Skip to playerSkip to main content
  • 16 hours ago
युद्ध खत्म होते ही स्थिति सुधरेगी या लंबी लड़ाई होगी? देखें दंगल

Category

🗞
News
Transcript
00:00नमस्कार मैं हुसाहिर जोशी और आप देख रहे हैं डिबेट का सबसे बड़ा लोगतांत्रिक नबर वन्शूर तंगा दुनिया इस वक्त
00:07सिर्फ युद्ध के मुहाने पर नहीं खड़ी है बल्कि पूर्जिया संकट की तहलीज पर वूज में तराव है जिसका असर
00:14सीध है
00:15हिंगुस्तान के ट्रांस्पोर्ट सिस्टिम से लेकर खेत कलियान होते हुए रुसोई तक भी पहुँच गया है
00:21इसी चिनौती से निपट्टे के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने देश को बचत का संदेश दिया
00:26ये मोदी की अपील का असर तेजी से दिख रहा है जो नेता कभी लंबे-लंबे काफिले की पैचान थे
00:32वो बेट्रो के डिपो में नजर आ रहे हैं कोई साइकल से दफ्तर जा रहा है तो कोई कार पुलिंग
00:37कर रहा है
00:37सवाल सिर्फ सफर का नहीं है सवाल उस संदेश का भी है जो सत्ता जनता तक पहुँचाना चाहते है
00:44वैश्विक संकट पर सरकार से सवाल पूछना विपक्ष की जिम्मेदारी है लेकिन लगता है कि आज विपक्ष खुद उन सवालों
00:52में घिर गई
00:52जो कॉंग्रेस बीजेपी के रैलियों में गाड़ियों और बंत्रियों के काफिलों पर सवाल उठा रहे थी वो आज केरलम में
00:59भूल गए
00:59केरलम सीएम शपत ग्रहन में भारी भीड उमली
01:02क्या ये भीड पैदल चल कर आई होगी या फिर पेट्रोल डीजल वाली गाड़ी का इस्तमाल हुआ होगी
01:08सरकार पर उंगली उठाने के लिए साथ साथ अगर विपक्ष अपनी जिम्मेदारी समझता तो शायद विपक्ष की वाववाई भी होती
01:14लेकिन लगता है कि सियासत का मिजाद एक जैसा हुआ है
01:18आज इनी मिजाद को टटोलने की कोशिश हम करेंगे लेकिन जानेंगे क्या बचत का बटुआ रखने का जो जिम्मा है
01:26वो सरकार के लोगों पर है या सिर्फ फिर विपक्ष पर भी है
01:30अगर वैश्विक संकट का एहसास विपक्ष को है तो इसका पालं क्यों नहीं किया जाए
01:35सवाल सत्ता में बैठी बीजेपी से भी है कि क्या चन दिनों की बचत ही काफी है
01:41क्या विदेशी मुद्रा भंडार बचाने के लिए सरकार के पास कोई और ब्लूपरिंट है
01:46या सिर्फ जनता से बचत करवा के ही विदेशी मुद्रा भंडार बचाया जा सकता है
01:50इन सवालों पर होगी बड़ी बैस लेकिन इससे पहले देखिए हमारी एक खास रिपक्ष
02:11दिल्ली की सरकों पर इन दिनों लंबा वियाईपी का आफिला नहीं दिख रहा
02:15बलकि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर देख रहा है
02:21प्रधान मंत्री मोदी की अपील पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुपता ने
02:24मेट्रो मंडे शुरू किया तो सीम से लेकर मंत्री तक सभी मेट्रो परसवार दिखे
02:41प्रधान मंतरी जी ने कहा है कि अपना अपना प्रयास करना है देश की आज मांग है कि हमको इधन
02:48को बचाना है और वो लंबे समय तक हमारा रिजर्व रहे उसके लिए कोशिश करने है
02:52अपील के साथ पूरी दिली खड़ी है पूरा देश खड़ा है और इसलिए आज दिली सरकार के लगबख सभी मंतरी
02:57गण और अधिकारी गण मेट्रो का प्योग कर रहे है यह मैं भी मेट्रो से आया हूँ और मेट्रो से
03:01आई पी मेट्रो स्टेशन उतर हूँ और वहां से special feeder ब
03:19पालन कर रहा हूं और उसको पूरा करने के लिए दिल्ली सरकार ने बिना किसी दबाव के दिल्ली के नागरिकों
03:25को आज के दिन सारजनिक परिवहन का ज्यादा उपयोग करने का मेट्रो का ज्यादा उपयोग करने का आवान किया है
03:33और मैं भी उसी का पालन कर रहा हूं
03:35जो परदानमंत्री जी ने एवान किया था और मुक्ह मंत्री जी ने भी सबसे आग्रह किया था मेट्रो मंडे के
03:41नाम से मेरा भारत मेरा योगदान उसमें दिखना चाहिए और इस संकट के घड़ी में हम सब लोग मिलकर अगर
