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पीएम मोदी पर लिखी किताब 'अपनापन' की कहानी, शिवराज सिंह चौहान की जुबानी, देखें

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00:05नमस्कार मैं हूँ श्वेता सिंग आप देख रहे हैं आज तक और आज हम एक राजनेता से एक तरीके से
00:12बुक रिव्यू करने के लिए बातचीत कर रहे हैं क्योंकि शिवराद सिंग चोहान हमारे देश के क्रिशी मंत्री उन्होंने राजनीती
00:20के एक ऐसे पहलू पर एक किता
00:24अपन और जिस चीज के साथ में शुरुआज शिवराद जी आपके सवालों में करना चाहती हूं यह यह तस्वीर आपने
00:32चुनी कि इसका बुक कवर वनेगा बिलकुल इस तस्वीर को चुनने के पीछी की वज़े क्या थी अपना पन यह
00:41यह यह तस्वीर ही दिखाती है दर
00:53नहने प्रधान मंतरी जी को निव मंदा दिया नई जो किसमे वीजों की थwości उनको रिलीज करना था
00:59तो प्रधान मंतरी जी का हही यह आइडिया था किह सवाल पूछे तो एक तरह से एजुकेट करने का न
01:18विह हो जाएगा बो पिएक और इतनों किसानों को नहीं होगा
01:21वो फिर मीडिया के मात्यम से बागी किसानों तक भी पहुंचेगा तो यह हमारा जिस दिन कारिक्रम था उस दिन
01:30बारिस होने लगे तो प्रदानमंत्री जी वैसे में ही आए और जाहरे चाता तो चाता उनने अपने हाथ में ले
01:38लिया तो उसी समय की यह अपने पन की तस्वीर
01:43मुझे लगता है यह तस्वीर अपने आप में बहुत कुछ कहती भी है कि लोग आमतोर पर एक जो होता
01:49है न कि अपना अपना रसूख अगर दिखाना है तो आप चाता कभी अपने हाथ से नहीं पकड़ते हैं आप
01:54चाते हैं को कोई दूसरा आपके सब पर उसे थामे लेकिन
02:11मैं मदप्रेस में काम करता था लेकिन इवा मुर्चे का अद्यक्स था और मैं विदीसा लोग सवा छेतर से चुनाओं
02:17की था था भाई लेक्षन अटल जी ने सीट खाली की थी माई सरथे अटल जी दो सीटों से लड़े
02:22थे 91 में एक लग नव और एक विदीसा तो विदीसा
02:25अविदीसा उन्होंने खाली की थी और बाद में पार्टी ने तब में मैं एमले था और समझे पहले में मले
02:31बना था मदप्रेस की विद्धان सभा के लिए अपके उमर बहुत कम थी उससमें अ मेरी उमर होगी उससमें लगबग
02:3628 सल जी मुझे पार्टी ने फिर कहा तो पहल
02:54कुछ जरूरत है क्योंकि मद्धप्रदेश सयुक्त था उस समय और हम चालीस में से अठाई सीट हार गए थे नाइंटी
03:04बन में के बारा सीट जीते थे और में से एक अठली वारी सीट थी तो लगा कि यह जीतना
03:08बहुत जरूरी क्योंकि सरकार थी बीजेपी की भा पत्वा जी
03:12के नित्रत्वमायन तो उन्हें आदेश दिया में लड़ा लड़के में जीता यहां आया तो मुझे स्वर्गी प्रमोज जी का फोन
03:20आया के एक तायात्रा की जानकारी मुझे थी हमारे राश्टी अध्धक्स ततकालीन ड.्र मुली मनुहर जोसी जी के नित्रत्वमायन
03:28पू
03:40तक भग अकल्पनी और कठिल था लेकिन तक पायटी ने तया किया कि ड.्र जोसी जी के नेत्रत में
03:47यात्रा निकलेगी और तरंगा फैरेगा स्री नगर के लाज चौक पर
03:53माननी मोदी जी उस समय तक गुजरात का काम देख रहे थे और दिली आए ही आए थे उनको उस
04:02यात्रा का प्रमुक संचालक निक्त किया गया था और मुझे कहा गया कि तुम उस यात्रा से युवाओं को जोड़ने
04:08के लिए केसरिया बाहनी बनानी है तो उसके तुम सही हो �
