00:00Younger Generation में at least
00:02full case के बारे में बात हो रहा है
00:04ये अच्छी बात है
00:05पर एक problem जो हो रहा है
00:07आज कल बहुत सारी लड़कियों को
00:10period problems है
00:12PCOS उसका नाम अभी
00:14recently change करके PMOS
00:15रखा गया था
00:17So that affects almost
00:198 करोड young girls in India
00:22और जो हमारी
00:24studies है, जो हमारा research है
00:26और अभी हम leading institutions
00:28के साथ भी ये research
00:29carry on कर रहे है
00:31Somewhere the toxins and chemicals
00:34and disposable sanitary napkins
00:36उसके कारण
00:38हमारी body में
00:40endocrine system जो है
00:42hormonal system जो है
00:43वो disrupt होता है
00:45जिसके वज़े से ये problems और भी ज़्यादा
00:48गंभीर होती है
00:49तो this is the state of
00:51menstrual health
00:52periods की बात नहीं होती है
00:55periods में चर्चा नहीं होती है
00:56इसलिए लड़किया जादा खुलके
00:58कहती नहीं है
00:59पर हमें तो लगता ये pandemic situation है
01:02जिपने लड़कियों को
01:04period problems है आज की डेट हो
01:06मैं प्रॉब्लम नहीं कहूंगी
01:13मैं ये कहूंगी कि बहुत सारी opportunities है
01:17कि हम
01:18ये awareness दे सके
01:23definitely पिछले चार-पांच सालों में
01:26हमने बहुत देखा है
01:27मैं आपको एक चोटा सा उधारन देती हूँ
01:30NGO's
01:30बहुत सारे NGO's हमारे साथ काम करते हैं
01:33जो NGO's
01:35health या education area में
01:37काम कर रहे हैं
01:39वो हो सकता है कि sanitary napkins
01:40बांटते हों अपने beneficiaries को
01:43आज की date में मैं आपको
01:45इंडिया में आपसे बलती मैं आपको
01:47challenge करूंगी कि आप ढून
01:49निकालो कि कौन disposable
01:51बांट रहा है क्योंकि mostly
01:53सब reusable पे shift हो चुके हैं
01:55और क्यों एक तो पैसे
01:57बचते हैं beneficiaries
01:58खुश हैं environmental
02:00burden नहीं है तो
02:02इस तरह से बहुत change हमने
02:05देखा है पर of course
02:06बहुत ज़्यादा change और भी आना है
02:13होना ही चैहिए
02:15otherwise जो हमने
02:17दूरदशा की है planet की
02:19अगर हम
02:20even अगर हम गर्मी देखें
02:23भूवनेश्वर में
02:24असहन यह है
02:25it is unbearable
02:27climate change का और sanitary napkins
02:31का क्या रिष्टा है
02:32पेड काटे जाते हैं sanitary napkins
02:35बनाने के लिए
02:36cellulose fiber वो बनाया जाता है
02:38वो absorbent material है sanitary napkins
02:41में वो बनता है
02:42पेडों को काट कर
02:43अगर made in India products हो
02:46यह cellulose fiber हम
02:48import करते हैं
02:50so truly made in India products
02:52जो environmental friendly हो
02:54reusable हो
02:55वो change अगर हम नहीं कर पाए
02:58तो प्रित्वी की दुरदशा
03:00हम और करते जाएंगे
03:02जो के हम नहीं अफोर्ड कर सकते हैं
03:10स्कूल में जो लड़कियां हैं
03:12शुरुआत वहीं से होनी चाहिए
03:13बहुत सारे state governments के साथ
03:16हम pilot projects कर चुके हैं
03:18कि आगे जाके ओडिसा में भी इस तरह से impact कर पाएं
03:31इसलिए जो आज के रवाट्स दिये गए और इतने जेंट्स भी थे जिनोंने अवाट्स लिए
03:37वो अपने अपने educational institutions में ये कर रहे हैं
03:41ये कोशिश कर रहे हैं
03:43कि एक तो टाबू बिल्कुल खतम हो
03:47और दूसरा reusables के बारे में awareness बढ़े
