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  • 23 minutes ago
10 दिनों में 4 वार, जनता पर कब तक महंगाई की मार ? देखिए दंगल

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00:00नमस्कार मैं हूँ साहिल जोशी दंगल में आपका स्वागत है
00:03दरसल आज पूरा देश एक युद लड़ रहा है
00:06और ये युद है महिंगाई के खिला
00:08क्योंकि पिछले दस दिन में हुले हुले करके
00:11चार पार पेट्रोल डीजल के दाम बढ़ गए
00:26ही लेकिन विपक्षे दाल इसे मुद्धा जरूर बना है
00:29कॉंग्रेस पार्टी तो प्रधान मंतरी मोदी को महिंगाई मैं कहने लगी है
00:33कॉंग्रेस गिना रही है कि यूपी ए के मुकाबले
00:35मोदी राज के बारा साल में कच्चा तेल बिल्कुल महिंगा नहीं हुआ
00:39लेकिन पेट्रोल 43 फीजदी और डीजल 68 फीजदी तक महिंगा हो चुका है
00:44मलिकार जुन खर्गे ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया है
00:49कि महिंगा पेट्रोल डीजल बेच कर देश की जनता से 42 लाख करोड रुपे की लूट की गई है
00:55और अविरान जंग के बाहने एक बार फिर से दाम बढ़ाये जा रहे है
00:59बीजेपी का कहना है कि दुनिया के दूसरे मुलकों में भी भारत के मुकाबले जादा दाम बढ़े हुए है
01:05भारत में उसका असर कम ही दिखाई दे रहा है
01:07उपर से महंगे तेल की सूरत में सरकार ने एकसाइस ड्यूटी भी घटा दी है
01:12जनता का बोज भी अपने कंदे पर ले लिया है
01:15और अभी अगर तेल महंगा है तो उन राज्यों में जादा वैट वसूली हो रही है जहां बीजेपी की सरकार
01:21नहीं है
01:22इन सारे सियासी आरूपों और प्रत्यारूपों से आगे एकनॉमी के जानकारों की एक अलग राह है
01:27उनकी एक अलग चिंताएं भी है
01:29उनका मानना है कि इरान संकट हो या युक्रेन संकट
01:32तेल की महंगाई का ऐसा सीरियल इफेक्ट शुरू होगा
01:35कि उसका खामियाजाद देश में महंगाई से लेकर रूजगार और विकास से लेकर जीडीपी विकास दर तक पढ़ सकता है
01:42पूरी अर्थ विवस्ता पर इसका गहरा आसर पढ़ सकता है
01:46तो इस संकट से निपटने के लिए सरकार की तैयारी क्या भरपूर है
01:49कि आप देश को एक यूद लड़ना है महंगाई के खिलाफ इन्ही तवाम सवालों पर आज के दंगल में हम
01:56चर्चा करेंगे
01:56लेकिन पहले इसी से जुड़ी यह रिपूर्ट देखे
02:16कि आप पब्लिक पर जो बजन पढ़ रहा है वो उपर वाले लोगों को नहीं दिखता है
02:20नीचे वालों बहुत माइने रखाता है कि हम लोग क्या एक एक दो दो रूपे करके खटका प्यासा करते हैं
02:24उसके लिए दो रूपे बहुत माइने रखाता है
02:34इरान की जंग थमे 47 दिन हो गाए लेकिन हर्मूर संतक का ऐसा कहर कि दो महीने बाद भी बारुदियाग
02:40की तपिश हिंदुस्तान में अवाम की जेब तक पहुंच रही है
02:4415 माई को पेट्रोल 3 रुपए डीजल 3 रुपए 19 माई को पेट्रोल 87 पैसे डीजल 91 पैसे 23 माई
02:52को पेट्रोल 90 पैसे डीजल 91 पैसे
02:55और अब 25 माई के सुभा पेट्रोल 2.61 पैसे, डीजल 2.70 पैसे, दस दिन के भीतर, चार बार
03:03में पेट्रोल 7.30 पैसे, डीजल 7.53 पैसे महंगा हो गया
03:25पैसे बढ़ाने ये कोई सही बात थोड़ी है, तुरे वर्ल में उर्जा संकट है, और उर्जा संकट में तेल कंपनियों
03:32को घाटे से बचाने के लिए इन परस्तितियों का सामना हम लोग कर सकते हैं, अपना टैक्स तो घटाते नहीं,
03:39पेट्रोल डीजल पे आदातों का टैक्
03:43होई है, जो भी हुआ है, जो भी हुआ है, गौर्मने अपने टैक्स कम करें, पब्लिक को चूस रहे हैं,
03:47पब्लिक पे इसर बहुत ज़्यादा हुआ कि कोस्ट बढ़ेगी, जो बूर्ट डैनी सर्विसीज है, सभी कोस्ट बढ़ेगी, अब आम हलकान
03:54है, कि जब जंग में �
03:55दाम नहीं बढ़े, तो सीजफ फायर के बीच हर तीसरे चोथे दिन दाम क्यों बढ़ रहे हैं, यह तिल तिल
04:02करके, तडपा तडपा के, आम आदमी को बेज़द करकर के, कि वो लंबी लाइनों में खड़ा रहे, राद को मच्छरदानी
04:10लगा कर पेट्रोल पंप पर सोए,
04:12कि वो उसके घर में चूला जलाने की दुबारा से नौबत आ जाए, क्यों ऐसे तडपा तडपा के, जनता की
04:21पेट पर लात मार रहे हैं, इस कमर तोड महंगाई से, पिछले असी दिनों में, तेल की कीमते बाकी देशों
04:32में कहां आ गई हैं, पेट्रोल की बात कर लेते हैं,
04:36डीजल में भी बड़ी हैं वैसे ही, लेकिन पेट्रोल की बात कर लेते हैं, मलेशा में 58 प्रतिशत इंक्रीज है,
04:44अमरीका में 46 प्रतिशत, कैनेडा में 34 प्रतिशत, चीन में 25 प्रतिशत, ब्रिटिन में 20 प्रतिशत, और भारत में 5
04:56प्रतिशत, 5.5 प्रतिशत.
