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Supreme Court में CJI के ‘Cockroach’ बयान को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई है। आखिर Chief Justice of India ने यह टिप्पणी किस संदर्भ में की थी? क्या यह बेरोज़गार युवाओं पर टिप्पणी थी या फर्जी डिग्री और सिस्टम का गलत इस्तेमाल करने वालों पर निशाना?

OneIndia Hindi की इस खास Ground Report में Supreme Court Media Park से वकीलों Vishal Singh Advocate, Suraj Kumar Jha और Surya Pratap Singh से विस्तार से बातचीत की गई।
वकीलों ने बताया कि CJI की टिप्पणी किन लोगों के लिए कही गई थी और आखिर Social Media, RTI misuse, fake lawyers और institutional pressure जैसे मुद्दों पर कोर्ट परिसर में कैसी चर्चा हो रही है।

क्या CJI को “Cockroach” जैसे शब्द इस्तेमाल करने चाहिए थे? क्या बयान को context से काटकर पेश किया गया? देखिए Supreme Court से पूरी रिपोर्ट।

#CJI #SupremeCourt #CockroachRemark #OneindiaHindi

~HT.318~PR.548~ED.520~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:00उरल जो रिमार्क दिये उसको लेकर के सोसल मेडिया में और मेनिस्ट्री मेडिया में चीजे बहस शिड़ी हुई है कि
00:05अगर चीप जस्टिस ऑफ इंडिया होने करना थे आपको इस तरीके बयान नहीं देना चाहिए तो वकील के ड्रेस में
00:09वसुली तमाम सारी चीजे और उन्
00:16मैं इस पर जो फेक वकील है जो फेक डिग्री लेकर के वकील बने जो काला कोट के सुरक्षा में
00:22आपने आपको बहुत सारे मिस्यूज कर रहे है अपने पावर को उनकी में डिग्री सीविया से चेक करा हूँ
00:25सोचल मीडिया में गलत तरीके से बयान को फैलाया और परुसा जा रहा है और कहीं न कहीं लोग इसलिए
00:31भी जान बुझकर ओनरिबल चीफ दिश्टिस आफ इंडिया को टार्गेट कर रहे हैं क्योंकि यूजी सी के मामले में ओनरिबल
00:37चीफ दिश्टिस आफ इंडिया ने �
00:38इस्टे दिया था जैसे अब जिसके पास वकालत की डिगरी नहीं है वकालत का लाइसेंस नहीं है वो आके केस
00:44में आर्ग्यू करना इस्टार्ट कर दे तो वो परजी भी ही हुए ना
00:47देश में काक्रोच की बहुत चर्चा है और यह इसलिए है कि देश के सबसे बड़ी अदालत में बैठे चीफ
00:56जस्टिस ने इसका जिक्र किया है अब उस जिक्र को कई लोग बहुत आलोचना कर रहे हैं कई लोग यह
01:04कह रहे हैं कि जो बात नोंने कही है उसमें बहुत अद्
01:17सब्सक्राइब कर सकते थे इसी बात को समझने का सबसे बहुतर तरीका था कि सुप्रिम कोट के प्रांगड में जाए
01:22जाए वहां के वकीलों से बात की जाया तो यही हमने चुना और हमारे साथ सूर्क कुमार ज्जा जी विसाल
01:30सिंग चंदेल जी सूर्प टाप सिंग जी व
01:47सूर्कान जी ने यह किस यह बात आई क्यों क्या मामला था कि संधर्ब में कह दी बिलकुल बिलकुल देखिए
01:53आपके पहले सभी दर्शकों को नमश्कार यह मामला था डली है कोट में जो स्रेशन को लेकर करके जो प्रक्रिया