03:47नहीं लड़ाई लड़ेंगे तो भारत के प्रत
04:02मंत्री जो बैवान किया है हम भी मेट्रों में जा रहे हैं भारत में इन तस्वीरों पर भरोसा जल्दी नहीं
04:08होता क्योंकि इस देश ने राजनीत को बहुत करीब से देखा फिलाल चंडीगण में हरियाना के खेल मंत्री गौरो गौतम
04:15की साइकिल से दफ्तर जाने की तस्वी
04:31मैं उनको कोई मुहाबरा है ना कि हम उनको 21 तोपों की सलामी मतला हम उनको दिल से धन्यवाद करते
04:38हैं पेट्रोल डिजल का इस्तमाल अभी भी कर रहे हैं उनको भी सलामी नहीं उनकी कुछ मजबूरी हो सकती है
04:44लेकिन उनको मैं ऑप्सन दे रहा हूं बता रहा हूं दे नह
04:59पूल किया इलेक्ट्रिक आओ बैटरी वाल आटो था ने बैटरी वाले आटों में हमर कुलजीत चहलाए हैं यह हालात वैश्विक
05:09संकट से पहले नहीं थे लेकिन हॉर्मूज मिनाके बंदी के बाद क्रूड ऑल के दाम रॉकेट की तरह आस्मान छूने
05:15लगे भारत अपकी
05:29भारत अपनी जरूरत का करीब 85 प्रतिशत कर्चा तेल विदेशों से खरीदता है इस साल मार्च में जहां क्रूड ऑयल
05:35पर भारत को 1,17,000 करोन रुपए खर्च करने पड़े तो ही अप्रैल में 1,89,000 करोन रुपए
05:41खर्च करने पड़े
05:44बचत की बहस को सिर्फ राजनीत के चश्मे से देखना शायद गलत होगा क्योंकि दुनिया इस समय एक ऐसे मोड़
05:51पर खड़ी है जहां तेल सिर्फ अर्थिवस्था नहीं चला रहा राजनीती युद्ध और वाश्विक टाकतों की दिशा भीताय कर रहा
05:57है इसलिए नीदर
06:12कि हम सभी देख रहे हैं अगर ये स्थितियां तेजी से नहीं बदली गई तो बीते अनेग दसकों की उपलब्दियों
06:24पर पानी फिर जाएगा
06:28दुनिया की बहुत बड़ी आबादी फिर से गरीबी के दल दल में चली जाएगी
06:38तेल मेंगा होता है तो सिर्फ गाड़ी का टैंक मेंगा नहीं भरता है सब्जी मेंगी होती है दवा मेंगी होती
06:44है छेती मेंगी बहाँ होती है
07:07कि आकर के मेरी मदद करनी पड़े कि सोने की आयात पर भी कि देश का बहुत बड़ा पैसा विदेश
07:19जाता है
07:22कि मैं आप सबसे देशवाश्यों से आगर करूंगा कि जब तक हालात सामान्य नहों हम सोने की
07:33खडीत को टाले गोल्ड की जरुवत नहीं है इस बीच हॉर्मूज में तनाव की बादा और घने हो गए इस्राइल
07:42में असलाह बारू धतियारे कट्था होने की खबर और अमेरिका इस्राइल इरान का हर बयान बाजार में डर पैदा करता
07:47है
07:50इसलिए भारत को संभल कर चलने की जरूरत है पीम की अपील का असर सिर्फ सत्ता तक सिमित नहीं रहना
07:56चाहिए विपक्ष की बीच भी अपील पहुंचनी चाहिए विपक्ष लगातार सरकार से सवाल पूछता है ये लोकतंत्र की खूपसूरती है
08:03सवाल पूछना विपक्�
08:06क्या जिम्मेदारी सिर्फ सवाल पूछने तक खत्म हो जाती है के रिलम में सियंपत के शपत कारक्रम मेराउल गांधी शामिल
08:13होते हैं हजारों कारकरता जुटते जब बड़े-बड़े मंच सगे जब बसोर गाड़ियों की लंबे काफिले निकलते तो क्या वहां
08:19इधन नहीं
08:38कि इसलिए आज सबसे बड़ा सवाल क्या भारत में इंधन बचत अब राजनीत नहीं राश्ट्री जिम्मेदारी बन चुकी है कि
08:46आज तक ब्यूरो तो प्रधान मंत्री मोदी ने जिस तरीके से देश को संभूरित किया और कहा कि थोड़े से
08:57उस्टेरिटी मेजर्स आपको
09:06देश बर में कई सारे मंत्री नेता अलग अलग तरीके से काफिले कम करने की कुशिश कर रहा है कोई
09:11मेट्रो से सफर कर रहा है कोई आटो रिक्षा से जा रहा है कोई मोटर बाइक पे जा रहा है
09:15लेकिन क्या ये काफी होगा ये चर्चा का विशे होना चाहिए क्योंकि आज
09:30कंग्रेस्ट पार्टी के तरफ से चर्चा में शामील होंगे रजग सेटी पॉलिटिकल अनलिस्ट है और
09:34और प्रोफेसर अखिल स्वामी, एकनॉमिस्ट और पॉलिटिकल अनलिस्ट वो भी चर्चा में शामिल होगे।
09:39उसके साथ साथ मेरे सयोगी शेलेन रभटागर बिजनेस टूड़े से वो भी उनसे भी हम बाचीत करेंगे।