04:59कॉंग्रेस नेता गिनाते ही के जंग से पहले तक चौथी तिवाही में तेल कंपनियों का मुनाफ़ा 41 प्रतिशत बढ़कर 19
05:06,470 करोन रुपए था
05:08तो हजारो करोन रुपए महीने की कमाई करने वाली तेल कंपनिया और सरकार अब धीरे-धीरे तेल की कीमत क्यूं
05:14बढ़ा रहे हैं
05:36लूट ये किस प्रकार की भाश्या है ये किसी के जेब में पैसे जा रहे जैसे उनके लूट हुए थे
05:42जिन पर जंता ने उनको खाड के भेग दिया था
05:442014 में लूट चप्ट का कैसे प्रयोक करे है किसी के जेब में ये पैसे नहीं जा रहे दूसरी बात
05:51कॉंग्रिस पार्टी उनकी सरकारों में वो टैक्स अपना घटा दे बीजेपी के सरकारों ने तो किया भी था एक पॉइंट
05:58में
05:59विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं कि कच्चा तेल जब सस्ता होता है तो सरकार और तेल कंपनिया अपनी जेब
06:05भरती हैं और महंगे कच्चे तेल का बोज अवाम की जेब पडालती हैं और आवकले कहते हैं
06:11कि जन्वरी से मार्च के बीच इंडेन ओयल को 15,176 करोन रुपए का मुनाफ़ा हुआ लेकिन अप्रैल और मही
06:18में 35 से 45,000 करोन रुपए के नुकसान का अनुमान है
06:22इसी तरह जन्वरी से मार्च में भारत पेट्रोलियम को 5,624 करोन का मुनाफ़ा हुआ और अप्रैल मही में 38
06:28से 22,000 करोन रुपए के नुकसान का अनुमान हिंडूस्तान पेट्रोलियम को भी जन्वरी से मार्च में 4,901 करोन
06:35रुपए का मुनाफ़ा मिला लेकिन अप्रैल म
06:51कमाए जब कि बीजेपी दलील देती है कि 2005 से 10 के बीच जब कच्छे तेल का भाव 147 डॉलर
06:58तक चला गया था तब मनमोन सिंग सरकार ने
07:01एक लाख 48,186 करोड के ओयल बॉंड तेल कमपनियों को दिये थे इन पर 6.35 फीजदी से लेकर
07:078.4 फीजदी तक ब्याज देना था तब से 10-15 साल के बीच तेल कमपनियों इन बॉट्स को भुनाना
07:13शुरू किया जो 2015 से 2026 तक चलता रहा इस बीच मोधी सरकार ने 1.7 एक लाख क
07:25इन पर तेल कमपनियों को देना पड़ा उपर से जब इरान में जंग छिडी तब जनका को महँगाई के जटके
07:32से बचाने के लिए केंडर सरकार ने पैक्साइज 13 से घटा कर 3 शी रुपई किया डीजल पर एक्साईज 10
07:38रुपई से घटा कर फ्री कर दिया
07:39इससे सरकार को एक लाख करोड रुपए के नुकसान का अनुवान
07:42क्योंकि हमारे देश में जब एक लीटर पेट्रोल बिखता है
07:45तो ग्यारा रुपए 90 पैसे केंद्र, 15-21 रुपए राज्य, 8-12 रुपए तेल कंपनी
07:51और 3,5-4 रुपए पेट्रोल पंप वालों की कमाई होती है
07:55इसी तरह एक लीटर डीजल पर 7 रुपए 80 पैसे केंद्र, 11-15 रुपए राज्य, 4-7 रुपए तेल कंपनी
08:02और 2,5-3 रुपए पंप वालों की कमाई होती है
08:07महंगे तेल के कराण सरकार की कमाई घटी है
08:09जबकि तेल कंपनियां धीरे-धीरे दाम बढ़ा कर अपने पुराने नुकसान की भरपाई कर रही है
08:14क्योंकि तेल कंपनियों के भाई खाते मैं भूचाल का नुमा लगाते हुए
08:17बाजार के जानकार पहले ही 20-25 रुपए तक दाम बढ़ाने के आशंका जताते रहे
08:22और ऐसा होता है
08:24तो पेट्रोल डीजल की महंगाई कासार कार बाई चला रहा है आम लोगों की जेब पर ही नहीं पढ़ेगा
08:28और तो कैब बस के किलाय बढ़ेंगे
08:30त्रकों की माल डुलाई महंगी होगी
08:32सबजिया राशन महंगी होगी
08:34खाने पीने की चीज़े महंगी होगी
08:36कपड़े दावाईयां सब कुछ महंगा होगा
08:38मैनुफेक्चरिंग महंगी होगी
08:39तो कमपनियों का मुनाफ़ा घटेगा
08:41उत्पादों के दाम बढ़ेंगे तो खपत कम होगी
08:44मांग घटेगी तो उत्पादन घटेगा
08:45उत्पादन घटेगा तो रोजगार कटेगा
08:47असर सीधा विकास दर पर पड़ेगा
08:49क्योंकि कच्चा तेल दस फीजदी महंगा होता है
08:52तो GDP एक फीजदी तक घट जाती है
08:55उपर से महंगे तेल की खरीद में गिस्ते डॉलर का भंडार
08:59तेजी से घटा तो चालूख हाते का घटा बढ़ता जाएगा
09:02और महंगाई को कंट्रोल करने के लिए
09:04रेजर बैंक को रैपोरेट बढ़ाना होगा
09:06जिसका असर होम लोन से कार लोन तक पड़ता है
09:09आज तक व्यूरो
09:12फरवरी महिने में युच शुरू हुआ
09:14उसके बाद तीन महिने तक पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ेते
09:17लेकिन 15 मई से ये जो सिलसिला शुरू हुआ है
09:19ये चौती बार है कि पेट्रोल और डीजल के दाम भारत में बढ़ चुका है
09:23और इसका सीधा असर ये लोगों पर पड़ रहा है
09:25और इसलिए चर्चा भी ज़रूर है कि आकिरकार सरकार क्या इस पे कुछ कर सकती है
09:29या राज्यों पर अब इसका भार डाल दिया जाएगा
09:32कई सवाल इसमे उठते हैं हमारे साथ तमाम मेहमान भी जुड़ है