01:58होती हर है को अपने वकीलों को उनकी प्रैक्�
02:14सब्सक्राइब करें तो उस चीज को लेकर पहले उन्हें दिली हाइकोट में चैलेंज क्या फिर यहां सुप्रीम कोट माई का
02:18अधिवक्ता ही थे जो सब्सक्राइब करके अगर आपको कोई करते भी है तो मैं रोक देता क्योंकि आप वहां का
02:38इंस्ट्यूशन को बदनाम कर
02:42अब उसी दौरान हेरिंग के दौरान रिकार्ट का पाट नहीं कुछ औरल आर्म जो रिमार्क दिये उसको लेकर करके सोचल
02:48मेडिया में और मेनिस्ट्री मेडिया में चीजे बहस चीडिवी है कि चीप जस्टिस ऑफ इंडिया होने करते आपको इस तरह
02:53के बयान नहीं देना
03:09और उन्हों के एक चीज और सबसे बड़ी बात कही कि बार कॉंसल फिंडिया जो है वह कुछ ने करगा
03:14तो मैं इस पर जो फेक वकील है जो फेक डिग्री लेकर करके वकील बने जो काला कोट के सुरक्षा
03:19में आपने आपको बहुत सारे मिस्यूज कर रहे है अपने पावर को
03:54सब्सक्राइब बात देखिए मैं इस मामले में आपके दर्सकां को बता दू कि चीफ जस्टिस इंडिया होने के नाते यह
04:03कुछ हो सकता कि अन्वारंटेड है
04:05अन्वारंटेड टिपनी थी जो अवाइड की जा सकती थी नहीं करनी चाहिए आज एक इंस्ट्यूशन के सब्सक्राइब बैठे हुए आदमी
04:11हैं लेकिन कर भी सचा यह है कि कुछ चीज़ां ऐसी है जिसको लेकर करके वह सही कहीं है आज
04:16ही देखेंगे इलहाबाद हाई को
04:18दिल्ली के अंदर का देश के तमाम में कई वकील है जो वकालत छोड़ करके वकालत में वकील तो हैं
04:24लेकिन में वकालत को करने के बज़ा वो उस आर में बहुत सारे काम कर रहे हैं जैसे कहीं को
04:29बिल्डिंग बने आर्टिया लगा देंगे वहां सब्सक्राइब और कुछ प
04:46पंद्रा परसेंट वकील है जो फेक हैं अब विशाल जी की तरफ भी चलते हैं सब्सक्राइब काफी अध्यक तक प्रकास
04:52जी ने बहुत मोटी मोटी बात कर दी लेकिन जस तरह हम देखते हैं में जो समझ में आया सूर्व
04:58प्रकास जी की बास से सूर्कुमार जी की बास से �
05:01चाहें पतकारता का पेशा हो, चाहें बगालत का पेशा हो, और चाहें धर्मात्मा और या महात्मा का स्वरूप हो या
05:09यानि की सेवा हो, जहां पर लोग विश्वास करते हैं, एक अच्छी जगे होती है, उस रूप में आने से
05:15कई बार गुंडे सेफ हो जाते हैं, कई चीजे
05:18चुपाई जाती है क्या इसी तरहें की बातों से नाराजगी थी और शब्द जो उन्हें इस्तिमाल कि उस पर आपकी
05:24क्या है देखिए सबसे पहले तो मैं कहूंगा कि सोसल मीडिया में गलत तरीके से बयान को फैलाया और परुसा
05:30जा रहा है और कहीं न कहीं लोग इसलिए भी
05:32जान बुझकर उन्रेबल चीफ जिस्टिस आफ इंडिया को टारगेट कर रहे हैं क्योंकि यूजी सी के मामले में उन्रेबल चीफ
05:38जिस्टिस आफ इंडिया ने इस्टे दिया था अब मैं बताऊं तो उन्रेबल चीफ जिस्टिस आफ इंडिया का जो उस दिन
05:43का बयान था �
05:44वो उन लोगों के खिलाव था, जो पत्रकार नहीं है,
