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  • 3 hours ago
हर साल करोड़ों स्वाहा, राजस्थान में बिना छात्र कागजों में कैसे चल रहीं यूनिवर्सिटी? देखें

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00:01बाबा आम्ते दिव्यांग विश्वर विद्यालै
00:05दर्वाजा खुलेगा कोई नहीं मिलेगा
00:11कमरा खाली पूछो क्या काम हो रहा है तो कुल गुरु कहते हैं
00:15क्या काम हो रहे बता देजिए आप
00:17शरजी प्रीज ऐसे प्रशन आप हमसे नहीं पूछे
00:27आज तक ने कदम आगे बढ़ाएं
00:32शुश्व कर्मा स्किल युनिवर्स्टी
00:37जहना स्किल सिखाने वाला कोई देखता है ना स्किल सीखने वाला
00:45स्पोर्स युनिवर्स्टी ताला बंद कागस पर काम जारी
00:51शात्रों का पता नहीं पढ़ाने वालों की हवा नहीं
00:53कि राय के कमरों में रेंगती ये राजस्थान की तीन युनिवर्स्टी का हाल है
00:57आज तक समवाद्दाता शरत कुमार हबरदार करने पहुँचे
01:01जहां युनिवर्स्टी का बड़ा नाम केवल कागस पर
01:03हकीकत में जन्ता का करोणों रुपिया बरवाद हो रहा
01:07राजस्थान सरकार ये रिपोर्ट आज देखे
01:09हबरदार हो मकसद आज तक का यहीं
01:14जैपूर में राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का उफिस
01:21बाहर चमचमाती सपेद कार
01:24कार पर वाइस चांसलर की नेम प्लेट
01:29भीतर पहुँचते ही तीन-तीन युनिवर्स्टी के बोर्ड दिखते ही
01:32बाबा आम्टे दिव्यांग विश्विद्याले
01:34विश्व कर्मा कोशल विश्विद्याले, हरदेव जोशी पत्रकारता विश्विद्याले
01:42आगे से राइट बताने वाले निशान जहां आगे लगे हैं
01:47हकीकत में वहां से राइट लेने पर आज तक संबाद्धा का शरत कुमार को पता चला
01:51यहां कुछ भी राइट नहीं सबसे पहले बाबा आम्टे दिव्यांग विश्विद्याले की तरफ गए
02:00यहां कुल गुरू यानि वाइस चांसलर के कमरे में पहुचने पर एसी पंखा चलता मिला
02:05अंदर कोई भी नहीं बैठा मिला
02:11आज तक संबद्धाताब विश्वकर्मा कौशल युनिवरस्टी के वाइस चांसलर के कमरे में जाने लगे
02:16पीछे से कुल गुरू डॉक्टर देज स्वरूप आवाज लगाते पहुचे
02:22पता चला राजिस्थान में चलती दिव्यांग युनिवरस्टी और कौशल युनिवरस्टी के वाइस चांसलर एक ही है
02:29डॉक्टर देज स्वरूप जिनके पास फूर्सी दो-दो युनिवरस्टी की लेकिन यहां क्या पढ़ा रहे हैं
02:34कितने कॉलेज खुले हैं, कितने छात्र हैं, इसमें से एक का भी जवाब नहीं
02:56दर्वाजा बंद करके वाइस चांसलर रंदर चले गए, कुछ देर बाद निकले तो आज तक ने फिर सवाल किया
03:03सीधा सवाल पूछ रहा हूँ, क्या कोई कॉलेज संबध है इससे?
03:06संबध ताकि एक प्रक्रिया होती है, तो प्रक्रिया के तहत होता है, नो?
03:13तो है कोई?
03:14आप ऐसे सवाल क्यों पूछ रहे हैं? या तो आप पूरी तैयारी करके आईए, पहले पढ़के आईए इसके क्या उद्देश
03:21है, क्या इसकी कारी हो जनाती मैं सब बताऊंगा।
03:23तो क्या उद्देश है आप अच्छे एक दम से कैसे बता दूँ आपको यह?
