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दंगल: क्या घुसपैठियों के वोट बैंक के बचाव में विपक्ष SIR का विरोध कर रहा है?
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00:11नमस्कार मैं हूँ साहिल जोशी, दंगल में आपका स्वागत है।
00:16क्या घुस पैटिय वोटर्स के बचाव में विपक्ष ने SIR विरोध की सियासत शुरू की थी।
00:22यह तमाम सवाल आज विपक्ष से पूछे जा रहे हैं।
00:26क्योंकि आज सुप्रिम कोट ने देश भर में मतदाता सूची के विशेश कहन पुनरिक्षन याने SIR को लेकर एक बड़ा
00:33फैसला सुनाया है।
00:35सुप्रिम कोट ने कहा है कि चुनाव आयोग को SIR करने का सम्विधानिक हग भी है और वैधानिक भी याने
00:42कानूनी अधिकार भी उनका शामिल है।
00:44कोट ने कहा है कि देश का मतदाता कौन होगा ये चुनाव आयोग ही डिसाइड करेगा और इसके लिए वो
00:50नागरिक्ता का भी फैसला कर सकता है।
01:14वोटर लिस्के नाम कड़ गया तो मतलब ये साबित नहीं होता कि उसकी नागरिक्ता चली गया।
01:20नागरिक्ता पर फैसला सक्षम प्रादिकार ही करेगा।
01:23दूसरी तरह विपक्षी सवाल उठा रहे हैं कि अब तक जिनके नाम कड़ गये हैं, जिनके नाम लॉजिकल डिस्क्रिपन्सी के
01:30नाम पर एक जुडिशियल एड्जुडिकेशन में डाल दिये गये थे, उनके साथ हो रही नाइंसाफी का जब्मेदार आकिरकार कौन होगा
01:38क्योंकि सुप्रिम कोट ने उस पर फिलाल कुछ भी नहीं कहा, तुर्णमूल कॉंग्रेस कहने के कोशिश करिए कि ये फैसलों
01:44तो सिर्फ बिहार के S.I.R. को लेकर हैं, हलागि सुप्रिम कोट बंगाल चुनाव के दौरान ही 27 लाग
01:50वोटर्स के नाम पसे होने और 19 टुब
02:08और S.I.R. का मुद्दा छोड़ देगा, क्योंकि अब 30 मई से देश के बाकी प्रदेशों में भी S
02:14.I.R. की प्रक्रिया शुरू होने वाली हैं, तो तमाम सवाल जवाब विपक्ष के खाते में बज गये हैं, और
02:20इनी पर हम चर्चा करेंगे, लेकिन पहले ये रिपोर्ट �
02:30साल भर से राहुल गांधी समेत पूरा विपक्ष दिल्ली से बिहार तक और बंगाल से तमिलनाडु तक शोर मचाता रहा,
02:37कि ऐसा यार करके चुनावायोग देश के गरीब दलित पिछडों मुसल्मानों के नाम काट रहा है, अब सुप्रीम कोर्ट ने
02:43कह दिया कि चुनाव
02:46हक मिला है, वही हो रहा है, सुप्रीम कोर्ट की चीफ जेस्टिस की बेंच ने 124 पन्नों के जज्जमेंट में
02:52जो फैसला सुनाया, उसका लब्बो लुआब यही है, कि ऐसा यार कराना चुनावायोग का समवायधानिक और कानूनी अधिकार है, देश
03:00का वोटर कौन होगा,
03:01यह चुनावायोग ही तै करेगा, सबूत में मांगे जा रहे है, 11 दस्तावेज उचित है, वोटर लिस्ट से नाम कटने
03:07का मतलब नागरिक्ता खोना नहीं है, और नाम कटने वालों की नागरिक्ता पर 4 हफते के अंदर सुनवाई, शुरु होनी
03:14चाहिए.
03:31जो SIR हुआ था, उन सभी मामलों को जो वहाँ पर उसको सौप दिया जाए, सिरिजन्सिप कन्फर्म करने के लिए.
