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भारत में बकरीद पर कुर्बानी के नियम क्या हैं? देखें ब्लैक एंड व्हाइट
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00:00नमस्कार मैं हूँ श्वेता सिंग और ब्लाक और वाइट में आपका स्वागत है
00:04आज सबसे पहले हम ये सवाल पूछेंगे कि आखर बकरीद पर हिंदू मुस्लिम भायचारे की कुर्बानी क्यों दी जा रही
00:10है
00:10महराश्र के ठाने की एक हाउजिंग सुसाइटी में कुर्बानी के बकरों को लेकर ऐसा विवाद हुआ कि समाज सडक पर
00:17आ गया
00:17विरोध में कोई सूर ले आया तो कहीं हनुमान 40ा का पार्ट होने लगा
00:22बात सिर्फ बकरों की नहीं है बात तो सोच की है जो 2026 में भी हमें कानून के चश्मे से
00:28नहीं केवल धर्म के चश्मे से देखना सिखाती
00:31आज आपको बताएंगे कि जब UAE जैसे मुस्लिम देश जिस कुर्बानी को डिजिटल बना चुके हैं उस पर हमारे देश
00:39में बवाल क्यों काटा जा रहा है
00:40इसके बाद आपको बताएंगे कि आखर अमेरिकी राश्रोपती डॉनल्ड ट्रम्प इरान से चाहते क्या है
00:48इन उन्चास दिनों में ट्रम्प ने इतनी बार अपनी विश्लिस्ट बदली है कि सिर घूम जाए
00:55कभी वो 11 बार डील होने का दावा करते हैं तो कभी 8 बार अंजाम भुगतने के धमकी देते हैं
01:00कभी कहते हैं युद्ध खत्म हो गया कभी शर्ते थोपने लगते हैं
01:04हद तो तब हो गई जब कल ही डील फाइनल होने की खबर आ रही थी और अचानक अमेरिका ने
01:09इरान के बंदर अबास पर हमला कर दिया
01:11अब इस बारूद के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि ट्रम्प की बातों पर भरोसा करें या इरादों पर
01:18आखिर अमेरिका चाहता क्या है
01:20और आखिर में 26 मई के दिन मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर आपको बताएंगे कि इन 12
01:27सालों में भारत कितना बदला
01:29लेकिन आज सबसे पहले हम यह सवाल पूछेंगे कि आखिर बकरीद पर हिंदू मुस्लिम भायचारे की कुर्बानी क्यों भी जा
01:35रही है
01:37आज महराश्र के ठाणे में कुर्बानी के लिए लाए गए बकरों पर काफी विवाद हुआ
01:42हिंदू पक्ष का कहना ये था कि इन बकरों को हाउजिंग सुसाइटी में रखना नियमों के खिलाफ है और इनसे
01:49बीमारियां फैल सकती
01:51मुस्लिम पक्ष का कहना ये था कि अगर वो रहते ही इस हाउजिंग सुसाइटी में हैं
01:56तो वो इन बकरों को कहा लेकर जाए और अपना त्योहार कैसे मनाए
02:00इस मुद्दे पर दोनों पक्षों की बीच काफी संघर्ष हुआ
02:03सिती ये बन गई कि प्रिशासन को इलाके में भारी पुलिस पल की तैनाती करनी पड़ी
02:08और क्योंकि विरोध के बाद भी मुस्लिम परिवारों ने हाउजिंग सुसाइटी के परिसर से बकरों को नहीं हटाया
02:14इसलिए हिंदू पक्ष के कुछ लोग वहां सुअर लेकर पहुँच गए जिससे तनाव और भी बढ़ गया देखते
02:26सर्थिस्ण को करना ओर जिरो मैं जतायओन आप होईग GUY शुफे खिरा झाल ने करका उारा तो
02:39मिसत्तव य।्वारों का क्योंसित्तव स्ट्रवेटरों जया प्लितया अर्वट जया हुआनल तेहिस आई
03:15गुमारागा जाए बिता में!
03:19पिछले कुछ सालों में त्योहारों को लेकर हिंदू और मुसल्मानों का संघर्ष बढ़ने लगा है
03:23अगर हिंदू पक्ष राम नौमी या हनुमान जैनती पर मस्जिद के पास से शोभा यातरा निकालता है तो इस पर
03:28मुसलिम पक्ष में वार्द करता है
03:44और कुछ लोग तो ये भी कहने लगे हैं कि हिंदू मुसलिम का भायचारा कभी था ही नहीं और नहीं
03:48आगे कभी हो सकता है
03:51लेकिन आज ऐसे लोगों को हम साल 1857 की एक घटना के बारे में बताना चाहते हैं
03:57और मैं चाहती हूं कि इस बात को ज्यादा से ज्यादा लोग देखें और सुने 1857 में अंग्रेजों के खिलाफ
04:05पहला विद्रोग हुआ जिसे 1857 की क्रांती के नाम से जाना गया
04:10विद्रोग का कारण ये था कि अंग्रेजों की राइफल में जो कार्तूस इस्तमाल होते थी उनमें गाय और सुर की
04:18चर्बी होने का दावा था
04:19वज़े तो कई सारी थी लेकिन ये लास्ट ट्रिगर बना था उस क्रांती का
04:23उस वक्त इस घटना ने हिंदू और मुसल्मानों को एक जुट किया बाद में इसी एक जुट्ता को तोड़ने के
04:30लिए अंग्रेजी हुकूमत बकरीद का इंतिसार करने लगे
04:32अंग्रेजों का मानना था कि जब बकरीद पर मुसल्मान गोवंच की कुर्बानी देंगे तब इससे हिंदूों की भावनाय आहत होंगी
04:39हिंदू मुसल्मानों के दंगे होने से उनका काम आसान हो जाएगा वही डिवाइडन रूल वाली बात
04:44उस दोर में ब्रिटिश अफसर कीत यंग ने अपनी पत्नी को लिखे पत्रों में साफ लिखा था
04:50कि उन्हें उमीद है कि बकरीद पर हिंदू और मुसल्मानों में बड़ा जगड़ा होगा
04:53और अंग्रेज बेसमरी से इसका इंतिजार कर रहे थे
04:56ये बात आखरी मुगल बाजशा बहादुर शाह जफर ने समझ ली थी
05:01उन्हें पता था अगर बकरीद के कुर्बानी पर संप्रदाइक तनाव फैला
05:05तो इसका सीधा फाइदा अंग्रेजों को होगा
05:07इसी डर को देखते हुए बहादुर शाह जफर ने ये फर्मान जारी किया
05:11कि बकरीद पर दिल्ली में गाई की कुर्बानी पूरी तरह बंद रहेगी
05:16उन्होंने कई जग उपर बकरों की कुर्बानी पर भी रोक लगाई
05:19और कोतवालों को ये आदेश दिया कि जहां गाई छिपाकर रखी जाए वहां कार्रवाई हो