05:48सोसल मीडिया पे पत्रकार बने है,
05:50जो वकील नहीं है,
05:51ओनरेबल सुप्रीम कोट में, हाई कोट में वकालत की डिगरी फरजी लगा कर वकालत कर रहे हैं,
05:55अभी पिछले दिनों, द्वारका कोट ने अपने हाँ, एक मुमिरेंडम पास कर दिया था,
06:00कि कोई भी क्लाइंट हो, या नार्मल व्यक्ति हो, वाइट सर्ट और ब्लैक पहन कर नहीं आएगा,
06:06तो हम इसको डिनाई करी नहीं सकते हैं, कि फरजी डिगरीया नहीं बट रही हैं, बट रही हैं, इसकी जाच
06:12होनी चाहिए,
06:13और ये कहीं न कहीं सभी उन मुवकिलों के हक में हैं, जो बहुत मेहनत से एक-एक पाई जोड़कर,
06:19अपने वकील पर भरोसा करकर सुप्रीम कोट हाई कोट में केस करते हैं, क्योंकि इतना नहीं आसान है यहां तक
06:25पहुँच जाना,
06:26तो मेरा मानना है कि Honorable Chief Justice of India का कहना कहीं से भी गलत नहीं था,
06:30हम समाज में एक ऐसे सामाजिक सन्रचना को चाहते हैं, जहां पर फरजी कामे बंद हो, अभी आप देखिए,
06:37नीट का पेपर लिख हुआ, अब उसमें अगर ऐसे बच्चे पास हो जाते, जो फरजी पेपर लिख करके पास हुए
06:43हैं, पैसा देकर पास हुए हैं,
06:44तो कहीं न कहीं, जो बच्चे मेहनत कर रहे हैं, उनके अधिकारों का हनन होता, तो यही चीज कहना था,
06:50ओनरिबल चीफ जश्टिस हप इंडिया का, कि जो सच में वकील हैं, वो तो वकालत अच्छे से कर रहे हैं,
06:55लेकिन जो वकील नहीं हैं, जिनोंने फरजी डिग्री लि
07:10और विक्टिम का नाम भी लिया, और अपने आपको वकील भी बताते हैं, तो यह सब चीजे जो सच में
07:16वकील रहेगा, वकालत की पढ़ाई करके बनेगा, कभी नहीं करेगा.
07:19एक चीज विशाल जी है, यह आपने बता दिया, थोड़ा सा एक चीज और समझना है, क्योंकि यह बात ठीक
07:24है, गलत हैं, वकील उनका बिरोध होना चाहिए, लेकिन सोसल मीडिया का इस्तेमाल भी कई बार ऐसा आवश्यक हो जाता
07:32है, जिसके पास कोई दूसरा साधन नहीं ह
07:37सकता है, नयाय भी बहुत आसान नहीं है, कई जगे बड़ा महंगा है, या उसकी उस सस्ता भी उसकी बोविज,
07:42लेकिन सोसल मीडिया पर कई लोग आवाज उठाते हैं, प्रसासन सुन नहीं रहा, पत्रकार भी नहीं सुन रहा है, पत्रकारों
08:01के लिए दूसरी ट्रेंडिं�
08:02पर शब लेकर जा रहा था, वो सोसल मीडिया बारे लोग उसके बाद आज कानूम बना कि शब का सम्मान
08:08पूर्बग दासंसकार करना भी जिम्मेदारी है, और उसके लिए सब जगे बाहन लगें, तो मुझे ऐसा लगता है, मैं मतलब
08:15इतने बढ़िया निरणा है, मैं बहु
08:30कि युवाओ के लिए ऐसा कह दिया गया, युवाओ बेरोजगार है, मैं अभी CPI किसी नेतागी पढ़ रहा था, ये
08:35कह रहा था कि वो युवाओ बेरोजगार है तो किसकी जिम्मेदार ही है, या बेरोजगारी को लेकर तो कोई बात
08:41नहीं कही है, नहीं देखिए सबसे ब�
08:57लाइन है कि विक्टिम का चेहरा रेप केस में लगा सकते हैं किसी की बातचीत या विडियो नहीं डाल सकते
09:06हैं जो इन सब चीजों के लिए और पुझेशी सब इंडिया के कहना था कि सोशल मीडिया एक अच्छा जरीया