03:36वैसे तो चुनावायोग के SIR को विपक्षी दलों ने कॉंग्रेस के बोट चोरी वाले सियासी मुद्दे के साथ नथी कर
03:43दिया था, राजनीतिक दलों के साथ कई NGO, नेताओ, संगटनों समेत 20 अरजियां SIR के खिलाफ डाली गई, लेकिन उन
03:51सभी अरजियों में उठे सवा
04:06अरजियों में आपत्ती थी कि चुनाव आयोग नागरिक्ता तै कर रहा है, कोट ने कहा कि आयोग वोटर तै कर
04:12सकता है, अरजियों में आपत्ती थी कि चुनाव आयोग वोटर लिस्ट बनाने की जगा एनरसी तैयार कर रहा है, कोट
04:18ने कहा कि SIR करना आयोग का समवैधानिक
04:21अधिकार है अर्जियों में आपत्ती ये भी कि S.I.R. के बहाने बड़े पैमाने पर चुनिंदा लोगों के नाम
04:27काटे जाएंगे
04:27कोर्ट ने कहा कि नाम काटने वालों को सुनवाई का मौखा मिलना चाहिए
04:31अरजियों में आपति थी कि गरीब गलित मुस्लिम प्रवासियों के नाम काटने का खत्रा है
04:36कोर्ट ने कहा कि नाम कटने के चार सप्ता के भीतर नागरिक्ता पर सुनवाई जरूरी है
05:14सुप्रीम कोर्ट केस फैसले के साथ ही देश के सभी राज्यों में सायार कराने के लिए चुनावायों को फ्री हैंड
05:19मिल चुका है
05:20इसे लेकर बीजेपी जहां कॉंग्रेस पर धम की राजनीत का आरोप लगाती है तो या चिका करता इमर्जेंसी की याद
05:27दिला रहे हैं
05:27सर्वोच चन्यायले ने SIR Special Intensive Revision यानि विशेश गहन पुनरीचन की प्रिक्रिया को पूर्णता सम्विधान सम्मत सिद्ध कर दिया
05:41है
05:41स्विकार कर दिया है मुझे लगता है कि राजनेतिक पराजय के बाद और देश में अराजक्ता अविवस्था उत्पन करने की
05:51नेतिक पराजय के बाद
05:53अब यह विपक्ष और विशेश कर कॉंग्रेस पार्टी की सम्वैधानिक धरातल पर भी यह पराजय हुई है
06:01अब इस देश में वोटर सरकार को नहीं चुनेंगे सरकार वोटर को चुना करें
06:07सुप्रीम कोर्ट ने ठीक वही किया है जो आज से पचास साल पहले एमरजनसी में एडियम जबलपुर वाले केस में
06:14कहा था
06:15जब सुप्रीम कोर्ट ने कह दिया था कि सरकार जो मरजी चाहे कर ले जान ले ले सवाल नहीं पूछा
06:22जा सकता
06:23वोटर लिस्ट के बारे में आज सुप्रीम कोर्ट ने कुछ वैसा ही फैसला दिया है
06:53और केरल में 24,08,000 नाम काटे जा जुके हैं। उनमें मृत स्थानांतरित परजी संदिक धिचारों तरह के मत
07:00दाता है। जिनके नाम वोटर लिस्ट से हटा कर उस लिस्ट का शुद्धी करण किया जा रहा है। लेकिन इस
07:05चक्कर में बंगाल के 27,00,000 वोटर के साथ जो हुआ �
07:09उस सवाल का जवाब बाकी रह गया। क्योंकि बंगाल में करीब 27,00,000,000 लोगों के नाम पर फैसला
07:13नहीं हो सका है कि वो भारत की वोटर है या नहीं। वोटर नहीं है तो नादरिक है या नहीं।
07:17क्योंकि उनकी सुनवाई के लिए कहने को 19 ट्रिबिनल बनाय गये। लेकि
07:35से आवेदन ऑनलाइन करना था जिसमें गरीब मजदूर अशिक्षित लोगों लज गये। उपर से सुप्रीम कोड ने कह दिया रोज
07:42रोज की सुनवाई वाली कोई परेशानी है तो हाई कोड जा सकते हैं।
08:05समवधानी का अधिकार नहीं है फिर भी विपक्षी दलों की ओर से साईयार को लेकर अब भी तमाम सवाल खड़े
08:11किये जा रहे हैं। संजय शर्मा दिल्ली आज तक।
08:35और उससे भी बड़ी बात आगे जाकर सुप्रिम कोड ने ये भी कहा है कि जिनका नाम वोटर लिस से
08:41कड गया है अगर उनके नागरिक्ता पर शक है तो चुनाव आयोक को वो डेटा आगे की कारवाई के लिए
08:47दे देना चाहिए और चार हफते में उसकी सुनवाई भी शु
09:03चाहिए बात उचफपुनावाला भारती जन्ता पार्टी के तरफ से इस चर्चा में स् 예�ामिल हो रहे हैं सुलल्यमान मौहम्द खान
09:08कौंगरिस के प्रवगता इस चर्चा में शामिल होнет थोटी दिर में स्वहें प्लकाश परोहिद तृणवाई कोड़ थे एकि इस चर्चा
09:28के साथ में वो वहाँ पर अदालत के बीतर कड़े थे और उन्होंने कई बार अलग-अलग डिबेट्स में भी
09:33सायर की प्रक्रिया का पूरा पूर्जोर समर्थन भी किया था थोड़े से स्माइल उनके चेहरे पर आज नजर आ रही
09:39है क्योंकि सुप्रिम कोड का फैसला एक तरीके से उनके हक में चाता हुआ नजर आ रहा है
09:42तीन सवाल मैं इस पैनल के सामने रखूंगा और इस बार विपक्ष पर सबसे ज़रा समाल होंगे सुलेमान खान जी
09:48क्योंकि पहला सवाल हमारा यही है कि सुप्रिम कोड के इस फैसले के बाद कॉंग्रेस पार्टी और राहूल गांधी ने
09:54देश की समविदानिक संस्थानो
09:56को बदनाम करने की कोशिश किये बीजेपी का जो आरूप था क्या वो सही साबित होता है दूसरा सवाल क्या