04:12पहली मुलाकात मेरी उसी दौरान आदर्ली मोदीजी से हुई वो संचालक थे यात्रा के और मुझे केसरिया बाहनी के रूप
04:22में लोगों को यूथ को जोड़ने का काम करना था और पहली जो बैठक एक हुई जिसमें यात्रा को प्रभावी
04:29बनाने के लिए क्या क्या किया �
04:30तो मुझे लगा कि वो तो मैना आइडिया इतने तरीके थे उनके पास जन्ता को जोडने के कि मैं आश्चरी
04:38चकित रह गया वो मेरी पहली मुलाकात थी आपने नोटिस कर लिया देख लिया और आपने आपने परका भी मतलब
04:45ऐसा नहीं था कि ध्यान नहीं रहा बसे मुलाक
05:00जगे से जहां यह यात्रा जाए वहां दूसरी जगे से उस प्रदेश में उपयात्रा आये और रास्ते में वो जन्ता
05:07के बीच जागरन करती हुई आये क्योंकि मेरे मन में मुझे यह लगा कि मोदी जी चाहते है कि तरंगा
05:12के वल स्री नगर के लाज चौपर नहीं डेश की
05:16जन्ता के मन में लहराना चाहिए हर युवा के दिल में लहराना चाहिए तो जोड़ो सबको उसके जो आइडिया देखे
05:22तो मैंने पहचाना कि तो अलगी परस्नालिटी है और अलग ढंग से काम करते हैं तो दूसरी चीज जो मुझे
05:31आज तक याद है क्योंकि मैं खुद भी
05:35भावना मैं बहके काम करता हूं अपने देश के लिए जन्ता के लिए एकता यात्रा को जाना था स्री नगर
05:44लेकिन बीच में आतंगवादी हमला हुआ फगबाला में 23 जन्वरी को उसमें 6 एकता यात्री सहीत हो गए तो लगा
05:53कि अब यात्रा रोकेंगे और तत्कारीन सरका
05:56भी नर्से महराओ जी उस समय प्रधान मुंत्री थे सब की कोसिस यह थी कि ऐसे ना जाए यात बीच
06:03में फिर तैब हुआ कि यात्रा तो रुकेंगी नहीं डाक्टर जोसी जी उनके साथ मोदी जी और तीन लोग और
06:10जाएंगे लेकिन जाना चाहते थे हम सब जम्मों में ला
06:26जात्रा में कई महीनों से तैयारी में लगे हुए थे वो राद भर सोय नहीं राद भर रोते रहे कि
06:32हम उस दृष्ट के साक्षी नहीं बन पाएंगे और जब तरंगा फेरा के मोदी जी लोटे जोसी जी लोटे तो
06:41एक सभा जम्मों में हुए और उस सभा में ये बर्णन कर
06:44करते करते मोदी जी कि वो लोग राद भर रोते रहे सोय नहीं और खुद उनका गला रुद गया कारीकरताओं
06:52के हिर्दय की व्यथा उनकी आखों से बह निकली कुछ छण बोल नहीं पाए तब मुझे दूसरी चीज पता चली
06:59कि ऊपर से काम के लिए कठोर दिखने वाले अ
07:14सब विक्षुब्द हुए थे लेकिन एक प्रधान मंत्री जिसको मालूम है कि भावनाएं भी हैं लेकिन आपको पलटवार भी करना
07:22है वो द्रिस्वी जैसा का तैसा मुझे आज दिखाई देता है पूरा देश आक्रोसत भी था मन वेठित भी थे
07:33और हरे को लगता था कि न
07:44कि उससे में थे सवुदी अरब में उन्हें दोरा निरस्त किया लोट के आए और एक के बादे कई निरनाएक
07:50कदम उठाए लेकिन कैविनेट की बैठक
07:54उस हमले के बाद पहली कैविनेट की वेठक तीस तारीको थे मेरे मन मोच सुकता थी के मोदी जी आएंगे
08:02तो इस समय उनकी मनोदसा क्या होगी
08:06कि ऐसा नर्संस निर्संस अत्याकांट हुआ है तो उनका मन भी दुखी होगा या गुस्षे में होंगे भाव चेहरे पर
08:15क्या होंगे तो मैं देख रहा था
08:19जब वो आये तो बिलकुश सान इस्थिर एकदम ऐसा लगा नहीं कि उद्वेलित हैं आये बैठे और आज तक मुझे
08:30को उनकी बोलते हुए वो आखें और वो चेहरा वैसा का वैसा याद है बिना किसी उद्वेक के गुसे के
08:39उन्होंने कहा कि इस बार का आपरेशन अलग हो
