00:00क्या हो जब आपको उस बात की सजा मिले जो आपने किया ही ना हो या दलती हो गई हो
00:05और तब क्या हो जब वो न भाशा आपको समझाती हो ना ही देश आपका हो
00:11कुछ ऐसा ही हुआ केरल के अब्दुलरहीम के साथ
00:14साथी अरब की जेल में 20 साल की सजा काटने के बाद केरल के अब्दुलरहीम वापस लोट आए है
00:21उनकी वापसी से केवल परिवार ही नहीं बलकि केरल के लोग भी बहुत खुश है
00:27केरल के अब्दुलरहीम की कहानी इंसानियत और कभी न तूटने वाली उमीद का उदाहरन बन गई है
00:34अब्दुल एक दिव्यान किशोर की मौत के आरोप में 20 साल तक साथी अरब की जेल में रहने के बाद
00:41फतन वापस लोटे है
00:43उन्हें मौत की सजा सुनाई गई थी जिससे बाहर निकालने के लिए बलड मनी के तौर पर 34 करोर रुपए
00:50की भारी पर कमराशी जुटाई गई
00:52दिसंबर 2006 केरल के अब्दुलरहीम के लिए वो काला दिन था जब उन्हें सुदी अरब में जेल की सलाकों के
00:59पीछे भेज दिया गया
01:00वो भी उस सजा में जिसे उन्होंने नजान बुचकर किया और ना ही उन्हें उस बारे में जानकारी ही थी
01:07वो भारत में ड्राइवर थे और सुदी काम की तलाश में गय थे और सूचा होगा कि ड्राइवर बनेंगे लेकिन
01:14उन्हें ऐसे काम में लगा दिया गया जो उन्होंने कभी किया ही नहीं था
01:18उन्हें एक लखवा ग्रस्त सौधी श्थे के 17 साल के लड़के की देखरे का काम सौपा गया
01:25अभी वो इस किशोर की देखरे करना सीखी रहे थे
01:29कि गलती से उनक्या हाथ लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर जी रहे
01:33उस लड़के के पाइपर पड़ गया
01:35और बच्चे की तव्यत बिगड़ गई और बच्चा पहले विहुश हुआ फिर उसकी मौत हो गई
01:40उसकिशोर की मौत का संगीन आरोग अबदुल पर और वहां की कोट ने उन्हें मौत की सजा सुनाई
01:46और वो 20 सालों तक कैद में रहे
01:49अबदुल अब सालों बाद वतन वापस लोट आए है
01:52अबदुल के लिए एक पड़ा क्राउट फंडिंग अभियान भी चलाया गया
01:56जिसमें दुनिया भर के बड़े दिलवाले लोगों ने
01:59रिकार्ड 34 करोर रुपए की भारी भर कम बलड मनी जुटाए
02:03जिससे उनकी रहाई का रास्ता साफ उपत पाया
02:06अबदुल ईद के दिन ही अपने घर केरल के कोजी कोट पहुँचे
02:10अबदुल ने कहा मैं दुनिया भर में फैले उन सभी केरल वासियों का
02:14शुक्र गुजार हूँ जिन्होंने मेरी रिहाई को मुम्किन बनाया
02:18जब अपनी माँ फातिमा से मिले तो दूनों रोने लगे
02:22सालों की जमापीड़ा, संगर्ष, दोईधाएं आसो बन कर निकलाई
02:27कापती आवाज में फातिमा ने कहा आखिरकार अल्लाह ने मेरी दूआ कुबूल कर ली
02:33सुदी अरब पहुचने के महज 28 दिन बाद ही इस संगीन आरोप में 26 साल के अब्दलरहीम जेल चले गए
02:40और 2011 में एक सुदी अदालत ने उन्हें मौत की सजा सुना दी
02:45इस सजा को वहां की हाई कोट्स ने भी बढ़करा रखा जिसके चलते केरल में रहने वाले अब्दल के पड़िवार
02:51को कई सालों तक मौत की सजा के साए में जीना पड़ा
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