10:02समुचा विपक्ष पिछले एक साल से चुनाव आयोग पर बेवज़े सवाल उठा रहा था क्या क्या कि हमने देखा कि
10:09संसत का अधिवेशन हो वहां पर भी प्लेक
10:26आरूप लगा थी कि SIR का विरोध क्यों क्योंकि सुप्रिम कोट आज की स्थिती में कहता है कि अगर निश्पक्ष
10:31चुनाव कराने हैं स्वतंतरता से चुनाव कराने हैं तो SIR की प्रक्रिया यानि वोटर लिस्ट को साफ सफाई करना ये
10:38जरूरी है और इसलिए SIR होना भी �
10:40सुप्रिम कोट आज कह चुका है तो आखिरकार ये विरोध क्यों था इन तमाम मुद्व परम चर्चा करेंगे शुरूबात सुलिमान
10:47जी आप से ही करनी पड़ेगी क्योंकि आज सवाल सारे विपक्ष को लेकर है सुप्रिम कोट के फैसले के बाद
10:52दूद का दूद और पा
11:10सुप्रिम कोट कह रहा है कि वो अधिकार है सविधानिक भी और वैधानिक भी तो ये कैसे हो सकता है
11:16जोशी जी तीन आपने सवाल पूछे हैं और मुझपे यह आपका सीधा और डैरेक्ट क्वेश्चन है पहली बात तो ये
11:23कि समयधानिक सरस्थाओं से सवाल पूछना ये क
11:27सब्सक्राइब को क्वेश्चन करना इसको बदनाम करना नहीं होता है ये कॉंस्टिटूशन हमें इसका अधिकार देता है और यही कॉंस्टिटूशनल
11:35फ्रेमवर्क है हमारे मुल्क का तो अगर राहूल गांदी जी या कॉंग्रेस पार्टी कह रहे हैं कि एलेक्शन कमिश
11:53में आया है राधर सुप्रीम कोट ने ये कहा कि जो पार्टी या स्टेट्स को पॉलिटिकल पार्टी इसको इंप्लीट किया
12:02सुप्रीम कोट ने उस पेटिशन में उनकी वज़ा से जो गैप से एलेक्शन कमिशन के प्रोसेस में मसलन आधार कार्ट
12:09को कहते थे हम नहीं माने
12:20वो क्योंकि सारे जो एक्टिवेस्स से पॉलिटिकल पार्टी इस स्टेट्स इंप्लीट थी अपोजिशन की उन्होंने इंसिस्टेंस किया और सुप्रीम कोट
12:27से ओडर हुआ तो अलिक्शन कमिशन तो आधार कार्ट को भी इंक्लूड नहीं करना चाहते थे और कई जगा ग
12:55सुलेमान जी पानी का ग्लास पूरी तरीके से खाली हो चुका है लेकिन आप फिर भी पांच परसंट उसमें जो
13:00बूंदे बची है वो देखने की कोशिश कर रहे हैं
13:02सर आप सवाल का जवाब सुनिये तो Constitutional authorities को question करना बड़नाम करना नहीं होता है
13:09इस बात को जहन से निकाल दीजे अपने दिमाग से निकाल दीजे हमेशा constitutional authorities को governments को हमेशा question
13:16करना चाहिए
13:17और political parties भी गलत हो सकती है citizens भी गलत हो सकते हैं
13:21question करना ही constitutional democracy का सबसे बड़ा समझने हैं उनके
13:25ताज में वो हीरा है उसको मत रोगिए second आप जो कह रहे हैं
13:29गुसपैटिये कितने गुसपैटिये पकड़े हैं बीजेपी गवर्मेंट बारा साल से है
13:33border security उनके पास है वो तो 2006 से 14 में मनमुहन सिंग की
13:38Congress सरकार ने यू पीए वन ने और टू ने पचास पचपन हजार लोगों
13:42को बाहर भेजाता बंगला देशियों को वो recorded हो मिनिस्ट्री का और
13:462016 से और 2022 तक बीजेपी गवर्मेंट ने मोदी RSS गवर्मेंट ने कितने
13:57सवाल ये नहीं है सुलिमान जी सवाल इस बात को लेकर है कि आपने पूरी की पूरी
14:05S.I.R. की प्रक्रिया पर ही सवाल उठाए थे और ये बात तो मैं मानता हूं कि
14:09democracy में democracy में हर किसी को सवाल पूछने का अधिकार है बले वो कोई भी समयधानिक
14:15संस्ता हूं उस पर उनके फैसले पर भी सवाल पूछने का सभी का अधिकार है और मुझे नहीं लगता कि
14:19इसको लेकर ना
14:20शहजाद पूनावाला को कोई आपती होगी ना आजविन उपातियाई जी को कोई आपती होगी ना किसी को भी आपती नहीं
14:25होनी चाहिए
14:33आप मुझे सुप्रीम कोर्ट की जज्जमेंट के बाद बीजेपी डिसाइड करेगी कौन मोटर बनेगा कौन नहीं बनेगा क्योंके एलेक्शन हम
14:42तो कहते हैं इस बात को
14:43क्योंकि हम जानते हैं एलेक्शन कमिशन कॉम्प्रमाइजड है वो बीजे के लिए काम करता है आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले
14:52में कहीं भी इसका जिक्र नहीं है कि सरकार इस पारे में फैसला लेगी कि कौन सिटीजन है कि नहीं
15:00है सिटीजन
15:01मैं आपको सारे मुद्धे आपके सामने रखना चाहूंगा और उसके बाद उसके बाद में शहज़ाद पूनावाला के पास जाऊंगा कि
15:07अभी भी आपको लगता है कि क्या सवविदानिक संस्थाओं को बद्दाम करने की कोशिश हो रही थी क्योंकि