10:13तीन सवाल में इस पानलिके सामदे रखेंगा।
10:14जाएगी या उसके बावजूत ये लंबी एकनॉमिक आर्थिक लड़ाई इस देश को लड़नी होगी।
10:20इस पर भी चर्चा होनी चाहिए।
10:22चर्चा आगे बढ़ाएंगे लेकिन उससे पहले इस वक्की बड़ी ख़बर ये भी आ रही है क्योंकि आज दिन भर में
10:27जो आखड़े आएं उससे ये नजर आता है कि एक बार फिर पहली बार चौपन पेसे तूट कर
10:3596.35 रुपया प्रती डॉलर पहुँच गया है रिकॉर्ड निचले स्तर पर रुपया पहुँच गया है ये बड़ी ख़बर इस
10:42वक्की है तेलेंडर इसे हम किस तरीके से हमें देखना चाहिए नमस्ते आप सब को मेरा नमश्कार इसको सिर्फ आप
10:53एक ही तरीके से देख सक
10:54हैं जो हमारा तेल और सोने का इंपोर्ट बिल है साथ-साथ इलेक्ट्रोनिक आइटम्स का वो एक बहुत ही प्रतिकूल
11:03असर आपको डॉलर पर लगाता हुआ रुपय पर लगाता हुआ दिख रहा है और पिछले दो एक दिनों में आपने
11:10तेल के दाम को तीन हफ़ते का उ�
11:24हमजोर हुआ है और अब माई में यानि की दो हजार चब्यस में रुपया दुनिया की सबसे बुरी करंसी बना
11:33है आठ प्रतिशत नीचे डॉलर के विरुद
11:38क्या सिर्फ यूद के वज़े से यह हो रहा है हम कह सकते हैं क्योंकि हम देख रहे हैं कि
11:422022 के बाद लगातार जो 85 रुपय के करीब डॉलर प्रतिश डॉलर रुपया था वो आज 10 रुपय और नीचे
11:53गिरा हुआ है और यूद के पहले भी हम देख रहे थे कि लगातार रु�
12:01जाना या उसमें अटकाव होना यही सबसे बड़ा कारण या बाकी भी कारण आप यहां पर देख रहे हैं दो
12:08और कारण हैं सन 2023-2024 में रुपय को आर्टिफिशली रोका गया था और अब हम लोग देख रहे हमारे
12:15जो विदेशी मित्र हैं वो हमारे देश से स्टॉक्स को ब
12:31आता हुआ देख रहा है इस वज़े से रुपय में गिरावट और आपको बढ़ती हुए देख रही है एप्रिल के
12:37महीने में लगबग एक लाख बाइस हजार करोड रुपे की सेलिंग आपने विदेशी मित्रों दुवारा देखी गई और पहले पाँच
12:45महीने में सन दोज
12:472026 के पिछले तीन साल से जादा की सेलिंग आपको आती हुए दिखिए जोशी साहब इससे भी काफी आपको रुपिया
12:55दिक्कत में आता हुआ दिख रहा है
12:59ठीक है आप हमारे साथ बने रही है क्योंकि यह चर्चा आगे बढ़ाना बहुत जरूरी है गवराबाटिया जी सबसे बड़ी
13:07बात आज की स्थिति में सभी लोग यही पूछने की कोशिश कर रहे हैं कि जो बचत की अपील की
13:12गई है क्या वो काफी होगी संजीव अहलीवा
13:26होगा क्योंकि बार-बार यह कहा जा रहा है कि इस अपील के जरीए हम फॉरेन एक्सचेंज को बचाना चाहते
13:31हैं लेकिन उनका यह कहना है कि यह फॉरेन एक्सचेंज क्राइसिस नहीं है दरसल जो क्राइसिस आज किस्तिति में है
13:36वो अफॉर्डिबिलिटी और लाइवली ह
13:38तो यारे आजी विका की क्राइसिस हो सकती है तो क्या उसके मद्दे नज़र सिर्फ बचत की अपील काफी हो
13:49साय जी नमस्कार सबसे पहला तो हम सब जानते हैं यह एक वैश्विक संकट है और इस वैश्विक संकट में
13:57जहां रिक्सित देश जो हैं वहां पे पेट्रोल डीजल की कीमत 20 प्रतिशत से लेके 100 प्रतिशत तक बढ़ी है
14:06जैसे चीन में 23 प्रतिशत अमरीका में 45 क्यानिडा म
14:12में 30 प्रतिशत हमने देखा है भारत में सबसे बड़ी बात यह है कि अभी भी केवल तीन प्रतिशत पेट्रोल
14:20और तीन प्रतिशत करीब डीजल की कीमत बढ़ाई गई है और यह कब है सबसे पहले 75 दिन तक युद
14:27चलता रहा लेकिन आम नागरिक पे बोढ़ना पड़े य
14:33च्री नरेंद्र मोदी की जो तेल कंपनियां हैं उन लोगों ने सुनिश्चित किया कि चाहे उनका मुनाफ़ा कम हो लेकिन
14:41नागरिकों पे भोज ना हो दूसरी बात युद्ध के बाद्यूद परियाप्त मात्रा में हमें पेट्रोल डीजल मिल रहा है ऐसा
14:50नहीं है कि यू
15:03साथ दिन से लेके 45 दिन तक का पेट्रोल डीजल का और ग्यास का हमारे पास रिजर्व सप्लाय है चोथी
