00:00जिस जानवर के लिए इनसान का सेंटिमेंट लगा हुआ हमारी हिंदु भाई का
00:07उसको खुले में और छुपे में जबा करने का क्या माने है
00:13जब वो हमारी माता है तो खुले में भी उसको जबा करना जुर्म है और छुपे में भी जबा करना
00:20जुर्म है
00:21तो दोनों ही कतल होता है ना
00:24इन पर पाबंदी लगनी चाहिए
00:26ये कौन सा खेल हो गिया
00:28कि मा को अगर
00:30खुले जगा में हम मडर कर दें
00:32तो उस पर हमको
00:35जेल जाना पड़े
00:36और छुपा करके मडर करे
00:37तो जेल नहीं जाना पड़े
00:38ये तो समझ में नहीं आ रही बात
00:40ये कौन सा संटिमेंट है भई
00:44इससे तो ऐसा लगता है
00:45कि इसको ले करके सिर्फ सियासत हो रहा है
00:47इसका पर्मानेंट कोई हल नहीं निकाला जा रहा है
00:50जबके हिंदुस्तान की
00:54दूसरी बड़ी
00:55जो मेजुरेटी है
00:57जिस
00:59मुसल्मान जो है
01:00वो मांग कर रहे है कि आप इसको नेशनल इसका दरजा दे दीजिए जवला खतम कर दीजिए
01:05फिर ये सब कौन सी चार्ज बात होगी
01:08चुपे में और खूले में
01:09जवा करने का
01:11इस समझ में नहीं आता है
01:13अभी अगर बंगाल की बात करें तो कुल्बानी को लेकर जैसे देखा गया है
01:17मामडा हाई कोड तक चला दिया है
01:18मुस्लिन समुदाय का एपच्छ P.I.L. कि जिसमें उनका कहना है कि गाय को या फिर कुल्बानी को जायस
01:26रखा जाया
01:27कि अभी हो हमने पहले भी कहा है आपके माध्यम से आज भी कह रहे हैं
01:41कि जो गाय को लेकर कि जो है ना इतना पॉलिटिक्स नहीं होना चाहिए
01:47इसको लेकर कि सीधा इसका नेशनल पशू का दर्जा देकर कि मामला खटम कीजिए
01:54कि तमाम खरीद फरोग्त एक्सपोर्ट एंपोर्ट सम्बंद कीजिए इस सब क्या करने का है
02:00अभी अगर कुर्वानी की बात करें तो मायो कभीर बुलिए या फिर सितिकुला चौति बुलिए और भी मुसल्मान समधाय के
02:08लोगें
02:09जिनका ये कहना है कि कुर्वानी तो बोकर रहेगी ये हमारी पुरानी प्रचा है इसे बंद ने किया जाए
02:14सरकाच है कुछ देखे हम किसी के बात पर टिपकनी करना नहीं चाहते हैं
02:18हमारे हां पच्छी मंगाल में जो 1950 के कानून को लागू किया गया है
02:24हम भी कह रहे हैं कुर्वानी हम क्यों नहीं करेंगे
02:27लेकिन हम कुर्वानी करेंगे जिस जानवर को मना किया गया उसको नहीं करेंगे
02:32हमारे हिंदु भाई का सेंटिमेंट उससे जुड़ा हुआ है तो हम नहीं करेंगे
02:35हम बकरा खसी कुर्वानी करेंगे
02:37कुर्वानी मना नहीं है एक जानवर को मना किया जा रहा है
02:40कि इस जानवर को नहीं करना है, तो नहीं करना है, कोई बात नहीं है.
02:51देखियो कोन क्या बोलने हमको उस पर हमको किसी जो कुछ नहीं बोलना है, हम अपनी बात कर रहे हैं,
02:58कि हमारे पच्छी मंगाल में जो कानून लागू किया गया है वो उसके हिसाब से हम कोई भी लीगल काम
03:07नहीं करेंगे
03:0828 को बकरी दोने वाली है आप इमाम होने के ना के के मैसेज देंगे
03:12हम सब को कहाइंगे कि जो कानून के दाएरे में ईद की नमाज पढ़िये humanitarian किजिये
03:17इस जानवर को मना कियागिया उसकी कुर्बानी मत कीजिये जो जानवर आपको के धिलिबल ही खासी है जो कुर्बानी करके
03:26अपना इद अच्छे से मनाईए, खुश रहिए, बहुत अच्छे रहिए
03:29और किसी कंटोवर्सी में पढ़ने की ज़रूरत ने
03:35इमाम साथ राग्जी सरकार की तरफ से ये भी बोला गया है
03:37कि मदरसा में बंदे मातरम मिल डिक जी है
03:40इसे आप कैसे देखते हैं कि बहुत अच्छे भी है
03:42जो इसे आप उस भी कर
03:44देखिए बंदे मातरम जो है
03:46मुसल्मान ये ऐसा जुमला है
03:48इसका मतलब होता है
03:50धर्ती मेरी माँ, मैं उसकी अबादत करता हूँ
03:53वंदना करता हूँ, है न
03:55तो मुसल्मान जो है न
03:57अपने देश से मुहबत करता है
03:59देश की अबादत नहीं करता है
04:01हम अपने प्रोफिट मुहम्मद की भी अबादत नहीं करते हैं
04:04हम सिर्फ एक अल्ला की अबादत करते हैं
04:06मुसल्मान जितने भी सब एक अल्ला की अबादत करते हैं
04:09तो यहाँ पर शरीयत से जो है
04:31पर वाकिन जो दो नेशनल एंथिम स्कोल सभी कोई हरज नहीं । इसको जलदबाजी ना करें।
04:43खास अकीदे को जबरदस्ती थोपना है, हम चाहेंगे सरकार इस पर नजरसानी करें, बैठके मश्वरा करें, उसके बाद इसको जल्द
04:52बाजी न करें.
04:53एक और चीज़ जब से कि सरकार आई है, नए नए फैसले आए है कि देखा यह है कि मुसल्मानों
05:00से रिलेटेड़ है। जरूर जरूर किसी भी मसले को देखें, सरकार क्यूं आती है? सरकार आती है समाज में, सुसाइटी
05:15में, देश के लोगों को सहूलत पहूचानी के लिए, �
05:19तकलिफ पहुचाने के लिए नहीं, आप कोई भी चीज, कोई भी कानून लागू कीजिए, तो कोशिश कीजिए कि जिस समुधाय
05:27जिस लोगों पर ये नाफिज होगा, उन लोगों के बड़े रहनुमाओं से बैठ करके एक मरतबा बात किया जाए, मश्वरा
05:35कर लिया जाए, �
05:35उसके बाद उसको लागू किया जाए, सरकार लोगों को सहूलत पहुचाने के लिए है ना, लोगों को परिशानी में डालने
05:42के लिए नहीं न बनती है, तो इसलिए हमारी सरकार से अपील है कि इस पर बैठें, बात कर लें,
05:48मश्वरा कर लें, और और भी नेशनल गाने हैं,
05:51उसको रखा जाये जिससे किसी को अब्जेक्शन नहीं।
Comments