15:15कभी भी एलेक्शन कमिशन की पॉवर्स पे कुश्चन नहीं था प्रॉसस पे नियत पर प्रॉसस पे क्वेस्चन था हम यह
15:24नहीं कहते थे कि आर्टिकल
15:26अभी आप जरा मेरी बात सुन लीजेगा आप जरा जज्जमेंट भी सुन लीजेगा और जो बहस वहाँ पर हुई है
15:33जो जज्जमेंट है वो भी एक बार जरा पढ़ लीजेगा जरा एक बार हम दिखाई देते हैं दस मुद्धे शहजाद
15:38फोड़ा साब को इंतजार करना हो�
15:52है वो कानूनी पहलों पर आपको रखना चाहिए था वो नहीं रखा गया ये भी सुप्रिम कोट ने का है
15:56जरा एक बार सुन लेते हैं दस बुद्धे आपके सामने रखना चाहँगा पहला दावा एसी आई को व्यापक साइयार का
16:02हक नहीं ये दावा किया था पेटिशन्स म
16:19कहा है नागरिकता साबित करने का बोज वोटर पर है सग्यापन की प्रक्रिया सही है पांचवा दावा एसायर के कारण
16:26लाखों लोगों का मतादिकार चीनेगा नोटे सुनवाई समय दिया जाएगा ये भी अदालत पांपर कह रहा है चटा दावा एसायर
16:33में आरपी एक्ट
16:34एक बार फिर चटा दावा दिखा ज़रा एक बार दिखाना पड़ेगा ज़रा ठीक से लोगों के बाद पहुंचे कि कौण
16:40से कौण से दावे किये गए थे वोटर्स के पहला एसीयाए को व्यापक एसायर का हक नहीं है इसायर का
16:47सविजधानिक वैदानिक हक है दूसरा दा�
17:08लिस्ट के वोटर को नागरिक बाना जाएगा इस धारना को चुनोती दी जा सकती है
17:14SIR RP Act के चुनाव नियमों का उलंगन है
17:17किसी नियम अदुचेत का उलंगन नहीं है
17:19सुप्रिम कोट कह रहा है
17:2011 दस्तावेजों वाले नियम मनमाने थे
17:23लेकिन दस्तावेजों के नियम सही थे अदालत कह रहा है
17:26वोटर्स के नाम काटने में प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया
17:29नियाईक समिक्षा का रास्ता खुला है
17:31ये भी कहा है
17:31ECI किसी की नागरिक्ता तेह नहीं कर सकता
17:34नागरिक्ता का फैसला सक्षब प्रदिकरन करेगा
17:37और आठ अंतिम दावा
17:38ECI-AR का स्वरूप असंतुलित ताम काटने वाला है
17:41जो दस्वा दावा है
17:43वो भी अदालत ने खारिज कर दिया
17:44शहजाद पुना वाला
17:45क्यों आपको लगता है कि समविधानिक संस्ताओं का नाम
17:48बदनाम करने की कोशिश हो रही थी
17:50क्योंकि वो तो कह रहेंगी सवाल पूछना हमारा अधिकार है
17:56सबसे पहले तो सत्यमेव जैते साहिल भाई
17:59और मुझे लगता है कि जिन लोगों ने भी समविधानिक संस्ताओं के खिलाफ
18:03सुपारी लेकर काम करने का काम किया था
18:06आज उनके मुपर एक करारा तमाचा है
18:08आपने बता दिया है कि क्या-क्या सुप्रीम कोट ने अपने फैसले में बताया है
18:12परनतु मैं आपको याद दिलाना चाहता हूँ
18:14एक तो बाद अच्छी है कि आज कॉंग्रस के प्रवक्ता बोल रहे हैं
18:36अभी काम कॉंग्रस पार्टी ने किया था
18:37जहां तक सवाल है समविधानिक संस्ताओं पर
18:40सवाल उठाना और समविधानिक संस्ताओं के खिलाफ सुपारी लेकर बोला
18:44मैं आपको उसका उधारन देना चाहता हूँ
18:46महारास्टा से आप और मैं दोनों है
18:48हाई कोट और सुप्रीम कोट में बोला महारास्टा में कोई गड़बड़ी नहीं हुई
18:51कॉंग्रिस पार्टी के लोगों ने बोला हमने आटब बॉप फोड़ा है
18:54महारास्टा का चुनाव जो है वो रिग्ड था
18:56हर्याना में कोई एक सबूत प्रमान नहीं दे पाए
18:59वहाँ पर कुमारी शेलजा ने बोला कि देखे हुड़ा जी की वज़े से हम चुनाव हारे
19:03पर तु हर्याना को लेकर उन्हें जुड बोला
19:05आलंद को लेकर सुबह प्रेस कांफरेंच की बोला
19:08शेजार वोट डिलीट हो गया है शाम आते आते बोला कि आलंद में एक भी वोट डिलीट नहीं हुआ है
19:12सर मैंने आपके बीच में नहीं बोला साहिल जी प्लीज इनको फोड़ा आपकी डिवेट का तरीका और रूल समझा दीजिए
19:20साहिल जी इस प्रकार से डिवेट नहीं होगी जब आप बोलने का मौका मिलेगा वरना बैस ऐसी चलती रहेगी ज़रा
19:31उनको अपनी बात खतम करनेगी देपाई देगे सुलेमान जी सुलेमान जी प्लीज प्लीज आपका ऑपनिंग स्टेट्पेंट हुआ है उसके बाद
19:39उ
19:47सुलेमान जी प्लीज साहिल जी मैं आपके चैनल से एक्सफेक्ट करूंगा उनको बात खतम करने दीजे उसके बाद आपके पास
19:53आता हूँ ना आप डिवेट को प्लीज दूसरी बात मैं बताना चाहता हूँ कि जब यह SIR एक्टिविटी हुई
20:15तो जब बंगाल में और असाम में इनोंने सवाल खड़े किये वहीं केरलम और तमिल नाडू में भी SIR हुआ
20:20वहाँ पर एक सवाल नहीं उठा है उल्टा कॉंग्रेस के विधायक है मैथ्यू के उन्होंने बोला कि SIR एक्टिविटी बहुत
