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भारत में दहेज प्रथा जड़ से खत्म क्यों नहीं हो रही? देखें ब्लैक एंड व्हाइट
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00:00नमस्कार मैं हूँ अंजराउं कश्यक और ब्लाक इन वाइट में आपका बहुत-बहुत स्वागत है आज सबसे पहले हम आपको
00:06प्रधानुती मोदी के ऐसे बयान के बारे में बताएंगे जैसा बयान उन्होंने पिछले 12 साल के कारकाल में नहीं दिया
00:12उन्होंने उर्जा संकट को लेकर स्पश्च चेताबनी दी है और स्पश्च चेताबनी देते हुए कहा कि अगर इसका तुरंथ हल
00:19नहीं निकाला गया तो भारत की सालों की मेहनत बेकार हो जाई
00:24जब देश और दुनिया ने कोविड जैसा भयानक दौर देखा तब भी प्रधानवंत्री ने ऐसा नहीं कहा था
00:32लेकिन आज इरान युद और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने हमारे रुपय हमारे विदेशी मुद्रा भंडार पर एक ऐसा
00:38चक्रव्यू रचा है जिसने भारत की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है
00:42हम दुनिया की चौती सबसे बड़ी अर्थव्यवस्ता से खिसक कर सीधे छटे स्तान पर आ गए हैं आज इस बात
00:49का विश्लेशन करेंगे कि ये संकट कैसे आपकी जेब आपकी नौकरी देश की अर्थव्यवस्ता को प्रभावित कर रहा है
00:57इसके बाद समाज की नसों में बहते उस जहर की बात करेंगे जो एक के बाद एक बेटियों को अपना
01:06शिकार बना रहा है
01:08ये जहर है दहेज का जिसे बदलते वक्त और कथित आधूनिक समाज ने बेशर्नी से गिफ्ट कहना शुरू कर दिया
01:15है
01:15आज लड़कों का बाकादा एक रेट कार्ट ते होता है
01:19पढ़ाई पर हुए खर्च को इन्वेस्मेंट रिकावरी मॉडल मानकर लड़की वालों से वसूली की जाती है
01:28लड़का जो कमाता है उसके हिसाब से सौधे बाजी होती है
01:32और आए दिन कोई लड़की इसका शिकार बन जाती है
01:36दिल्ली के पास ग्रेट इनॉडा और भोपाल में दो लड़कियों की जान चली गए
01:42आपने भी अपने सोशल मीडिया पर इन बच्चियों के चेहरे बार बार देखे होंगे
01:46दहेज के लिए मौत तमाम चीजें पढ़ी होंगे
01:49लेकिन ये सिर्फ दो लड़कियों की बात नहीं है
01:53ये सिर्फ एक दिन की खबर नहीं है
01:56ये हमारे समाज में जीवन का हिस्सा है
02:00अनेकों बेटीों की सिस्कियां हमारे कानों तक कभी नहीं पहुँच पाती है
02:05वो ऐसे ही घुड़ घुड़ कर मर जाती है
02:09कभी आग में कोई जल जाता है
02:10कभी सीडियों से गिर कर मर जाता है
02:12और उनके बारे में कुछ नहीं हो पाता है
02:16लेकिन आज हमने सोचा कि आज ब्लाक इन वाइट में
02:19ये मुद्दा हम आप तक पहुंचाएं
02:21ताकि आप अपने आस पास अपने अरोस पडोस में
02:25इस बात का ध्यान रखें
02:26कि ये जो लालची दरिंदे इस तरह के ढूनते फिरते हैं लड़कियों को
02:31उनसे कैसे अपनी बेटियों को बचाना है
02:33हम सब को मिल कर काम करना होगा
02:34इसका कोई और तरीका हो ही नहीं सकता
02:37कानून है
02:39उस कानून को कोई देखता सुनता मानने वाला है नहीं इस देश में
02:44ग्रेट एन ओड़ा में 24 साल की दिपिका नागर ने छट से कूद कर जान दे दी
02:49ऐसी खबर आ रही है
02:51परिवार वाले कुछ और कह रहे हैं
02:53और दूसरी घटना भोपाल की है जहां एक रिटायर्ड जज्ज की बहू
02:57हम बार बार आपको बता रहे हैं
02:59एक रिटायर्ड जज्ज की बहू
03:01और मॉडल तुशा शर्मा की संदिक्ध हालत में मौत हो गई है
03:07कैसे ऐसे मामलों में भी रसूप का इस्तमाल होता है
03:11और आखिर मैं आपको बकरीट से पहले
03:13उत्तर प्रदेश के मुक्यमंत्य योगी आदित तिनात के उस बयान के बारे में बताएंगे
03:17जिसने खलबली मचा दी है
03:18सड़क पर नमाज के खिलाफ सक्त आदेश देते हुए
03:21उन्होंने कहा कि मस्जिद और इदगाह में जगह कम है
03:25तो शिफ्ट में नमाज पढ़िये
03:27लेकिन सड़क पर किसी भी हाल में नमाज की इजासत नहीं मिलेगी
03:31आदेश ना मानने वालों को उन्होंने बरेली वाला आक्शन फॉर्मूला भी याद दिलाया है
03:36हम आपको भी बताएंगे कि बरेली वाला आक्शन क्या है
03:40लेकिन आज सबसे पहले हम आपको उस जहर के बारे में बताना चाहते है
03:44जो आज भी हमारे समाज की नसों में लगातार बह रहा है
03:48और ये जहर है दहेज का
03:52ये तस्वीर प्रतिकात्मक है
03:55लेकिन इसमें पूरी कहानी है
03:57आज खबरे तो कई है
03:59और देश में महंगाई
04:00तेल की कीमतों में वृद्धी
04:03इरान युद्ध पर काफी चर्चा हो भी रही है
04:05और इन खबरों के बारे में हम आपको बताएंगे भी आगे
04:08लेकिन उससे पहले
04:10हम आपसे दहेज के बारे में कुछ कहना चाहते है
04:13भारत में हर साल एक करोड़ शादिया होती है
04:18जिनमें 90 प्रतिशत शादियों में
04:21दहेज का लेंदेन होता है
04:24ऐसा लेंदेन जो समाज को बिलकुल
04:27अब शर्मिंदा भी नहीं करता
04:31लोग गर्व से बताते हैं
04:33कि उन्हें उनके लड़के की शादी में कौन सी कार मिली
04:37कितना सोना मिला
04:39कितना बड़ा टीवी लड़की वालों के घर से आया है
04:43यही नहीं हमारा समाज
04:45वक्त के साथ इतना अधुनिक हो गया है
04:48कि उसने इस दहेज को भी
04:50अब गिफ्ट कहना शुरू कर दिया है
04:53क्योंकि गिफ्ट शब दहेज की तरह
04:56बुरा नहीं लगता
04:58गिफ्ट कहिए
04:59और लेते जाईए
05:01लेते जाईए
