00:00नौतपा दो हजार चपवीस की शुरुआत पचीस मई से हो गई है जो दो जून तक रहेगा
00:05जियोतिश शास्त्र के अनुसार जब सूर्यदेव रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करते हैं तब नौतपा शुरू होता है
00:10इन नौ दिनों में गर्मी अपने चरम पर रहती है और तापमान काफी बढ़ जाता है
00:15नौतपा के दोरान जलदान को बेहद शुभ माना गया है
00:18राहगीरों के लिए ठंडे पानी की व्यवस्था करना
00:21पशू पक्षियों के लिए दाना पानी रखना
00:23और सत्तू, मटका, छाता जैसी चीजों का दान करना पुन्यदाई माना जाता है
00:28साथ ही शरीर को हाइडरेट रखने के लिए तर्बूज, खीरा, छाच, लस्सी और नीबू पानी जैसी ठंडी चीजों का सेवन
00:34करने की सलाह दी जाती है
00:36इन दिनों तेज धूप में निकलने से बचना चाहिए
00:38खास कर दोपहर बारह से चार बजे के बीच
00:41ज्यादा तलाभुना, मसालेदार भोजन, शराब और मानसाहार से परहेज करने की सलाह दी जाती है
00:46मान्यता है कि नौतपा में जितनी अधिक गर्मी पड़ती है
00:49मानसून उतना ही अच्छा रहता है
00:51इस दोरान सूर्यदेव के मंतरों का जाब भी शुभ माना जाता है
Comments