05:23और उलंगन करने वालों को सख्त से सख्त सबक सिखाया जाए
05:28ये कदम हिंदू मुसल्मानों की एक्ता को बरकरार रखने के लिए उठाया गया था
05:32और इसका असर भी हुआ उस साल बकरीद पर खुर्बानी को लेकर हिंदू और मुसल्मानों के बीच कोई हिंसा नहीं
05:39हुई
05:40और इससे ये सीख मी मिली कि हिंदू और मुसल्मान एक साथ मिलकर देश के लिए रह सकते हैं
05:47लेकिन बाद में अंग्रेजों ने फूट डालो राजकरों का सिध्धान्त अपनाया और पश्चिम बंगाल को बाट कर इस खाई को
05:53गहरा करने की कुशिश की
05:55और सोचिए आज हम 2026 में कुछ जगों पर वही सब होते हुए देख रहे हैं जो एक जमाने में
06:01अंग्रेज चाहते थे
06:02आज महराष्टों में जो कुछ भी हुआ उसे हर कोई हिंदू और मुसल्मान के चश्मे से देखना चाहता है
06:07लेकिन कोई भी इसे कानून के चश्मे से नहीं देखना चाहता है ठाणे की घटना में सारा विवाद तब शुरू
06:15हुआ जब कुछ मुसलिम परिवारों ने कुर्मानी के लिए लाए गए बकरों को
06:20हाउजिंग सुसाइटी के एक परिसर में बान दिया और वहाँ एक टिन का शेड बना दिया अब कानून कहता है
06:26कि ऐसा करने के लिए नगर पालिका और उस हाउजिंग सुसाइटी में रहने वाले लोगों की अनुमती ज़रूरी होती है
06:34लेकिन इस मामले में आरोप है कि मुस्लिम पक्ष ने नगर पालिका से कोई इजाज़त नहीं ली
06:40इसके बाद जब हिंदू पक्ष ने विरोध किया तो ये मामला हिंदू और मुसल्मानों का बन गया
06:45मुसल्मानों को ये लगा कि हिंदू उन्हें उनका त्योहार मनाने से रूख रहे हैं
06:49जबकि हिंदूओं को ये लगा कि आज अगर इन वक्रों को हाउजिंग सुसाइटी के परिसर में रखा गया
06:54तो कल यहां इनकी कुर्बानी भी दी जा सकती है जिससे इस विवाद ने संप्रदाइक रूप ले लिया
07:00अब यहां होना ये चाहिए था कि नगर पालिका और स्थानिय प्रशासन के अधिकारी खुद सतर्क रहते और नियमों का
07:07पालन कराने के लिए कदम उठाते
07:09लेकिन क्योंकि प्रशासन ने अपना काम सही से नहीं किया इसलिए हिंदू पक्ष और मुस्लिम पक्ष खुद एक दूसरे के
07:15सामने आकर खड़े हो गए
07:16और इसके बाद इस हाउजिंग सुसाइटे में काफी हंगामा हुआ और आरूपे के कुछ लोगों ने एक हिंदू लड़के पर
07:21ब्लेड से हमला कर दिया जिससे तनाव बढ़ गया आप तस्वीरें देखे
07:53आए जिससे खुद आज उटा है मुसलमाने बाद हे पुलिस वाले बचार रहा उसको यह ब्लेड मारे हम लों को
08:08कांदर में इसके मुसलमाने इसको लोगों अधर हिंदू कर रहा है
08:29प्रवार ने इस घटना के बाद हिंदू परिवारों ने इस हाउसिंग सुसाइटी के बाहर हनुमान 40 का पार्ट करके मुस्लिम
08:35पक्ष का विरोध किया
08:36और ये कहा कि वो अपनी हाउसिंग सुसाइटी में कुर्बानी के लिए लाए गए बक्रों को रखने की इचाज़त कभी
08:42नहीं देंगे
08:43जबकि मुस्लिम परिवारों का कहना है कि जब वो रहते यहाँ हैं तो इन बक्रों को कहां रख सकते हैं
08:49अब ऐसा नहीं है कि ये विवाद पहली बार हो रहा है
08:512023 में भी ठाणे जिले के इसी मीरा रोड इलाके में एक व्यक्ति जब दो बक्रों को बक्रीद के लिए
08:57अपनी हाउसिंग सुसाइटी में लेकर आया था
08:59तब भी इस पर काफी विवाद हुआ था और उस वक्त कुछ लोग इस मामले को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट
09:04भी पहुंच कहते हैं
09:05जहाँ कोर्ट ने अपने 2019 के फैसले को फिर से दोराया था
09:09हाई कोर्ट का कहना ये था कि जानवरों की कुर्बानी उन्ही निर्धारित स्थानों पर हो सकती है
09:16जिन्हें नगर पालिका या नगर निगम ने चिन्हित किया है
09:20आप कानूनी तौट पर ये मामला आइने की तरह साफ देखता है
09:23जिसमें कोई विवाद होना नहीं चाहिए
09:26अदालत कहती है
09:27हाउजिंग सोसाइटी में जानवरों की कुर्बानी नहीं दी जा सकती
09:31और अगर ऐसा कोई करने की कोशिश करता है
09:34तो उसके खिलाफ सक्ट से सक्ट कानूनी कारवाई होनी चाहिए
09:38लेकिन यह एक छोटा सा लूप होल भी है
09:41जो इस पूरे विवाद की नीव बनता है
09:43उसकी जड़ बनता है
09:44अदालत ये तो कहती है
09:46कि हाउजिंग सोसाइटी या रिहाशी इलाकों में
09:50जानवरों की कुर्बानी नहीं दी जा सकती
09:52लेकिन अदालत ये नहीं कहती
09:54कि इन जानवरों को कुर्बानी से पहले
09:57वहां रखा जा सकता है
09:58या नहीं रखा जा सकता है
10:00और इसी बात को आधार बना कर
10:01बहुत सारे लोग ये कहते हैं
10:03कि वो अपनी housing society में केवल बकरीद तक इन बकरों को रखना चाहते हैं
10:09लेकिन वो इनकी कुर्वानी निर्धारित स्थानों पर ही देंगे
10:12जबकि हिंदू पक्ष इसका विरोध करता है
10:15अगर आप इस मामले को देखेंगे तो यहां भी विवाद यही था
10:19कि हिंदू पक्ष को लगता है कि यह बकरे housing society में कुर्वानी देने के लिए लाए गए है
10:25जबकि मुस्लिम पक्ष साथ कह रहा है कि वो इन बकरों को कुर्वानी के लिए नहीं
10:29बलकि बकरीद तक अपने घर पर रखने के लिए लेकर आए हैं जो एक परंपरा है
10:34अब इतिहास को देखें तो ये बात गलत भी नहीं निकलती
10:38मद्ययूग से लेकर अब तक हमारे देश में बकरीद के त्योहार पर घरों में ही बकरों की कुर्वानी देने की
10:44परंपरा रही है
10:44और यही वज़य है कि भारत सरकार या किसी भी राज्य की सरकार के पास ऐसा कोई आकड़ा नहीं है
