Skip to playerSkip to main content
  • 16 hours ago
News Only
-For Big View On Whatsapp Plz Press DailyMotion Link Thanks
Use Ear/Headphone For Best Audi Quality Thanks
बेहतर ऑडियो परिणाम के लिए कृपया ईयरफोन/हेडफोन का उपयोग करें। धन्यवाद। मैं अपनी आवाज़ में मशहूर हस्तियों के गाने गाता हूँ, मैं उनकी आवाज़ की नकल नहीं कर सकता मुझे ऑर्केस्ट्रा में गायन करने की इच्छा है। अंधेरी से बोरिवली क्षेत्र में किसी भी मराठी या हिंदी (केवल फ़िल्मी गीत) ऑर्केस्ट्रा में यदि मुझे उनके समूह में शामिल किया जाए, तो मैं उनका बहुत आभारी रहूँगा। वर्तमान में मेरी आयु 76 वर्ष है।

Category

🎵
Music
Transcript
00:00फिल्म दोस्ती 1964 एक भावनात्मक द्रामा है जिसे सत्यन बोस ने निर्देशत किया और ताराचंद बढ़जात्या ने प्रोड्यूस किया।
00:11इसमें दो लड़कों की दोस्ती दिखाई गई है एक अंधा और दूसरा शारिरिक रूप से बितलांग।
00:17इस फिल्म ने संगीत, अभिनय और कहानी के जरिये दर्शकों के दिलों में गहरी चाप छोडी और 6 फिल्म फेर
00:24अवार्ड्स जीते।
00:26निर्मान और निर्देशन निर्देशक सत्येन बोस्त, समवेदन शील विश्यों को सरल और भावनात्मक अंदाज में प्रस्तुत करने के लिए जाने
00:36जाते थे।
00:38प्रोड्यूसर ताराचंद बढ़ जातिया।
00:41राजश्री प्रोडक्शन्स के संस्थापक, जिन्होंने इस फिल्म को बड़े पैमाने पर रिलीज किया।
00:48लेखक बनभट और गोविंद मूनिस्त कहानी और समवादों ने फिल्म को गहराई दी।
00:54संगीत लक्ष्मी कांत प्यारेलाल ने संगीत दिया।
00:59गाने जैसे चाहूंगा मैं तुझे सांच सवेरे और जाने वालों जरा आज भी क्लासिक माने जाते हैं।
01:07संगीत ने फिल्म की भावनात्मक ताकत को और बढ़ाया।
01:12छायांकन, मार्शल ब्रागांजा ने सिनेमेटोग्राफी की।
01:16मुंबई की गलियों और स्लम्स को यथार्थ वादी तरीके से दिखाया गया।
01:22कलाकार, सुधीर कुमार सावंत, मोहन अंधा लड़का, सुशील कुमार सोमया, रामनाथ रामू वितलां लड़का, संजय खान, अमीर लड़का अशोग, बेबी
01:38फ्रीदा मन्जुला, दिल की बीमारी से पीडित बच्ची।
01:41सहायत कलाकारों में नाना पालसिकर, लीला मिश्रा और अभी भट्टाचार्य शामिल थे।
01:49कहानी
01:50रामू अपने पिता की मौत और दुरघटना के बाद वितलांग हो जाता है और घर से निकाल दिया जाता है।
01:58वह मोहन से मिलता है जो अंधा है और अपनी बहन की तलाश में हैं।
02:04दोनों सडक पर गानाब जाना करके जीविका चलाते हैं।
02:09उनकी दोस्ती और संधर्ष के बीच समाज की बेरुखी और मानविय करुणा को दिखाया गया है।
02:17अंतभावनात्मक है जहां दोस्ती की सच्ची ताकत सामने आती है।
02:23उपलबधिया
02:24रिलीज 6 नवंबर 1964
02:28बॉक्स ओफिस लगभग 2 करोड रुपए उस समय के हिसाब से बहुत बड़ी कमाई।
02:35छे फिल्म फेयर अवार्ड्स जीते।
02:37मॉस्कोर इंटरनेशन फिल्म फेस्टिवल में भी प्रदर्शित हुई।
02:42प्रसिध गी
02:44लक्ष्मी कांत प्यारे लाल का संगीत इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत था।
02:50कुछ यादगार गाने
02:51चाहूंगा मैं तुझे साज सवेरे मुहम्मद रफी की आवाज में दोस्ती और समर्पन का प्रती।
02:59जाने वालों जरा मुहम्मद रफी का गाया हुआ।
03:02समाज की बेरुखी पर दीखा सवा।
03:06राही मनबा दुख की चिंता क्यों करे।
03:14मेरे दोस्त मुझे छोड़ा मुहम्मद रफी का भावुक गीत दोस्ती के तूटने का दर्द।
03:20इन गीतों ने फिल्म को अमर बना दिया और आज भी श्रोताओं के दिलों में जगह बनाए हुए हैं।
03:28फिल्म फेर अवार्ड्स
03:30फिल्म दोस्ती ने 1965 में कई बड़े पुरसकार जीते।
03:35सर्वश्रिष्ट फिल्म राजश्री प्रोडक्शन्स के लिए।
03:39सर्वश्रिष्ट निर्देशक सत्येन बोस।