03:38दो युनिवस्टी के वाइस चांसलर एक काम नहीं बता पाए, कमरे में कैमरा बंद करके बुलवाया, भीतर कहा कि इनका
03:45तो कारेकाल पूरा होने वाला है।
03:47असल में गहलोत राजवी 2023 में सरकार की विदाई से पहले बाबा आमते दिव्यांग उनिवस्टी खुली, दिव्यांग चात्रों के लिए
03:54देश का सबसे बड़ा विश्वित जयला बना जाने का दावा हुआ, लेकिन मिला क्या, किवल चार कमरे, चार स्टाफ और
04:00उधार के
04:01एक कुलपती, जामडोली में 10 एकर जमीन मिली, तीन साल में उनिवस्टी में ना कोई कॉलेज आया, ना कोई चात्रों,
04:11लेकिन जिस दिव्यांग उनिवस्टी में 2023 से ना बच्चे आये, ना कॉलेज खुला, वहां 3 करोड 27 लाख रुपाए बैठे
04:18बिठाय खर्च कार डाल
04:1920 लाख की गाड़ी चल गई, 7.5 लाख हावास पर, बाकी 50 लाख एसी फनीचर चाय पानी पर, यहां
04:29बैठे स्टाप से पूछो क्या काम करते हो, किसी को कुछ नहीं पता
04:45इसी के भगल चलती कॉशल उनिवस्टी का हाल तो सुधरने का नाम ही नहीं ले रहा
04:482022 में यहीं से आज तक में दस्तक देकर रिपोर्ट दिखाए, बताया यहां से किसी को स्किल नहीं मिल रही,
04:55चार साल बाद भी हालात वही है
04:56बस उनिवस्टी के नाम में विश्व कर्मा जरूर जुड़ गया, बाकी हालत किराय के कमरेवादी
05:03कौशल विश्विद्याले का खुलगीत रचा गुआ है, लिखा है कौशल की कीर्थी पता का हम नभु तक पहराएंगे
05:11हकीकत में 2008 में 29 सरकावे सिंगापूर की तर्ज पर देश की सबसे बड़ी स्किल उनुवस्टी बनाने का सपना दिखाए
05:18138 तरह के स्किल ट्रेनिंग के कोर्स शुरू होने थी, जमीन भी आवंट थी, 18 साल में लेकिन दुआ कुछ
05:24नहीं
05:24चार लोग सरकारी स्काफ के नाम पर और चार लोग रिटायर्ड और ठेके पर
05:29धाई करोन रुपिया सरकार हर साल केवल इसमें यहां खंच कर रही है
05:32कि यहां से किसी कॉलेज को कोर्स करवाना हो तनुमस्टी का पत्र ले जाता है
05:37वो क्या करता है इसे पता करने का कोई संसाधन नहीं है
05:41डेपूटेशन पर है गोर्मेंट से चार आदमी
05:44जी सारा आदमी के सारे पूरी है
05:47नहीं नहीं सारे आदमी के सारे पूरी हो बाकी सब भी तो है ना
05:50विश्व विद्याले नौक उसल का हम इतिहास लिखेंगे कल का
05:55राजस्तान में ये तिहास लिखा जा रहा है कि बच्चों का भविस्य अंधकार में धकेला जा रहा है
06:02हमने सुना था स्कूल और कॉलेज बिना भवन और बिना सिक्षक के खोले जा रहे हैं
06:09मगर आजस्थान में अब तो विश्व विद्याले बिना स्टाफ के बिना भवन के बिना चात्र के बिना कॉलेज के करोड
06:17उपे खर्च करके खोले जा रहे हैं जहां पर अधिकारी केवल मौज काट रहे हैं पढ़ाई से कोई लेना देना
06:24नहीं है
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