09:13हो सकता है आप आगे चल के अच्छा काम करें आप कमाय
09:27आम इंसान को बात में आर्टी आई का यूज करने वालों आर्टी आइक्टिविस्ट उनके लिए कह दिया वह बात के
09:34लिए रो गई लेकिन तोटल उसमें अगर नजर आ रहे हैं तब यह तस्वीर थोड़ी सी कही ना कहीं संस्था
09:39कहीं गर्मा को एक आम आदनी पर भरोसा कम क
09:42बर रहे हैं मुझे ऐसा लगता है देखिए मैं मानता हूं कि कई सारे जज्मेंट में ऑनरेवल सुप्रीम कोट आफ
09:47इंडिया के पी आईयल को भी पबलिक इंट्रेस्टि इंटिक इसन कहा गया है और मैं जानता हूं कई सारे ऐसे
09:54नेताओं को जो यहां पर पी इसलिए लि�
10:09हैं तो मुझे लगता है कि ऑनरेवल चीफ जश्री साब इंडिया जो कहना चाहते थे वो समाज में नहीं पहुचाया
10:15गया जो नहीं कहना चाहते थे उसका गलत उपयोग करके लोगों को दिखाया जा रहा है
10:21कभी भी उन्होंने डाक्टरों के खिलाब वकीलों के खिलाब एक में वाकिया अभी रिसेंट का बताता हूं पिछले दिनों एड़ोकेट
10:27ओन रिकार्ड का टेस्ट हुआ था उसमें कई बच्चे पास हुए थे और सब यंग यूवा होते हम लोगों की
10:32तरह हैं सभी बच्�
10:38सबको सम्मानित किया सबको अच्छे बात बोले और उनकी ड्यूटी और उनके करतब्यों के वारे में भी बताया कि अब
10:44आप लोग यूवा हैं देश के आप लोगों के कंदे पर बहुत जिमिदारी हैं आप ऐसा क्यों भी काम नहीं
10:48करिएगा जिससे की सुप्रीम कोट का औ
11:02पर लाकिया बता दूँ हमारे सीनियर किसी और कोट में थे हम उसमें जो है पासवर लेने गए थे कि
11:07जब हमारे सीनियर आएंगे वो बहस करेंगे ओनरेबल चीफ जश्री सहाफ इंडिया ने कहा कि नहीं आप कंटिन्यू करिए हम
11:12आपके सीनियर से बात कर लेंगे और यही स
11:31तो बोलना जरूरी है एक डिश्ट्रिक कोट अगर कह रहा है कि हमारे यहां वाइट सट और ब्लेक पहन के
11:37नॉर्मल व्यक्ति नहीं आएगा तो सुप्रीम कोट की तो और जिमिदारी बनती है कि ऐसे लोगों को अपने यहां से
11:42दूर रखें
11:43प्रताब जी मैं आपकी तरफ आनूगा प्रताप और वहां की बात आप समझ सकते होंगे कई बार आटी आई भी
11:51लोग आपके माद्यम से ड्राफ्ट करवाते हैं क्योंकि आप कानूनी समझ उसकी बहतर रखते हैं तो क्या यह संदेश लोगों
12:00ने फैलाया है यहां यहां कई �
12:01पर आपको लगा कि जो मैं काक्रोच सब्सक्राइब किया गया परजीवी सब्सक्राइब किया गया क्या उस चरहें की चीज वो
12:09एक गुस्सा थी सिस्टम में जो यह गड़बर जैसा कि विसाल जी ने बताया वह था उसवास निकल गया यह
12:15थोड़ा सयम रख लेना चाहिए �
12:17देखिए उन्होंने जिस परपेक्ष में कहा है उन्होंने बोला जो जिनके पास जिस चीज की डिगरी नहीं है वो वो
12:23काम करना स्टार्ट कर देते हैं जैसे अब जिसके पास वकालत की डिगरी नहीं है वकालत का लाइसेंस नहीं है
12:29वो आके केस में आर्ग्यू करना स्टार
12:47मान लीजे आप आप आपको बुखार की बुखार हुआ है और उसमें एड्स का इंजेक्शन लगा दिया गलत दवा दे