10:49कि भारत में बकरीद पर कितने जानवरों के कुर्वानी कहां और कैसे दी जाती
10:54लेकिन क्यूंकि पिछले कुछ वर्षों में शहरों में हाउजिंग सुसाइटीज में रहने का कल्चर बढ़ गया है
11:00इसलिए विसपर विवाद होने लगा है
11:03कोई भी हाउजिंग सुसाइटी एक समूव में रहने वाले लोगों के लिए उनकी संयुक्त छत होती है
11:09जिसके नीचे वो अपने परिवारों के साथ रहते हैं और ये परिवार अलग-अलग धर्म, अलग जाती, अलग पंत के
11:16हो सकते हैं
11:17इसलिए हाउजिंग सुसाइटीज में रहने के लिए कुछ विशेश नियम और कानून होते हैं
11:23जो सरकारे नहीं बलकि इन्हीं सुसाइटीज में रहने वाले लोग या बिल्डर द्वारा तै किये जाते हैं
11:30इनमें जो प्रमुक नियम होता है वो है एक दूसरे का सम्मान करते हुए साथ रहना
11:35लेकिन कई बार अलग-अलग धर्मों और जाती के लोगों के बीच विवाद होता है
11:39इसलिए ऐसे मामलों में सरकारों और अदालतों को दखल देना पड़ता है
11:43जैसे इस बार बहुत सारे राज्जों ने बकरीद पर कुर्बानी को लेकर कई तरह की गाइडलाइन्स जारी की
11:49हालनकि इन गाइडलाइन्स के बाद भी विवाद होते हैं और इसलिए होते हैं क्योंकि हमारे देश में लोग कानून से
11:54उपर धर्म को समझनी रहते हैं
11:58ये बात सही है कि पहले जब शहरों में हाउजिंग सुसाइटी का कल्चर नहीं था तब लोग कुर्बानी के लिए
12:03जानवरों को अपने घर पर लाते थे
12:05लेकिन आप जब किसी हाउजिंग सुसाइटी में एक छट के नीचे अलग-अलग धर्म के हजारों लोग रह रहे हैं
12:11तो क्या वहाँ कुर्बानी के लिए जानवरों को रखना किसी भी रूप में सही हो सकता है
12:15और क्या आपको नहीं लगता कि वक्त के हिसाब से और कानून के अनुसार इस परंपरा को बदला जाना चाहिए
12:22हम जानते हैं कि यहां कुछ लोग कहेंगे कि परंपरा बदलने से उनके धर्म की अवमानना होगी
12:27लेकिन इन लोगों को आज हम मुस्लिम देशों का उधारण देना चाहते हैं
12:31UAE एक मुस्लिम देश है जहां दुबई और अबुधावी जैसे शेहरों में भारत के बहुत सारे मुसल्मान नौकरी करने के
12:37लिए जाते हैं
12:38लेकिन आपको पता है UAE में अब बकरीद की कुर्बानी को जगे पर डिजिटल बना दिया गया है
12:44वहाँ नून और करीम जैसे कंपनियों ने बकरीद के लिए उनलाइन कुर्बानी सेवा की शुरुआत की है
12:50जिसमें लोग बकरीद के लिए मुबाइल आप पर जाकर अपनी पसंद के जानवर को चुनते हैं
12:55ऑनलाइन उसके लिए भुगतान करते हैं और इसके बाद कुर्बानी उन्हें लाइव वीडियो कॉल पर दिखाई जाती है
13:01जिसमें जानवरों का मीट बाद में उनके घर पर डिलिवर कर दिया जाता है
13:05अब यह होता इसी लिए है क्योंकि UAE में खुले में या साबजनिक स्थानों पर या
13:11जानवरों की कुर्बानी पर प्रतिबंध है और क्योंकि वहाँ लोग अपने घरों में या हाउजिंग सुसाइटी के फ्लैक में जानवरों
13:16की कुर्बानी नहीं दे सकते
13:17इसलिए वो ऑन-लाइन बकरीद पर जानवरों की कुर्बानी देते हैं
13:23अब सोची अगर UAE एक मुस्लिम देश होकर ऐसा कर सकता है तो फिर भारत एक धर निर्पेक्ष देश होकर
13:28ऐसा क्यों नहीं कर सकता है
13:30आखिर असा क्यों है कि हमारे देश में कानून होते हुए भी लोग हाउसिंग सुसाइटी में कुर्बानी के लिए लाए
13:35गए जानवरों को रखना चाहते हैं
13:37और कुछ मामलों में उनकी कुर्बानी भी वहीं देना चाहते हैं
13:40ये स्थिती भी तब है जब दुनिया के ज्यादतर देशों में ऐसा नहीं होता
13:45लेकिन जब बात हमारे देश की आती है तो आपको फुटपात पर, सड़कों पर, रिहाशी इलाकों में
13:50और यहां तक कि हाउसिंग सुसाइटी के परिसर में कुर्बानी के लिए खरीदे गए जानवर नजर आएंगे
13:55जब कि कानून इसकी इजाज़त नहीं देता हलनकि हमारे देश में कानून की स्थिती जैसी है उसे आप इन आकुरों
14:02से भी समझ लीजिए
14:02NCRB के अनुसार 2024 में हमारे देश में प्रदूशत हवा और गंदे पानी को लेकर केवल 18 पुलिस मामले दर्ज
14:11हुए
14:12इनमें भी जिस दिल्ली को पूरे भारत में सबसे ज्यादा प्रदूशत माना जाता है वहाँ इसके खिलाप एक भी पुलिस
14:18मामला दर्ज नहीं हुआ
14:32और सोची आज से कुछ साल बाद कोई आकड़ों से प्रदूशन को समझने की कोशिश करेगा तो क्या सोचेगा वो
14:38यहीं सोचेगा कि 2024 में शायद दिल्ली में वायू प्रदूशन और गंदे पानी की कोई समस्या ही नहीं थी
14:43क्यूंकि होती तो ऐसे मामलों को आकड़ों में दर्ज किया जाता और यहीं हमारे देश में कानून का राज
14:51रोमन इतिहास का टाकिटस के हवाले से एक कथन लिखा जाता है जिस समाज में ब्रश्टाचार ज्यादा होता है वहां
14:59कानून भी बहुत ज्यादा होते
15:01और शायद हमारे देश की भी यही स्थिती है, हमारे देश में इसलिए इतने कानून है क्योंकि इन कानूनों का
15:06कुई इमानदारी से पालन नहीं करना चाहता और इसी वज़े से
15:09Housing Society में बकरे लाने पर विवाद होता है और इसी वज़े से प्रदूशत हवा में ज़रा सुधार नहीं होता
15:14है
15:17आगे बढ़ते हैं आपको ये बताते हैं कि अमेरिकी राश्रुपती Donald Trump इरान से क्या चाहते हैं
15:22ये सवाल शायद अब इरान भी पूछना चाहता होगा
15:25क्योंकि राश्रुपती Trump ने अपनी विश लिस्ट को इतनी बार बदला है कि अब समझ ही नहीं आ रहा