05:02लोग खुश होकर बताते हैं कि लड़की वालों के यहां से कौन कौन से गिफ्ट आए
05:06और इस तरह दहेज गिफ्ट का रूप लेकर सामान्य बन जाता है
05:11इसके बाद लड़कों का भी एक रेट कार्ड होता है
05:15अगर लड़का डॉक्टर या इंजिनियर है
05:19तो ज्यादा दहेज
05:21अगर सरकारी नौकरी करता है
05:24तो और ज्यादा दहेज
05:25और अगर विदेश में नौकरी करता है
05:28या उसका फामिली बिजनस है
05:29तो बहुत ज्यादा दहेज
05:32जिसे ये लोग गिफ्ट कहते है
05:34और लड़की इनके लिए क्या होती है
05:36हम आपको बताएंगे
05:37लड़की इनके लिए एक
05:39इन्वेस्मेंट रिकावरी
05:41मॉडल होती है
05:42यानि लड़की की पढ़ाई पर जो खर्च हुआ
05:46उस खर्च के हिसाब से
05:48लड़की की मार्केट वैल्यू तै की जाती है
05:50और उस मार्केट वैल्यू पर
05:52लड़की वालों से दहेज
05:54मांगा जाता है
05:55माफ कीजेगा
05:56आज के समाज के हिसाब से
05:58गिफ्ट वांगा जाता है
06:01और ये परंपरा चलती रही है
06:03और इस गिफ्ट के कारण
06:04लड़कियां मरती रहती है
06:06आज भी हमारे देश में दो लड़कियों ने
06:09दहेज के कारण दम तोड़ दिया है
06:11ये तो दो खबरे हैं जो आप तक पहुँच रही है कि इसी देश के किसी और कोने में
06:16किसी छोटे से कस्बे में, किसी छोटे से गाउमें
06:20कहीं किसी और बेटी ने दम तोड़ा होगा
06:23एक घटना दिल्ली की है जो आज हम आपको बताने वाले है
06:27दिल्ली के पास ग्रेटर नॉडा में हुई है और दूसी घटना भोपाल में हुई है
06:32ग्रेटर नॉडा में जिस लड़की ने छट से कूत कर आत्महत्या की ऐसा बताया जा रहा है
06:38उसका नाम था दिपिका नागर
06:41चेहरा देखिए
06:43कैसा खुशियों का संसार बसाना चाहती होगी
06:46कैसे सपने रहे होंगे इस बेटी के
06:50और अपनी बेटी को बढ़ा करते हुए उस माता पिता के सपनों के बारे में सोचिये
06:55जिसने अपनी फूल सी बेटी के लिए क्या कुछ नहीं सोचा होगा
06:5824 साल इसकी उम्र थी
07:0111 दिसंबर 2024 को रितिक नाम के लड़के से शादी पर दिपिका के परिवार ने एक करोण रुपे खर्च के
07:10दे
07:12पचास लाक रुपे का सोना एक स्कॉर्पियो कार पांच लाक रुपे आ कैश लड़के वालों को दहेज में दिया
07:22उस दिन ये सारा दहेज देखकर रितिक का परिवार खुश था
07:27जबकि दिपिका के परिवार को भी लग रहा था कि वो अपनी बेटी के लिए जितना कर सकते थे
07:32उतना उन्होंने किया
07:36बेटी के परिवार वाले तो उसको जिम्मेदारी मानते है
07:38समाज ऐसा बन चुका है हमारा ताना बाना ऐसा बन चुका है
07:41सिर्फ बेटी देना काफी नहीं है बेटी के साथ सामान दो टीवी फ्रिज कुछ लालची तो ऐसे होते हैं जो
07:49वाशिंग मशीन सिलाई मशीन
07:54मिक्सी टोस्टर यह सब भी ले लेते हैं
08:01सब कुछ लाद कर जितना कुछ आ सकता है ना
08:06मोबाइल मतलब जो जो लूट सकते हैं
08:09लेकिन कुछ वक्त बाद उनकी सारी गलत फहमिया दूर हो गए
08:13F.I.R. के मताबिक शादी के बाद से ही लड़के वालों ने और दहेच की मांग करनी शुरू कर
08:19दी
08:20और पैसा चाहिए और गाड़ी चाहिए ये जो दिया है वो काफी नहीं है और गाड़ी दो
08:28ये जो तस्वीर हम आपको Fortuner की देखा रहे हैं ये कहा गया कि
08:32दिपिका के पिता अपनी बेटी की खुशी के लिए एक Fortuner कार और 50 लाख कैश उसके पती को नहीं
08:39दे सकते
08:39इस बात का हुस्सा था ये भी कहा गया कि जो कैश और गाड़ी घर में आएगी वो दिपिका और
08:46उसके पती की ही होगी
08:48और इसे दहेज ना समझा जाए शुरुवात में दिपिका ने इस सारी बाते अपने परिवार से छिपाई ताकि परिवार को
08:55सदमा ना लगे
08:56वो परिशान ना हो लेकिन आरोब है कि इसके बाद ये लालज पढ़ता गया और दिपिका का इस दहेज की
09:03मांग से दम घुटने लगा
09:07और एक दिन पहले जब जगडा बहुत ज़ादा बढ़ गया बहुत ज़ादा बढ़ गया तब दिपिका के पती ने फोन
09:13करके उसके पिता को अपने घर पर आने को कहा और उन्हें सामने बैठा कर उनसे दहेज की सीधा मांग
09:19कर देजे ये लिजे शादी पर जो दिया सो दि
09:24अब सामने बैठकर उस बेटी के पिता से सीधा मोलभा अब क्या दे सकते हैं किसी तरह विवाद को खत्म
09:35करने की कोशिश हुई लेकिन जैसे ही दिपिका के पिता को अपने घर लोटे उसके बाद उनकी लड़की ने अपने
09:41घर की चत से आरुपू के मुताबिक कूद कर जा
09:47पूचे एक लड़की को दहेच के लिए एक फॉर्चुनर गाड़ी के लिए सामान के लिए कैश के लिए एक लड़की
09:57को दहेच के खिलाफ लड़ने से जादा आसान ये लगा कि वो अपनी ही जान दे दे
10:04जब जीने का खतरा और जीने का बोच मरने से भी भारी लगे और मरना जादा आसान लगे तब कोई
10:13ऐसा कदम उठाता है
10:15और इस बात ने किसी को विचलित नहीं कि आज दिपिका का परिवार रोते बिलकते हुए अपने लिए इंसाफ मांग
10:22रहा है
10:22लेकिन इसके बाकी परिवारों का जो बाकी परिवार के लोग हैं उन पर कोई फर्क नहीं पड़ा
10:29आज हम आपको ये खबर दिखा रहे है तब न जाने इस देश के कितने माता पिताप और परिवार अपनी
10:37बेटियों के दहेच के लिए बचत कर रहे हो
10:41हो सकता है एक स्कॉर्पियो काफी ना हो
10:45हो सकता है कभी फॉर्चिनर की मांग कर दे
10:48हो सकता है फॉर्चिनर की मांग पूरी ना होने पर वो मेरी बेटी की जान ले ले
10:53तो कुछ रुपया और बचा लेता हूँ
