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  • 36 minutes ago
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में पर्यटन और पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए ज्यादा से ज्यादा रोपवे बनाने की योजना तैयार की जा रही है. ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत के लिए HMDA के तहत आने वाली संस्था UMTA वाराणसी मॉडल को अपनाने का प्लान बना रही है. अधिकारियों ने इसके नियमों में बदलाव के लिए सरकार को प्रस्ताव भी भेजा है. वाराणसी मॉडल देश का पहला ऐसा रोपवे सिस्टम है जिसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है. इसका मकसद शहर के ट्रैफिक को कम करना और इसे बड़ी संख्या में लोगों के सफर का जरिया बनाना है. हैदराबाद में भी इसी तरह मेट्रो और रेलवे स्टेशनों को पास के बाजारों और बिजनेस सेंटरों से जोड़ने की तैयारी है. साथ ही कई पर्यटन स्थलों को एक साथ जोड़कर एक रोपवे सर्किट बनाने का प्लान है. इसे PPP मॉडल (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) के तहत बनाया जाएगा ताकि सरकार पर कोई आर्थिक बोझ न पड़े. हैदराबाद में सबसे पहले गोलकोंडा के पास स्थित कुतुब शाही टॉम्ब्स (कुतुब शाही मकबरे) के 2 किलोमीटर के दायरे में PPP मॉडल के तहत रोपवे बनाया जा रहा है. इसके बाद, यहां से 6 किलोमीटर लंबे रोपवे के जरिए नेहरू जूलॉजिकल पार्क को जोड़ने की योजना है. टैंक बंड से संजीवैया पार्क तक भी रोपवे बनाने का प्रस्ताव है. इसका इस्तेमाल हाईटेक सिटी में भी किया जा सकता है.

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00:03तिलंगाना की राजधानी हेदरबाद को ट्राफिक जैम से मुक्ती मिल सकती है शेहर में जादा से जादा रोपवे बनाने की
00:09योजना पर काम चल रहा है
00:11HDMA के तहट आने वाली संस्था UMTA VARANAC model को अपनाने का plan बना रही है
00:17जिसके तहट अधिकारियों ने सरकार को प्रस्ताफ भेजा है
00:23इसे PPP model के तहट बनाया जाएगा ताकि सरकार पर कोई आर्थिक पोज़ना पड़े
00:28सबसे पहले गोलकोंडा के पास थेतर कुतुमब शाही टॉम्स के 2 किलोमीटर के दायरे में रोपवे बनेगा
00:36इसके बाद यहां से 6 किलोमीटर लंबे रोपवे के जरिये नहरू जियोलोजिकल पार्क को जोडने की योजना है
00:42टैंक बंद से राजिवे या पार्क तक भी रोपवे बनाने का प्रस्ताफ है
00:47इसका इस्तिमाल हाइटेक सिटी में भी किया जा सकता है
00:52वारणसी में देश का पहला रोपवे सिस्टम बन रहा है
00:55जिसे पबलिक ट्रांसपोर्ट की तरह इस्तिमाल किया जाएगा
00:59इसका मकसद शहर के ट्राफिक को कम करना और लोगों के सफर को आसान बनाना है
01:04वारणसी में केंट रेलवे स्टेशन से गुदौलिया चौक तक 3.8 किलोमीटर लंबे रोपवे का काम चल रहा है
01:12इसके बीच कुल 5 स्टेशन होंगे
01:17हैदराबाद में भी रोपवे के लिए कई जगहें बिलकुल सही है
01:20यहाँ 2 से 3 किलोमीटर की दूरी के लिए भी भारी ट्राफिक मिलता है
01:24बारिश के मौसम में वाहन चालकों को काफी परिशानी होती है
01:28विशेशक्यों का कहना है कि कम दूरी के लिए रोप हुए बहुत अच्छा विकल्ब है
01:33सुरक्षा का पूरा ध्यान रखने के साथ साथ अगर टिकेट की कीमत आम आदमी के बजट में रखी जाए
01:40तो ये बेहत उपियोगी साबित होगा
01:42Bureau Report, ETV भारत
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