08:44होगा सर्जिका डिस्टाइक से अलग होगा एरिस्टाइक से अलग होगा आतंकवादी और उनके मुखिया आका सब्द एक्जेक्ट में वो नहीं
08:59बता पा रहा हूं लेकिन भावना यही थी कि दहां भी होंगे हम धूनेंगे और उनको सबप सिखाएंगे छोडेंगे नहीं
09:08लेकिन एक बार मैं भी इतने साल मुख्यमंत्री रहा हूं कई बार एंसी घटना इव्धित कर देती थी गुष्चे मिला
09:15देती थी लेकिन कोई चेहरे पर भाव नहीं थे मुझे गीता का उस लोग याद आगया यो ना रुस्यती ना
09:21दुष्टी ना सोचती ना कांशती सु
09:40पाकिस्तान में मारे जा सकते थे और कहीं भी हमला हो सकता था लेकिन नहीं टार्गेटेट जिनने ये कुप क्रित
09:47किया है आतंकवादी और उनके आका उनको छोड़ेंगे नहीं और उनके अड्डे को मल्वे का धेर बना दिया गया दूसरे
09:56दिन सबेरे लोगों ने देखा �
09:58पाकिस्तान की फोज के अफसर आतंकवादियों की लासें उठाते हुए दिखाई दे रहे थे जनाजा ले जा रहे थे कोई
10:07गुस्ता नहीं कोई हडवड़ी नहीं एक निस्काम कर्मयोगी के भाव से सबक सिखाना है छोड़ना नहीं लेकिन चहरे पर कोई
10:18भाव नहीं मैं �
10:22और अगर आप किताब लिखने की बात कहें तो एंसी कई चीजें मेरे दिमाग में आई तो मुझे लगा कि
10:30यह देश के सामने आने चाहिए यह टोटल जो टाइम है आपका तो आप डाइरी लिखते हैं रोज डाइरी तो
10:36लोग याद रहता है यह तो किवल यहीं फीड हो जा
10:50पार टू एड कर दिना पड़ेगा आगे के दौर का लेकिन यही वो इतनी सारी चीजें जो आपको इसमें ध्यान
10:57रह गए जो आपने सारी लिख कर दी है यह यह बताइए कि कौन सी वो याद है जो आनकि
11:04ज्यादा तर चीजें के लिए तो मैं लोगों से कहूंगी कि वो प�
11:20एक तो उनका जो परसनल टच है अब देखिये मेरे पिता जी का स्वर्गवास हुआ है फोन आया ततकार कैसे
11:35थे क्या हुआ कहां करेंगे अन्टम संस्कार जैसे उनको खबर लगी वैसे एक एक चीज की चिंता बाद में सब
11:45ठीक से हो गया क्या मुझे कोविड हो गया मैं म�
11:50एक अमुख मंसरी ता जिसका मंत्री मंदली नहीं था क्योंकि तब तक कोविड पयर पसार चुका था दूसरे को सपर
11:57दिलाने का मौक़ही मिला रहे अकेला था और एक के बाद एक मेरे काम करने वाली अधिकारी सारे के सारे
12:06कोविड के कारण अस्पतालों में भरती हो रहे �
12:10मेरी PS Health भरती हुई, उसके बाद फिर मेरे कमिस्तर Health एडमिट हो गया अस्पताल में, फिर मेरे CS को
12:17ही हो गया, तो उस समय फिर कहां विचार परमर्स करें, तो एक ही साहरा मुझे दिखता था, प्रधानमंत्री जी,
12:26तब मोदी जी प्रधानमंत्री जी थे, आपको पता ही है, �
12:29तो सीधे उनसे बात करते थे, मुझे COVID हुआ तो ततकाल फोना है, मुझे भी infection हो गया काम करते
12:34हैं, यह ध्यान रखना, प्रणायम करना, परिवारी के बाकी लोगों को infection ना हो जाए, इसकी चिंता करना, अब यह
12:42बिलकुल अलग तरह की चीज़े हैं, और केवल इतने ही नही
12:46कुछ घटना है तो मन को एक तरह से भाबुक जैसे कर देती है, जैसे मुझे 2023 के विधान सभा
13:01के चुनाओं के समय, एक दो बयान मेरे ऐसे आए जो सोच के उस दसा में नहीं थे, लेकिन अख़वारों
13:11ने, मीडिया ने और कांग्रेस के लोगों ने का कि मामा कातो,
13:14कांग्रेस के लोगों ने का मामा का तुसराद हो गया, अब गए मामा, क्योंकि मैंने एक सभा में कह दिया
13:20था, जब हम चले जाएंगे तो याद बहुत आएंगे, और वो अलग संदर में कहा था, बहुत से विकास के