09:51कि तीन सवाल में इस पैनल के सामने रखोंगा
09:53पहला सवाल
09:53क्या किष्टो में टेल महंगा करने से महंगाई रोकने में क्या मदद मिल पाएगी
09:58कई लोग कह रहे हैं कि इंजेक्शन की जगे पर डिप के जरिए
10:01ये महंगाई लोगों के शरीर में डाली जा रही है एक तरीके से
10:06और क्या इससे मदद मिल पाएगी
10:07दूसरा सवाल
10:08क्या महंगे तेल के बाद अब महंगे करस की बारी आने वाली है
10:12पॉलिटरी पॉलिसी के बाद इंटरस ट्रेट भी बढ़ा दिये जाएंगे
10:15ये भी माना जा रहा है थे जिसके चलते क्या महंगे करस की बारी आएगी
10:18तीसरा सवाल
10:19क्या तेल से 42 लाग करोड रुपे जमा कर जनता को राहत नहीं देने का
10:25कॉगरेस का आरोप क्या सही है
10:27भारतिय जनता पार्टी कह रही है
10:28कि दरसल ओईल बॉड्स को चुकाने में ये सारे पैसे लगे
10:33इसके लिए शायद जनता तक नहीं पहुँच पाए
10:35इन सवालों पर हम चर्चा करेंगे लेकिन इस वक्त
10:38बड़ी खबर
10:39क्रम्प और इरान के बीच डील की खबरों के बार
10:42कच्चे तेल के दामों में पांच फीस दी तक की गिरावट दर्च की गई है
10:47बेंट क्रूड 99 डॉलर के भी नीचे आ गया
10:50यानि सौ डॉलर के नीचे अब बेंट क्रूड ऑईल का जो दाम है वो आ चुका है
10:58जबकि भारतिय बास्केट में कच्चे तेल के दाम
11:013.98 फीस दी तक गिर चुके है
11:04अनुमान है कि अगर दो हफ़ते तक दाम ऐसे ही रहते है
11:08तो भारत में तेल कमपनिया तेल के दामों में राहत दे सकती है
11:12क्योंकि तेल कमपनिया दो हफ़ते के उसत दाम के हिसाब से भाफ तै करती है
11:17यानि दो अफ़ते के दाम देख कर वो आगे के दाम तै करती है
11:21इस बीच और एक बड़ी खबर
11:23इरान संकट का थेल के दामों पर असर को लेकर
11:26देश की वित्तमंत्री निर्मला सीतारामन का बड़ा बयान आ चुका है
11:30पहली बार निर्मला सीता रामन के तरफ से बयान आया है
11:33कहा है कि पश्चिम एशिया संकट होर्मूज संकट से लेकर सप्लाई चेन तक तमाम संकट बड़ी चनोतिया खड़ी हुई है
11:41लेकिन इसका असर देश के जनता तक नहीं पहुँशने दिया जाएगा
11:45वित्त मंत्री ने कहा है कि हर हफ्टे कच्चे तेल के बढ़ते दाम के निगरानी की जा रही है
11:51और सरकार को भरोसा है कि वो इन चनोतियों से निपट लेगी
11:56कई ना कई निर्मला सीता रामन ये भरोसा दिलाने की कोशिश कर रही है
12:00कि जनता तक इसका असर नहीं पहुँचने दिया जाएगा
12:02लेकिन पिछले दस दिन में चार बार दाम बढ़ चुके है
12:05निर्मला सीता रामन ने क्या का वुज़राइक बर से
12:09जैसे पिछले दो तीम साल में ऐसे ही
12:13एक्स्टरनल प्रेशर जितने भी रहा
12:15हमारे देश का उत्पादन और मैनफाक्टरिंग सेक्टर और क्रशी
12:20सब उनके अपने अपने स्तर पर देश के लिए कॉंट्रिब्यूट करके
12:25अभी भी हम फास्टेस्ट ग्रोइंग एकॉनमी रह रहे
12:29एसे ही हमारी सरकार और प्रदान मत्री जी के ऊपर
12:34कॉन्फिडेंस रखते हुए हम आगे बढ़ते जाना चाहिए क्यूंकि जब
12:40भी आप कोविट के समय से लेकर देखिए मैं कोविट से नहीं कंपैर कर
12:44रही है उस समय से समय से लेकर देख लीजिए कभी भी देश का जनता का
12:50कुछ भी रिक्वेस्ट और सेंटिमेंट रहा उसके लिए हम समय समय पर
12:57रिस्पॉंट करते आ रहे हैं और जनता भी उसके लिए रेकिग्नेस कर रहे हैं कि हम
13:03आगे बढ़ पाएंगे उसी कॉन्फिडेंस के साथ अभी भी आगे बढ़ना चाहिए
13:08निर्मला सितर रमन कहने की कोशिश करिए कि भरोसा रखिएगा हम जनता तक इसका आसर नहीं पहुचाने देंगे लेकिन आज
13:15की स्थिति में जैसे मैंने कहा कि 15 मई से लेकर 25 मई तक 4 बार दाम बढ़ चुके हैं
13:20एक डिप तरीके से लोगों को ये महेंगाई की कड़वी दव
13:24पाई पिलाने की कुशिश हो रही है आलोक शर्मा जी हमारे साथ में जुड़े हुएं कॉंग्रेस पार्टी से शुरू करनी
13:27होगी निर्मला सितर रमन का बयान आपने सुना वित्तमंत्री कह रही है कि थोड़ा भरोसा रखिएगा ये संकट है यूकरेन
13:35युद हुआ उसके
13:53जो करन्सी गिरती है तो उससे देश का मान गिरता है प्रधान मंत्री की मरियादा गिरती है तमाम तरह के
13:59नारे दिये थे देश ने बहुत भरोसा किया लेकिन दुरभाग्य ये है कि ना रुपिया इन से कंट्रोल हो पाया
14:05ना महंगाई कंट्रोल हो पाई चौथी से हम छट
14:21तक प्रेस कांफरेंस की ही नहीं है दुर भाग गई यह है कि पिछले दस दिन के अंदर लगबग बारा
14:26डॉलर इंटरनेशनल मार्किट में पर बैरल प्राइस गिर गए दस दिन के अंदर बारा बैरल एक बैरल का प्राइस बारा
14:35डॉलर लेकिन दुर भाग गई यह है कि हमार