03:51मैं आपको बताती हूँ
03:53हमारे साथ जो काम करती है मधुसमिता
03:55वो रमा देवी से MBA खतम करके
03:59अभी अभी वो graduate की है
04:01और उन्होंने हमारे साथ अभी काम करना शुरू किया है
04:04तो एक साल पहले उनसे मिले थे हम
04:07और दो सो लेडीज को
04:10गाओं की लेडीज को लड़कियों को
04:13उन्होंने reusable pads के बारे में बताया
04:16awareness दी उनको free में दिलाए गये
04:18तभी उनको भी मिला
04:19और वो एक स्टूडेंट है
04:21वो हस्टल में रहती है
04:23बहुत हैरानी हमें जानके हुई
04:26कि
04:28वो और उनकी बहुत सारी
04:30friends, reusables
04:32वो बेशिफ्ट कर चुकी है
04:36और गाओं की लेडीज को
04:37दिया जा रहा था
04:38ये सोचके कि ठीक है गाओं की लेडीज कपड़ा
04:41यूज करती है
04:42ये तो modern girls है
04:44MBA पढ़ रही है
04:46hostel में रह रही है
04:48modern lifestyle है
04:50पर दूसरों को
04:53बताते बताते इनको खुद समझ में आया
04:55shift किया
04:56और ये यही यूज करती जा रही है
04:59और as a volunteer काम कर रहे है
05:01इतने सारे जो है
05:02जिन को awards मिला
05:04तो उनमें से इस तरह के
05:06एक-एक की खुद की कहानी है
05:11boys का तो बहुत बड़ा
05:13रोल होना चाहिए
05:14क्योंकि आपके
05:16आपके families में
05:18आपके wives हैं
05:20आपकी daughters हैं
05:22है के नहीं
05:22और जो younger generation है
05:24उनकी mothers हैं
05:25उनकी sisters हैं
05:27तो अगर periods के बारे में
05:30half the world's population menstruates
05:33for half their lifetimes
05:35और ये बात अगर हम
05:36खुल के घर में नहीं बात कर सकते
05:38तो
05:42awareness हम दे सके
05:44जितनी ज़्यादा लड़कियां
05:45shift कर सके
05:46क्योंकि आगे उनको
05:4830 साल तक
05:51periods जहलने हैं
05:53अगर reusables यूज करते हैं
05:56तो period experience is far better
05:58period problem से हम बचे रहते हैं
06:00ये aim है
06:05कि आप facts के उपर
06:08पूरा research करो
06:10ऐसी कोई चीज आप use मत करो
06:12जो आपको harm cost कर सकती है
06:14अगर आप कोई period problem से
06:17सफर कर रहे हो
06:18तो 6 महीने आप सरफ
06:20reusables यूज करके देखो
06:22बहुत सारी लड़कियां बस इसी
06:24exchange से heal हो गई हैं
06:26आप भी हो सकते हो
06:32reusable pads
06:34इंडिया में बहुत लोग बनाते हैं
06:35सबी बहुत अच्छे हैं
06:37उसके अंदर कपड़ा होता है
06:39हमारे pads में हम दो तरह के बनाते हैं
06:42कपड़े के भी बनाते हैं
06:43और banana fiber होता है
06:45banana fiber
06:48cellulose fiber ही है
06:50जैसे पेडों से निकलता है
06:52बट बनाना ट्री एक बार उसे काट दिया जाता है
06:56फिर हम निकालते हैं fiber
07:08मैं अच्छी एक मेकानिकल एंजनियर हूँ
07:11so I'm not working as a mechanical engineer
07:13और फिर US में मैंने पढ़ाई की थी
07:16MBA और MS की
07:17और फिर वही काम करते थे
07:20अम्मा जी के संपर्क में आए
07:22तो हम बापस इंडिया लोटे
07:23और उसके बाद अमरता युनिवरसिटी से जोड़ी हुई थी
07:26और अभी भी जोड़ी हुई हूँ
07:29और पिछले 10 साल से मैं मैं स्ट्रील हेल्फ के अरिया में मैं काम कर वी हूँ
07:36मैं पंजाबी हूँ
07:37मारी तू
07:38अपामिली फ्रामिली फ्राम उत्राखंद
07:40लिविग इं केरला फॉर थे पास्ट ट्वेंटी प्लस यर्स
07:44So, I am India's daughter
07:47I am my प्रामिली
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