Skip to playerSkip to main content
  • 3 hours ago
Bashir Badr Death: ‘अभी उजाला भरपूर था, लेकिन जिंदगी की शाम हो गई…’, मशहूर शायर Bashir Badr नहीं रहे

Category

🗞
News
Transcript
00:00अभी उजाला भरपूर था लेकिन जिन्दगी की शाम हो गई
00:04मशूर शायर बशीर बदर अपनी यादों का उजाला छोड़ कर इस जहान को अलविदा कह गए
00:11बशीर बदर ने 28 मई 2026 को आखरी सांस ली
00:15उन्होंने अपने घजलों और शीरों के माध्यम से महबत, जिन्दगी और सामाजिक मुद्दों को खुबसूरती से पेश किया
00:22बशीर बदर ने पुलिस विभाग में नौकरी छोड़ कर साहित्य को अपना जीवन समर्पित किया था
00:29बशीर बदर का जन्म 15 फरवरी 1935 को मध्यप्रदेश में हुआ और उन्होंने अपनी लेखनी से उर्दु साहित्य को नई
00:37पहचान दी
00:38उनकी घजलें आम लोगों के दिल तक सीधी पहुचती है और आज भी खुब पसंद की जाती है
00:44उन्होंने कई बार मशूर किताबें लिखी और अपनी शायरी के लिए कई बड़े पुरुसकार भी हासिल किये
00:50उनकी पंक्तियां अक्सर जिंदगी के अनुभवों को सरल शब्दों में बया करती है
00:55जो हर उम्र के लोगों को जोड़ती है बशीर बदर की शायरी सिर्फ शब्द नहीं बलकि एहसास है
01:02जो समय के साथ और भी गहरा होता जा रहा है उनकी विरासत आने वाली पीडियों को हमेशा प्रेरित करती
01:10रहेगी
Comments

Recommended