14:50देंगे दुरभाग्य यह है के पांच लाग करोड रुपया इस सरकार ने आर्बियाई से ले लिया दो दिन पहले भी
14:56पौने तीन लाग करोड रुपया आर्बियाई से लेने की तमाम खबरें आई हैं इम आई महंगी होती चली जा रही
15:02है प्रोडक्शन कॉस्ट बढ़ रहा
15:06है किस मूँ से कहती है कि जनता के उपर इसका प्रवाव नहीं होगा क्या उनको एकॉनमी का एबी सी
15:12भी नहीं पता है वेलफेर स्कीम्स में कटोती शुरू हो गई है कैपिटल एक्सपेंडिशर में कटोती शुरू हो गई है
15:19बैलनस ऑफ पेमेंट नेगेटिव होता चला ज
15:23जाएगी रैपो रेट बढ़ता चला जाएगा उसके बाद भी अगर आप कहते हैं कि सब देश के उपर कुछ नहीं
15:29होगा और हम नहीं होने देंगे तो यह आपकी गुद्धी है आपको सोचना है दो लात करोड का इस देश
15:35के अंदर से दो महीने में करंसी फ्लाई हुआ है
15:38मैं इसको डिस इंवेस्मेंट नहीं कह रहा है मैं इसको करंसी फ्लाई कह रहा हूँ कारण क्या है कि दो
15:44महीने में इतना बड़ा पैसा शेयर मार्केट आपकी धणाम पर यह शेयर मार्केट से पैसा निकल कर दूसरे देशों में
15:50जा रहा है और फिर आप कहरें कि हम कोई अस
16:12है कि जिस तरीके से यह मौखिक वादों से कुछ नहीं होगा कुछ ठोस आपको देना होगा क्यूंकि देखिए जैसे
16:20ही चुनाव रुख जाते हैं 15 महीं से दाम बढ़ना शुरू हो जाता है और उसी बीच ऑईल कंपनियों के
16:25जो फिनांशल रिजर्ट से वो भी आ जाते हैं �
16:27उसमें भी देखता है कि आकरी तीमाई में जो हुई है लास्ट क्वाटर जो है उसमें 19,000 करोड से
16:34भी जादा का फाइदा मुनाफ़ा इन ऑईल कंपनियों को हो चुका है उस बीच तो कही दाम नहीं बढ़े लेकिन
16:39अब दाम बढ़ाने के शुरूआत हो चुकी और हर दो �
16:42इनके बाद खबर आती है कि दाम बढ़ना शुरूओ के यानि जो इंजेक्शन जो दवाई आप डायरेक्ली नहीं दे सकते
16:48वो ड्रिप करके आप दे रहे हैं एक तरीके से तो कैसे भरोसा करें
16:54देखे साहिल जी इस बात को समझना पड़ेगा कि आज जो जियो पोलेटिकल सिचुएशन है और जो ग्लोबल ओयल शॉक
17:02की स्थिति में पूरा दे पूरा दुनिया है उसमें भारत ने सबसे अच्छा परफॉर्म किया अब मैं आपको इस बात
17:09को बताता हूं पहले तो जैस
17:11फिनांस मिनिस्टर ने कहा कि यह एक्स्टरनल इशूस की वज़े से जो तीन प्रॉबलम है तीन बड़े प्रॉबलम है एक
17:18तो फोल का दूसरा फर्टलाइजर का और तीसरा जो है फॉरंड करेंसी का यह तीन एफ को जो हम लोग
17:23को मैनेज करना और बहुत अच्छे साम मैने
17:39ने तो प्राइस नहीं बढ़ाया यह अप इसलिए के जनता को रहा दिया इतनी अंसेटनिटी थी जो स्टेट अफ फॉर्मस
17:47में ब्लॉकेट के वज़े से जो इरान इरान यूएस और इसकी जो वार के वज़े से प्राइस पे सड़ली जो
17:54है अपट प्रेशर आया और पूर
18:08करना यह इसलिए कि आप भी सबसकते हैं यह सिचुएशन है आज आप अभी थोड़े दिर पहले कहा है ट्रंप
18:15और इरान के बीच में सहमती बनने की सभावना आप बताइए आप एगर बैक टेस्टिंग करके देखे पिछले तीन मेहने
18:21में कितनी बार ऐसा हुआ कि सभावन
18:23बनी सभावना गई सभावना बनी सभावना खताम हो गई मींस इस जो स्टेट ऑफ अंसर्टिनिटी तो जब ही पॉजिटिविटी होती
18:31है तो आप देखते हैं कि प्रूट के प्राइसे जब कर जाते हैं आप अगर देखी कि फ्यूचर्स और जो
18:40स्पार्ट में अब दो ड�
18:55जब को जब दो जनता को संभावना थने अगए � assets कि छोनाव माहूल को सब्रौण आचेभाइगे लेकिन यह लाजिक
19:06नहीं समझ पहत दो अबे
19:22देशमलव 28 डॉलर प्रती बैरल दाम थे 20 मार्च को वो बढ़के 156 डॉलर हो गया है 24 मार्च को
19:28147 हो गया है दाम नहीं बढ़े और अब 22 मई
19:332026 को यह दाम घटकर 106 डॉलर प्रती बैरल हो गया है और अभी-अभी खबर है कि
19:45लोग उल्टा सवाल तो पूछेंगे न यहां पर जफर इसलाम जी और आप कह रहें कि राज्यों को कम कर
19:50देना चाहिए आप नहीं नहीं बिल्कुल से नहीं नहीं पहले दो तीन बाते पूरी मत खतम करें दिये पहले तो
19:57कि सरकार ने शुरू के
19:59अंसेटिनिटी के समय में बड़न जो है पासाओं नहीं किया जब इतना हाइक प्राइसे जो है इंटरनाशनल मार्केट में क्रूड
20:05और ब्रेंड के जो प्राइसे उपर गये अब्जॉब किया लेकिन जब देखा कि इश्यू अभी तक रिजॉल नहीं तो थोड़ा
20:11-थोड
20:25है और गल्फ कंट्री भी सहमती हो गई है तो आप देखेंगे बरीन के प्राइस जो है वो अपने आप
20:30क्राइश कर देएंगे और जो एक्सपेक्टेड है राइन है जो फ्यूचर में साट से सतर डॉलर के बीच बीच में
20:36तो जाहिर है कि एक कौर्टर में जो तकलिफ ही उस