20:28अच्छी हुई इसकी वज़े से
20:29लेफ्ट के द्वारा बनाए गए फेक वोटर काटे गए हम SIR का समर्थन करते सुनिये तो मतलब जब आपके पक्ष
20:43में फैसला जाए तब जुडिशेरी ठीक जब आपके पक्ष में फैसला जाए तब SIR ठीक अन्य था SIR खराब अन्य
20:53था EVM खराब अन्य था चुनाव आयो
20:58साइल जी याद है जब हम लोग एक दो साल पहले डिबेट करते थे हर डिबेट में EVM कारोनार होते
21:04थे EVM अब बिलकुल बंद कर दिया है 41 टाइम सुप्रीम कोट और हाई कोट का फैसला है EVM पर
21:09और यहां तक कि ओमर अब्दुल्ला और सुप्रिया सुले ने भी बोला कि EVM
21:13पर सवाल नहीं उठाये जा सकते अब EVM से बदलकर SIR पर आगे वोटर लिस्ट पर आगे जब SIR केरलम
21:19में होता है तो बिलकुल चमतकार SIR बंगाल में होता है तो बिलकुल गुनेगार मैं इसे पूछना चाहता हूँ कि
21:25अब बताईए कि यह डबल साइंडर्स कैसा है कॉं�
21:31सेक्रेटरी बनाया तब इन्होंने बोला देखो election commission compromise है और केरलम में उसी CEO केरलम को उन्होंने अपने सिग्यम
21:39का सेक्रेटरी बनाया तब वो चमतकार होता है इसलिए मैं कहता हूँ यह EVM जो है तेलंगाना में ठीक है
21:46केरलम में ठीक है जम्मू कश्मीर में ठीक है जारकर मे
21:51किनी में खराब है कि यहीं बड़ा चैस्ति सवाल है जिस्क शहजाब ने एक सवाब बना सठीक उठाया है उन्होंने
22:00ने सुलेह जी एक सवाल उन्होंने सब्सक्नार हुआ है उसका जवाब तो आपको देना होगा उले मजए एक मिनिट सुले
22:10मजिए एक प्रिए दो सवाल �
22:13एक तो ये कि ये बात तो सही है ना कि केरल के भीतर जब SIR होता है तब आप
22:17उसकी तारीफ करते है कि अच्छा है कि वहाँ पर SIR हो रहा है जो फेक वोटर से वो बाहर
22:22निकल कर जा रहा है और उसके बाद बंगाल के भीतर जब वहाँ के CEO को मुख्यमंतरी बनने के बाद
22:29भारत
22:43देखे केरला में भी अगर SIR कराके और वोटर्स डिलीशन करके और फेक वोटर्स इंक्लूट कराके चुनाव जीत लेते तो
22:53बहुत ज़्यादा एक्सपोस हो जाते बीजेपी और एलेक्शन कमिशन क्यूंकि कोई बेसिस ही नहीं है केरला में बंगाल में बेसिस
23:00था आपका
23:0077 MLA आप ले आए थे पिछली बार आपके 16-17 MP थे वहाँ बेमानी करना वहाँ एलेक्शन को हाईजाक
23:08करना आपके लिए असान था और साहिज जोशी जी आपको नहीं मालू मैं जिले से आता हूं रामपूर यूपी से
23:13मैंने तो अपनी आखों के सामने एलेक्शन कमिशन को �
23:16का काम करते हुए देखा है पाच दिसंबर 2022 को 37 रामपूर एसिंबली कॉंस्टिटोएंसी के बाई एलेक्शन में जहां मैं
23:23वोटर हूं मैंने अपनी आखों के सामने पुलिस को मार मार के वोट ने डालने रिया पूरा एलेक्शन लूट डाला
23:31पूरा मैंडेट पे डाकर ड
23:52सुलेमान जी आप अब टॉपिक शिफ्ट कर रहे हैं आज का पूरा डिवेट का टॉपिक SIR के मुद्दे पर हैं
24:03आपने जब सवाल उठाए तब उस बात को लेकर हमने पूरी डिवेट उस पर की थे
24:09सुलेमान जी आपने जो पांच सवाल उठाए थे और सिर्फ आपकी पार्टी नहीं थी विपक्ष के तमाम लोग उसमें शामिल
24:17थे कॉंग्रेस पार्टी के तरफ से भी किसी विड़ों को पाल याची का करता हूं में शामिल थे
24:24सुप्रिया सुले उसमें शामिल थी बियम के उसमें शामिल थी समाजवानी पार्टी उसमें शामिल थी राष्टिय जनतादर उसमें शामिल था
24:34आप ते जो सवाल उठाए थे वो आज सारे के सारे सवालों का जवाब सुप्रिम कोट के आदेश के बाद
24:39इस मामले में आ चुका है
24:41तो मुझे आपको सवाल यही पूछना है क्या एसा यार की प्रक्रिया को लेकर कॉंग्रेस पार्टी ने जो विरोध प्रदर्शन
24:47किया था
24:48क्या आपको लगता है वो गलत था सुप्रिम कोट के इस फैसले के बाद अब आपका और विपक्ष का रवया
24:54क्या होगा यह सवाल सबसे बड़े रहता है
24:56आप अगर मेरी एक बात सुलेंगे तो आपके सारे सवालों का जवाब मिल जाएगा
25:00पहले तो आप सिटिजन शिप की बात गलत किया रहे है पैरग्राफ नमबर 171 में सुप्रीम कोट ने यह कहा
25:05है कि
25:11अगर आप कहें तो पढ़के सुना देता हूं साथ आट लाइनों का आप देख लिजेगा मैंने सही कहा है
25:18उसी जज्जमेंट में उन्होंने कहा है कि इसका मतलब यह कि वो सिटिजन नहीं रहा है
25:43आप जड़ा एक बार देख लिजेगा आप मुझे मिस कोट पन करेंगा
26:03Parra 97 the record reveals that the process as initially designed did raise legitimate concerns regarding documentation, transparency and access.