12:57तो बिल्कुल मैं ददद सेकेंड का आप लोगों से और चाहूंगा बात करना कि ये बात तो हम समझ गया
13:03कि एक तो जे कोई उन्हें कोई आदेश नहीं �
13:05दिया है यह मौकिक चीजें हैं जो आन रिकॉर्ड नहीं होती है लेकिन जो लोगों को आपती है और जो
13:11आपने बताई की मसला जो था उस बास से ज्यादा परसांद थे मतलब उस वह बात इतनी गंभीर है जो
13:17आपने बताई फरजी डिग्रियां या आर्टी आई का दुर्�
13:34निजी था तो क्या आप कुछ कहना चाहते हैं बिल्कुल मैं कह रहा हूं जो अभी आप एक इशू आ
13:39रहा था कि सोसल मेडिया का यूज देखिए वही सोसल मेडिया का मिस्यूज भी हो रहा है जैसे अगर आप
13:44देखे कुल्दीप सेंगर के मामले में जब इदली है कोट ने
14:01इसका इस तरीके से इस्तेमाल हो सोसल मीडिया का तो मैं मानता हूं कि यह बहुत ही क्योंस की सिच्चों
14:05हो जाएगा और देश में फिर बहुत सब्सक्राइब जाएगी आपको मेरा मानना है कि कोई भी फोरम होता है आप
14:12अगर उसकी किसी भी नियाले के फैसले से आप खुस
14:31जी की तरह बाते हुए आप सोसल मीडिया पे हैं नियंतन है सब चीजों पर कानून है नियंतन है उसका
14:37पालन कितना होता है अलग बात कोई देश में कानून सब चीज के लिए लेकिन अब जैसे एक केस जब
14:42इस पर आया तो अर्विंद के जरीवाल को लिए दो आखिरकार उ
15:00पन गई है कि सुप्रिम को जजों को सीधे टार्गेट कर रहे हैं लेकिन इंडिया ने सीधी तोर पर किसी
15:11भी प्रेसर में आने वाला नहीं हो चाहें वह संब्सक्राइब दूसरी बात इसका क्या निजात हो सकता है वह मैं
15:17बता रहा हूं आप से चाहेंगे आप सीनियर भी ह
15:21और तो मैं इसलिए आप से मैं वह अपने दर्सकों साथा हो जो कोपरोच वाला जो सब्सक्राइब इसक्माल करें परजी
15:26वाला उसको आप कैसा समझते हैं कि वह साइद बचा जा सकते हैं आपने तो उसको अपने पर दो नहीं
15:34चाहिए ते लेकिन यहां पे मेरी दो मांगे ह
15:37पहला कि जो स्वपनिल तिरपाथी का जज्मेन को फॉलो करते हुए कोट की लाइब प्रोसीडिंग करा दी गई वो बंद
15:43होनी चाहिए क्यों कि कभी हम देखते हैं कि सीनियर एडवोकेट बियर पीते हुए नजार आ रहा है ऑनलाइन प्रोसीडिंग
15:50के तहद कभी हम देखते
16:03पहला मांग मेरा है कि ऑनलाइन अपियरिंस बंद होना चाहिए उसकी रिकॉर्डिंग होनी चाहिए कभी अगर जरूरत पड़े तो वो
16:09किसी को दे दे लेकिन ये जो कहीं से बैटकर कोई कार में बैटकर अपियर हो जा रहा है सुप्रीम
16:14कोट हाई कोट में कोई कहीं बैटक
16:28होगी तो वकील ही बोलेगा अगर डॉक्टरी की बात होगी तो डॉक्टर ही बोलेगा अगर सोसल मीडिया की बात होगी
16:34तो जो उस छेतर में है वही बोलेगा इससे क्या होगा कि आज हर दूसरा व्यक्ति वैद्य बनके बैठा है
16:40कोई कैंसर का इलाज बता रहा है अभी हमन
16:56सब्सक्राइब करने में कहीं से भी गुरेज नहीं होना चाहिए और अश्ट्रेलिया आश्ट्रिया स्वीटिजर लेंड कानून बना रहा है अपने