20:39का जो है इमपेक्ट भी सबसे कम नियम तम इमपेक्ट भारत के लोगों को हुआ है बाकी देशों में तो
20:45तुरत बढ़ा के उनको पासवान कर दिया हमने अब्जाब किया ना तो हमें तारीख करनी चाहिए कि आज उन्होंने पूरे
20:52बगल के देशों में जाक कर देखेगा एक
21:08सेकंड सर्फ उसके बाद आलोग शर्मा जी बात करेंगे जल्दी से यस मैं सिरे अतना कहा रहा था कि देखे
21:15जो लोग इस तरह की बाते करते हैं उनको जरा दिखा लेने चाहिए तिलंगा आना में वैट कितना है वैट
21:20कम कर दीजे ने दुसरे को नसीहत देने से अच्छा �
21:23को ग्यान देने से अच्छा जरा कुछ करके तो दिखाएए कि वैट कम कर दिए भायर हम भी बहुत चिंतीत
21:28हैं अपने अपने परदेश के लोगों के लिए परदेश के लिए जरा वैट कम करके दख सब्lair हम ने तो
21:38बहुत कम रखा है हमारे है इस तरह से नहीं बड़ा जहा
21:56सबसे पहले तो मैं देश को मैलोडी बढ़ाई देना चाहूंगा
21:59देश को मैलोडी बड़ी कड़वी लगी है
22:02जब से मैलोडी बटी है विदेशी टौफी
22:05तो उसके बाद से देश जो है पूरा कहर बरप रहा है देश के उपर
22:10देश को मैलोडी बढ़ाई
22:11अब बात आजाते हैं कि वही किस के हाँ वैट कितना है अरे वही आपने तो 21 बार एक्साइज डूटी
22:17बढ़ाई लगबग 42 लाग करोड रुपया आपने जंता की जेब से निकाला
22:23अगर आपने 42 लाग करोड रुपया निकाला था और कम्पनियों ने अपना मुनाफ़ा बढ़ाया था तो सोभाविक है कि आज
22:31आपी का फर्ज पहले बनता है
22:32राजों को जो नौन बीजेपी स्टेट्स हैं उनका तो आप मनरEGA तक का पैसा नहीं दे रहे हैं
22:37हर �राज्य का जीएस्टी का सीएस्टी का पैसा अटका हुआ है
22:40आप सारा का सारा पैसा अडानी को देना चाहते हैं
22:44दुर्भाग ये है कि आपको वेपारियों की ज़्यादा चिंता है राज्यों की नहीं
22:48आप मुझे केवल ये वाइट पेपर ले आईए कि किस किस राज्य का हमने पिछले बारा साल में जी एस्टी
22:55का पैसा कब कब दिया है
22:56इसके उपर एक वाइट पेपर ले आईए दूद का दूद और पानी का पानी हो जाएगा
23:00सौ के पार अपने पेट्रोल का सेंचरी मार दी और उसके बाद भी आज़ आप कह रहे हैं कि विपक्षी
23:05ये नहीं कर रहे है
23:05जनता पैट्रोल ना लगाए जनता विदेश ना जाए जनता गोल्ड ना खरीदे और हम गोल्ड खरीदे आरबियाई गोल्ड खरीदे अडानी
23:15गोल्ड खरीदे जनता ना खरीदे
23:17भाई आप जुम्मेवारी कबल होगे बारा साल होगे आपको
23:20नोट बंदी जैसा कुकरम आपने किया था
23:23ये केवल हॉमरूस के पीछे चिप जाना
23:27युद्ध के पीछे चिप जाना
23:28इसे कुछ नहीं होगा
23:29आप तमाम सोशल इंडिकेटर्स देख लीजे
23:32मौल निट्विशन से लेके
23:35पोई इंडिकेटर्स देख लीजे
23:37आपका बुरा हाल है
23:38जिस तरह से खाद्यान के दाम बढ़ रहे हैं
23:42पिछले चार-पास दिन से
23:43जिस तरह से खाद की कमी आएगी
23:46जिस तरह से खरीफ की क्रॉप का
23:47प्रोडक्शन घटेगा
23:48सरकार की क्या त्यारी है
23:50सरकार वो बताए
23:51आप हमें नेपाल से और पाकिस्तान से
23:54तुलना करने के लिए
23:55आज अम मजबूर हो गए
23:56अरे वई चाइना का परकेपिटर इंकम कितना है
23:59यूएस का कितना है
24:01किससे कमपेर कर रहे है
24:02हमारी करन्सी में ज़्यादा डाउनफॉल है
24:04बड़ोसी के देशों में करन्सी मजबूत हुई है
24:08हमारी तुलना में कब परकेपिटर परकेपिटर इसके बाद आप कह रहे है
24:11कि ये मुद्दा निकलेगा
24:12कि राज्जों के वैड के दाम कब कम होंगे
24:16जाहिर से बात है
24:17और जिनको जने ऑउयल प्राइजस समझे में आती है
24:20आप को आयव गए
24:24ने सुनियें तो
24:25उसमें उसमें उसमें óसमें रिफाइनिंग चार्जस होते है
24:28सेंटरल एकसाइंज जीटी होती है
24:30डीलर्स कमिशन होता है और स्टेट का वैट भी उसमें लगता है और जिसके वज़े से दाम आज की स्थिती
24:34में इतने बढ़ते हैं
24:34और कुछ स्थेट के नाम यहां पर गिनवाए गए है तो मैंने पूरी की पूरी लिस्ट निकाल के रखी हैं
24:39यहां पर
24:56तेलंगारा में 35% वैट वहां पर चार्ज किया जा रहा है उसके बाद है केरला केरला में 30%
25:03वैट उसपे चार्ज किया जा रहा है अभी अभी कॉंग्रेस की सरकार वहां पर बनी है
25:06उसके बाद है मध्या प्रदेश में 29 प्रतिशत वैट चार्ज किया जाता है यह टॉप फाइफ हे में गिनाओंगा बाकी
25:13भी गिनवा सकता हूं में और उसके बाद आपको आश्चेरे होगा बिहार है उसके बाद नमबर और बिहार में 23
25:20.58 परसेंट वैट वहाँ पर चार्ज
25:23किया जाता है यहांने राज यह कहीना कहीं तो कमाने की कोशिश करेंगे न सहीद जफर इसलाम जी पूरी लिस्ट
