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US Attacks Iran: कतर में बातचीत के बीच अमेरिका ने ईरान पर किया बड़ा हमला, क्या छिड़ गई महाजंग? कतर की राजधानी दोहा में चल रही सीजफायर और न्यूक्लियर डील वार्ता के दौरान ही अमेरिकी नौसेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरानी सैन्य ठिकानों पर विनाशकारी बमबारी कर दी है।
मिडिल ईस्ट और वैश्विक अर्थव्यवस्था की लाइफलाइन कहे जाने वाले स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली सैन्य कार्रवाई की खबर सामने आ रही है। कतर (Qatar) में जब अमेरिका और तेहरान के राजनयिकों के बीच बैकचैनल सीजफायर और यूरेनियम संवर्धन को लेकर बातचीत चल रही थी, ठीक उसी समय अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के आदेश पर अमेरिकी युद्धपोतों ने ईरान की सैन्य बोट्स पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया।


In a major military escalation in the Middle East, the US Central Command (CENTCOM) launched defensive strikes against Iranian fast-attack craft allegedly deploying naval mines near the strategic Strait of Hormuz.

#USAttacksIran #StraitOfHormuzCrisis #TrumpVsIran #MiddleEastWar2026

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Transcript
00:27दुनिया को लग रहा था कि शायद इस बार जंग टल जाएगी।
00:52अमेरिकी सेना का कहना है कि इरानी बोर्ट समुद्री रास्तों में माइन्स यानि की बारूदी सुरंगे बिछा रही थी जुससे
00:58अमेरिकी युद्धपोतों और
00:59रंटराष्ट्य जहाजों को खत्रा हो सकता था।
01:02अब यहाँ एक बात समझना बेहत जरूरी है।
01:04हॉर्मूस ट्रेट सिर्फ एक समुद्री रास्ता नहीं है।
01:07यह दुनिया की उज़ा सप्लाई की सबसे बड़ी लाइफ लाइफ लाइन है।
01:22बलकि एक बड़ा रंडितिक संदेश भी माना जा रहा है।
01:25लेकिन सवार यही है कि जब बात्ची चल रहे थी तब हमला क्यों हुआ।
01:29असल में अमेरिका को डर है कि इरान बात्चीत को ढाल बना कर अपनी सैने तयारी तेज कर रहा है।
01:34वशिंग्टन को आशंका है कि तेरान हॉर्मूज को अपने सबसे बड़े दवाव वाले हत्यार के तौर पर इस्तिमाल कर सकता
01:40है।
01:41और अगर इरान ने सच में इस रास्ते को ब्लॉक कर दिया तो टेल की कीमतें आस्मान शूसकती हैं।
01:46अमेरिका, यूरोप, जपान, भारत सब का इस पर असर पड़ेगा। यही बज़ा है कि अमेरिका किसी भी कीमत पर हॉर्मूज
01:53में अपनी सैने मौजूद गी कमजोर नहीं पड़ने देना चाहता।
01:56हलाकि संकॉम ने बयान में ये भी कहा कि अमेरिका अभी भी सैयम बरत रहा है, उसका उदेश्य जंग बढ़ाना
02:01नहीं है, लेकिन मिडिल इस्ट की राजनीती में सैयम और हमला अकसर एक ही वाक्या में दिखाई दे रहे हैं।
02:15अब जरा पिछले 24 घंटों की बड़ी तस्वीर समझें।
02:36यानि वशिंग्टन अब आधिया दूरे समझोते के मूड में नहीं दिख रहा है। दूसरी तरफ एरान भी जुकने को तयार
02:42नहीं है।
02:42कतर की राजधानी दोहा में जो वारता चल रही है उसमें दो सबसे बड़े मुद्दे हैं।
02:51अमेरिका चाता है कि इरान अपने परमानु कारेक्रम पर बड़ी कटोर्थी करें।