10:56कुछ रुपया इधर से बचा लेता हूँ
10:58कुछ रुपया उधर से इकठा कर लेता हूँ
11:00कुछ अपनी जिन्दगी में कटोती कर लेता हूं, कुछ अपने परिवार के जीने के तौर तरीके में कटोती कर लेता
11:06हूं, कुछ पैसा और बचा लेता हूं, क्यूंकि एक लाल्ची लड़का आएगा, जो एक दिन फॉर्चिनर से भी खुश नहीं
11:14होगा, स्कॉर्पियो से �
11:15भी खुश नहीं होगा, उसको बार-बार कैश चाहिए होगा, और वो मेरी बेटी का गला घोटेगा, लेकिन हमारे देश
11:23में यह होता है, और इसे बुरा भी नहीं माना जाता है, पुलिस ने दहेज हत्या के इस मामले में
11:28दिपिका के पती और उसके ससुर को गिरफतार किया
11:31लेकिन दिपिका के पिता ने मुख्यमंत्य योगी आदितिनाज से यह अपील की है, कि वो उनकी बेटी के हत्यारों का
11:38ऐसा इंकाउंटर कराएं, ऐसा इंकाउंटर कराएं कि भविश्य में फिर कभी किसी पिता को दहेज के कारण अपनी जवान बेटी
11:48को कंधे पर ना उठ
12:15सबसे बड़ा कारण गरीबी है, अशिक्षा है, लड़का गरीब है,
12:20अशिक्षित होता है, तो घर बसाने के लिए वो दहेज मांगता है, लेकिन ये सारे दलील धरे के धरे रह
12:26गये हैं, आज जिन परिवारों की हम बात कर रहे हैं, ये चमचमाती फॉर्चुनर, ये स्कॉर्पियो, ये एक फॉर्मर जजज
12:33का परिवार, ये सब क्या गरीबी क
12:36वज़र से कुछ पैसा चाते थे, ऐसा मुम्किन हो ही नहीं सकता, उस पिता की सोचे, ऐसी मौते पता है,
12:43कहां से शुरू होती है, शादी के उस नियोते वाले कार्ड से, और फिर शहनाई बचती है, गीत गाये जाते
12:50हैं खुशियों के, और एक नया संसार बनाने का दावा ह
12:53होता है, फिर उस बेटी की विदाई होती है, और आसू में भी सदा खुश रहो का एक आशरवाद होता
13:00है, लेकिन जब उस नए घर में जिसे ससुराल कहते हैं, वहाँ पर पहुंचती है, तब धीरे धीरे ये लालच,
13:06चीकता हुआ आँखों से निकलता है, कभी कैश की मां�
13:12बन कर, कभी घर की मांग बन कर, और धीरे धीरे वो उस बच्ची की जिन्दगी को खत्म करता है,
13:19और शादी के नियोते वाले कार्ड से शुरू हुआ ये किस्सा, सपनों की चिता पर अंत लेता है, इसलिए कुछ
13:27मौतें मौत से भी ज़्यादा दर्दनाक होती हैं, इसी दल
13:42अगर लोग अमीर हो जाएंगे, उनके पास एक दिन पैसा हो जाएगा भारत में, तब ये दहेज अपने आप खत्म
13:48हो जाएगा, लेकिन हकीकत में ऐसा कुछ नहीं हुआ, उल्टा जिन लोगों के पास पैसा आया, वो और दहेज मांगने
13:55लगे, और ग्रेटर नॉड़ा की
14:09कोई कमी नहीं थी, हर महीने लाखों रुपे किराया आता था, और परिवार के पास कई जमीने थी, लेकिन फिर
14:18भी दहेज का जहर उसकी नसों में दोड रहा था, इसे छोड़ी और भोपाल की इस घटना को अप देखे,
14:2533 साल की ठ्विशा शर्मा, संदिक धालत में मौत, है
14:39ही बयान दर्ज करा पाती हैं, ट्विशा शर्मा ने कुछ ही महीने पहले समट सिंग से शादी की थी, दोनों
14:45की मुलाकात एक डेटिंग आप के जरिये हुई थी, समट सिंग पेशे से एक वकील है, जबकि उनकी मा एक
14:53रिटाइट जज, और ट्विशा का परिवार यही सोच
14:56था कि उनकी बेटी को इससे अच्छा परिवार मिल ही नहीं सकता, लेकिन आरोप है कि इतने पढ़े लिखे परिवार
15:02ने भी दहेज के लिए सारी हदे पार कर दी, रिटाइट जज का परिवार, पुलिस और परिवार के मुताबिक चुशा
15:12के साथ एक बार नहीं, बलकि कई
15:13बार घरेलू हिंसा हुई, उसे इसलिए मारा गया ताकि वो अपने पिता से कैश और सोना लाकर अपने पती और
15:23उसके परिवार को दे, मेरे पास स्विशा की एक वाट्साप चैट है, जिसमें उसने अपनी सहेली से कहा था कि
15:34वो फस चुकी है, लेकिन तुम मत फसना,
15:41इसी इसी चैट्स हैं, इस बच्ची के अपने मास के साथ जो चैट है, वाट्साप पर, उसमें उसने लिखा था
15:49कि मुझे यहां से ले जाओ, मैं इस परिवार में और रही ही नहीं सकती,
15:55हम आपको दिखाते हैं, जो यह तमाम चैट्स हैं, जिसमें मेरा प्रॉब्लम है, मैं हैंडल कर लूँगी, क्यों फिर यह
16:02हो जाएगा कि सारी शिकायत करती रहती है,
16:05इन सब को यह लगता है कि मैं ड्रग्स करती हूँ, इसलिए मेरा मूट खराब रहता है, बस एक भी
16:10बार, दिल में यह नहीं आ रहा कि इनका बेटा ही मुझे छोड़ कर बैठा है, मेरा मूट इस वज़़े
16:19से खराब हो सकता है, मुझे बहुत ज़्यादा घुटन हो रही है
16:22मा, ना रोने देंगे ये लोग, ना हसने की वज़़ा देंगे, मैं तो बहुत बुरी तरह फस गई हूँ, अपनी
16:37मा से बार-बार कह रही है, कि मुझे घुटन हो रही है आपर, ये लोग ना हसने की वज़़ा
16:44देंगे, ना मुझे रोने ही देंगे, ये वाला चाट देख
16:49है भाई के साथ यह चार्ट है उसका जिसमें कोई भी ऐसी स्थिती में फसी हुई बच्ची क्या ही बताएगी
16:57और इसलिए वो लिख रही है हां भाई
17:03बात करेगा नॉर्मल तो मैं भी कर लूँगी जब बात की बात हो रही है मुझे कोई अच्छा थोड़ी लग
17:07रहा है यहां बात करो मत मुझे बस अच्छा नहीं लग रहा किसी से भी बात करके
17:17आपको क्या ही बताओं मतलब यह जो पूरी बातचीत है तो अम्मा को बोलना की ऐसे कितने दिन चलेगा जब
17:27समर्थ को मेरे से मतलब यह बच्ची इतनी परेशान थी यह लगातार अपने भाई से अपनी मा से अपनी फ्रेंड
17:36से ट्विशा आसकिंग अपनी दोस्त को कह रह
17:45मतलब मैं इस वक्त तुमसे बात नहीं कर सकती मतलब ऐसी स्थिती में यह फसी हुई थी जहां से अपने