25:29में आपको बता सकता हूं टॉप फाइफ में दो राज्जे आपको मिलेंगे कॉंग्रिस चाह से बाकी के तीन राज्जे इंडिये
25:35की आपको में तो वैट आ
25:50इंकम जो है रिसोर्सेज वो डिपेंडेंट है वैट पे और वो बियॉंड पॉइंट वो वैट कम नहीं कर सकते हैं
25:55उनकी अपनी मजबूरी होती हो उनके जो जो जो जो इनका डिफिसित है जो बढ़ जाएगा तो इसलिए ने ने
26:05यह टुटा ने एक ने ने एक मिनट सुर
26:20चैसे नहीं है वह बेढ़ा लिज्या आप ने ने हमें से उपिय समय से कंपेयर कर लिए उपियए समय से
26:35क्या किया आपीक्ट मेह सबसुरे disappointed अफिया सबस्क्ता इतना
26:53हमने नहीं किया इस पूरी बता सकता हूँ यहां पर आजर प्रदेश से लेकर मध्यप्रदेश है तेलंगाना है केरला है
27:03तिहार है राजस्तान में 30 प्रतिशत करिब करिब
27:06उस पे वैड का्च यह महाराष्ड के भीतर 25 प्रदेश वैड कि अधर 55 यहां पर चार्ज किया जाता है
27:14करनाढक पे 30 प्रतिशत इंडीसा औरीसा में 28 प्रतिशत है
27:17हर अद
27:22रात में है जे शाहिल भाई देखे मैंने कहा है मैं बहुत जिस तूकर यह इंफॉर्म्ट डिसकॉशन हो रहा है
27:30तू-टू-मेमे वाले नहीं और लोग बहुत समझते हैं एकॉनमी को इसलिए इनसे तू-टू-मेमे नहीं करना चाहते
27:37हूं मैं कह रहा हूं कि
27:38स्टेट के पास लिमिटेशन होती है लेकिन इनके अगर जो यह ग्यान दे रहे हैं तो पहले किरला और इससे
27:43इनिशेट करा दे हमारे लिए एक टेंपलेट हमारे बाकी स्टेट के लिए टेंपलेट बन जाए कि भाई ऐसा हमने किया
27:48देखो भाई एक्जाम्पल है आप करो ले
28:08अप्शन हुआ था क्या जिस तरह किस्टी से हम जुझ रहे हैं उसके बावजुद्ध यार्वी पोजिशन से चौथी है और
28:14करेंसी फ्लक्ट्वेशन में हम जिस पोजिशन पर हैं तो हम हमारी अर्थ वहस्ता बेतर है बेतर तरीके से मैनेज हो
28:21रही जनता भी पावर्टी �
28:22लाइन से बाहर निकल रही है हाँ इनको दिक्कत हो सकती है यह कॉंग्रेस वालों को दिक्कत हो सकती कि
28:27इनके पास कहने के लिए कुछ नहीं है पालिसी परेलेशी फरेजाइल एकानमी जतना भी मैक्रो डंबर्वस हैं वो सारे बुरे
28:34आलवा पर पास है कि जिसके वज़े से
28:48अगर ऑईल शौक हमें महसूस हो रहा है सप्लाई का डिस्ट्रप्शन हमें महसूस हो रहा है अगर आंतर राश्ट्रिय बाजार
28:55में ऑईल प्राइजेस बढ़ रहे हैं तो उसके बावजूद हम जनता तक उसका बोच नहीं पहुंचा है कोई दूसरा आप्शन
29:02हमारे पास ह
29:03है आलोग शर्मा जी और उसके बाद मुझे तरह आरून कमर जी के पास जाना है क्योंकि इसकर भी काफी
29:07चर्चा हो रही है
29:09साही जी मेरा केवल ये मानना है कि हम केवल पैट्रोलियम प्राइजेस इंटरनेशनल की और तमाम चीजों पर चर्चा करके
29:18पीछे हर जाते हैं
29:20economy केवल petroleum prices से नहीं चलती है वो major factor है
29:24लेकिन उसके बाद इनके जितने प्रोग्राम थे वो making इंडिया हो, startup इंडिया हो, skill इंडिया हो, bet up इंडिया
29:31हो, let up इंडिया हो, पता नहीं कौन कौन से प्रोग्राम चलाये थे
29:34उनकी सब की band बजी हुई है, उनके आंकड़ों पर बात कीजिया, skill development का हाल ये है के financial
29:40year के 6 महीने लगबग चले गए हैं, और 6 महीने के बाद भी 0.6% केवल utilization हुआ
29:47है, उसका एक योजना आई थी, आप देखिए के उनके अंदर हम 20-20 हजार लोगों को skill develop करेंगे
29:54एक के company में, व
30:0412% पर आगे हैं, और ये मेक इन इंडिया का ढोल पीट रहे हैं, केवल एक petroleum prices के
30:09पीछे चिप जाना, सरकार की तमाम नकामिया हैं, सरकार की अजहालत ये है के wages stagnation है, क्या वो भी
30:16विपक्षी दलों की वज़े से है, क्या मजदूरी जो stagnate कर रही है, क्या नॉइडा और हरिद
30:33चाहिए, क्या मजदूरी नहीं लेना चाहिए, सरकार से इकानमी एक डमी मिनिस्टर बढ़ा रखिया, क्या मैं तो देश की जड़ता
30:39की तो देश की तरह की रिस्पोंसिबिलिटी नहीं, ध्र्चर्पत को दे दिया, साहिल जी, देशित में ओड़ा रुप्षारा रुप्�
31:02अच्छा आज की स्थिति में इसलिए भी हो रही है क्योंकि उसका सीधा असर लोगों पर पढ़ता हुआ भी नजर
31:09आ रहा है
31:09जिस तरीके की प्रतिक्रियाएं लोग वहाँ पर पेट्रोल पंपर दे रहे हैं
31:15आज इंडस्रीज भी वहाँ पर सामने आकर कहने की कोशिश कर रही है
31:18कि उसका उसका असर जो मिडल इंकम ग्रूप है उस पर सबसे ज़्यादा पढ़ सकता है
31:23लेकिन प्रोफिसर अरुन कुमार क्या आज की स्थिति में कोई दूसरा आप्शन देश के पास है
