वीरे हैं सभी पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं बून-बून
00:11से घड़ा भरने वाली कहावत तो आपने सुनी होगी ये कहावत 36 गड़ में महिलाओं के संघर्ष को भी बया
00:19करती है
00:20सरगुजा के लुन्डरा विधान सभा के महादेव ढूगु गाओं में ग्रामेन धोडी का गंदा पानी पीने को मचबूर है
00:39गौरिला पेंडरा मरवाही के पीपर खुटी गाओं के करीब 35-40 बैगा परिवार रोज कुए में सीड़ी लगा कर बाल्टी
00:47में मटमैला पानी इखटा करते हैं
00:49फिर उस गंदे पानी को छान कर प्यास बुझाते है
01:18कभीर धाम के रुखमी दादर गाओं में बैगा जनजाती की महिलाए
01:22रोज 2 किलोमीटर पैदल चलती है
01:25100 फीट गहरी खाई में बने जिरिया से भून-भून पानी इखटा करती है
01:32पानी कहां से लागता हो यह से लेग था न तो यह इतना जहरा जहरा आथा तुमान तो तुम अला
01:41को तकलीप भी था यहां तो चड़ा बच्चन लेकर के तकलीप वर था फिर का कर भी नहीं मिले तो
01:46चड़े लप पर था
02:06खेरगर जिले के टिंगीपूर गाउं के लोग भी पानी के लिए पसीना बहाते है
02:20महासमुन के भलेसर में महिलाए नाले के रेत को हटा कर गढधा बना कर पानी का जुगाड करती है
02:33कि इस गाउं में करीब आठ सो परिवार रहते हैं पम हेंड़ पम तो बहुत सारे हैं सर बहुत सारे
02:39मतलब लग लग लग पास साथ हैं और पास साथ बहुत हैं लेकिन गर्मिक दिनों में सब बैढ़ जाते हैं
02:45MCB जिले के कोड़ा गाउं के साथ ही कोरिया जिले के सरई गहना कोरवा पारा के ग्रामीर भी गंदे पानी
02:51से प्यास बुझा रहे हैं
02:53से पानी मिल रहा है नदी किनारे से तो अभी पीजेँ करेंगे उस से वक्त तो नदी भर जाता है
03:11अग नदी में गंदा पानी हो जाता है
03:13और सरदी,खासे,बुखार सब कुछ होता रहता है क्या करेंगे पानी के बज़ट से
03:21बस्तर के सिर्जगुडा के दर्जनों आदिवासी परिवार देड़ किलोमिटर दूर नीजी बोर से 300 रुपे में पीने का पानी खरीद
03:30रहे है
03:30पीने के पानी के लिए लोगों का गुस्सा भी हर साल यूँ ही भूटता है लेकिन ये तस्वीर नहीं बदल
03:37रही
03:37ब्योरो रिपोर्ट ETV भारत 36 गड़
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