02:55लेकिन इरान कह रहा है कि उरेनियम संवर्धन उसका अधिकार है। और यही इस पूरे संकट की जड़ है।
03:01दरसल इरान अब सैन्य ये राजमृतिक लड़ाई नहीं लड़ रहा है। वो राष्ट्रे सम्मान की लड़ाई का नेरेटिफ बन रहा
03:06है।
03:06तेहरान में ये संदेश दिया जा रहा है कि बश्रुमी देश इरान को टेकनोलोजी कमजोर दिखाना चाहते हैं।
03:11इसलिए इरान अपने न्यूक्लियर प्रोग्राम को संप्रभुता का मुद्दा बना रहा है।
03:15यही वज़ा है कि अमेरिकी डिप्लोमेट रॉबर्ट मैली का बयान बहत एहम हो गया है।
03:33और यही वज़ा है कि इरान की पॉजिशन पहले से ज्यादा कठोर हो चुकी है।
03:37अब इस पूरे संकट में एक और दल्चस्प मोड आया है।
03:40मीडियर रिपोर्ट में दावा किया जा रहा था कि अमेरिका और इरान जल्द किसी अंतरिम समझोते पर साइन कर सकते
03:45हैं।
03:46यहां तक कहा गया कि हर्मूस खोलने और सीज़ फायर बढ़ाने की सहमती तक बन सकती है।
03:51लेकिन ऐसा हुआ नहीं।
03:52कोई दस्तकत नहीं हुआ, कोई अपचारिक समझोता नहीं सामने आया, यानि दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी अभी बहुत
03:58गहरी है।
03:59उधर इरान के राश्टपती मसूद पजैशकेन का भी बड़ा बयान सामने आया है।
04:03उन्होंने साफ काये कि इरान में कोई भी बड़ा फैसला सुप्रीम लीडर की मनजूरी के बिना नहीं लिया जाएगा।
04:09यानि अंतिम फैसला अभी भी इरान के धार्मिक और अर्णितिक नित्रतों के हाथ में ही है।
04:14और यही वज़े है कि दुनिया की नजर अब सिर्फ राष्टपती या वदेश मंतरी पर नहीं बल्गी तेहरान की असली
04:19पावर सेंटर पर डिकी हुई है।
04:21इसे बीच इरान ने एक और बड़ा संकीर दिया है।
04:23इरानी वदेश मंतरी अब बास अराक्षी ने लेबनान और हिज़बुल्ला की समर्थन में कुला संदेश जारी किया है।
04:29उन्होंने कहा है कि इरान इसराइल के खिलाफ लेबनान की संप्रभुता के साथ खड़ा है।
04:34इस बयान का मतलब साफ है।
04:35इरान सिर्फ अमेरिका से बापशीत नहीं कर रहा, वो अपने पूरे रेजिस्टिन नेटवर्क को भी एक्टिव बनाए रखना चाहता है।
04:41यानि अगर हालात बिगड़ते हैं, तो संगर्ष सिर्फ एरान बनाम अमेरिका तक समित नहीं रहेगा।
04:47इसमें इसराइल, हिजबुला, रेड़ सी, हॉर्मुज सब शामिल हो सकते हैं, जो उसका सर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।
04:53और शायद यहीं इस पूरे संकट की सबसे खतरनाक बात भी है, क्योंकि अभी दुनिया जिस दौर में खड़ी है,
04:58वहाँ एक छोटी सैन्य गलती भी बड़ा छेत्रिय युद्ध बन सकती है।
05:23आने वाले दिनों में दुनिया को एक और बड़े युद्ध की दरफ धकेल देगा।
05:27फिलहाल में डिलिस्ट में बंदुके पूरी तरह शान्त नहीं हुई है, बातचीत भी चल रही है और हमले भी जारी
05:33है।
05:33और यही इस पूरे संकट को सबसे ज्यादा खतरनाक बना रहा है।
05:38इस ख़वर में इतना ही लेकिन दुनिया को जो उमीदे थीं कि अब बातचीत चल रही है, शान्तिवारता हो रही
05:42है, सीज फायर बढ़ेगा।
05:44यह हो सकता है तो यह धिरुख सकता है, तो ऐसा कुछ होता दिखाई नहीं पड़ रहा है और यह
05:48दुनिया के लिए खत्रे की घंटी है।
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