15:32ये युद्ध आखिर रुकेगा कैसे
15:34आग सीज़ फायर को लागू हुए 49 दिन पूरे हो चुके हैं
15:55नहीं होंगी तीन बार कह चुके हैं कि एरान स्ट्रेट ओफ और्मूस को खोलने के लिए सहमत हो गया है
16:01और तीन बार ही ये कहा है कि युद्ध लगभग समाप्त हो चुका है
16:06कि अब इन अलग-अलग बातों में भी सबसे अजीब बात यह है कि जब 24 घंटे पहले सब
16:25के बाद ये सवाल फिर पूछा जाने लगा कि अमेरिका आखिर इरान से चाहता क्या है कि कल रात अमेरिकी
16:31सेना ने दक्षणी इरान में
16:33इस्लामिक रेवल्यूशनरी गार्ड कोर के मिसाइल लॉंच पैद्स और मिलिटरी बोट्स को निशाना बनाया तीन अप्रेल के बाद सबसे बड़ी
16:40एस्ट्राइक की अमेरिका की सेंट्रल कमांड के अनुसार यह हमला किसी उकसावे में नहीं बलकि सेल्फ डिफेंस में कि
16:48के लिए इरान में अमेरिकी नौसेना के लिए खत्रा बन रहे मिसाइल लॉंच पैद्स को तबाह किया गया और समुंदर
16:54में माइंस बिचाने की कोशिश कर रही इरानी नावों पर भी हमला किया गया अमेरिकी सेना का ये भी कहना
17:00है कि वो युद्विराम का सम्मान करती है �
17:02लेकिन अपनी सुरक्षा से समझाता नहीं कर सकते हैं दूसरी तरफ इस हमले से भड़के इरान ने भी कड़ा रुख
17:07अपनाया है इरान ने साफ कहा है कि उसने अमेरिका और इस्रेयल के तमाम ठीकानों की पैचान कर लिए और
17:12अगर दोबारा ऐसी हिमाकत हुई तो वो जव
17:14अबावी हमला करेगा जुसकी अमेरिका ने कलपना भी नहीं की हुए देखेट
17:19कर दो
17:20कर दो
17:22कर दो
17:25कर दो
17:36कर दो
17:37जो
17:37कर
17:45इन्य श्लहों को फिर्ट
18:05अल्याफ़ gef Γッै
18:09I don't know of any country in the world
18:12what does it
18:15इस हमले के बाद अमेरिकी राश्रुपती ट्रंप अब भी ये कह रहे हैं कि उनकी इरान से शांती समझोते को
18:21लेकर शांदार बातचीच चल रही है
18:23उन्होंने संकेत दिये हैं कि अमेरिका और इरान की बीच एक एतिहासिक समझोता बेहद करीब है
18:27जिसके तहट इरान के enriched uranium को अमेरिका लाने की ज़रूरत नहीं होगी बलकि इसे International Atomic Energy Agency की
18:35निगरानी में इरान या किसी तीसरे देश में नश्ट कर दिया जाएगा
18:39आलगि यहां भी इस दावे को लेकर सिथी पूरी तरीके से स्पष्ट नहीं है
18:43भारत आये अमेरिका की विदेश मंत्री मारको रूबियो ने कहा कि अमेरिका इरान को कूट नीती का पूरा मौका दे
18:49रहा है लेकिन वो किसी जल्दबाजी में नहीं है
18:52या तो इरान के साथ एक अच्छा और ठोस समझोता होगा वरना अमेरिका के पास इरान से ने पटने के
18:57दूसरे रास्ते भी खुले है
18:58अब इस धमकी से इरान भी आग बबूला हो गया
19:01इरान के विदेश मंत्राले के प्रवक्ता इसमाइल बगाई ने कहा है कि अमेरिका और इरान के बीच अभी अन्तिम समझोता
19:09होना संभव नहीं है
19:11और ये बात अमेरिका को बहुत चुब रही है
19:14इतनी चुब रही है कि अब से कुछ देर पहले
19:17अमेरिकी राश्रुपती ट्रम्प ने अपने एक नए बयान में ये धमकी दी है
19:22कि जब तक फाइनल डील साइन नहीं होती
19:24तब तक इरानी जहाजों पर अमेरिकी नौसेना का ब्लॉकेड जारी रहेगा
19:29अलब कि अमेरिका यहाँ शायद एक गलिती कर रहा है
19:32अमेरिका ने अब तक नजाने कितनी बार दबाओ और धमकियों से इरान को जुकाने की कोशिश की
19:37लेकिन इरान ने सरेंडर नहीं किया
19:40और इस बार भी वो अमेरिका की धंकियों से डर जाएगा ऐसा लगता नहीं है
19:44Financial Times के अनुसार
19:46Trump की Art of the Deal पर इस बार इरान भारी पड़ता दिख रहा है
19:52और इरान तब तक समझोते के लिए तैयार नहीं होगा
19:56जब तक कि उसे उसमें अपनी जीत नजर ना आए
20:01अब ये देखिए अमेरिका को कैसा समझोता चाहिए और इरान को कैसा समझोता चाहिए
20:07Trump एक ऐसा समझोता चाहते हैं जो दुनिया में अमेरिका की हेजिमिनी यानि उसके वर्चस्व को परकरार रखे
20:14इस समझोते को देखकर दुनिया को ये लगे कि अमेरिका और आश्रोपती ट्रम्प जुकने वालों में से नहीं बल्कि जुकाने
20:21वालों में से है और अमेरिका अब भी सबसे बड़ा सूपर पावर है
20:26ट्रम्प ऐसा समझोता चाते हैं जिससे वो मिडल इस्ट में अपने सहयोगी देशों का भरोसा जीत पाएं
20:31उन्हें ये कह पाएं कि अमेरिका ने उनकी सुरक्षा का भी ध्यान रखा
20:34इसमें भी वो सुधी अरब को ये दिखाना चाते हैं कि अमेरिका ने इरान को मिडल इस्ट की सबसे बड़ी
20:39सूपर पावर बनने से रोका
20:41और ऐसा इस डील से मुम्किन करके ट्रम्प ने दिखाया
20:45अब ट्रम्प ऐसा समझोता चाते हैं जिससे अमेरिका में उनकी गिरी हुई साख को सहारा मिल जाए
20:50इसके लिए वो ये चाहेंगे कि इरान का यूरेनियम किसी भी तरह नश्ट हो जाए
20:56जिससे वो अमेरिका के लोगों को कह सके कि उन्होंने जो कहा वो करके दिखाया
21:02लेकिन इरान इस समझोते से कुछ और चाहता है
21:05इरान क्या चाहता है? इरान चाहता है ऐसा समझोता जिसमें उसकी जीत नजर आए
21:10दुनिया ये कहे कि इरान ने अमेरिका जैसी महाशक्ति के सामने भी हार नहीं मानी
21:15और इरान मिडल इस्ट की सबसे बड़ी महाशक्ति बन जाए
21:19इरान ऐसा समझोता चाहता है जिसमें उसे अपने युरेनियम अमेरिका को न सौंपना पड़े