13:25काम हुए थे जिस सभा में गया, लेकिन कुछ काम और मा
13:35करके कहा, आज मैं मुख्मंत्री से बात नहीं कर रहा, आज मैं चुनाओ की बात नहीं कर रहा, चुनाओ जबके
13:43लगभग एकदम आही गए थे, मुख्मंत्री से बात नहीं कर रहा, चुनाओ की बात नहीं कर रहा, आज मैं अपनी
13:48सिविराज से बात कर रहा हूँ, अच्छ
14:05उर्जा से भरका और फिर काम करा थोड़ा सांती से बैटा तो अब ये मैंने कभी किसी राजनिता को ऐसा
14:14कहते हुए नहीं सुना लेकिन इतनी चिंता करना और इतना ध्यान रखना कि अगर को ब्यान भी है तो क्या
14:22मन कहीं असांत तो नहीं है लठित तो नहीं है उद्वलित त
14:37और अगर वे दोंका लेकिन आपने जम एक किताब लाई तो मेरे मन की इसवह देशता कर तो कि आप
15:02सीन हुए
15:02की सार ठकता है मोदी जी के पूरे जीवन को आप देखिए चोबीस घंटे सिवाए देश के और जनता के
15:11लिए और अब दुनिया के लिए भी कही गदम ऐसे मतलब मैं यह कहूं तो अधिस्योक्ति नहीं होगी कि उनकी
15:18हर सास देश की जनता के लिए चलती है रॉम रॉम में दे
15:27क्वाश्योक विधे के लिए तो इसमें पारिया विद्ग सकतिं�행 सोचूंगा तो पिराश पषिद्धा लिए तरह मैं इसमामजशिक्ता में सद्याप से
15:41काम करता रहा हूं के मुझे जो काम पारिटी दे लेगे वो इसमाने के लिए प्रितिस प्र्दा के आविगत करता
15:51है
15:51कोई अलग डहं से कोई निकाल ले कोई सोच ले तो वह अलग है कभी नहीं रहा मुझे लगा कि
15:59वो जो सोचते हैं देश के लिए परफेक्ट सोचते हैं और उनके साथ काम करके हम अपने देश के लिए
16:07और बहातर काम कर पाएंगे ज़िए MP से निकालकर दिलली बुला लिया उ
16:21उस समय च्छेवार विधायक च्छेवार सांसर पालिटी के पद अगर आप देख ले तो मैं नगर के दायत उसे लेके
16:31प्रदेश का मंत्री वामुर्चे का फिर प्रदेश का अध्यक्ष फिर पालिटी का प्रदेश का अध्यक्ष फिर रास्ट्री महामंत्री वामुर्चे का
16:41उसके बाद फिर रास्ति अध्यक्षिवा मूर्चे का फिर पालिटी का रास्ति मंत्री फिर रास्ति महामंत्री फिर रास्ति उपाद्यक्ष फिर हमारा
16:50जो सबसे बड़ी जो निरने लेनी वाली संस्था है उसका भी मैं सचिव रह चुका कौन सा कौन सी चीज
17:00छोड़ी पाल
17:03तो इससे बड़ा दुर्भाग कोई हो नहीं सकता, तो पार्टी को तै करने दन है कि अब कहां काम करना
17:10है, और मुझे लगता है कि ये पहले से तै हो चुका था, कि अब यहां काम हो गया, एक
17:16सभा में फिर मोदी जी ने कहा कि सिवराज को मुझे दिल्ली ले जाना है, तो मु�
17:33इसमें केवल स्नेय है, केवल प्रेम है, केवल आत्मीता है, क्योंकि मैंने उनको लगातार काम करती हुए देखा, तो मैं
17:41क्या सकता हूं कि वो एक साधक, एक कर्म योगी है, पांच-पांच जैसों की अभी-अभी यात्रा करके आँ,
17:49उसके बाद केविनिट की, हमारी कॉंस
18:03करो, उन्होंने खुद कहा कि मैं तो मैं अपनी कटाउती कर रहा हूं, आप लोग के उपर भी आपर प्रेशर
18:08की, वोई प्रेशर नहीं है, कई चीजे कहके नहीं होती, आचरन सिखा देता है, जो प्रधान मंत्री छोटा कर रहे
18:16हैं, तो मंत्री को क्यों छोटा नहीं करना �
18:19तो यह समझने की चीज है, और कई बार भाव व्यक्च भी करते हैं, अगर हम अमल करेंगे तो जनता
18:27हम से सीखेगी, उन्होंने पढ़ी किताब, मैंने उनको भैट की, उनके रिव्यू का इंतजार है आपको, मुझे लगता है कि