26:13However, it is equally evident that this concern was addressed through a series of judicial interventions
26:19which progressively infused the process with safeguards
26:22वो intervention इतली हुए क्योंकि हमने इंटर्वीन किया
26:25परा 98
26:25for instance insofar as documentation regime was concerned
26:29the initial grievance of the petitioner centered around the explosion of widely held आदार कार्ट
26:34इस concerns were directly addressed by the support
26:37उसी में सुलेमान जी
26:40यह हमारी वजह से Congress Party और अप्रेंट पर दरह सब को रुखूंगा
26:44योगन रैदर में हमारे साथ जुड़े हुए है
26:49यौगन रैदर जी हमारे साथ जुड़े हुए
26:50जरہ उन से कुछ सवाल पूछ लेते हैं
26:52योगन रैदर जी आपका वीडियो स्वाल कि ने देखा
26:55पे अपने डाला है
26:56जी ऐसा लगता है कि आप जो सुप्रिम कोर्ट ने जो फैसला लिया दिया है इस पूरे मामले को लेकर
27:03आप बिल्कुल भी संतुश नहीं और अब यह आप कह रहे हैं कि सरकार तै करेगी एक तरीके से कि
27:08मतदाता कौन होगा यह सरकार तै करेगी यह आप कहने की कोशिश कर रहे
27:11लेकिन सुप्रिम कोट कह रहा है कि वो तो चुनाव आयोग का अधिकार है विदिन इस राइट सुप्रिम कोट ने
27:16कहा है कि चुनाव आयोग ने अपना काम ठीक तरीके से किया हुआ यह भी कही ना कहीं सुप्रिम कोट
27:21कहने की कोशिश कर रहे है उसके बावजूद आपको �
27:23रखता है कि कही न कहीं गड़बड़ी है इसमें और चुनावायोग के पास अधिकार नहीं है चुनावायोग के प्रक्रिया किया
27:28गलत थी इस बारे में आपकी प्रतिक्रिया जाना चाहिए सबसे पहरे
27:33है मैं है रान तो नहीं सुप्रीम पोर्ट के कहने में ऐसा है कि सुप्रीम पूर्ट ने बिल्कुल सबस्ट आया
27:47है उसका अधिकार भी है इस तरी के इस अधिकार किया है वह भी सही है
27:55तो पुर्टे हर चीज पे पेकि बहुर लगा ती है, इसमें कोई सते हैं.
28:00मैं हैरान तो नहीं हूँ, क्योंकि इसले कई महीनों से कि सिस्रें ते जारा रखास दूर पर जब उसरा वैसा
28:06यार कशुरू हो गया,
28:13लेकिन परेशान और परेश इसलिए नहीं हो कि मेरा कि इसले के सामा इंटिगेंट थे और आप परक्ष में जाते
28:25हैं, कोई परक्ष में जाते हैं, कोई बड़ी बात नहीं है,
28:27कोट से असेहमती भी हो सकती है, लेकिन असेहमती कब देंट कोट के आप खिलाफ बोलें, लेकिन आज जुमाह है,
28:35बहुत-बहुत बड़ी घटना हुई, और वो है, कि इस देश की तबोच दिए आने, इसकी अनुमती दिए है, कि
28:45अब वोटर सरकार को नहीं चुनेगा, अ�
28:57अब बीजेपी चुनेगी कि इस देश में कौन बोर्ड कर सकता है, कौन नहीं, चुनाव आयोग अपने तरीके से कोई
29:19भी SIR कर सकता है, यह होने का मतलब यह होगा, कि अब बीजेपी अपने मंते करेंगी, यह इसका परिनाव
29:26है,
29:26मैं किनके चीज़ों स्टेर मत हूँ, देखे बहुत कानूनी नहीं, इस फैसले में यह भी लिखी गई है, कि आपका
29:32नाम पहले वाले वोटर लिस्ट में था, उसके बावजूद भी उस पर सवाल उठा सकता है, चुनाव आयोग, अगर आपने
29:52डॉक्यूमेंट्स दिये हु
29:56लेकर भी सुप्रिम कोट कहता है कि बिल्कुल सही है जो चुनाव आयोग कर रहा है, और उनका अधिकार है,
30:01तो उसमें क्या गलत है?
30:02जी मैंने कहा, चुनाव आयोग वोट्रों आपको लगता है कि बीजेपी टाए कर रहा है.