21:25और वो अपनी जनता को ये दिखा पाए कि इरान दबाओ और धमकियों से जुकता नहीं
21:31इरान ऐसा समझोता चाहता है जिसमें उसका आर्थिक पाइदा
21:35अमेरिका ने इरान की जो 100 बिलियन डॉलर की संपतियां और फंड फ्रीज किये हुएं उन्हें रिलीज किया जाए
21:41और इरान ऐसा समझोता भी चाहता है जिसमें स्ट्रेट ओफ हॉमूज पर उसके अधिकार को मान्यता दी जाए
21:46और वो युद्ध का भी अमेरिका से मुआवजा वसूल सके और क्योंकि यहां अमेरिका और इरान दोनों के उदेश समझोते
21:53से अलग-अलग है
21:54इसलिए यह समझोता पिछले 49 दिनों से लटका हुए
21:59इस बीच अमेरिका के हमलों ने दुनिया की टेंशन और बढ़ा दी है
22:04जब शांती वारता की सुग्भुगाहट थी तो कच्चे तेल की कीमतों में 7 प्रतिशत की भारी गिरावट देखी गई
22:10लेकिन जब अमेरिका ने इरान पर ऐस्ट्राइक की तो वापस कच्चे तेल की कीमतों में 2 प्रतिशत का उचाला गया
22:17और ब्रेंट क्रूड में ये 99 डॉलर प्रती बैरल पहुच गया
22:24इस अस्थिर्टा के बीच इन तस्वीरों की बात करना भी जरूरी है जो हम आपको दिखाने वाले हैं
22:31अमेरिकी राश्रुपती ट्रंप के फेवरेट जेनरल और पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और प्रधान मंत्री शैबाज शरीव इस वक्त
22:39बीजिंग के दोरे पर हैं
22:40ये दोनों वहाँ चीन के राश्रुपती शी जिन पिंग को गले लगा रहे हैं
22:44शी जिन पिंग भी कह रहे हैं कि पाकिस्तान के साथ चीन का रिष्टा अटूट है
22:50मैं अगर शब्दिशाह आपको राश्रुपती शी जिन पिंग का बयान पढ़कर बताऊं
22:54तो उन्होंने ये कहा कि अंतराश्रिया परिस्थिदियां चाहे जैसी बदले
22:58चीन हमेशा पाकिस्तान के साथ रिष्टों को प्रात्मिक्ता देगा
23:02अब ये बयान बहुत लोगों को सामानिय लग सकता है
23:05लेकिन भारत के लिहाज से इसके माइने गहरे है
23:07इससे ये समझ आता है कि अब भारत के लिए
23:11टू फ्रंट की ठियोरी पुरानी हो चुकी है
23:14यानि अब तक जो कहा जाता था न कि भारत के सामने
23:17पाकिस्तान और चीन दो मुर्चों पर चुनोती है
23:19वो बात पुरानी हो चुकी
23:20अब नई स्थिती ये है कि भारत का सामना एक ही फ्रंट पर है
23:24और ये फ्रंट पाकिस्तान की सीमा से लेकर चीन की सीमा तक खुला हुआ है
23:29और अब चीन और पाकिस्तान में भारत के लिए कोई फर्क नहीं
23:32आप इन तस्वीरों को देखिए इसके बाद हम आपको चीन और पाकिस्तान की इस भारत विरोधी मित्रता के बारे में
23:39बताएंगे
24:25पिछले 75 वर्षों से जब से चीन और पाकिस्तान की बीच राजनाइक संबंद स्थापित हुए है
24:30दोनों देशों ने आपसी समझ भरोसे और सहयोग को बहाया है और एक मजबूत परंपरिक दोस्ती निभाई है
24:36दोनों देशों के बीच रणनीतिक भरोसे और सहयोग ने दोनों की तरक्की में एहन ग्योगगान दिया है
24:42अंतराश्य हालात जैसे भी हों, चीन ने हमेशा पड़ोसी नीती में चीन-पागिस्तान सम्मंधों को प्रात्मिक कर दी है
25:36इस मुलाकात में चीनी राश्रुपती शी जिन पिंग ने पाकिस्तान को अपना ओल वेदर फ्रेंड बताया
25:41जिसका मतलब होता है हर परिस्तिती का साज़दार और मित्र जबकि शैबाज शरीफ ने चीन को आयन ब्रदर बताया जिसका
25:49मतलब होता है लोहे जसा मजबूत भाई
25:53अब चीन और पाकिस्तान की ये मित्रता यूही नहीं उमर रही बलकि चीन यहाँ ये दिखा रहा है कि पाकिस्तान
25:58अमेरिका के करीब होते हुए भी उसके साथ जियादा है
26:15चीन पाकिस्तान को इसलिए अपने साथ रखना चाहता है क्योंकि वो दक्षन इश्या में भारत को काउंटर बालन्स करने के
26:21लिए पाकिस्तान को एहम मानता है
26:22खासकर सीमा विवाद, इंडो पसिफिक, रणनीती, क्वाड और अमेरिका भारत नजदीकी के कारण चीन की चिंता उसे पाकिस्तान के करीब
26:30लाती है
26:31दूसरा चीन ये भी जानता है कि मलक्का स्ट्रेट पर अपनी निर्भरता को घटाएं और पाकिस्तान के जरिये अरब सागर
26:38तक अपनी सीधी पहुँच बनाएं
26:40इसके लिए उसने चाइना-पाकिस्तान एकनोमिक कॉरिडोर बना रखा है और अब वो पाकिस्तान में इसका दूसरा भाग लॉंच करना
26:48चाहता है
26:48तीसरा चीन ये भी चाहता है कि पाकिस्तान अपने देश में उसकी कमपनियों और नागरिकों को खास सुरक्षा दे
26:55और आप जानते हैं कि पाकिस्तान से कुछ मांगा जाए तो वो ना नहीं करता और इसलिए ना नहीं करता
27:02क्यूंकि उसकी भीक मांगने की आदत है
27:04वो कोई भी चीज इसलिए मानता है ताकि उससे आधार बनाकर सामने वाले देश से लोन या आर्थिक मदद मांग
27:09सके
27:11जैसे यहां भी चीन ने कहा कि वो बलूचिस्तान में उसकी कंपनियों को सुरक्षा दे तो पाकिस्तान ने सीपक और
27:19चीनी नागरेकों की सुरक्षा के लिए एक विशेश फोर्स बना दी है
27:22जिसका नाम रखा गया है Special Security Division अब इस दोरे पर दो और चीज़ें हुई जिनके बारे में ज्यादा
27:28बात नहीं हुई
27:29इनमें पहली घटना ये थी कि शैबाज शरीप और आसे मुनीर सीधे बीजिंग न जाकर इस बार चीन के जीजियांग
27:36प्रांत पहले गए
27:37ये चीन का कोई मामूली प्रांत नहीं है इस प्रांत को चीन के सबसे अमीर और ओध्योगिक रूप से विक्सित
27:46प्रांतों में गिना जाता है
27:47जिसकी जीडिपी एक दशमलव तीन ट्रिलियन डॉलर की है आसान भाषा में समझें तो अगर चीन को दुनिया की फैक्टरी