17:51परिवार वालों अपने फ्रेंड से बात करना भी उसके लिए मुश्किल था क्योंकि उसको लगता था कि इससे उसको सामने
17:58वाले अपने पती का घुसा ना छेलना प�
18:12लेकिन सोचिये दहेज के भूके उन्हें भी निकल गए और जिस घर में लड़के की माँ एक रिटायर जज थी
18:18बहां भी दहेज के कारण एक लड़की को मरना पड़ा
18:23पुलिस का कहना है कि टुशा ने फंदे पर लटक कर अपनी जान दी जबकि टुशा के परिवार का कहना
18:29है कि उसने आत्म हत्या नहीं की बलकि उसकी हत्या हुई है और पुलिस ने उस फंदे को पोस्मॉटम के
18:35लिए भेजा ही नहीं जिससे ये पहचान हो सके कि क्या टुश
18:53आवेदन भी दायर किया है जिसमें ये लिखा है कि ट्विशा को ड्रग्स की लग थी जब ऐसी घट्टा हो
19:00गई है तो उसके बाद अब लड़की को बदनाम करना ही सबसे पहला तरीका होता है उठा कर देख लीजिए
19:07जितने भी ऐसे मामले आपको इस देश की अदालतों और �
19:11थानों में दर्ज दिखाई देंगे जब जब लड़की उत्पीडन का शिकार होती है तो पहला काम सीधा उसके चरित्र पर
19:20हमला और ट्विशा को ड्रग्स की लग बता रही है अब रटार्ट जाज और जब उसे ड्रग्स नहीं मिलता था
19:29उनका दावा है तो वो अपना नि
19:41और वो ड्रग्स लेने के बाद ट्विशा को खूब मारता था पीटता था पोस्टम रिपोर्ट में भी ट्विशा के शरीर
19:48पर चोड़ के कई निशान मिले है जिससे ऐसा लगता है कि ट्विशा के साथ काफी हिंसा हो रही थी
19:53लेकिन सोचे यहां भी ये लड़की बच नही
20:11मुस्कुराते हुए ये चेहरे भी एक पर्फिक्ट कहानी बता रहे थे
20:18पढ़े लिखे परिवारों से थे एक तरफ रिटाइट जज थे जैसा हमने आपको बताया रिटाइट जज थी इस लड़के की
20:24मा और शादी की इन तस्वीरों को देखकर कहां कोई भी कलपना कर सकता है कि ये बच्ची जो खुशियों
20:29के साथ सपनों के साथ और बहुत सारी
20:31उमीदों के साथ एक परिवार में अपना कदम बढ़ा रही है वहाँ पर लाठियां और घुसे में उठते हुए हाथ
20:40उसका इंतजार कर रहे हैं समर्थ तो खुद एक वकील था उसकी मा एक रिटाइट जज फिर भी तुशा को
20:46मरना पड़ा और उसका पती समर्थ फरार है �
20:51जिहां रिटाइट जज का बेटा समर्थ फरार है आज जितने भी लोग हमारा ये शो देख रहे होंगे उनके लिए
21:00ये नई घटना नहीं होगी हमारे देश में दहेज हत्या को सामान निमान लिया जाता है कई मामलों में दो
21:06बहुत सारे लोग दहेज हत्या को गंभीरता से
21:08भी नहीं लेते और ये कहते हैं कि कोई और बात होगी वरना दहेज के लिए कौन मरता है जैसी
21:15सोच हो से साब से इस घटना को पलड़ देता है
21:19लेकिन हकीकत में जिन परिवारों की लड़कियां दहेज के कारण मरती हैं उनसे जाकर पूछे कि उन्होंने क्या क्या छेला
21:27है
21:27कैसे उन लड़कियों की खुशियों की कीमत लगाई गई
21:30कैसे उनसे कहा जाता है कि अपनी लड़की को हसते हुए देखना है
21:33तो कैश दो, गाड़ी दो, सोना लेकर आओ
21:38कई मामलों में तो लड़कियां अपने परिवारों से बोल भी नहीं पाती है
21:42इन पतियों की मुस्कुराहट जानते है
21:48इन पतियों की मुस्कुराहट उसकी खुशी उतने ही हिसाब से निकलती है
21:54जितना पैसा उनके सामने खनकता है
21:56जादा पैसा लेकर आओ तो जादा खुश दिखेंगे
22:00सोने का कुछ ले आओ तो दाथ और भी जादा दिखेंगे
22:05गाड़ी की चाबी आ गई तब तो आप ससुर जी बाग के अच्छे लगने लगेंगे और पत्नी भी
22:14ये सचाई है
22:17घुट घुट कर अपने ससुराल में मर जाती बच्चियों की बात आज कहनी जरूरी है
22:23उनकी मौत दहेज के कारण हुई ये कभा कई बार ये पता भी नहीं चल पाता
22:29और कई मामलों में जो लड़के होते हैं वो जेल से चूटने के बाद दूसरी शादी भी कर लेते हैं
22:34और फिर सब कुछ नॉमल
22:37लेकिन शादी के उन खुबसूरत तस्वीरों में से एक जो लड़की थी वो चली जाती है
22:46और शायद इन मामलों में भी एक दो दिन के बाद दिपिका और टुशा को सब भूल जाएंगे
22:50लेकिन हम आपसे कहना चाहते हैं कि इन्हें भूल जाने से दहेज हत्याएं बन नहीं होगी
22:54और अब भी कहीं न कहीं किसी कोने में कोई लड़की दहेज के कारण पिट रही होगी
23:00आत्महत्या करने के बारे में सोच रही होगी
23:02या उसे जला दिया जाएगा
23:06कहीं से लपटे निकल रही होंगी किसी घर से
23:09और बता दिया जाएगा कि किचिन में आग लग गई या सिलिंडर फट गया
23:15और ऐसा संदेश सोचे कहीं किसी कोने में बैठ कर हो सकता है
23:18कोई बेटी इस वक्त अपने मावाप को लिख रही हो
23:21कि मेरा यहां दम घुट रहा है
23:23मुझे यहां बहुत मारते पीटते है
23:25और मावाप शायद यह सोच कर रहे हैं इंतजार कर रहे हो
23:28कि हो सकता है कल ठीक हो जाए आज की लड़ाई है
23:34ऐसा मुम्किन है कि किसी कोने में
23:37किसी कमरे में किसी चछत पर
23:40कोई अपनी बीवी को दोडा रहा हो अपनी पत्नी को
23:43और घुसे में हो रही लड़ाई किसी की मौत में
23:46उस बेटी की मौत में बदल जाए
23:48आज बहुत सारी एक से एक घटाएं पूरे देश में होती है
23:51लेकिन सब को दबा दिया जाता है
23:53और हम फिर से आपको किसी दिपिका किसी ट्विशा की कहानी मुम्किन है कि कुछ दिनों में फिर से दिखा
23:59रहे हैं
24:01को
24:02को
24:02को
24:21कि अ
24:22करण जादा हो रहाता हूँ पूपकिए टो अप्रूब्स करता था वेटी को कुछी पूलता था कुछ भी सुनादा था
