00:00आता कांदा उत्पादक शेतकरान मदे हिंदू समाजे से जुदा शेतकरी आहेत आता का बिढ़ात जाउन बसला है जला बिढ़ाचा भायरे
00:07आज इतला शेतकराला काई मदद कराईजी नहीं का एकादा धार्मीक विशे त्या चुदा दुर्वी करन करून फाइदा करने ची �
00:15पर विढ़ात शेतकरान बसला बसला है जो मदधी नहीं का गरताओन था खता कहरे आता काकरान से अब्सला हिसे जक्ड़ा
00:42довरा yönद कराइजी नहीं रिखर्व meters
00:43तुम्चि थितर व्याईचारीप पुण ची उटतर यता आमाला कले ली तुम्ही बिढातत प्सक्ता त्य हवल रहतopolitल्व गोश्चि
00:50डु कुनधा लटनायची तुम्हाक्य भूमिकान नियत आज असलया में
00:56नाई है तेमें उगाज राच्किया पतंग उड़ोने पेक्षा रस्ते उन लोकान से लड़ल तर आमी सुधा तुम्हाला त्याटिकनी मानू
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