30:34कि देश में नियम ये था कि अगर आप रोटलिस्ट का रिविश्ट करेंगे तो उसमें 21-21 के पहत सामाने
30:42राभ्णान इस तरीके से करेंगे चुनाव आयोग ने उन बेर से किसी निया का पलंद ने ने किया
30:48कि नहीं एक किसी विशेश परिस्टी में चुनाव आयोग के पास एकार है कि किसी एक कॉस्टिचुएंसी के चोड़े से
31:00टुकुड़े वह अपने तरीके से वोटर इसमें बना सकता है इसका मतलब है इसमें बना सकता है
31:09इसका मतलब है चुनाव आयोग ने आपस तक बनाए है उसका फालन करने ही उसे जरूरत ने यह सुई के
31:15शिक में से हाथी कैसे इसमें बना समद नहीं बना है
31:18दूसरा सुप्रेम कोट में तो अभी क्या करना है चाहिए आपको लगता है कि आप चुनाव लड़ने का कोई मतलब
31:24नहीं रह गया है अगर इसी तरीक ऐसा यार तो अभी होगा आपने कहा है कि चुनाव आयोग को अधिकार
31:29पूरी तरीके से दिया गया है तब आगे क्या कर
31:48तरीके सारी है कर सकता है तक तरीक तुक होगा देखे चुराच का फैसला है सुप्रीम कोट का सब्सक्यूज होगा
32:01तो हमाँ एक तो हम जा Шब्सकर अभी कोट कैसा जा կहार्न पंधियाल最
32:20सबसे बड़ा है और तब सुप्रिम कोई लोगों के प्रहां देने का जिकार को दे लिया था और कहा था
32:29इसके बारे पूर्ट में किस भी नहीं हो सकता आज लोगत का प्रहां नेकार आपकी आवाज में थोड़ी सी दिक्कतारी
32:38है क्योंकि शाहिद नेटवर्क की कोई समस्या ह
32:40लेकिन जहां तक मैं समझ पा रहा हूँ आप जिक्र कर रहे है जो इमर्जन्सी के वक्त सुप्रिम कोट का
32:44फैसला हुआ था उसको लेकर शहजाद इस पर कुछ प्रतिक्रिया देना चाहरे है शहजाद
32:51साहिल जी देखे मेरे लाक मतवेद हो सकता है साहिल जी आपके साथ भी डिबेट में पर आज जब सुप्रीम
32:58कोट की बेंच ने जिसमें चीफ जश्र अफ इंडिया थे उन्होंने पॉइंट बाइपॉइंट एक फैसला दिया है उसको चैलेंज करने
33:06के लिए टीवी पर मं�
33:16नीजूब ने कर पाए फिर बिहार में आपको यादोगा मैं आपके साहिल डिबेट में था सुप्रीम कोट ने बोला कि
33:21गलत डिलिशन का एक एफिडविट दे दो तो इन्होंने जूटा एफिडविट दिया इंके पास एक सचा एफिडविट जो गलत वोट
33:28कटा था उसका
33:28नहीं था ड्रामा करने लगे कोट में कि देखो हम इसको ले आए उसको ले आए पर एफिडविट ठीक से
33:33नहीं दे पाए आज वो योगिंदर यादव जो राजदीप के शो में बैठके हर्याना में हवा चल रही है ता
33:40सुनामी चल रही है यह प्रेडिक्शन कॉंग्रस के पक
33:57कुछ रहा है आज उनके खिलाफ गया है फशनाल कि छौनाव का मताहएं
34:17ही कि हम किसी को मैं ब�ढल रहा हूं जल्द बताने दिजिए हिज़े बताने दिजिए ऐसे बता रहा allevi
34:27साहिट जी मुझे बताने जीए अभी पीश में 것이 मत करिवेगे साहि जी मुझे बताने दीजिया टी
34:50मेरे बात सुन लिए तो आपने मुझ पर सवाल के लिए तो मैं अब को बोलूंगा ना अबने इंटर्वीं किया
35:01तो क्यों ही अगर सवाल उठाएंगी कर आप मेरिब को दिया तो मैं आपको पूछा आप मेरी बात कर दो
35:07आप
35:08अबी तक मेरी बात हो जाती जल्दी बहुत महरबानी साहिल जी हमारी समविधानिक व्यवस्ता में जब कोई समविधानिक सवाल पैदा
35:30होता है और उसका अगर निराकरण नहीं हो पाता है
35:33तो हम सभी लोग अपनी collective आस्था Supreme Court में रखते हैं
35:36और एक बार Supreme Court ने सम्विधान की व्यक्था करते हुए
35:39एक निर्ने दे दिया तो हम सभी लोग मानते हैं
35:42चाहिए ये पक्ष का फैस्टा हो या वो पक्ष का
35:44Supreme Court की बात हम मानेंगे
35:45आज योगेंदर यादव उस व्यवस्था को पलट रहे हैं
35:49क्या आज तक इसका प्रतिभाग होना चाहता है
35:51मैं पूछना चाहता हूँ
35:52EVM पर फैस्टा सुविकारते हैं ये
35:54या EVM के खिराफ क्या प्रूफ दिया है इनोंने
35:56बिहार का एक अफिडविटर नहीं दे पाए गलत वोट कटने का एक वन सिंगल योगें रजी आप जवाब दिए उसके
36:03बाद उसके बाद उसके बाद उसके बाद नागरिक बनती है ठीक आपने वोटर का जिकार मिलता है शहदा जी प्लीज
36:08अभी उनको भी जवाब देने �
36:09बाकी लोग भी बचे हुए याँ पर चलिए योगें रजी एक तो भाई मैं इसी दिए आप कि यहां बाची
36:19नहीं होती के बिएक्टिक ट्लाइशन लगते हैं कॉन सब्सक्राने मैं नहीं चानता आप इंको पूरा वत दिए मुझे से लोगों
36:25को एक्शेशों से बाद रख
36:37दूसरा जो आपने प्रश्ट बूचा वो यह है कि ज़्यादे हमी सुप्रीम को कि इसी चीशता कादी सबाने उठाना चारी