24:28कि तो बड़े लिखी नहीं है तो पुछ नहीं है तो तो नहीं आधा तेरी जॉब शूट रही मेरे वेटी
24:33की
24:34तो उता उता उता और भुक्स उसके सामने भेख रहे इसको इतना कर दिये कि अचुछ भूआ रहे तो गवार
24:40है तो गवार रहे सब चुछ भी बहुता था, आज भी पोग।
24:48यह तो हमारी जड़ाई है कि आज कितने समय हो गया है नहीं इस क्राइम में तुरंग जड़तारिया होती है
24:53और यह सारा जो केच जिस बीना पर चलाया जा रहा है वो ऐसा लगता है कि हमें नहीं नहीं
24:59नहीं बिले
25:13हमें लोगने के लिए ठंडे लाग लागे खड़े कर रहे हैं लड़की साथी करने के पहले हजार बाक हो देगी
25:21भौपाल शेहर में तुरा भौपाल मिला हुआ है
25:26हम शाहते हैं कि इसका पोस्ट मॉटम दुबारा हो तो कि यहां पर उच्छत तरीकी से इसको नहीं किया गया
25:30है और समर्थ सिंग जिसको भी गिरफतार करने गए हुए थे वो भी फरार है उसकी अच्छे से जाच की
25:36जाए है
25:45करेंगे और जो भी एविडेंस क्लेक्शन होगा और उसके बाद एविडेंस क्लेक्ट करने के बाद जो भी वैदानी कारवाह की
25:54जाए है
26:00जब हम ये देखते हैं कि दहेज हत्याओं की खबरें अब समाज को विच्छत नहीं करती तब हमें 1970 और
26:061980 का दशक याद आता है
26:09उस वक्त हमारे अख़बार ऐसी घटनाओं से भरे होते थे जिनमें दहेज के लिए लड़कियों को जिन्दा जला कर मार
26:16दिया जाता था
26:17और जलाया इसलिए जाता था क्योंकि उस दौर में रसोई में मिट्टी के तेल के स्टोव इस्तमाल होते थे
26:23और अगर किसी लड़की को दहेज के लिए जिन्दा जलाया जाता था तो पुलिस में ये शिकायद दर्ज कराई जाती
26:28थी कि वो खाना बनाते वक्त जल कर मरी है
26:32और ये एक हादसा है
26:34उस वक्त दहेज के लिए ये तरीखा कई परिवारों ने अपनाया
26:38हजारों महिलाएं दहेज के कारण मारी गए और ये आग भी 1989 से शुरू होई
26:44उस वक्त साल 1989 में दिल्ली में 24 साल की तलविंदर कौर को दहेज के लिए उसके ससराल वालों ने
26:51केरसीन डाल कर आग लगा
26:54और बाद में इस तरह की घटनाओं की बाड़ा गई और दहेज के कारण लड़कियों को शादी से डर लगने
26:59लगा था
26:59लेकिन सोचे उस वक्त से लेकर आज तक हमारे देश में क्या ही बदला
27:07आज दहेज प्रता एक इन्वेस्मेंट रिकावरी मॉडल है लड़के का परिवार ये सोचता है कि उन्होंने अपने बेटे की पढ़ाई
27:14पर जितना खर्च किया
27:15जितनी उसकी तनख्वा है उसके हिसाब से उन्हें दहेज मिलना चाहिए
27:19और बड़ी बात ये है कि ये लोग दहेज बोलना पसंद नहीं करते वो गिफ्ट कहते है
27:25कहते हैं आपको जो देना है अपनी बेटी को दीजे
27:29लेकिन नजर एक एक चीज़ पर रहती है
27:31बीबीसी के मताबिक 1960 से 2008 के बीश भारत में जो शादिया हुई
27:36उनमें 95 प्रतिशत में दहेज का लेन देन हुआ 95%
27:41इनमें भी 70 प्रतिशत शादियों में लड़के वालों ने दहेज प्रता को घलत बताने के बाद भी
27:46लड़की वालों से फर्मिचर, सोफा लेते हैं
27:51सोफा ही नहीं लेते हैं सोफा के साथ कहते हैं कि सोफा का कवर भी चाहिए
27:55ताकि उस पर धूल पढ़ने से वो गंदा ना है
27:59टेबल, सेंट्रल टेबल, सजावट का सामान, इलेक्ट्रोनिक सामान, टीवी, फ्रिज
28:05ये सामान लेने के बाद जानते हैं इन परिवारों ने क्या कहा
28:08ये कहा कि उनकी बेटी ही तो इस सामान का इस्तमाल करेगी
28:12इन लोगों ने ये भी कहा कि दहेज भारते संस्कृती का हिस्सा है
28:16वो अपनी सिर्फ संस्कृती को निभा रहे है
28:20ये बिलकुल गलत है
28:23भारत में स्त्रीधन की परंपरा थी जिसमें लड़की के माता-पिता अपनी इच्छा से बेटी को पैसा गहना या संपत्ती
28:29देते थे लेकिन उसके लिए देते थे ताकि उसको बुरे वक्त में काम आए ये स्त्रीधन होता था
28:36इसके पीछे एक कारण ये था कि उस और में लड़कियों को अपने माता-पिता की संपत्ती में हिस्सा नहीं
28:41मिलता था
28:41इस नाइंसाफी को खत्म करने के लिए स्त्रीधन लड़कियों को उनकी शादियों में देया जाने लगा ताकि वो उनकी मुश्किल
28:47वक्त में काम है
28:48और ऐसा नहीं कि इस्त्रीधन देना जरूरी होता था
28:53ये तो उन लालची लड़कों की नजरे उस पर पड़ी
28:58कि हमारे समाज में है
29:00जो पिता खुद अपनी बेटी के लिए पाई पाई जोड़ता है
29:03वो भी दूसरे घर की बेटी को लाते वक्त लालची नजरे कर लेता है
29:07कि वहां से लेंगे
29:10कई परिवार एक जोड़ी कपड़े के साथ भी अपनी बेटीों को विदा करते थे
29:13लेकिन बाद में जैसे जैसे दहेज के खलाफ कड़े कानून बने
29:17वैसे वैसे दहेज का चलन बढ़ता ही गया
29:19जी हाँ डेटा बताता है
29:21आइडियास फर इंडिया की रिपोर्ट के मताबिक
29:231920 में सिर्फ 20 प्रतिशत शादियों में दहेज दिया जाता था
29:27लेकिन 2005 में ये 40 प्रतिशत हुआ
29:29और अब 90 प्रतिशत हो गया है
29:32इसका मतलब यह है कि
29:33दहेज की समस्या तो पुरानी है लेकिन
29:35जितना दहेज आज कल की शादियों में लिया जा रहा है
29:37उतना दहेज पहले कभी नहीं लिया जाता था
29:40आज हर सौ में से 90 शादियां दहेज के लेंदेन से हू रही है
29:44और आपकर जानकर हैरानी होगी
29:46कि एक लड़की का परिवार औस तन अपने पूरे साल की कमाई दहेज में दे देता है