15:11बात सरकार ने 10 रुपए 162 घटाई है और जो प्रदानमंत्री जी ने अपील करी है हमें एक बात समझ
15:20दी होगी मैं आपकी बात सुन रहा था आपने कहा ये बड़ा
15:23संकट है पूरे विश्य पे यह सच बात है पूरे विश्य पे बड़ा संकट है लेकिन जो नाक्रो एकनोमिक्स है
15:30हमारी जो अर्थवे वस्ता है फास्टेस ग्रोइंग अर्थवे वस्ता पूरे विश्य में 690 बिलिएंड यूइस डॉलर का हमारे पास रिजर्व
15:38है अभी �
15:44तो एक बड़ी चुनौती है साहिल जी और इस चुनौती में एक बात और
15:49140 करोड भारती है अगर नरेंद्र मोदी जी की अपील पर साथ खड़े हो सकते हैं तो ऐसा क्यों है
15:56कि विपक्ष केवल लकराद्पक
15:58राजिती कर रहा है और जड़े खोदने का काम कर रहा है देश की अब मैं आपसे एक सवाल पूछता
16:03हूँ आप कॉंग्रेस के प्रवक्ता से दरूर पूछेगा यह बताईए तीन जूट बोले जाते हैं मैं रोज आपका चैनल देखता
16:12हूं साहिकी पहला रूस से तेल बंद क
16:26होता है कॉंग्रेस के समय में यह एक प्रतिशक था दूसरी बात पवन खेड़ा ने ट्वीट किया आपको याद होगा
16:33साहिल जी उन्हें का यह दो जहाज जो स्ट्रेट ऑफ और मूस से आ रहे है भारत नहीं आएंगे कहीं
16:37और जाएंगे बात में भारत आ गए त्वीट ड
16:56सबता रहा हरा हू अथी कि बड़ी से अरिक पतार रहा हैं नो हम खरीद रहें की नहीं खरीद रहें
17:02हैं ऊरए
17:08कि क्या एक मही बहरे हैं हम पिछले चार-पांच सालों से लगातार रूस से कच्चते ले रहें कभी यह
17:19रुका डई और कोई देश यह नहीं
17:21बताएगा कि भारत को अपने हित में क्या करना है और यह आकड़े आप ले लीजिए सबसे ज़्यादा इसके आगे
17:29भी लेंगे के पहले की भी बात कर रहा हूँ एक मिन्ट एक मिन्ट साइगे मैं तीन आकड़े देदू जल्दी
17:35जल्दी दसद सिकिंड लगेंगे जल्दी जल
17:50चल रहा था वो भी लोग सुन रहे थे उन्होंने कहा था कि ठीक है हम हम अलाओ कर रहे
17:54हैं अभी उस पर किसी भी तरीके से पहनी है जिस तरीके की वैश्विक स्थिती पहबनी हुई है इसके वज़े
17:59से और खबरे भी उस वक्त आई थी लेकिन आज दो बारे यह खबरे आ�
18:15प्रवक्ता को सुनिये डंके की चोट पे कहता हूं हमारी स्वाहित्ता हमारा जो अपना कड़ा फैसला है भारत के हित
18:25में वह हम लेते रहेंगे रूस सबसे ज्यादा कच्छे तेल का आयात हुआ दोजार चपिस में जनवरी में 10 लाख
18:33बैरल से 12 लाग बैरल और मार्च में 18
18:36लाग से 20 लाग बैरल एक महीने की अगर आप कहते हैं अनुमती दी ती तो ये जनवरी फरवरी में
18:42कैसे आयात हो रहा था तीसरी बड़ी बाद तीस से 35 प्रतिश्यक हिस्सा रूस का है आयात में कांग्रिस के
18:49समय में ये एक प्रतिश्यक था एक बार पूछिएगा जूट क
19:05कि भाई आप क्यों अडांगा डाल रहे हैं आपने उनपर उंग्ली उठाई थी कि जब बड़े-बड़े शपद ग्रेयंट हो
19:10रहे थे केरल के
19:11भीतर भी बड़ा बड़ा शपत ग्रेंट किया गया तो अगर उन पर उंगली उठती है तो थोड़ी उंगली आप पर
19:15भी उठ जाएगी
19:20साहिल जी देखिया आपने छे मिनट बीजेपी के प्रवक्ता को दिये उतना ही समय मुझे दे दीजेगा जादा नहीं चाहिए
19:25इनकी ना तो कोई नीती है न नियत है रश्या से टेल खरीदना बंद किया ये मंतरी ने माना उसके
19:34बाद अभी पिछले दो दिन से किसी मंतरी को नहीं पता है कि हम खरीदेंगे के नहीं खरीदेंगे खरीद रहेगी
19:39के नहीं रहेगी बार बार दूसरे देशों का एक्जामप
19:55था, उन देशों ने अपने नागरिकों को पूरी छूट दी, यहां पर जब भी जेब काटते रहे, आज भी जेब
20:02काट रहे हैं, इसलिए पहला लॉजिक तो यहीं पर फेल हो जाता है, दूसरा जो यह नोटंकी हो रही है
20:07न, के गाड़ियों का काफिला तो सड़क पे चल रह
20:24हैंगे, मुझे लगता है कि यह नोटंकी की पोल रोज खुल रही है, मेरट में क्या हुआ है कल बीजेपी