36:46है तो यह माननी अटरभिहारी बाच पर माननी लालकृष्म डवानी माननी अरून जियती यह क्यों सुप्रीम के एंडियां जंडर्बूर के
36:56पैस
37:16आपकी आवाज क्लियरली नहीं आपारी है हमारे पास लेकिन आप यह सवाल उठाने की कोशिश कर रहें कि इससे पहले
37:25भी कई सारे फैंस्टों पर सवाल उठाए गये थे लेकि रश्विन उपा दिया अपने योगिन रादाओ जी को भी सुना
37:31आप यह वन आफ दो पेटि�
37:47आप यहां जिस तरीके से हम इस पूरे डिबेट को देख रहे हैं उससे एक बात तो साफ निकल कराती
37:53है कि अब S.I.R. की प्रक्रिया को लेकर कोई रोक टोक नहीं हो पाएगी आपने भी सुप्रिम कोट
37:58का फैसला सुना है दो बड़ी इंपाटन बात हैं कि यह भी सुप्र
38:06यह भी कारवाई शुरू हो जानी चाहिए कि क्या वो नागरिक है के नहीं है और वो competent authorities को
38:10दिया जाए तो अभी यह मौका नहीं रहेगा यह कहने का कि बस उनके नाम कट रहे हैं कि जिनका
38:14नाम और यह भी सुप्रिम कोट कह रहा है कि सिर्फ नाम कटा इसका मतलब यह नहीं ह
38:18कि वो नागरिक नहीं है यानि वो भी जो एक बात बात बताई जाती है बार-बार प्रचार किया जाता
38:25है वो भी प्रचार नहीं चल पाए देखे साहिल जी मैंने 2017 फाइल किया था और मैंने पूरे राज्यवार आंकड़े
38:30दिये थी और समय कहा था 2017 में कि भारत में पांच क
38:48रेगुलर इंटरवल पर होना चाहिए पूरे देश में होना चाहिए थे वो मैंने फाइल किया था 21 PIL आई थी
38:53इसके खिलाफ SIR के खिलाफ तो यहां सुप्रीम कोर्ट में लड़ाई 1 इस्टू 21 था योगें भाई भाई भी उसी
38:58में थे TMC के सांसत थे आरजडी के सांसत थ
39:02भी बहुत सारे नेता और सोचल एक्टुइस थे बहुत सीवी सी बात है ओटरलिस्ट में नाम के लिए तीन कंडिशन
39:10होनी चाहिए पहला भारत का नागरिक होना चाहिए दूसरा इसी एरिया में रहना चाहिए और बनाना एलक्षन कमिशन का काम
39:17है तो सवाविक सी बात है ए
39:19तीन चीक चेक करेगा करेगा यह भारत का नागरीक है कि नहीं है फटारज साल का हुआ कि नहीं हुआ
39:23और उस एरिया में रहता है कि बहुत कमन सेंस इसमें पर चले हैऊ-इसके
39:48और आधार बनवाने के लिए क्या चाहिए कोई पारसल लिख के दे दे को प्रधान लिख के दे या रेंट
39:53आग्रिमेंट बनवा के कह दे कि मैं इसरिया में आधार कार्ट तो वैसे भी नागरिकता का प्रमान होता नहीं है
40:07फोरा विंडो खोल देता है एक आधार बन वाली या दिखा लिया दिखार के बाबले में हैं
40:16क्या बंगाल के लिए आलक से पिटिशन होगा अभी क्योंकि बंगाल के भीतर भी ऐसा यहार हो चुका या मुद्दा
40:21भी छोड़ देंगे आप
40:23सबसे उपोर्टेट में है नहीं देखे देखे यह जो सब्सक्राइब कर दिया था उसके बाद में जो नाम जुड़े उसमें
40:45से अभी तक आप देखें लोगों के नाम जुड़ रहे हैं और अभी भी क्या
40:49इंफ्रेश्टेक्शन नहीं है इनके पास में और यह टाइमिंग पर प्रक्रिया पर सवाल था एसा यार पहले भी हुआ है
40:55एसा यार की टाइमिंग और प्रक्रिया और इस हरबड़ी में कितने लोग मरें सुप्रीम कोड की कोई टिपड़ी नहीं आती
41:01है उसके उपर में यह �
41:03कि देश की जनता के जो वोटर अधिकार है यह जो संब्धानिक पतों की बात कर रहे थे मेरे भाई
41:09भारती जनता पार्टी के परवक्ता संब्धानिक पतों के साथ कैसे खिलवाड हुआ वीस तारिक को दिरेश चंदेल को एड़ी गिरवतार
41:16करती है लेकिन उसके बावजू
41:22साहिल जी इस सारे चीजों का जवाब तो सुप्रिम कोट नहीं दे दिया है सुप्रिम कोट का आदेश आप सुन
41:27लीजेगा अगर नहीं है तो पढ़ लीजेगा उसका सारे सारे चीजों का जवाब तो सुप्रिम कोट ही दे रहा ना
41:32सुप्रिम कोट यह कहने के कोशिश कर र
42:02इस तरीके से डेमोग्रफी बदल रही है, जिस तरीके से अर्बनाइजेशन हो रहा है, हर पाथ साल में SIR की
42:08प्रक्रिया होना चाहिए, यह भी सुप्रीम कोट कह रहा है।
42:2120 लाख वोटर्स की ट्रिबुनल के सामने सुनवाई चल रही थी सिर्फ 6,000 दावे अब तक चेक किये जा
42:26चुके हैं उस पे से 4,000 लोगों को दोबारा वोटर लिस पर डाल दिया गया है वोट नहीं डाल
42:32पाये थे बंगाल के भी लेकिन SIR की डिबेट कम से कम क्या खतम होगी �
42:36इस पर नज़र बनाये रखने होगी क्योंकि अभी बाकी राज्यों में भी SIR की प्रक्रिया शुरू होने वादी तो इस
42:40पर नज़र बनाये रखेंगे
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