27:54कहा जाता है तो जीजियांग उस फैक्टरी के सबसे शक्तिशाली इंजिन्स में से एक है
28:00और इसलिए सोची है अगर पाकिस्तान बीजिंग से पहले इस प्रांत में गया है तो वो चीन से क्या मांग
28:07रहा होगा
28:09दुनिया चीन से बिजनस और उद्योग मांग रही है लेकिन हकीकत में इसके पीछे कोई और कहानी भी हो सकती
28:15इस खबर की शुरुआत में हमने आपसे कहा था कि अब टू फ्रंट की थियोरी पुरानी हो चुकी हो चीन
28:21और पाकिस्तान भारत के खिलाब एक ही फ्रंट बन चुके है
28:24ऐसा हमने इसले कहा था क्योंकि कल जब शेबाज शरीप और चीनी राश्ट्रपती शी जिन्पिंग की मुलाकात हो रही थी
28:31तभी पहलगाम हमले में पाकिस्तान और चीन का एक नया कनेक्शन सामने आया
28:35NIA के अनुसार पहलगाम हमले के बाद उसने जिन आतंकियों को मुटभेड में मार गिराया था उन आतंकियों के पास
28:43से गोप्रो क्यामरा बरामद हुआ था
28:45अब GoPro एक अमेरिकी कमपनी है जिससे NIA ने ये पूछा कि आतंकियों के पास मिले इस कैमरे को उसने
28:51किस देश को बेचा थे।
28:53और जब जाच हुई तो GoPro कमपनी ने बताया कि ये कैमरा चीन के एक डिस्ट्रिब्यूटर ने खरीदा था और
28:58ये डिस्ट्रिब्यूटर भी उसी जीजियांग प्रांच से जुड़ा हुआ हो सकता है जहां 24 माई को शैबाज शरीप और आसिम
29:04मुनीर बीजिंग जाने से पहले
29:06रुके थे अब NIA ये पता लगा रही है कि ये GoPro कैमरा चीन में किसने खरीदा वहां से वो
29:13पाकिस्तान कैसे पहुंचा और क्या इसके पीछे किसी
29:15Military Linked Network का भी हाथ हो सकता है इस कहानी से आप इतना समझ गए होंगे कि पाकिस्तान और
29:22चीन की ये मित्रता अटूट क्यों है और क्यों भारत के लिए ये दोनों देश अब एक ही फ्रंट माने
29:27जाएंगे वैसे चीन की एक परिशानी ये भी है कि आज दिल्ली में क्वार्ट दे
29:45सुविधाओं पर एक एक्सपर्ट टीम बनाने पर विचार और तीजी में एक नया पॉर्ट प्रोजेक्ट शुरू होगा और अंडर सी
29:54केबल्स पर भी चारों देश मिलकर काम करेंगे इनी चारों देशों ने क्रिटिकल मिनरल्स यानि जरूरी खनीजों पर भी अपना
30:02फ्
30:14अखनीक प्रबंधन नीतिया अंतराष्रिय बाजार का विचलेशन और एमजनसी रिस्पॉंस एक्सराइज जैसी चीजें शामिल अब सोचिए ये देश अगर इंडो
30:24-पसिफिक में इतनी टाइट फिल्डिंग करेंगे तो चीन कैसे यहां उट नहीं होगा
31:0426 मई के दिन मोदी सरकार के 12 साल पूरे हुने पर आपको बताएंगे कि इन 12 सालों में भारत
31:09कितना बदला
31:0912 साल पहले आज ही के दिन 26 मई 2014 को नरींद्र मोदी ने भारत के प्रधान मंत्री पद की
31:16शपत लीती और उसके बाद ये तारीख भारत के लोक तांत्रे के तिहास में सबसे खास तारीख बन गए
31:25श्री नरेंद्र दमोद्रदास मोदी
31:41मैं नरेंद्र दमोद्रदास मोदी इश्वर की सपत लेता हूं की
31:48मैं वीदी द्वारा स्थापित भारत के समिधान के प्रती सच्ची स्रधा और निष्ठा रखूंगा
32:02मैं भारत की प्रभूता और अखंडता का अक्षन रखूंगा
32:10मैं संग के प्रधान मंत्री के रूप में अपने करतव्यों का स्रध्धा पुर्वक और शुद्ध अंतहकारण से निर्वहन करूंगा
32:26आज से 12 साल पहले जब नरेंद्र दमोदी भारत के प्रधान मंत्री बने थे
32:31तब उस वक्त का दौर शायद बहुत सारे लोगों को याद नहीं होगा
32:34उस वक्त देश में UPA सरकार के खिलाफ इतना घुस्सा था कि कॉंग्रिस पार्टी केवल 44 सीटों पर सिमट गई
32:41थी
32:42जबकि BJP जनता पार्टी के बाद पहली ऐसी राजनीतिक पार्टी बनी थी जिसने अपने दमपर लोगसभा में प्रचंड बहुमत हासिल
32:49किया था और 282 सीटें जीती थी
32:53इस अविश्वस्निय जीत का चेहरा नरेंदर मोदी थे जो गुजरात में भी एक अदभुत रिकॉर्ड बना कर आये थे
32:58और 2001 से लगातार वहां के मुख्यमंत्री थे
33:01मुख्यमंत्री कपज छोड़ने के बाद जब उन्होंने प्रधानमंत्री कपज संभाला तो वो दिल्ली में ऐसे जम्य कि आज उनकी साल
33:07उनकी 12 साल पूरे हो चुके हैं
33:11आज हम आपको ये बताना चाहते हैं कि मोधी सरकार के इन 12 सालों में भारत कितना बदला और कितना
33:19आगे बढ़ पाया
33:202014 में भारत की अर्थवेवस्था पूरी दुनिया में दस्वे स्थान पर थी
33:24फ्रांस, इटली, ब्रजील, रूस और कैनड़ा की अर्थवेवस्था का आकार हमसे बड़ा हुआ करता था
33:32लेकिन आज इसी सूची में छटे स्थान पर हम हैं ये स्थान भी इसी महीने दो अंक नीचे आया है
33:37क्योंकि रुप्या डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है
33:541818 पर पहुँची लेकिन मोधी सरकार के 12 सालों में ये आये बढ़कर 2,19,000 रुपए हो गई और
34:01इसमें 178 प्रतिशत की व्रिद्धी होई
34:03आलकि यहां ये बहस भी होती है कि किस सरकार में भारत की अर्थवेवस्था ज्यादा बढ़ी
34:09तो आकड़े पताते हैं कि UPA की सरकार में भारत की अर्थवेवस्था 709 बिलियन डॉलर से 2.04 ट्रिलियन डॉलर
34:20की हुई थी
34:20जिसमें 187.7 प्रतिशत की व्रिद्धी हुई थी लेकिन मोधी सरकार में ये अर्थवेवस्था डबल होकर 4.15 ट्रिलियन डॉलर
34:31की हुई
34:31और इसमें 103 प्रतिशत की वृद्धी हुई यानि यहां वृद्धी UPS सरकार से कम है