20:30के एक लीडर का, जिला परिशद चेर्मेन बना है केवल, क्या हुआ हो देख लीजे, आज जिस तरह से दिल्ली
20:36में दिखाया आपने, तमाम मंत्रियों को, वो मंत्र
20:51हैं ना दिखायें, वो आपका वही विशेशादिकार है, आप लोग क्या दिखाते हैं, मैं तो कहूंगा कि सीम साब का
20:57भी काफिला दिखा दीजे, महरास्टा का, जब इतनी हिम्मत करी रहे हैं तो आप, खेर मैं उस मुद्दे पर नहीं
21:02जाना चाहता, मोदी जी ने दो गा
21:18आले ने बदला, किसी के पास जवाब नहीं, टोकनिजम किया जा रहा है, नोटनकी की जा रही है, टोकनिजम से
21:26देश नहीं चलता है, आर्थिक नीती के मामले में, अभी शास्त्री महोदे ने बताया, कि रुपे को आर्टिफीशली कंट्रोल किया
21:34गया, क्योंकि चुनाओ �
21:45खरीदा मैं तो कहरा हूं वाइट पेपर लेकर आईए ना कि पिछले दो महीने में जब से तीन महीने से
21:50युद चड़ा है अडाणी ने की कंपनियों ने कितना गोल्ड खरीदा है और सरकार ने कितना गोल्ड खरीदा है दूसरी
21:57चीज़ यह है कि विपक्ष को जिम्मेदार ठ
22:11है रादेना चाहिए जो भाड़े बढ़ रहे हैं जिस तरह से विदेशी निवेश भाग रहा है ये भी विपक्ष की
22:18वज़े से भाग रहा है जो अप्रेल के महीने में सवा लाग करोड रुपया फॉरेन एक्स्चेंज में निकल गया ये
22:26भी शाद केरला के जो हमारे वहां
22:28पर जो आज मंतरी मटशद का गठन हुआ उसकी वज़े से गया होगा इस सरकार की ना नीती है ना
22:33नियत है अभी तक तो चुनाओ चुनाओ खेल रहे थे अब विशु विशु खेल रहे हैं कि विशु में ऐसा
22:39विशु में वैसा अरे आपकी सरकार है आप विशु के उपर क
22:58साहिल जी राहुल गांदी जी ने आज से धाई महिने पहले चिताया था एक और्टार पार्टी मीटिंग होनी चाहिए थी
23:04तमाम अर्थशास्त्री बैठते तमाम मंत्री बैठते लोपी को बठाते लेकिन देश के प्रधान मंत्री उस समय पर भी हिंदू मुसल्मान
23:13करते ग
23:28एक मिनट यही तो प्रॉब्लम है ना जाता हुए ना जाता हुए तक देखावा हो रहा है उ प्ल मिलाकर
23:34विपक्ष का यह कहना है कि देखावा हो रहा है इससे कुछ नहीं होने वाला अभी आप यह सारी चीजे
23:47कम करेंगे आप दिखाएंगे कि भाई हम तो बाइक पे जा �
23:50हैं स्कूटर पे जा रहे हैं रिक्षा से जा रहे हैं मेट्रो से जा रहे
23:54लेकिन यह लंबे समय तक नहीं चल पाएगा और सबसे बड़ी बात
23:57जो अर्विद सुब्रबन्यम भी कहने की कोशिश कर रहे हैं कि यह
23:59foreign exchange crisis नहीं है यह livelihood का crisis हो सकता है
24:03affordability का crisis हो सकता है इससे हूप आएगा क्या क्योंकि
24:07reality और जो बताया जा रहे हैं उसमें फरक हमेशा रहता है
24:11नहीं साहिल जी ऐसे तो अगर तेल के सारे कोई सूख जाए तो फिर क्या होगा
24:15वो अगर आप एक्स्ट्रीम परिसिती सोचेंगे तो वो से साबसे तो हर कदमी छोटा लगेगा
24:20लेकिन यहाँ पर मुझे ऐसा लगता है कि सरकार करने की क्या कोशिश कर रहे है यह समझना चाहिए
24:27इंडिकेटिवली यह जरूर बोल रही है कि एक austerity measures अगर लेने है तो एक collective resolve के साथ लेने
24:35पड़ेंगे
25:04प्रधान मंत्री जी ने बोल ला था कि ऐसा बहुत कम हुआ है कि किसी एक ही दशक के अंदर
25:10इतने बड़े बड़े एक्स्टरनल शॉक्स हों कि सरकार अगर बफर बनाएगी भी तो बफर रहे नहीं जाएगा
25:16आपने कोविट जहला उसके बाद आपने रश्या का युद्ध जहला उसके बाद ये जो इरान का युद्ध है फिर energy
25:22crisis है तमाम इतनी सारी चीज़ नहीं कि भारत सरकार कोई भी सरकार हो यहाँ पे अगर कॉंग्रेस की भी
25:27सरकार होती तो वो खृतिन रूप से कितने बफर �
25:29तयार कर सकती है उसकी एक सीमा है भारत सरकार ने भी जिस तरह से external management किया है दस
25:35साल तक वो अभूत पूरू रहा in spite of these crisis लेकिन एक समय तो आएगा ना जब मुद्रा स्वीती
