00:00लेगे किसी को रस्ते पर धूप में बालिष में नमाज पढ़ने का शौक नहीं होता, ये तो मसजीत में जगा
00:06नहीं होती है, उसके कारण पर पाच्विड नमाज पढ़ लिया रस्ते में तो आपको तकलीफ हो जाती है क्या?
00:10अरे हम तो कभी नहीं अब्जेक्शन है थे हमारे हिंदू भाईयों को हमने देखा कितनी बार ट्रेनों के अंदर एरपोर्ट
00:16के उपर भजन किर्तन करते हुए प्रात्ना करते हुए हम तो कभी को आपती नहीं उठा था
00:20बड़े हनुमान जी का मंदिर लखनों युनिवर्सिटी के सामने पूरी की पूरी एक सड़क परमानेंटली बंद करके मंदिर को दे
00:32दी गई और ट्राइफिक को डाइवर्ड कर दिया गया यह कानून का राज है कि मुसलमान तो नमाज नहीं प्रतत्ता
00:38सड़क पर लेकिन प�
Comments