31:28ये बात भी सही है कि भारत के भारत के बीतर जो फॉरेन इंस्टिटूशनल इंवेस्टर्स है
31:34वो भारत की स्टॉक पार्केट से बाहर निकल कर जा रहे हैं
31:36क्या इससे सच पुछ में अगर एकनॉमी हमारी स्टॉंग होती
31:39क्या उसके बावजूद भी पेट्रोल और डीजल प्राइज़स पर काबू करने में हम सफल हो पाते हैं
31:44या आज की स्थित्य में हमारे पास और कोई चारा नजर नहीं आ रहा है
31:49साहिल जी ये बात सच है कि सप्लाइश शॉक तो और त्विस्था में है
31:53और यह सप्लाइश शॉक का मतलब है कि एनरजी की कमी भी है और एनरजी के दाम भी बढ़े हैं
31:57और क्योंकि इसमें क्रूड में बहुत सारे और पदात निकलते हैं तो फार्मसुट्रिकल सेक्टर है
32:03आपका बाकी जैसे प्लास्टिक्स है, आपका जैसे सिंथिटिक्स है, आपके जो फर्टलाइजर है, सब चीजों पर ऐसार पड़ा है, तो
32:11कुल मिलाके आपका जो उत्पादन कम होगा, आपके दाम बढ़ेंगे, बढ़ेंगे, सवाल यह उठता है कि क्या हमने सही समय
32:17पे कद
32:29हो जाती है, और इसलिए मेरा मानना है कि अगर हम मार्ट से लिबलाइज रेमिटन स्कीम को रोग देते, हम
32:34जो एक्सपोर्ट को रोग देते, तो शायद सिती हमारी इतनी नहीं बिगर्टी जो अब बिगर्टी चली जा रही है, तो
32:40इसका असर किस पर पढ़ रहा है, जैसे �
32:54जै लाइने लग रही है, वहाँ पे मेल नहीं राथ पेटरॉल डीजल, और इसका असर हमारी खेती पे भी पढ़
32:59रहा है, कि खेती में डीजल की जरुत होती है, और जैसे सुनने में आ रहा है, कि जो आपका
33:04जो फर्टलाइजर है, उसमें भी जै क्योंकि जै शॉटेज है,
33:07तो वहाँ पे भी यह कमी है और एल नीनो आने वाला है साल सूपर एल नीनो तो इसका असर
33:12हमारी खेती पे पड़ेगा इस से हमारे दामों पे पड़ेगा और सबसे बड़ी बात यह है कि जो हमारा जो
33:17इंफ्लेशन का रेट है जो सकार साड़े तीन परसंट कह रही है वो अच
33:32यह वो 400-500 में भरवाता है तो उसके लिए तो आप देखें तो इंफ्लेशन रेट तेज हो गया इसी
33:37ने नौईडा में जो लोग यह दस जार ग्यारे जार बारहाज कमाते थे वो करते हमारे घर का खर्चा नहीं
33:42चल सकता और यह बास सही है कि जो दस ग्यारे बारहाजार कम
34:02कर रहा है 48 प्रतिशत वो एक एवरेज रेट है लेकिन उसका असर जो निचले तपके के लोगों पर जादा
34:09पढ़ रहा है जब भी पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ेंगे उसका सीधा असर उन लोगों पर जादा पढ़ेगा कि
34:14जो उसके आधार पर बाकी सारी चीज़े
34:16खरीदते हैं कई लोग तो यह भी कह रहा है कि डीजल के दाम मत बढ़ाईएगा आज की स्थिती में
34:20वो भी मुम्किन नहीं है तो कहीं ना कहीं अरुन कुमार जी यह कहने की कोशिश कर रहा है कि
34:24अगर मार्च महिने से हमने अगर दाम बढ़ाए होते तो आज हम इस स्थिती
34:46है तो यह सारे मामले सुदर जाए तो यह जो अचानक पे तेल के दामों में कुरूड के तामों में
34:52तेजी आए थी वो वापस आ जाए और फिर यह तकलीव भी खतम हो जाएगी लेकिन यह कहना कि इन्फलेशन
34:58इस से बढ़ जागा देखी जितना प्राइस तेल का प्राइस
35:01बढ़ा है उसको अगर कैल्पिलेट कीजिए ट्रास्पोर्टेशन का और डिरेक्ट इंपैक और इंडिरेक्ट इंपैक के साथ जो है ट्वेंटी से
35:08थर्टी बेसिस पॉइंट का फुरक पड़ेगा आज फॉर पॉर पॉर पॉर एट है आपको कल्फिलेशन जो है थी पॉर
35:14एट से जादे जाएगा नहीं और हमने तो अपने पहले से डे वन से ये पॉलिसी बिना के रखिये इंफलेशन
35:21प्लस फॉर प्लस मैनेस टू परसंट तो हम तो वेल विदिन दे लिमिट है इनके समय में तरह पूछिये का
35:27दरह था अलोग शर्मासी से कि डबल डिजिट इं�
35:42कुशिश कर रहे हैं कि असर पड़े उसका हम पर सीधा असर नहीं होगा प्रोफेसर रुनकुमार यह कहने की कुशिश
35:51कर रहे हैं उसके बाद प्रोफेसर तनिजा बात करें
35:54मेरा यह कहना है कि अगर जो हम गरीब आद्मी के पॉइंट और व्यू से देखें तो उसकी जो कंजम्शन
35:58बास्केट है वह इक्तम हो गई एसेंशल में और एनर्जी का बेट बहुत ज्यादे बढ़ गया है इसे उसके लिए
36:04जो इंफ्लेशन रेट वह बीस परसंट के करी�
36:19आपका CPI है वो आपके जो गरीब आदमी की हालत है उसको नहीं रिफ्लेक कर रहा है यह मेरा कहना
36:24है और इसलिए हमें अपना इंफ्लेशन का रेट जो है वो गरीब आदमी के पॉइंट और व्यू से देखना चाहिए
36:28कि क्या वो अपने घरबार का खचा चला पा रहा है अ�
36:45जी नमस्का साहिल जी देखे प्रोफेसर अरुन ने जैसे बोला और पिर आपका जो सवाल है प्रोफेसर अरुन ने जैसे
36:52बोला कि गरीबों को अगर देखना चाहिए तो सर आप जो बार बार बात कर रहे हो वो more of