29:50लेकिन इसके बाद भी कई लड़कियों को दहेज के लिए मार दिया जाता है
29:55इसके अलावा ये बात आपको अजीब लगेगी
29:57लेकिन सच यही है कि आज कई लोग खुद खुशी से भी बड़ा दहेज देते है
30:01क्यों? क्योंकि समाज कहता है कि वा कितनी बड़ी शादी हुई
30:05इतनी कारे मिली, इतना सोना दिया
30:10और मेरी नजर में इस तरह से गाड़ी, सोना और पैसा देने वाले लोग भी उतने ही बड़े कसूरवार है
30:20यानि दहेज अब सामाजिक दिखावा बन गया है और इस दिखावे में हर कोई शामिल है
30:26और ये दिखावा, हर परिवार में कैसा दबाव बनाता है इसकी कोई कलपना नहीं कर सकता
30:32हमारे देश में दहेज की समस्या का इक और कारण ये है कि महलाएं शिक्षित तो हो रही है
30:37लेकिन समाज उन्हें नौकरी करने की आजादी कई बार नहीं देता
30:41बहुत सी महलाएं नौकरी नहीं करती शादी के बाद घर तक सीमित हो जाती है
30:45परिवार सोचता है लड़की कमाईगी नहीं इसके लिए लड़के वाले कहते हैं
30:48हमारा बेटा कमाता है तो दहेज दो
30:51इसके अलाबा आज कई परिवार बेटे की पढ़ाई पर लाकों खर्च करते है
30:55IIT, Medical, विदेश में पढ़ाई, खुब पैसा खर्च हुआ
30:58जितना कर्च उतना पैसा उनको वापस चाहिए
31:00यानि बेटे की शिक्षा का Return of Investment इसको ROI बना दिया गया है
31:06आप में से बहुत सारे लोगों को शायद ये पता नहीं होगा
31:091980 के दशक में जो सोने की अंतराश्य कीमतों में बहुत तेजी आई थी
31:12तब भारत में लड़कियों की मृत्यूदर तेजी से बढ़ गई थी
31:15और इसका कारण ये था कि बहुत सारे परिवार दहेज से डर गई
31:19अगर आप 2018 से 2024 के इन आकड़ों को देखेंगे
31:23तो हमारे देश में हर साल दहेज के लिए औसतन 12,000 मामले दर जोगते है
31:29जबकि दहेज के कारण हर साल पाँच हजार से ज़्यादा लड़कियां मार दी जाती है
31:37लेकिन इस पर कभी कोई बात नहीं कर और मुम्किन है कि आप मेंसे कई लोग ब्लाक इन वाइट में
31:45ही
31:45आज एक खबर देखकर सोच रहे हों कि अरे छोड़िये इसमें क्या है ये तो बस एक खबर है
31:54ऐसे भी लोग हो सकते हैं जो हमारी इस खबर को देखकर दुख जता रहे होंगे
31:57उन शादियों का नियोता मिलने पर देखका मुद्दा भूल जाएंगे जिन शादियों में खूब चमक दमक होती है
32:02इसके पीछे देखका बहुत सारा पैसा लगा होता है लेकिन हम बस इतना कहेंगे एक सुझाव है और इस सुझाव
32:08को बहुत ध्यान से सुनिएगा
32:10आज हमारा सुझाव यह है कि अगर सच में दहेज की कुप्रथा को रोकना है तो समाज में दहेज को
32:16शर्म का प्रतीक पनाना होगा
32:18कल्पना कीजे अगर सरकार एक ऐसा ही कानून ले आए जिसमें दहेज में मिलने वाली हर चीज़ पर लिखना पड़े
32:26दहेज में मिला टीवी, दहेज में मिली कार, दहेज में मिला फ्रिज
32:30अर सरफ इतना ही नहीं बलकि दहेज में मिलने वाले हर सामान का एक तैर रंग करते
32:37फिर देखते हैं ये कितने लड़के जो शान में स्कॉर्पियों लेकर घूम रहे हैं अपनी पत्नी के पिता के पैसे
32:43पर
32:44वो ऐसा कर पाएंगे मा लीजे चमकीला पीला ऐसा कोई रंग है जैसे देखते ही दूर से समाज में आ
32:49जाए
32:51देख की मिली हुई कार है ये यही भीग चाहिए थी तो लोग आज लोग देख इसलिए लेते हैं क्योंकि
32:59समाज उन्हें सम्मान देता है बारात में महंगी गाडियां देखती है लोग कहते हैं वा कितना बड़ा रिष्टा हुआ है
33:06लेकिन लोग ये जानते नहीं है कि उसकी चाह भी लड़की के पिता से ली गई है उसका पैसा गाड़ी
33:12का लड़की के पिता ने दिया है अगर वही गाड़ी सड़क पर चले और उस पर बड़े अक्षरों में लिखा
33:17हुए दहेज की कारण सोचिए क्या वही लोग गर्व म
33:35लगेगा क्योंकि अपराद हमेशा अंधेरे में पनपता है और दहेज भी बंद कमरों कानों की मांगने वाली फुसपुसाहट सामाजिक दिखावा
33:47नकली प्रतिष्ठा के परदे में फलता फूलता है और अगर उस परदे को हटा दिया जाए अगर दहेज को छुपाना
33:53सं�
34:05आप पेमेंट अपने बैंक अकाउंट से करना होता है तो ऐसे में जब भी शादी में किसी पिता की तरफ
34:12से अकाउंट में पेमेंट होकर गाड़ी या कोई भी सामान खरीदा जा रहा है तो उसको ट्रैक करना बड़ा असान
34:17है लेकिन इसके लिए ठोस कदम उठाना होगा ऐ
35:00पेज मेंडी सुनियों
35:18अनेको हिंदू शादियों में भी आपकसर देखेंगे इसी तरह की बोलिया लगाई जाती है
35:23इसी तरह से एलान किया जाता है कई बार तिलक का जो फंक्शन होता है उसमें भी खुले तौर पर
35:30एक नुमाईश लगती है
35:31यहां तक की चांदी के कितने बरतन, पीतल के कितने बरतन, क्या कुछ मिला है एक एक चीज का बाकाइदा
35:39लिस्ट बनता है
35:40हिसाब दिया जाता है और जम कर यह एलान होता है कि ऐसे दहेज मिला है
36:13उत्तर प्रदेश के मुक्यमंत्री योगी आदेतिनाथ की छवी सक्थ प्रशासनिक फैसले लेने वाले हिंदुवादी मुक्यमंत्री के तौर पर है
36:20और उन्हें इसको आगे ले जाने में कोई परहेज भी नहीं है
36:23आज लखनौ में उन्होंने अपनी सी छवी के नुरूप एक ऐसा बयान दिया जिसने उत्तर प्रदेश की राजनिंती में खलबली
36:30मचा दी
36:30सीम योगी आदितिनात ने प्रदेश के मुस्लिम बर्ग को संदेश दिया कि अगर नमाज पढ़नी है और जगा की कमी
36:36है तो शिफ्ट में नमाज पढ़ने दी जाएगी
36:43लोग मुझसे पूछने हैं साब आपके यहां यूपी में क्या सड़कों पे सच मुछ नमाज नहीं होती है मैं कहता