34:37लेकिन मोधी सरकार में कोविट जैसा संकट आया और अब इरान युद्ध से ऐसा प्रभाव हुआ जो पहली की सरकारों
34:45में नहीं रहा था
34:46दोहजार चौदर से पहले भारत की GDP में क्रिशी क्षेत्र का 13.9 प्रतिशत योगदान था
34:53इन्डिस्ट्री का 26.1 प्रतिशत योगदान और सर्विस सेक्टर का सबसे ज्यादा 69.9 प्रतिशत योगदान
35:01लेकिन मोधी सरकार ने इसे बदलने की कोशिश की है
35:04अब इंडिस्ट्री का योगदान 26 प्रतिशत से बढ़कर 30.6 प्रतिशत हुआ है
35:09ग्रिशी का योगदान 14.4 प्रतिशत पर आया है
35:13यहाँ आपको भारत के निर्यात के भी आंकड़े देखने चाहिए
35:172014 से पहले भारत की छवी एक बाजार के रूप में होती थी
35:20जो दुनिया के लिए खरीदार है लेकिन दुनिया को कुछ बेच नहीं सकता
35:242013-14 में बारत का कुल निर्यात 466 बिलियन डॉलर का था
35:29लेकिन आज यही निर्यात 860 बिलियन डॉलर का हो गया है
35:33इनमें भी हमारा रक्षा निर्यात अभूत पूर्व तरीके से बढ़ा
35:36पहले हम दुनिया से हत्यार खरीदते थे अब हम खुद के लिए भी बना रहे हैं
35:40और हमारा रक्षा निर्यात 38,000 करोड रुपे हो गया है
35:44जो यूपिये सरकार से 5,501 प्रतिशत ज्यादा है
36:04आज मोदी सरकार में समसिरी पर सालाना खर्ट 4,54,000 करोड रुपे है
36:08और ये उस वक्त से 2,00,000 करोड रुपे ज्यादा है
36:13ये बात सही है कि रुपे के मोर्चे पर, अर्थ व्यवस्था के मोर्चे पर, रोजगार के मोर्चे पर और महंगाई
36:18के मोर्चे पर
36:19मोधी सरकार के सामने कई चुनाओतिया है
36:21ये भी सच है कि मोधी सरकार में
36:23जंधन खातों से लेकर शौचालियों के निर्मान
36:25डिजिटल लेंदेन और स्टार्टप कल्चर की
36:27पूरी तस्वीर भी बदली है
36:292014 से पहले हमारे देश में केवल
36:31साड़े तीन सो स्टार्टप थे
36:32जबकि सिर्फ चार कंपनिया
36:34यूनिकॉर्ण थी जिनकी मार्केट वाल्यू
36:36एक बिलियन डॉलर से ज्यादा होती
36:38लेकिन मोधी सरकार में यही स्टार्टप
36:41साड़े तीन सो से बढ़कर अब
37:01की दलू की सरकारे हैं और इसी दौरान
37:03मौनिंग कंसल्ट के मुताबिक प्रधान
37:05मंत्री मोधी दुनिया के सबसे लोगप्रिया
37:07नेता है जिनकी
37:08अप्रूबल रेटिंग सत्तर प्रतिशत है
37:11मोधी सरकार में भारत की विदेश
37:13आफिशनीन्ती पी बदली है जिसमें प्रधानमंत्री MODI का कई देशों के नेताओं के साथ सहजंग भर उसे का रिष्टा देखता
37:19है।
37:20जैसे हाली में इत्ली दौरे पर प्रधानमंत्री MODI ने वहाँ की प्रधानमंत्री जॉजिया मिलोनी को
37:25Melody Toffee Gift की, अब ये कोई सामान्य घटना नहीं थी, इटली दुनिया का वो देश है जिसने महेंगे और
37:31लग्जरी ब्रांट्स दुनिया को दिये हैं, जैसे फरारी, लग्जरी फैशन ब्राड़ा, अर्मानी, गुची, पेंडी, सब इटली के हैं, लेकिन प्रधानमंत्री
37:42मोध
37:54जी के सरकार गिर गई, तो पश्चिम मंगाल में रह रहे हैं, रोहिंग्या और अवैद बांगलादेशियों को लग गया था
37:59कि आब उनका दाना पानी बंद होने बाला है, 9 माई को शुवेंदू अधिकारी ने जब मुख्यमंत्री पद की शपत
38:04ली, तब और क्लियर हो गय
38:06कि अब तो पश्चिम मंगाल से अवैद घुस पैठियों की रवानगी तय है, पिछले 24 घंटे में देश के ग्रे
38:12मंत्री अमिच्छा और पश्चिम मंगाल के मुख्यमंत्री शुवेंदू अधिकारी ने अवैद घुस पैठियों के लिए जिस तरह के बयान दिये
38:20हैं, उस
38:20इसका असर बांगलेदेश की सीमा पर दिखने लगा है, ग्रे मंत्री अमिच्छा ने सीधे सपाट शब्दों में कहा कि घुस
38:27पैठ से देश में अननाचुरल डेमोग्राफिक चेंज हो रहा है और ये भारत के लिए बड़ी चुनोती बन गया है
38:36उन्होंने बताया कि इस चुनोती से निपटने के लिए प्रधान मंत्री नरेंदर मोदी के सुझाओ पर एक हाई लेवल कमिटी
38:42बना दी गई है, जिसमें रेटायर जजज, पूर्व आईएस, आईपियस अधिकारी और ग्रे मंत्राले से जुड़े कुछ अधिकारी शामि
39:02पर भगाया जाएगा, जो लोग के दाइरे में नहीं आते वो अबैद घुस पैठी हैं, उन्हें राज़ पुलिस द्वारा सीथे
39:16ग्रिफतार किया जाएगा, ग्रिफतार कुरबे, हिरास्प में लेकर बीएसेफ को सौंप दिया जाएगा, बीएसेफ बीडियार से बात कर
39:24के उनको डिपोर्ट करने की वैवस्था करेगी, डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करने के लिए बीजीपी और ग्रिस अचिप को बोल
39:38दिया गया है, एई आइन आस्थे के कार्जो कर होलो, मानों यो डीजीपी के वोंग होम सेग्रेटारी के बुलेदा होलो,
39:47सच ही है कि अवैद घुसपेट केवल एक राज्य की समस्या नहीं है, यह पूरे देश की समस्या है, लिकिन
39:52इस समस्या की समवेदनशील नव्ज भारत से लगती बांगलदेश की सीमा है, भारत और बांगलदेश में करीब 4,096 किलोमीटर
40:01की सीमा जुडती है, बांगलदे�
40:12बांगलदेश की 2,216 किलोमीटर की सीमा जुडती है, जब बांगलदेश से अवैद घुसपेट की बात होती है, तो पश्चिम
40:18बंगाल सबसे बड़ा गढ़ माना जाता है, क्योंकि सबसे ज्यादा लंबी सीमा इसी राज्य की है, साल 2004 में UPS
40:27सरकार के ततकालीन ग्रह राज
40:29मंत्री श्रीप्रकाश जैस्वाल ने राज्यसभा में बताया था कि 31 दिसंबर 2001 तक देश में 1 करोड 20 लाग अवैद
40:37पांगलदेशी थे और इसमें भी करीब 57 लाग पश्चिम मंगाल में 50 लाग असम में रह रहे थे, आले कि