25:40पे इस पे और कुछ नहीं किया जा सकता
25:55कुल मिलाकर रजे सेटी आप यही कहने की कोशिच कर रहे हैं ना देखिए मैं यह नहीं कह रहा हूँ
26:00साहिजी मैं कह रहा हूँ कि यह बड़ा dynamic महौल है और dynamically आपको react करते रहना है आप सर्फ
26:05हाथ पे हाथ धरे हुए नहीं बैठ सकते हैं सरकार इस समय क्या करे सरकार अपनी
26:24के साथ और भी कदम उठाएं नहीं है जब पूरा देश मोधी जी की बात बान रहा है तो रोज
26:43सी एंजी के पेट्रोल डीजल के दाम क्यों बढा रहा है आप अचा यह भी बहुत सारे आथिक विश्यशक यहां
26:49बैठे हुए हैं जब रुपिया कमजोर होता है तो आपका
26:52एक्सपोर्ट बढ़ना चाहिए लेकिन रुपए के कमजोर होने के बावजूद आपका एक्सपोर्ट नहीं बढ़ रहा है कारण क्या है आपने
26:58चीन के लिए पूरे रास्ते खोल दिये जब मोधी जीने कहा था कि हम लोग चीनी जालर नहीं खरी दें
27:04मैंने कसम खाई थी च
27:17आपका ट्रेट डेफिजिट होता जा रहा है अच्छा फिसने तीन साल से लगातार फाई जो हैं तो आपके विशेशाग आर्फिकी
27:23बड़ी सही बात भटांगर साब ने बताई लगातार लोग बेच रहे इसका बने उन्हें भारत की आर्फिक व्यवस्था पे विश्वास
27:30रही रह गया है अब इसके लिए हम तो दोशी नहीं है हमने तो भारत वास्यों ने जो बोदी जी
27:35ने कहा उसको मान लिया और हमने पेट्रोल डीजल और सोने का जैसे हम ही लोग किलो दो किलो सोना
27:40खरीबते हैं अरे वाई हमने तो दस-पंद्रे साल थे बद्यम वर्ग के ल
28:00अज़ा उसके बाद आप बिहार में बच्चे विचारे जब कहते हैं परिक्षा करा लो उने लाट्टी मार देते हैं जब
28:06आपका नीट का पेपर नीख हो जाता है पाच्छे बच्चे जो है आत्मत्या कर लेते हैं तो जो मोदी जी
28:11ने का हमने मान लिया अब दाम क्यों ब�
28:28भरताना क्या आज की तारिख में किसी के हाथ में हैं आपको भी तो पता है नींटरनेशनल इनिंटरनेशनल मार्केट में
28:33साथ डॉलर प्रती परती बैरल था आज की स्थिती में उसकी प्राइस क्या पंची हूई है जब ये अभी भाटिया
28:41सा repair सही ही ही हम फास्सडोइंग
28:58आर्थी गुरस्था कितनी अच्छी है इसका तो प्रतीक इस बात से मिल रहा है रोज जब मनमौन जिंग गए थे
29:0385 रुपय का डॉलर था अब 96.3 पाथ प्षुश हो रहा है यह हमारा रुपया मजबूत हो गया 96
29:10.3 पाथ मने डवल हो गया
29:12आर्णायर इसका रुपया सुंदयर चैने के रुपया तो पहले से कमजर हो रहा था वह कहने की ये भी कोशिश
29:22कर रे की इससे पेहले तेल कमपनिया इस पर
29:24पैसे कमा रही थी क्योंकि तब तो इंटरनेशनल मार्केट पे ओईल के दाम गिर रहे थे तो आज की स्थिती
29:29में ऐसा क्या हो गया है शेलिन बठागर जी आपके पास भी आओंगा और संजी वाली वाले जी आपके पास
29:33भी आओंगा लेकिन जल्दी से गवर बाटिया पहले �
29:51पतिशत ही डबल डिजिट में पहुंच गई थी हमारे समय में औसतन चाल पतिशत रही है करन्ट एकाउंट डेफिसेट 4
29:58.5 से 4.9 परसेंट तक पहुंच गया था कंट्रोल करके 2% कर दिया 5% कर दिया तब
30:06फॉरेक्स रिजर्व्स विदेशी मुद्रा भंडार 300 बिलियन य�
30:15युएस डॉलर सब बिलियन तीन सो बिलियन था अब साड़े साथ सो बिलियन युएस डॉलर हो गया अब चौती पाच्री
30:22सबसे तेजी से बढ़ती अर्थवस्ता है और मैं एक और बात आपको बताता हूं तीन रुपा है अगर पेट्रोल डीजल
30:28बढ़ाया है जब वैस्�
30:33टामाना गाने जी और कई अर्थ शास्त्री जो अब आपको बुलाते हैं 2008 में 15 रुपाइं बढ़ायाया था पेट्रोल पे
30:40मन महळन सिंग जी रहे
30:412011 में 13 रुपए बढ़ा आया था
30:432012 में 10 रुपए बढ़ा आया था
30:4634 कखा पेट्रो जब 2004 में आए
30:4972 का छोड़के गए थे
30:5172 का 110 प्रतिशन बढ़ा पेट्रोल
30:55डीजल बढ़ा 140 प्रतिशन
30:57हमारे समय में 30 से 35 प्रतिशन
30:59पहला फरक दूसरा