03:42सर्वश्रिष्ट कहानी बन भट।
03:45सर्वश्रिष्ट संगीत निर्देशक लक्षमी कांत प्यारेलाग।
03:50उस समय के संगम मूवी के गानों के सामने शंकर जैकिशन तगड़ा मुकाबला इस फिल्म का माउट ओर्गन पंचम यने
03:58आर डी बर्मन ने बजाया है
04:01सर्वश्रिष्ट गायक मोहम्द रफी चाहूंगा मैं तुझे सांच सवेरे
04:06सर्वश्रिष्ट समवाद गोविंद मूनिस
04:09कुल मिलाकर इस फिल्म ने छे फिल्म फेर अवार्ड्स जीते और भारतिय सिनेमा में दोस्ती की मिसाल कायम की
04:16गीतों का सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभा
04:20चाहूंगा मैं तुझे सांच सवेरे
04:24इस गीत ने दोस्ती और समर्पन को भारतिय समाज में आदर्श रूप में स्थापित किया
04:30यह गाना आज भी दोस्ती का प्रतीक माना जाता है
04:36जाने वालों जरा समाज की बेरुखी और गरीबों की पीड़ा को उजागर करता है
04:42इसने दर्शकों को सोचने पर मजबूर किया कि समाज किस तरह से कमजोर वर्गों को नजरंदास करता है
04:51राही मनबा दुख की चिंता क्यों करे? कठिनाईयों में भी उम्मीद बनाए रखने का संदेश देता है
04:58यह गीत प्रेणा का स्रोत बना और आज भी जीवन दर्शन के रूप में गाया जाता है
05:05इन गीतों ने भारतिय सिनेमा में सामाजिक यथार्थवाद को लोगप्रिय बनाया और दर्शकों को भावनात्मक रूप से जोड़ दिया
05:14बॉक्स ओफिस प्रदर्शन
05:21उस समय की आर्थिक स्थिती में इस फिल्म ने लगभग दो करोड रुपए की कमाई की जो बेहत बड़ी सफलता
05:28थी
05:28यह राजश्री प्रोडक्शन्स की शुरुवाती बड़ी हिट फिल्मों में से एक बनी
05:33फिल्म की सफलता ने साबित किया कि बिना बड़े सितारों के भी मजबूत कहानी और संगीत से दर्शकों को प्रभावित
05:42किया जा सकता है
05:44सांस्कृतिक महत
05:46फिल्म ने दोस्ती को भारतिय समाज में एक नैतिक और भावनात्मक मूल्य के रूप में स्थापित किया
05:54इसने दिखाया कि सच्ची दोस्ती जाती वर्ग और शारिरिक सीमाओं से परे होती है
06:01दोस्ती को अंतरराश्ट्रिय स्तर पर भी सराहा गया और मौस्को इंटर्नेशन फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया गया
06:08अंतर राश्ट्रिय प्रभाव, दोस्ती को मौस्को इंटरनेशन फिल्म फेस्टिवल में प्रदर्शित किया गया, जहां इसे विदेशी दर्शकों ने भी सराहा
06:19फिल्म की कहाने ने यह दिखाया कि दोस्ती और मानविय करुणा जैसी भावनाय सार्वभामिक हैं, जो किसी भी संस्कृती या
06:28देश में लोगों को जोड सकती है
06:32भारतिय सिनेमा की भावनात्मक ताकत को अंतरराश्ट्रिय मंच पर पहचान मिली और यह फिल्म भारक की सांस्कृतिक पहचान का हिस्सा
06:40बनी
06:41राजश्री प्रोडक्शन्स पर असर
06:43दोस्ती राजश्री प्रोडक्शन्स की शुरुवाती बड़ी हिट थी
06:48इस सफलता ने कमपनी को भारतिय फिर्म उद्योग में एक मजबूत स्थान दिलाया
06:54इसके बाद राजश्री ने कई पारिवारिक और सामाजिक मूलियों पर आधारित फिल्में बनाई
07:00जैसे तपस्या, चिट्चोर और बाद में हम आपके हैं कौन जैसी सुपर हिट
07:07दोस्ती ने साबित किया कि भावनात्मक और मूलिया आधारित कहानिया दर्शकों को गहराई से प्रभावित कर सकती हैं और व्यावसाइक
07:15रूप से भी सफल हो सकती हैं
07:19सांस्कृतिक विरासत
07:20इस फिल्म ने भारतिय सिनेमा में दोस्ती को एक स्थाई विशय बना दिया
07:25इसके बाद कई फिल्मों ने दोस्ती को केंद्र में रखकर कहानिया गढ़ी
07:31राजश्री प्रोडक्शन्स की पहचान, परिवार और रिष्टों की कहानिया बनाने वाली कमपनी के रूप में स्थापित हुई
07:39प्यारे दोस्तों फेस्बुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब और डेली मोशन पर कृप्या इस वीडियो को लाइक और शेयर करें और मुझे फॉलो
07:47करें
07:48आपके प्रोच साहन के लिए धन्यवाद
Comments

Recommended