18:38वो हर चीज बहुत गहराई से देखते हैं,
18:43तो मेरा विस्वास है कि उन्हें या तो पढ़ली होगी या पढ़ेंगे।
19:14किवल मैं नहीं, मेरे जैसे लाखों कारी करता हैं, जिनसे उनके भावनात मक्रिष्टे हैं, आप मांखन सरकार वाली घटना देखिए
19:27जो डाक्टर स्यामा प्रसाद मुकर जी कि सहयोगी थे पश्चिम बंगाल के चुनाव जीतने के बाद, उनको गले लगाया और
19:36उनका कं
19:43अश्विनायन गुप्ता जी सो साल से ज्यादा उमर थी, कमल पुस्प उनको कहा जो पुराने कारी करता हूं, उनके चरणों
19:50का इस परस किया कारी कम के पहले, ये रिष्टे राजनीती से बहुत हटके होते हैं, और बहुत ऊपर होते
19:59हैं, तो मैं मानता हूं, कि हमारे रिष
20:13माननी मुदी जी से ऐसे हैं, जो राजनीती से हटके हैं, कोई उनको गाइड मान सकता है, फ्लास फर मान
20:20सकता है, मार्ग दर्सक मान सकता है, ये किताब लिखने के पीछे भी मेरा भाव, ये ही था, कि उनके
20:27साथ काम करते करते मैंने जो अनभव किया है, जो सीखा है, जो प्
20:42प्रिसासक हो, इस्टुडेंट्स हो, महला ससक्तिकारन का पख्जधर हो, एवन सोसल रिफॉर्मर हो, एक के बाद एक जैसे रिफॉर्म सुनने,
20:52सामाजिक शेतर में भी किये, स्वच्छता अभ्यान ही एक अपने आप में रिफॉर्म है, कोई सोचता नहीं था कि प्रधान
21:08मंत
21:11किताब, जैन जी आपकी किताब पढ़के क्या सीख सकता है, क्यों उन्हें पढ़ना चाहिए आपको लगता है, मैं ये मानता
21:17हूं कि जिस धंग से, मोदी जी का जीवन है, वो जैन जी को भी आत्मिस्वास से भरेगा, और उनमें
21:27ये भाव भरेगा, उत्तिस्ट जागरत प्
21:41तो हर एक के लिए इसमें काफी कुछ चीज़ हैं, तो मुझे लगा कि देश में जाना चाहिए, मेरे पास
21:47तक ही को रहा है, इसलिए मैंने ये किताब लिए, किसी प्रधान मंतरी को समझने के लिए, बहुत तरह की
21:54किताबें हो सकती हैं, जो उनके पूरे जीवन को दिखाए
21:56लेकिन रिष्टों के जरीए किसी व्यक्ति को समझना, मुझे लगता है कि ये प्रयास आपका है, और ये किताब जो
22:03है, अभी मैंने थोड़ी से पढ़ी है, मैं आगे और पढ़ रही हूँ, बहुत शुब काम ना हैं आपको शिवराज
22:08जी.
22:08जी ये अपना पन है स्वेता जी, केवल मेरे और मोदी जी के बीच नहीं है, मोदी जी का अपना
22:18पन अपन अपने देश की जनता के लिए, इसलिए उड़ादेश मोदी जी का परिवार बन गया, मोदी जी का अपना
22:26पन केवल देश की जनता के लिए नहीं बस दैवकुतुम
22:38पुनर इस्थापित करने का काम किया, इससे कोई वोट मिलते हैं किया चीता लाने से, लेकिन पुनर इस्थापित करने का
22:46काम किया, हमने साथ साथ काम किया तो नदियों की चिंता की, नर्मदा सेवा यात्रा निकाली है, भंगा जी के
22:52लिए काम हो रहा है, जमना जी के लिए का
23:07है सच मुझ में वही देश को भी आगया बढ़ाएगा और विस्वकावी कहल्यान करेगा और वहतिकता की अगनी में दग्द
23:14विस्वानवता को सास्वासान्ति के पत्का दिगदर्सन भी कराएगा इस अपने पन को देखते हुई ये किताब लिखी है और सच
23:21मुझ में यही म�
23:24करें बहुत बहुत धन्यवाद आप से आपको भी बहुत बहुत धन्यवाद आपने मुका दिया मुझे कुछ आज तक के माध्धम
23:32से लोगों तक अपनी बात पहुचाने का देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रही आज तक
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