36:57a mismanagement लग रहे है mismanagement at the micro level लग रहे है जिसको सरकार address भी कर
37:15बिल्कुल साहिल जैसे जमाखोरी काला बाजारी वो जो अफ़ाहों का बाजार होता है जैसे हमने शुरूर चुरू में देखा जिस
37:21दिन जिस दिन जी आप मुझे बोलने दीजिए ना आपके बात खतम करिये क्योंकि मुझे भी यह सवाल पूचना है
37:33कि miss management की भी जिमेदार
37:38सरकार की है इसलिए सरकार को ऐसे क्राइसिस के टाइम पर भी एसमा लगाना पड़ा क्यूंकि वो जो जमाखोरी का
37:45एक mentality थी साहिल आप भी जानते हो हम भी जानते हैं जिस दिन से युद्ध शुरू हुआ था होर्मुस
37:49बंद हुआ था उस समय कहा कहां पे किस-किस के घरों म
37:52गैस के सिलिंडर मिले थे वो कौन-कौन लोग थे उसके बाद अगर आप आज देखें असी दिन के बाद
37:58वो जो पैनिक सिचुएशन थी वो जो क्राइसिस था वो खतम हो गया है विद रिस्पेक्टू गैस फिर अगर बात
38:03करें ऑईल की तो ऑईल में आपको जो जो जो बा
38:21लग रही है महराष्ट के बुल्धाना में आपको पता नहीं चल पाएगा कि यह पानी की किलत के वज़े से
38:27टैंकर के पीछे लोग भाग रहे थे या डीजल खरीदने के लिए लोग भाग रहे थे वो भी तस्विर हम
38:31आपको दिखा देंगे तर इसे ही रूरल इलाकों में �
38:35जाएगी स्थिती अलग हो जाती है वहाँ पर जो रिपोर्ट भी आ रहे हैं ग्राउंड से और आप ही लोगों
38:40के हवाले से आ रहे हैं तक्रीबन अगर हम मैक्सिमम मान के भी चलें कि एक हजार बारा सो एसे
38:45पेट्रोल पंप से जहां पेमिस मैनेजमेंट की बात हुरी है त
38:50तो जो हमारी इससे में सरकारी आखने हैं और जो हमारी नमबर उफ पेट्रोल पंप से वो तक्रीबन एक लाख
38:56दो हजार चैसर पेट्रोल पंप पूरी कंट्री में अगर हम उसका हजार बारा सो भी लेते हैं तो मात्र एक
39:01से दो परसेंट बनता है हम मैक्रो फिगर को क्यों
39:04बूल जाते है साहिल और जो बार-बार बात हो रहे है
39:062013 के साथ comparisons की
39:08अभी अलोक सर ने बोला
39:10कि EMI बढ़ रही है सर मैं समझ ही नहीं पारी
39:13जब अभी आप क्योंकि
39:14economics के हो तो आप ये बात समझा सकते हो
39:16जब repo rate 5.25 की दरब पे
39:19stable रखा हुआ है तो कैसे आपनी EMI
39:34ये दैटे लिगा जी तेख़िएगा
39:36ये दरा तसवीर बड़ी करके दिखा दिखा देजेगा
39:38प्रोफेसर तणेजा को
39:39ये तसवीर आप अगर देख सकती है
39:41सक्रीन पर तो आपको पता चलेगा
39:42ये पानी के लिए लाइन नहीं है
39:44पानी के लिए लोग नहीं भाग रही है ये महराश्ट के बुलढ़ाना में लोग डीजल खरीदने के लिए भाग रहे
39:50थे इस तरीके से हाथ में बड़े-बड़े जो टैंकर्स कह सकते हैं या बड़े डिब्बे लेकर वहाँ पर भाग
39:58रहे थे प्लास्टिक के डिब्बे ले
40:13तरह आपने बहुत अच्छी एक तस्वीर दिखाई लोगों के हाथ में कनिस्तर हैं क्या भारत में कनिस्तर में तेल पेट्रोल
40:22डीजल लेना अलाउड है आप एक बहुत जिम्मेवार पत्रकार है तो यह तो आप
40:4078 दिनों का कच्छा तेल हमारे पास है संसदिय समीती के बैठक के बाद यह खबर यहां पर आ रही
40:46है संसदिय समीती के बैठक में सरकार ने बताया है कि 78 दिनों का कच्छा तेल का रिजर्व इस वक्त
40:52भारत के पास है इस बैठक में यह पूचा गया संसदिय समीती के बैठक मे
40:58कि आखिरकार कितना कच्चा तेल का रिजर्व हमारे पास है तो 78 दिनों का रिजर्व हमारे पास है ये सरकार
41:04के तरफ से बताया गया है
41:06उसके साथ साथ ये भी बताया गया है कि रोखताम की तैयारिया हमारी चल रही है खात का स्टॉक भी
41:12हमारे पास परियापत है
41:13खरीब के बाद खात का स्टॉक को लेकर भी चिंता है जताई जा रही थी
41:17खरीब हंगा जो यह हुआ है उसके बाद स्वास्तमंत्री जेपी नड़ा ने बैठक की है
41:22इबुला वाइरस को लेकर वो एक बैठक चल ली और दूसरी ये संसदिय समीती की बैठक चल ली
41:26उसमें कच्चे तेम को लेकर कहा गया है अठतर दिनों का हमारे पास स्टॉक है
41:30खात का स्टॉक भी हमारे पास परियाप्त इस वक्त है ये भी सरकार के तरफ से बताए गया है
41:34अठतर लाग टन की मांग है असी लाग पस खात का है ये भी यहाँ पर कहा गया है
41:41आज की स्थिती में सरकार के तरफ से बार-बार ये कहने की कोशिश हो रही है कि किसी ना
41:45किसी तरीके से यूद की स्थिती से निपटने की तैयारी खास करके भारत के बीतर स्टॉक हमारे पास परियाप्त है।
42:11बना रहेगा और उसी बात को लेकर हमारा भी ध्यान रहेगा।
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