36:49हूँ कतई नहीं होती है आप जाके देख लो नहीं होती है
36:54अरे सड़के चलने के लिए है या कोई भी व्यक्ति आकर के चौराहे पर आके तमासा बना देगा क्या दिकार
37:01है उसको सड़क रोकने का आवागवन बाधित करने का कौन सा दिकार है जहां उस कसता लोगा वहां जाके करें
37:07और लोगों ने मुझसे का का सब कैसे होगा हमारी
37:11संख्या ज्यादा है हमने का सिफ्ट में कर लो तुमारे घर में रहने की जगे नहीं है तो बैस संख्या
37:18नियंतित कर लो और नहीं है चामरतित क्यों बेकार आगे संख्या वढ़ाई जा रहे हैं और यह चाहिए आपको कि
37:29अगर आपको सिस्टम के साथ रहना है तो याद करन
37:35हम उन नियम और कानून को मनना सुरू करें
37:38कानून का राज होगा कानून के राज को सब को समान लुप से लागो करेंगे
37:43योगी आदितिनात का ये वायान एक ऐसे वक्त में आया है
37:46जब इसी महीने की अठाई सारी को इदुल अजहा यानी बखरीद आने वाली है
37:50अभी कल ही लखनाओ में मरकजी चांद कमिटी के सदस से फिरंगी महली और अंडे सदस से दूरबीन लेकर चांद
37:58देखने का प्रयास कर रहे थे
37:59माना जाता है कि चांद दिखने के बाद से ही इसलामिक कैलेंडर का जिल हिज महीना शुरू होता है
38:06जिसके दस्वे दिन बखरीद मनाई जाती है
38:09लेकिन इस महीने के पहले ही दिन युग्यादित तनात ने बखरीद पर सड़क पर नमाज की इजासत मांगने वालों को
38:14सक्त संदेश दे रिया है
38:17नमाज परनी आउस्यक है? आप सिप्ट में पर रिये
38:21हम उसको रोकेंगे नहीं? लेकिन सड़क पर नहीं
38:25सडक चलने के लिए एक आम नागरी के एक बिमार ब्यक्ति के लिए
38:28एक काम नागरी के लिए एक कामगार के लिए
38:31एक करमचारी के लिए एक सामाने नागरी के लिए
38:34एक ब्यापारी के लिए हम सडक को बाधित नहीं करने देंगे
38:39सरकार का नियम सारो भूम है
38:42सब के लिए समान रूप से लगू होता है
38:45हमने सब को कहा
38:46हमने का भी नहीं चलने देंगे
38:48राजकतानी सड़कों भी पहलने देंगे
38:53यार से मानेंगे ठीक बाते
38:54नहीं मानेंगे तो दोसा तरीका अपनाएंगे
38:57हमारा काम है संबाद बनाना
39:00आप संबाद से मानेंगे संबाद से ने तो संघर से भी देख लो बरेली में लोगों ने हाथ अजबाने का
39:08कारे किया देख लिए पाकत
39:11योगी आदितिनात ने सड़क पर नमाज पढ़ने की इजासत मांगने और इसकी जिद पकड़ने के बीच विकल्प दिया उन्होंने नियमों
39:17का हवारा देकर साफ कहा कि शासन के साथ संबाद और संघर्ष दोनों विकल्प है बरेली का उधारन उन्होंने इसी
39:24वचे से दिया
39:25कि अगर किसी ने सड़क पर नमाज पढ़ने की जिद पकड़ी तो बरेली वाला आक्शन होगा
39:30पिछले साथ सितंबर में आईला मुहम्मद पोस्टर विवाद को लेकर बरेली में जबर्दस हंगामा हुआ था
39:37जुम्हे की नमाज के बाद मुस्लिम समाच के सेक्रणों लोगों ने सड़क पर प्रदर्शन किया था
39:41पुलिस पर शासे ने इस प्रदर्शन की अनुमती ही नहीं दी थी
39:44बावजूद इसके इत्तिहाद मिल्लत काउंसल के प्रमुक मौलाना तौकीर रजा के उकसावे पर ये प्रदर्शन खूब हुआ
39:50और चब पुलिस कर्मियों ने रोकने की कोशश की तो बड़े पैमाने पर पत्राओ आगजनी तोड़ फोड़ की गए
39:55पुलिस के मताबक इस दोरान दंगाईयों की तरफ से फारिंग तक की गई थी
39:59दंगाईयों को रोकने के लिए पुलिस को लाटी चार्ज करना पड़ा और बाद में 80 से ज़ादा दंगाईयों को गिरिफ्तार
40:04किया गया
40:05पुलिस को जांच में पता चला कि ये पूरी हिंसा सुनियोजित थी और इसे तौकीर रजा ने प्लान किया जो
40:13फिलहाल जेल में
40:14नियम नमानने वालों और बिना अनुमती मनमानी करने वालों के खलाफ उत्तरप्रदेश में इस तरह का आक्शन होता रहा है
40:20यूपी के सीम ने अपने बयान के जरी उन लोगों को एक तरह की चेतावनी दी है
40:24जो बखरीद के दिन सड़क पर नमाज पढ़नी की जित कर सकते है
40:28योगी शासन की इस चेतावनी ने वेवक्षी नेता हूं और कई मुस्लिम सगटनों को नाराज और निराश किया है
40:50इस चेताव को ठेस पूझ जाती है बताएए मेरे को चीज़ें बोल करके ना यह लोग जो है ना
40:56एक मुसलमानों के खिलाफ जबस्ती नफ्रा परदा करना चाहते हैं यह सिर्फ और सिर्फ ओटो ग्राजनी दिये धर्म को जो
41:04है राइनित वेलाना बिलकु गलत है
41:05इसलामिक जो करान हदिस है वो एक सथ में कोई जदा से जदा लोग करता हो जाएगी तो दूसरा बार
41:15नमाज पढ़ने का सिस्टेम है पढ़ना चाहिए
41:18जो स्टेट का मुख्या होता है या मुल्क का मुख्या होता है वो एक सम्मीदान की शपत लेता है वो
41:26कहता है कि मैं धर्मने पेक्ष रहूंगा और सब को साथ लेकर चलूँगा किसी के साथ पक्षपात नहीं करूँगा
41:32एक मुक्या मंत्री इस तरीकी के जबान का इस्तेमाल करे तो यह गेर मुनासिब है जब परदेश का मुक्या ही
41:38इस तरीकी के जबान का इस्तेमाल करेगा तो उनके नीचे रहने वारे लोग कि इस तरीकी के जबान का इस्तेमाल
41:43करेंगे आप इस बात का अंदादा लगा सकते ह
41:45कि अलड़ी मुसल्मान साड़कों पर नमाद नहीं अदा करता है तो हम लोग यह एक्सपेक्ट करते हैं कि इन दा
41:52इंट्रेस्ट आफ जन्रेल पब्लिक जाहिरती बात है साड़के जो हैं वो ट्रांस्पोर्टेशन के लिए हैं पब्लिक के चलने के लिए
41:59हैं तो उस पर बाकि