40:43तब इन आकड़ों को लेकर विवाद हो गया �
40:45और बाद में इसे सुनी-सुनाई बातों पर दिये गया, आंकड़े कहा गया, लेकिन इसके बाद 2016 में ततकालीन ग्रे
40:52राज्यमंत्री किरन रिजिजु ने राज्यसभा में बताया कि देश में 2 करोड अवैद घुसपैट ये हैं, और चिंता जनक बात
40:59ये है कि देश में ज
41:13घुसपैटियों पर एक रिपोर्ट दी, इसके मुताबिक भारत में घुसपैट करने वाले 84 प्रतिशत घुसपैटिये पश्चिम बंगाल की सीमा से
41:21गिरफ्तार किये गए थे, जिन जिलों में सबसे ज्यादा घुसपैटिये पकड़े गए, उनमें मालदा, मुर्शिदा�
41:28उत्तर 24 परगना का नाम सबसे उपर था, और ये तीनों जिले पश्चिम बंगाल के सीमा वरती जिले हैं।
41:58अवैग घुसपैटिये बेचैन नजर आ रहे हैं।
42:28ना एक इंच जमीन मिलेगी और नहीं एक भी पैसा कमाने का मौका।
42:33ये जो भीड आप देख रहे हैं, इनमें वो लोग हैं जो पिछले कई वर्षों से चोरी छिपे या यू
42:39कहें कि ममता सरकार की अंदेखी की वज़े से अवैद रूप से पश्चिम मंगाल में बसे हुए थे।
42:45इन बंगला देशियों ने शुभेंदू अधिकारी के उस बयान को बहुत गभीरता से लिया है, जिसमें कहा गया है कि
42:52अवैद रूप से रहने वालों को सरकार डिटेक, डिलीट और डिपोर्ट करेगी।
42:58इस बयान के बाद से नौर्ट 27 परगना के हाकिमपोर्ट चेक पोस्ट पर अवैद बंगला देशों की भीर जुटने लगी
43:05है, ये सारे अपने देश लौटना चाहते हैं, उन्हें महसूस होने लगा है कि अब उनके लिए भारत में कोई
43:11जगह नहीं है, इनमें पुरुष,
43:13महिलाएं, बच्चे और बुजर्ग सभी हैं, इनमें से कई तो ऐसे हैं, जो चार-पांच सालों से पश्चिम मंगाल के
43:19अलग-अलग शहरों में रह रहे थे।
43:43यह मेडिकल परपस के लिए यहां पर आये थे बांगलादेश से, और यह देख सकते कि यह अपना मेडिकल ट्रीटमेंट
43:50यह बकायदा हैं, यहां पर अपने जो पत्नी है, उनका नाम है रिपा बीबी, तो उनका जो ट्रीटमेंट है उसके
43:59लिए वो यहां पर आये थे, सा�
44:17पर परशार वन राग बेना ता की गरू भाला ना था पर शुट है
44:20यह नार्ची चालू है शेट अमान जोट्य कोन शबूत नहीं जो शहीं शबूत
44:46सोचिए यह देश की सुरक्षा से कितना बड़ा खिलवार है
44:50कि अबैद रूप से कोई घुज बैठिया हमारे देश में वर्चों से मौजूद था
44:54और उसको भगाने के कोई प्रयास नहीं किये गए
44:57बंग्रदेश के रास्ते घुज बैठ करने वाले वैक्ति का कोई रिकॉर्ड नहीं होता
45:01उसे ट्रैक करना बहुत मुश्किल होता है
45:03ऐसा वैक्ति देश में दंगे करवा सकता है
45:06भारत के दुश्मनों के साथ मिलकर हमले करवा सकता है
45:09बावजूद इसके इस मुद्धे पर ममता राज में कोई आक्शन नहीं हुआ
45:13लेकिन सरकार बदली तो घुस पैठियों को लेकर जज़बात बदल गए हालात बदल गए
45:44तैय ये हुआ कि जो बंगलदेशी अवैद रूप से भारत में मौझूद थे
45:48उनकी पहचान करने और कागजी कारवाई के बाद सीमा पार भीड़ा जाएगा
45:53और इसके लिए बॉडर गार्ड बंगलदेश को भी जानकारी दे दी गई है
45:56और वो अपने स्तर पर भी हर बंगलदेशी की पहचान कर रहे है
46:11पश्चिम बंगाल सरकार ने पूरे राज में अवैद घुसपैटियों की पहचान की मोहिम छेड़ दी है
46:17और जो लोग पकड़े जा रहे हैं उनको खास तरह के होल्डिंग सेंटर में रखा जा रहा है
46:23घुसपैट से प्रभावित जिलों में सबसे तेज आक्शन लिये गए हैं
46:27जिन जिलों में सबसे ज़्यादा घुसपैट होती है उनमें एक मुर्शीदाबाद है
46:32मुर्शीदाबाद प्रशासन ने अवैद घुसपैट पर आक्शन लेते हुए
46:35तीन बंगलादेशियों को पकड़ा और उन्हें होल्डिंग सेंटर में रखा है
46:39प्रशासन ने एक तीन मंजिला इमारत को होल्डिंग सेंटर की तरह बना लिया है
46:44इस जगे पर गिरिफतार किये गए सभी अवैद बंगलादेशियों को वरिफिकेशन तक रखा जाएगा
46:49और उसके बाद बियसेट की मदब से डिपोर्ट किया जाएगा
46:54माल्दा भी बंगाल के उन सीमा वर्ती जिलों में से एक है
46:57जहां घुसपैट बड़ी समस्या है
46:59इसलिए माल्दा में भी एक होल्डिंग सेंटर बना गया है
47:02जहां फिलहाल नो अवैद बंगलादेशी घुसपैटियों को रखा गया है
47:06इस होल्डिंग सेंटर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किये गए है
47:10ताकि यहां पर रखे गए अवैद घुसपैट ये फाग ना जाएं
47:14अगर कोई घुसने का कोशिश करेगा तो वहां पर बीएसेट को तो रोब देना चाहिए
47:20उसको अंदर ले आपकर रीटेंसान घम का क्या ज़रूरत है
47:23अगर कोई एक भी इनलीगल घुसपैटियो है घुसा कैस तो बीएसेट साओ वहां पर बीएसेट किसका था बीएसेट सेंटरल गवर्मेंट
47:32का था अव मिनिस्ट्री का था तो घुसा कैस
47:35मेरा ख्याल से इंको विरोध करने का कोई जुरूत नहीं है
47:41मुख्यमुंत्री सुवेंदो अधिकरी में अलन किया जो ब्याइनी घुसपैटियो है जो इनलीगल सिस्टेम में कोई देश से बारत में घुसेगी
47:57अशी मेंगल बढ़र हो कई तिपोरा बढ़र हो कई जो बढ़र हो तो उनको खिलाब करवाई होना चाहिए
48:08तो आज के लिए ब्लाक इंवाइट में इतना ही आपसे हमारी अगली मुलाकात होगी कल रात नौ बजे आगे देखिए
48:14दस्तक सईदंसारी के साथ और देश और दुनिया की सभी खबरों के लिए देखते रही आज तक
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