31:13प्रतिशन बढ़ा प्रतिशन बढ़ा
31:31प्रतिशन बढ़ा
31:33पहली बात तो मैं
31:35भाजपा का सुन लिए तो इसके आगे नहीं बढ़ेंगे
31:38प्रवक्ता हूं मैं यहां पर बता नहीं सकता हूं पैट्रो बीट में
31:42मत बोलिए प्रीज बीट में मत बोलिए आपने बात रखी
31:46सम्मान दिया अब मेरी बात सुनिया गलत लगे तो जरूर टोकिएगा
32:03जब कोई वेश्विक संकट नहीं था तब 15 रुपए बढ़ाया 2008 में 13 रुपए बढ़ाया
32:082011 में और 2012 में 10 रुपए और मैंने अभी आकड़े यह कितना बड़ा तब नहीं
32:13पूछा दूसरा कॉंग्रेस पार्टी ओल बॉंड एक लाग चौालेस हजार करोड के
32:18खरीद के उसका बिना पेमेंट करें चली गई 2026 तक हमने पेमेंट किया है
32:23पूछे ज़रा कैसी सबस्कार की इसरी बार मैं अभी भी गोल्ड बॉंड के बाद भी फिलाल शुरू नहीं किये
32:29एक वक्ता की जब गोल्ड बॉंड भी काफी संक्या में खरीदे जा रहे थी उस गोल्ड बॉंड का क्या हुआ
32:35गोल्ड के प्राइजस कैसे बड़े उसके बाद गोल्ड बॉंड का क्या हुआ
32:37ये भी तो सवाल बनता है न कहीं न कहीं लेकिन आलोक शर्मा जी सवाल यहां पर यह है कि
32:42तीन रुपया सिर्फ बढ़ा है साड़े तीन प्रतिशत सिर्फ दाम बढ़े है और उसके बाद विपक्ष कह रहा है जो
32:47बीजेपी बार-बार सवाल उठा रही है बाकी दुनिया में �
33:041518 रुपय का था 1518 रुपय से 31 रुपय हो गया उसका कोई नाम नहीं ले रहा है उसके बाद
33:12मैं अब तीन-चार चीज़ों पर आता हूं साहिल जी एक्साइज डूटी चवालिस लाग करोड रुपया इस सरकार नहीं खत्ती
33:18की और सवालाग करोड के ओल बॉंड थे अरे ब
33:33बात सुनवाली सुन रिजेगा प्लीज गवरबाटिया जी कौन सा तरीका भाई गवरबाटिया जी प्लीज दूसरे की बात सुनने चाहिए ये
33:40ठीक है लगता है चली आलोक शर्मानी मुझे लगता है अरे भाई देखिए मनमौन सिंग जी की समय में 412
33:48रुपय का सिलेंडर
33:48था बहुत हुई महंगाई की मार अब की बार उनकी सरकार नारा था एको महिला आके टीवी पे आज तक
33:54पे भी बहुत कुछ कहती थी और आज तक पे मनमौन सिंग सरकार और चितंबरम जी के वो रुपया लुड़कते
33:59हुए के मीम्स भी बनते थी लेकिन शाहद आज कुछ �
34:02आकडों की बात कर लेते हैं आई एम फ हमारे आकडों को सी काटेगरी में रखता है क्यूंकि हमारे आकडों
34:09में बहुत सारी लूप होल्स हैं इस बार अलहालत ये है कि आज ही आपने असी के पार दिल्ली में
34:17सी एट.डी ङ गैस पहुच वादी और उसके बाद मंत्री जो है
34:32कर रहे हैं सर इसी चानल पर बैठके वही मुद्दे रखने की कोशिश कर रहे हैं तो पहले क्या होता
34:37था किस तरीके से होता था आज भी वही समाल पूछे जाए आज ये चर्चा उसी के इर्गिर चल रही
34:42है ने तो आप आप आप आप यह ना बार बार रोना आप यह डाइव
35:02बार बार आप उसी चीज़ पर आ रहे हैं तो मुझे जवाब देना पड़ा आप तो आप मुद्दे पर आईया
35:06ना आपको जो पूछा गया है उस पर जवाब दीजेगा
35:11मैं ब मुद्दे पर आता हूं,, मैं मुद्दे पर आता हूं।
35:14अब अब किस बारे में डिबेट करें आप भैका रहा है डिबेट को और जैसे सरी
35:18अच कर्ये बारे में बात करिएगा ख़ञाश अचुब्दि करि अब वह करीएगा ना भा बोले सुनो
35:44सरकार नहीं कंट्रोल करता है, फिर कोणगा, एक रिवाइनरी यही तो गलत बात, साहिल जी एक
36:04पाइनरी जल गई राजिस्तान में पचास से साथ हजार करों लुपे कर लिशार बड़ा मुद्दा यही रहता है कि पॉलिटिकल
36:10डिबेट में क्या सरकार बहतर कर सकती थी मेरा ओरीजनल सवाल संजीव अलुवालियाजी अभी भी वही अटका हुआ है क्या
36:18बचत की अपील सि
36:20कुछ और भी किया जा सकता है और जो स्थिति यहां पर नजर आ रही है कई लोग इस बात
36:24को लेकर भी सवाल उठाने की कोशिश कर रहे हैं कि फॉरेंड इन्वेस्टर्स भारत के स्टॉक पार्केट से निकल कर
36:29बाहर जा रहे हैं और यह आज की स्थिति नहीं है पिछले चा