42:34प्रशासन के अनुमती के साथ ही हिंदू समाज भी शोभाय आत्राएं निकालता रहा है उसके बिना वो नहीं निकाल सकता
42:42है
42:42अगर किसी भी तैरूट के लिए पुलिस पर्मिशन ना हो तो किसी भी ऐसी शोभाय आत्रा को कहीं भी रोका
42:48जा सकता
42:49और मुस्लिम समाज महर्रम और इदेल इदेमिलाग नभी के चलूस भी निकालता है और कहीं किसी को कोई परशानी नहीं
42:57होती है
42:58कई बार ये तर्ग दिये जाते हैं कि इद की नमाज पढ़ने की जगह कम पढ़ जाती है जगह नहीं
43:02है इसलिए लोग सरक पर आते हैं मस्जिद भर जाती है वहाँ पर जगह नहीं बचती लेकिन आपको कुछ बाते
43:07साफ करना चाहते हैं
43:09साल 2011 की जनगंडा के हिसाब से उत्तर प्रदेश में करीब 3 करोड 84 लाक मुस्लिम रहते हैं वक्फ बोड
43:15की कुल संपती का 27 प्रतिशत हिस्सा यूपी में रहे हैं यूपी में वक्फ बोड की 2,14,707 अचल
43:22संपतिया हैं जिसमें बड़ी संख्या में मस्जिदे हैं मदर से ह
43:27अन्य संपति हैं यानि किसी भी मौके पर इन जगों पर भी नमाज पढ़ी जा सकती है बावजूद इसके ये
43:33तर्क दिया जाता है कि सड़क पर नमाज ना पढ़ने देना धर्म के पालन का मौलिक अधिकार चीनने जैसा हैं
43:40जबकि साल 2027 की फरवरी या मार्च में यूपी
43:56आक्शन जिर्ट जो उनकी पहचान बन चुका है फास्तोर से माफिया के खिलाफ इसका खूब इस्तवाल होता रहा है जुलाई
44:022020 से एप्रिल दोहजार चॉबीस तक यूपी के माफियाओं की 3778 करोड रुपे के अवैद संपती पर बुल्डोजर आक्शन हुआ
44:11इसके अलावा अपराद पर फैसला ऑन दे स्पॉट भी यूपी पुलिस और सरकार की पहचान बना है उत्तरप्रदेश के योगी
44:18राज में यानि साल 2017 से 2014 तक 12,525 एंकाउंटर हुए जिसमें 207 अपरादियों को मार गिराया गया 27
44:28,000 से जादा पकड़े गए
44:30योगी राज में महिला सुरक्षा को भी प्रात्मिक्ता दी गई साल 2024 के NCRB के आंकड़े बताते हैं यूपी के
44:36महिलाओं के अपराण की घटनाएं हैं उनकी वो संक्या बता रहे हैं उनका इन रिपोर्ट्स और इन नंबर्स के हिसाब
44:43से ये दावा है कि अपराण की घटना
44:4525 प्रतिशत गिरी हैं रेप के मामले करीब 9 प्रतिशत तक और 64 के 53 प्रतिशत तक योगी सरकार ने
44:54एक बात बार बार कही राज में खानून और नियम से बड़ा कुछ नहीं मुम्किन है कि योगी राज की
44:59इसी छवी को यूपी बीजेपी अगले विधान सुभाचे नाम मे
45:04अगे बढ़ते हैं लशकरे तयवा का एक ट्रेंट कमांडो मोहमद उस्मान जट उर्फ चाइनीज स्लीपर सेल बनने के मकसद से
45:12भारत में घुसा लेकिन यहां आते ही उसका मिशन टेरर मिशन हैर में बदल गया पाकिस्तान के आतंकी कैंपों में
45:20आतंकी उस्मान को पट्ट
45:32आरपार आतंकी लड़ाई के लिए कश्मीर पहुँचा लेकिन यहां आकर जब उसने देखा कि लोग मजे से जी रहे शीनकर
45:39चमक रहे हर तरफ रौनक है खुशाली है सभी सुख सुविधाय मौजूद है तब उसकी समझ में आया कि कंगाली
45:47में तो पाकिस्तान जी रहे जह
46:01उसमान को लगता था कि है ट्रांस्प्लांट जैसी लक्शरी सिर्फ अमेरिका और यूरप में ही मिल सकती है लेकिन जब
46:07उसकी मुलाकात शिनगर के एक ओवर ग्राउंड वर्कर और लोकल दुकानदार से हुई जिसने खुद अपने बाल ट्रांस्प्लांट करवाय थे
46:14तो �
46:14उसमान अपने सिर पर बाल उगाने के लिए मचल उठा उसे लशकर के आकाउं को साइड में रखा और दुकानदार
46:21के आगे हाथ जोड़कर कहा कि जिहाद विहाद होता रहेगा पहले उसके सिर पर बाल उगा दिये जाए
46:28सोचिए जो आतंकी भारत की सुरक्षा एजंसियों के लिए सिर दर्द बनने आया था वो खुद अपने सिर के दर्द
46:34यानि गंजेपन का इलाज ढूनने लगा शिलगर के एक आलेशान क्लिनिक में उसमान जट उर्फ चाइनीज का बाकाइदा हैर ट्रांस्प्लांट
46:43हुआ
46:44बाल उगाए तो सूरत के साथ उसमान का मकसद भी बदल गया ट्रांस्प्लांट के बाद वो पैसंजर गाड़ी में बैट
46:51कर जम्मू गया वहां से स्लीपर बस पकड़ कर पंजाब के मलेर कोटला पहुँच गया यहां से वो आधार कार्ड
46:57और पैन कार्ड बनवा कर सीधे �
46:58गल्ब भागने की फिराक में ता और तब तक आराम से तुकिश ट्रामा देखने लगा और अंग्रेजी सीखने की कोचिंग
47:06भी लेने लगा वो भाग पाता इससे पहले ही भारत की खूफिया एजिंसियों की पकड़ में आ गया लेकिन जेल
47:11जाते जाते उसने पाकिस्तान के
47:13पर आईसा तमाचा मारा जिसकी गूंच इसलामबाद तक सुनाई दे रही है
47:19आतंकी उस्मान ने कहा कि जो पाकिस्तान में सिखा जाता है कश्मीर की हकीकत उससे बिलकुल अलग है
47:25वास्तव में ये कश्मीर की तरक्की का जादूई है कि वहां से आया आतंकी भी अपना मकसद भूल कर खुद
47:31को सवारने में और जिंदगी बनाने में लग जाते हैं
47:34तबी हिंदोस्तान में तबाही के मकसद से आया आतंग की अब खुद की घाटी की तरक्की की गवा ही दे
47:41रहा है और आतंग की फैक्ट्री पाकिस्तान को पूरी तरह दुनिया के सामने बेनकाब कर रहा है
47:47तो आज के लिए ब्लाक और वाइट में इतना ही अब आप से हमारी अगली मुलाकात होगी कल रात 9
47:52बजे तब तक खुश रहे सुरक्षत रहे स्वस्त रहे और सफलता की उचाई पर संतुलन और धीरच जरूरी है आकाश
48:02कितना ही उचा क्यों नहों बैठने की जगा किसी को न
48:08नमस्का ये है TV Today Network वराद टेक रहे है आज ता सबसेथ देश
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