17:01देश में कि सोरज साल से नीचे के बच्चे मोबाइल फोन और सोसल मीडिया नहीं उच करेंगे हमें भी यह
17:06बनाना चाहिए �
17:07है ना कानून मना रहा है कि जो अपने मैटर का एक्सपर्ट होगा वही सोसल मीडिया पर कोई बयान डालेगा
17:13वकील बयान डाल दें कि कैंसर का हिलाज हमारे पास है तो यह गलत है एक चीज़ सवाल आप से
17:19है कि जब उन्होंने यह कहा अभी जो मैं किसी बिपक्ष के कुशन
17:37अगर हुआ है तो जिम्मेदार कौन है क्या वो इस बयान को पॉलिटिक्स से जूड़ते दिखाई दे रहे हैं क्या
17:43लगता आपको देखिए ओनरेबल चिप जेस्टिस ने यह वाओं के बैटर्मेंट के लिए यह बयान दिया है ताकि वो गलत
17:53तरीके से किसी चीज़ों को �
17:55इसमें आप यह देखेंगे कि जो भी यह पॉलिटिक्स करने वाले जो यह बोल ला है कि बेरोजगार है तो
18:02जिम्मेदार कौन हमारी उस चीज़ की जिम्मेदारी उस चीज़ के लिए नहीं बनती है कि वो रोजगार पाएं कि नहीं
18:09पाएं उनकी यह जिम्मेदारी बनती है
18:11कि सबसे पहला ये देखें कि वो जो हमारे पास जो भी आ रहा है वो ऑथेंटिक हो अगर ऑथेंटिक
18:17नहीं होगा तो वो कैसे आगे बढ़ेगा जी दिखिए मैं कहना चाहता हूं कुछ दिनों पहले गवर्मेंट आफ इंडिया ने
18:24एक रिजॉलूशन लाए उस रिजॉलू�
18:41यह आपको साधी तरीके से आगे बढ़ने की बाता है मेहनत करिये देश में नालवें वमट्र KIR
18:47ल Otherwise करने हमारे यहां के युवा और देशों में बुलाए जा रहा है तो यह बहुomasए जरूर आगे बढ़े
18:54गे लेकिन गल्त तरीके से पैसा कमाने का मत
18:56सोची जब तक सीखेंगे नहीं तब तक आगे बढ़ने का कोई स्कोप नहीं है तो यह जो आपने तमाम बहुत
19:13देखी इसका पूरा लबो लुआ
19:15या किसी और विज़े से कहें वो अलग बात है लेकिन आप चाहें पतकार का पैसा हो चाहें बखील का
19:20पैसा हो उसकी आड़ में कई लोग बहुत बहुत खराब और गंदे खेल भी खेल रहे हैं सिस्टम को किसी
19:27का टूल बनके जो है हमला भी कर रहे हैं यही बात उन्होंने कही
19:32है तो यह सारी चीज़ें उसके पीछे हां यह चीज अलग है बखील साहिबान का कहना उन्होंने बताया कि जो
19:39शब्द वो ले गए यह मेरी अपनी राए हैं जी कि मैं तो सीजी आई को एक इस जो नियाय
19:45का मंदिर का सबसे बड़ा अधिकारी का सबसे बड़ा अधिकारी है
19:48है वह उस पत्पे वेटें थोड़ा सा अगर वह शब्दों का चुनाओ और बहतर करते तो हम सब के लिए
19:55और भी बहतर जो है इसी इसकी अलोचना करने का बहतर तरीका नजर आता ऐसा मैं कहता हूं तो यह
20:04सब चीज पर आपकी क्या पड़ी है सब से अच्छे सब्दों में क
20:11कैसे देखते हैं और यह सीजी आई ने जिस पर उंगली उठाई है क्या आप और जो बखील साहब नहीं
20:15क्या वो समाज का सच नहीं क्या उससे इंकार कर दियाना चाहिए फिलाली बीड़ो में इतना ही कैमरा परसन अहिल
20:21कभूर के साथ श्रिवेंद गौर वन इंडिया दिल
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