36:51एक्सपोर्ट में भारत का शेर सिर्फ तीन प्रतिशत यहां पर दिखाई देता है तो सिर्फ युद्ध के वज़े से यह
36:56स्थिति बनी हुई है कि हमें लंबी लडाई लडनी पड़ सकती है और सिर्फ बचत का की अपील काफी है
37:02या और भी चीजे कुछ करनी होगी संजीर
37:04तो साइल जी मैं तो सिर्फ दो तिन चीजें की तरफ आपका द्यारा कर्शित करना चाहूंगा नमबर वन क्या बचत
37:16का एलान करना ज़रूरी है या नहीं मेरे व्यू में चाहें लड़ाई हो या ना हो
37:23क्लाइमेट के पॉइंट व्यू से इंदन की बचत हमेशां से दुरी क्योंकि हर लीटर जो हम फूकते हैं उसका कूप
37:33रभाव हमते ही किसी ना किसी तरीके से क्लाइमेट चेंज के जरिए आता है तो अगर सरकार ने हमें यह
37:41कहा है कि आप बचत करिए और उसमें कोई उन्ह
37:47आता है कि आप बचत करिए तो गथा है और जो हमारी एक्ट्रेनल अकाउंक्त के लिए उसके लिए आप पिरांज
37:59हैं क्या सरकार इस स्टेंक के लिए और अच्छी तरीके से तयार हो सकती थी उसमें साहिए आपर दिखिए जो
38:09हमारे आज व्रेंग बिशव है जिसकी बात हो
38:17तक हमारे पास है ये नतीजा सरकार की तैयारी का अगर सरकार तैयार अपने आपको लॉंग टर्म या मीडियम टर्म
38:29से ना करती तो क्या ये देखिए क्या हमारी इंफलेशन कम हो जाती जो कि कुछ दो महीने पहले दो
38:37परसेंट तक आगे थी अब आज आखी की स्क्रीन पे आ �
38:42हम पिर वापस जा रहे हैं पर 4% का नौन है क्या हमारी जो ग्रोथ की स्थिती है वो
38:50साड़े चेश और साथ के बीच में हो जाती बिना तैयारी के तो मैं इस बात से सहमत नहीं हूँ
38:59कि सरकार में सिर्फ गुचत का एलान रदिया है और इसके इलावा देश की रक्षा में और उच्छी निए है
39:07मेरा ये व्यू है कि सर्टनी बचत से कोई बहुत ज़्यादा परण पड़ता नहीं है पर एक सामूइक हम सब
39:15की का दायत्व है कि हम क्योंकि हम सब यहीं के नाग
39:29भड़ार का होगा या जिस तरीके से अर्विन सुप्रमाणियन कह रहे थे जिसको मैंने कोट किया इस डिबेट को शुरू
39:35होने के पहले यह लाइवलियूड आजी विका की क्राइसिस होगी अफॉर्डिबिलिटी की क्राइसिस होगी या उसे किस तरीके से निप्टेंगे
39:41
39:41इस लिए सवाल यहां रहता है कि सिर्थ बच्ट की अपील से होगा क्या मैं इर्विन शुप्रमाणियन जी की बात
39:48से से भी सैमत हूं कि
39:50सिरफ बच्ट यenser ऑगर नहीं होता है तो जो आप कैपिटल फ्लाइप देख रहे हैं कि कैसे अपना पैसा निकालके
40:06यहां पहले
40:07तो दुबाई में लगाते थे अप जाने कहां लेगा है यह हमेशा चलता रहेगा
40:12क्योंकि हमें अपने हाँ को एक attractive destination बनाना है
40:16ताकि पैसा आप सिरफ देश्वासियों का नहीं
40:21बट फॉरण पैसा भी हमारे यहां आने में
40:27मैं आप इससे फितना कहना जा रहा हूं कि एक nationalism
40:30जिस तरह से जोडा गया है कि रुपिय की क्या कीमत है उससे भी बड़ी समस्या होती है
40:35कि economist अगर हो कोई और उसको उसको कानों में चुपता है अगर उसको बार-बार बोला जाता है
40:40कि इतना लो लग गया इतना लो लग गया क्योंकि ultimately आपको ensure करना है
40:43कि market forces determine करें क्या exchange rate है और अगर exchange rate कम भी होता है
40:48अगर रुपिया 110-120 रुपर पर भी जाके प्रति डॉलर सेटल होता है
40:51तो उससे हमारे जो exports है वो completely होता है
40:58ये बाते भी इससे पहले कई बार की गई ते लिए आज की स्थिती में जहां हम खड़े है
41:01और क्या हम महंगाई की दैलीज पर खड़े हैं
41:06क्योंकि WPI इंडेक्स पहले ही 8.3 प्रतिशब तक पहुंच कया है
41:09जिस पर हम लोग ने पहले भी इस पर बात कर चुके है
41:11तो एक बड़ी संकट की तैयारी हम कर रहे है या नहीं कर रहे है
41:14इसलिए ये चर्चा जरूरी थी
Comments

Recommended